Tuesday, July 28, 2026
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भारतीय IT कंपनियों के H-1B वीजा बढ़ाने के आवेदन सबसे ज्यादा खारिज

बेंगलुरु।साल 2018 के दौरान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, कॉग्निजेंट और इन्फोसिस के एच-1बी वीजा एक्सटेंशन के अनुरोध सबसे ज्यादा खारिज हुए। ऐसा डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन के इससे जुड़ी प्रक्रिया को सख्त बनाने के कारण हुआ। माना जा रहा है कि अमेरिकी टेक्नॉलजी कंपनियों को तरजीह देने के लिए ऐसा किया गया।

इन्फोसिस और टीसीएस पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ा। इन्फोसिस के 2042 आवेदन खारिज किए गए, वहीं टीसीएस के मामले में इनकी संख्या 1744 रही। ये आंकड़े एक अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज ने एच-1बी डेटा की एनालिसिस के बाद जुटाए हैं। अमेरिका में हेडक्वॉर्टर वाली और अपने अधिकतर कर्मचारी भारत में रखने वाली कॉग्निजेंट के 3548 आवेदन साल 2018 में खारिज हुए। यह किसी भी कंपनी के लिए सर्वाधिक संख्या रही।

थिंक टैंक ने कहा कि टीसीएस, इन्फोसिस , विप्रो, कॉग्निजेंट के अलावा टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक्नॉलजीज की अमेरिकी इकाइयों के खारिज हुए आवेदनों की संख्या टॉप 30 कंपनियों के ऐसे आवेदनों के करीब दो तिहाई पर रही। उसने यूएस सिटीजनशिप ऐंड इमिग्रेशन सर्विसेज की ओर से पेश आंकड़ों के विश्लेषण के बाद यह बात कही। इन छह कंपनियों को महज 16 प्रतिशत यानी 2145 एच-1बी वीजा परमिट मिले। साल 2018 में अकेले ऐमजॉन को 2399 वीजा परमिट मिले।

एच-1बी वीजा का उपयोग अधिकतर टेक्नॉलजी प्रफेशनल्स करते हैं। ये शुरू में तीन साल के लिए दिए जाते हैं। इन्हें और तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। थिंक टैंक ने 6 मार्च को जारी अपनी स्टडी में कहा कि माइक्रोसॉफ्ट, ऐमजॉन और ऐपल सरीखी बड़ी अमेरिकी कंपनियों ने साल 2018 में अपनी एच-1बी वीजा वर्कफोर्स बढ़ाई, वहीं कॉग्निजेंट, टाटा और इन्फोसिस सरीखी बड़ी भारतीय कंपनियों के मामले में वीजा परमिट घटा दिया गया।

इस मामले में टीसीएस, इन्फोसिस , विप्रो और कॉग्निजेंट ने कमेंट करने से मना कर दिया। एचसीएल टेक्नॉलजीज से संपर्क नहीं किया जा सका। भारत ने कहा है कि अमेरिका के साथ व्यापार के मसले सुलझाने के लिए उसने बहुत प्रयास किया है। भारत के साथ अमेरिकी ट्रेड डेफिसिट साल 2018 में घटकर 21.3 अरब डॉलर पर आ गया, जो साल 2017 में 22.9 अरब डॉलर पर था।

एक्सपर्ट्स ने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियो के लिए ‘स्क्रूटिनी बढ़ने’ से इनके कारोबार की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। नैशनल असोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर ऐंड सर्विसेज कंपनीज में ग्लोबल ट्रेड डिवेलपमेंट के हेड शिवेंद्र सिंह ने कहा, ‘आंकड़े बता रहे हैं कि अमेरिका में कुशल लोगों की तंगी है। इस खाई को भरने की राह में अगर कोई चुनौती आएगी तो इकनॉमी की कॉम्पिटीटिवनेस पर असर पड़ेगा।’

जनवरी में अमेरिका ने एक नया नियम पेश किया, जो अप्रैल से लागू होगा। इसके तहत पहले 65000 एच-1बी वीजा की लॉटरी के लिए यूएस एडवांस्ड डिग्री होल्डर्स के वर्क वीजा आवेदनों को भी शामिल किया जाएगा। इससे उन अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा, जो इंडियन टैलेंट की तलाश में हों। भारतीय आईटी सर्विसेज कंपनियां मुख्य तौर पर उन लोगों को हायर करती हैं, जिनके पास बैचलर डिग्री हो।

बढ़त के साथ खुले बाजार, सेंसेक्स करीब 300 अंक उछला, निफ्टी 11,100 के पार

मुंबई।आम चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद शेयर बाजार आज बाजार में बंपर बढ़त देखी जा रही है। सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 31 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 70.14 अंक (0.19%) की बढ़त के साथ 36,741.57 पर खुला। वहीं, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 33.35 अंक की मजबूती के साथ 11068.75 पर खुला।

9:21 बजे सेंसेक्स के 30 शेयरों में खरीदारी हो रही थी जबकि महज 1 शेयर में बिकवाली हो रही थी। वहीं, निफ्टी के 45 शेयरों में तेजी और 5 गिरावट देखी गई। 9:25 बजे सेंसेक्स के जो शेयर दमदार प्रदर्शन कर रहे थे, उनमें ओएनजीसी (2.07%), कोल इंडिया (1.68%), हीरो मोटोकॉर्प (1.42%), एसबीआई (1.40%), रिलायंस (1.34%), टाटा मोटर्स डीवीआर (1.15%), वेदांता (1.02%), भारती एयरटेल (0.89%), बजाज फाइनैंस (0.88%) और टाटा मोटर्स (0.88%) तक मजबूत हो गए।

वहीं, निफ्टी पर आइशर मोटर्स (2.99%), हीरो मोटोकॉर्प (2.18%), बजाज ऑटो (1.13%), बजाज फाइनैंस (1.11%), बजाज फाइनैंस सर्विसेज (0.95%), बजाज ऑटो (0.89%), मारुति सुजुकी (0.82%) और डॉ. रेड्डी (0.55%) शामिल रहे। 9:30 बजे तक सेंसेक्स के चार शेयरों की कीमतों में गिरावट आई। इनमें इंडसइंड बैंक 0.26%, आईटीसी 0.14%, एनटीपीसी 0.13% और कोटक महिंद्रा बैंक 0.04% टूट गए।

वहीं, निफ्टी के गिरावट वाले शेयरों में टाटा मोटर्स (0.28%), यस बैंक (0.26%), सिप्ला (0.22%), एचसीएल टेक (0.20%), इंडसइंड बैंक (0.20%), अडानी पोर्ट्स (0.19%), बजाज फाइनैं (0.18%), ऐक्सिस बैंक (0.15%), महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (0.13%) और एनटीपीसी (0.13%) शामिल रहे। 9:49 बजे सेंसेक्स 295.71 अंक (0.81%) जबकि निफ्टी 54.65 अंक (0.50%) की तेजी के साथ क्रमशः 36,967.14 और 11,090.05 अंकों पर थे।

पेट्रोल हुआ महंगा, डीजल के दामों में कमी, जानिए आज की कीमत

नई दिल्ली। मार्च के शुरुआती दिनों में देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार तेजी नजर आई। हालांकि हफ्ता खत्म होते तक इससे राहत जरूर मिली। शनिवार को दामों में तेजी के बाद रविवार और सोमवार को भी पेट्रोल के दाम बढ़े हैं लेकिन डीजल के दाम कम हुए हैं। रविवार को 9 पैसे की बढ़ोतरी के बाद अब सोमवार को पेट्रोल 6 पैसे महंगा हुआ है।

वहीं डीजल के दाम में रविवार को कोई बदलाव नहीं हुआ लेकिन सोमवार को इसमें 10 पैसे की कटौती की गई है। इससे पहले शुक्रवार को यह 10 पैसे सस्ता हुआ था। इसके बाद राजधानी में आज पेट्रोल 72.46 रुपए लीटर मिल रहा है वहीं डीजल 67.44 रुपए लीटर मिल रहा है।

मुंबई की बात करें तो आज यहां पेट्रोल 78.09 रुपए लीटर मिल रहा है वहीं डीजल 70.65 रुपए लीटर मिल रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 75.25 रुपए लीटर मिल रहा है जबकि डीजल 71.27 रुपए लीटर मिल रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 74.54 रुपए लीटर मिल रहा है जबकि डीजल 69.23 रुपए लीटर बिक रहा है।

पुलवामा अटैक: पाकिस्तान को भारत से धनिया का निर्यात बंद

कोटा। पुलवामा में हुए आतंकी हमले से आक्रोशित देशभर के निर्यातकों ने पाकिस्तान को धनिया निर्यात नहीं करने का निर्णय किया है। यह निर्णय धनिये पर कोटा में रविवार को हुई तृतीय नेशनल सेमिनार में आए निर्यातकों ने लिया है।

पुलवामा के शहीदों को नमन करते हुए धनिया व्यवसायियों ने कहा कि वे पाकिस्तान को धनिये का निर्यात बंद कर देंगे। कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, दुबई, यूएई सहित अन्य कई देशों में भारत से धनिया एक्सपोर्ट किया जाता है। लेकिन अब पाकिस्तान में भारत से धनिया नहीं जाएगा।

प्रमुख धनिया निर्यातक सुशील सोनी आक्रोश जताया कि जिस पड़ोसी देश को हम खाद्य पदार्थों की सप्लाई कर रहे हैं, उसने पुलवामा हमले के दोषी आतंकवादियों को शरण दी है। इससे शहीद परिवारों के साथ देश की जनता के साथ समूचा व्यापारी वर्ग भी खड़ा है। हम सरकार से मांग करते हैं कि पाकिस्तान के साथ सभी खाद्य वस्तुओं का निर्यात व आयात बंद किया जाए। वे कोलकाता, नागपुर, रायपुर, नागौर व कोटा से धनिये का निर्यात कर रहे हैं।

पैदावार का 10 प्रतिशत हिस्सा विदेशों में निर्यात
देश में धनिये की पैदावार का 10 प्रतिशत हिस्सा विदेशों में निर्यात हो रहा है, जिससे भारतीय किसानों की आमदनी बढ़ी है। लेकिन अब धनिया पाकिस्तान नहीं भेजेंगे। पीसीेके महेश्वरन ने बताया कि मलेशिया, यूएई, यूके, साउथ अफ्रीका, थाईलैंड, साउथ अरब आदि देशों में भारत के धनिये की मांग वर्षपर्यंत बनी रहती है।

उत्पादन घटने से इस बार धनिया 7000 रुपये क्विंटल तक बिकने का अनुमान

कोटा । राजस्थान एवं मध्यप्रेदश में उत्पादन घटने से इस बार धनिया 7000 रुपये क्विंटल तक बिकने का अनुमान है। वहीँ लहसुन का भी रकबा कम रहने से भाव 5000 रुपये क्विंटल से ऊपर रह सकते हैं। धनिए पर रविवार को हुई नेशनल सेमिनार में कमोडिटी एक्सपर्ट ने यह जानकारी दी।

उनका कहना था कि राजस्थान व मध्यप्रदेश में धनिए की बुआई काफी कम हुई है। मध्य प्रदेश में 30-50 फीसदी तक गिरावट आई है। हाड़ौती में 15 से 20 फीसदी तक गिरावट आई है। पुराना स्टॉक भी ज्यादा नहीं बचा। इससे धनिए के दाम ऊंचे ही रहेंगे। धनिया 60 से 70 रुपए किलो तक बिक सकता है। जबकि पिछली बार केवल 42 रुपए किलो तक ही बिका था। क्योंकि नया धनिया अभी 55 से 58 रुपए किलो बिक रहा है।

उनका कहना था कि ऐसा ही हाल लहसुन में होने वाला है। नया लहसुन 34 रुपए किलो बिक रहा है। हाड़ौती में 85 हजार किसानों ने लहुसन की खेती की है। करीब 1 लाख 65 हजार किसानों ने धनिए की बुआई की है। संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. रामावतार शर्मा ने बताया कि इस साल धनिए, लहसुन में भाव अच्छे मिलेंगे। धनिए में करीब 16 हजार हैक्टेयर कम बुआई हुई है। पिछले साल 1.15 लाख हैक्टेयर में बुआई थी। जबकि इस साल 98 हजार हैक्टेयर में ही बुआई हुई है।

पिछली बार 1.39 लाख मीट्रिक टन उत्पादन था, जो इस साल घटकर 1.14 लाख मीट्रिक टन रहने वाला है। लहसुन पिछले साल 1.12 लाख हैक्टेयर में बाेया था, इससे 6 लाख 37 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। इस साल 67 हजार हैक्टेयर में बुआई हुई है और उत्पादन संभावित 3 लाख 85 हजार मीट्रिक टन होने वाला है। जबकि डिमांड काफी ज्यादा होगी।

इस बार क्वालिटी भी अच्छी आ रही है, क्योंकि नया लहसुन मंडी में 34 रुपए किलो बिक रहा है। इसकी वजह से लहसुन 50 रुपए किलो तक भी जा सकता है। धनिए में पिछली बार 80 लाख 40 किलो बोरी स्टॉक था। इस बार इतना नहीं है तो डिमांड पूरी करने के लिए रेट बढेंग़े।

कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर पीके गुप्ता ने बताया कि इस बार मौसम अच्छा होने से लहसुन व धनिए की फसल की क्वालिटी ज्यादा अच्छी हुई है। लहसुन का रकबा काफी कम है और मध्य प्रदेश में धनिए की फसल का रकबा आधा रह गया है। इसलिए दोनों फसलों की डिमांड काफी ज्यादा रहेगी। इसकी वजह से लहसुन व धनिए के दाम काफी अच्छे रहेंगे।

यह भी पढ़ें :देश में इस बार 65 से 70 लाख बोरी धनिया की पैदावार होने का अनुमान

श्रीगंगानगर-कोटा ट्रेन 13 से सप्ताह में 3 दिन झालावाड़ तक चलेगी

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कोटा। श्रीगंगानगर-कोटा ट्रेन 13 मार्च से झालावाड़ सिटी रेलवे स्टेशन तक चलेगी। ये ट्रेन बुधवार, गुरुवार व रविवार को झालावाड़ सिटी तक जाएगी। ट्रेन का ठहराव डकनिया व रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन पर भी होगा। अब तक झालावाड़ सिटी व आसपास क्षेत्र के लोगों को इस ट्रेन व अन्य ट्रेनें पकड़ने के लिए कोटा आना पड़ता था।

ट्रेन के झालावाड़ सिटी तक बढ़ने से क्षेत्र के लोग कोटा के अलावा, सवाईमाधोपुर, वनस्थली निवाई, जयपुर से सीधे जुड़ जाएंगे। ऐसे चलेगी ट्रेन श्रीगंगानगर-कोटा ट्रेन झालावाड़ सिटी तक प्रत्येक बुधवार, गुरुवार व रविवार को जाएगी। श्रीगंगानगर से ट्रेन चलकर सुबह 9.45 बजे कोटा आएगी। डकनिया रेलवे स्टेशन पर 10.10 बजे, रामगंजमंडी 11 बजे, झालावाड़ सिटी 11.55 बजे पहुंचेगी।

इस ट्रेन की वापसी झाालावाड़ सिटी से 3.25 बजे होगी। जो रामगंजमंडी 3.55 बजे, डकनियां 4.50 बजे तथा कोटा स्टेशन पर 5.05 बजे पहुंचेगी। कोटा से श्रीगंगानगर के लिए 5.20 बजे रवाना होगी। इसी ट्रेन का रख-रखाव कोटा में ही होगा।

जेईई मेन में ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए रजिस्ट्रेशन आज से

कोटा । जेईई मेन में ईडब्ल्यूएस वर्ग (आर्थिक रूप से पिछड़े तबकों) के स्टूडेंट्स को आरक्षण का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 11 से 15 मार्च तक होंगे। एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि इस श्रेणी की पात्रता अच्छे से समझने के बाद ही आवेदन करें।

ऑनलाइन पंजीयन के समय ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से पिछड़े तबकों) प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आने वाले समय में इसकी आवश्यकता होगी।

आधिकारिक सूचना के अनुसार ऐसे आवेदक जो किसी भी प्रकार की आरक्षित श्रेणी में नहीं आते तथा जिनके परिवार की समस्त स्रोतों से सकल सालाना आय 8 लाख रुपए से कम है, आवेदन कर सकते हैं।

देश में इस बार 65 से 70 लाख बोरी धनिया की पैदावार होने का अनुमान

कोटा। इस वर्ष देश में 65 से 70 लाख बोरी धनिया की पैदावार होने का अनुमान है। इतना ही पिछले वर्ष का स्टाक होने से इस वर्ष की उपलब्धता 1.30 करोड़ बोरी रहेगी। धनिये का निर्यात व औसत घरेलू खपत 1.20 करोड़ बोरी होने से इसकी डिमांड बनी रहेगी, जिससे मंदी आने की संभावना नहीं रहेगी।

यह जानकारी रविवार को झालावाड रोड पर एक होटल में आयोजित तृतीय नेशनल धनिया सेमिनार में खा़द्य पदार्थ कन्वेसिंग एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाशचंद दलाल ने दी। उन्होंने बताया कि सेमिनार के दो सत्रों में हुई पैनल चर्चा के अनुसार यह निष्कर्ष सामने आया है।

सेमिनार का उद्घाटन करते हुये संभागीय आयुक्त एल.एन.सोनी ने कहा कि हरे धनिये की राजस्थान में अच्छी पैदावार हो रही है, ऐसे उपयोगी सेमिनार से इसके निर्यात के लिये नये रास्ते खुलेगे, जिससे हाड़ौती अंचल के किसानों को लाभ मिलेगा।

मेरी मां को पसंद कोटा का धनिया: विधायक कल्पना देवी
प्रथम सत्र में लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने कहा कि हमें खुशी है हाडौती के किसान यहां के धनिये की खुशबू देश से बाहर तक फैला रहे हैं। मेरी मां शिमला से फोन करके कोटा से धनिया मंगवाती है। इसका निर्यात बढाने के लिये कोटा में जल्द हवाई सेवा प्रारंभ करने के लिये प्रयास तेज करेंगे। राजस्थान में इसका रकबा लगातार घट रहा है, जबकि पैदावार अच्छी हो रही है, इसे बढाने के लिये आवाज उठाएंगे।

धनिया सेमिनार में उपस्थित विधायक कल्पना देवी।

धनिये की नई किस्म इजाद करने पर शोध
विशिष्ट अतिथि हॉर्टिकल्चर विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.रामअवतार शर्मा एवं पीके गुप्ता ने कहा कि उद्योग वानिकी द्वारा बोरखेडा में धनिये की नई किस्म इजाद करने पर शोध चल रहा है, जिसमें इसमें ऑयल की मात्रा बढाई जा सके। धनिये में ऑयल बढने से विदेशों में इसकी डिमांड और बढ जाएगी। किसानों को जागरूक करने के लिये ऐसे सेमिनार बहुत फायदेमंद हैं।

मसाला कंपनियां खरीदती हैं 50 फीसदी धनिया
आची मसाला फूड्स, चेन्न्ई के सीनियर मैनेजर एस. धंडापनी ने कहा कि हम राजस्थान में कोटा, रामगंजमंडी व मप्र के कुंभराज से अच्छी क्वालिटी का धनिया खरीदते हैं। यहां देश में नबर-1 क्वालिटी मिलती है। हम सभी देशों मे मसाला निर्यात करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि किसान धनिये की खेती में पेस्टिसाइड्स का प्रयोग कम करें और आर्गेनिक को बढावा दें।

45 हजार मीट्रिक टन धनिया निर्यात होने की संभावना
सबसे बड़ी धनिया निर्यातक कंपनी पीसी कनन, विरूद्धनगर के निदेशक पीसीके महेश्वरन ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में धनिये का निर्यात कम रहा, लेकिन इस वर्ष 45 हजार मीट्रिक टन (10 लाख बोरी) धनिया निर्यात होने की संभावना है। हमारे देश में धनिये की फसल तैयार हो गई है, जबकि रूस व यूक्रेन में नई फसल जुलाई के अंत तक आएगी। उन्होने कहा कि राजस्थान व मप्र के हरे धनिये की दुनिया में सबसे अधिक डिमांड रहती है।

कोटा में एयर कनेक्टिविटी की कमी अखरी
धनिया ब्रोकर महावीर गुप्ता व किरीट भाई ने कहा कि नेशनल धनिया सेमिनार में देश के व्यवसायियों ने धनिया पैदावार, फसल पूर्वानुमान, क्वालिटी, खपत आदि पर पैनल चर्चा कर उपयोगी सुझाव दिये। एसोसिएशन के सचिव रतनलाल गोचर ने सभी प्रतिनिधियों का आभार जताया। दक्षिण भारत से एक दिन पूर्व आए प्रतिनिधियों ने कहा कि कोटा में एशिया की सबसे बडी भामाशाह मंडी होने से यहां एयर कनेक्टिविटी आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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चार राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित, जम्मू-कश्मीर में अभी नहीं

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने लोकसभा और चार राज्यों आंध्र, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को तारीखों का ऐलान कर दिया। इस बार लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होंगे। 11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, 6 मई, 12 मई और 19 मई को वोटिंग होगी। 23 मई को नतीजे आएंगे। तीन जून तक नई लोकसभा का गठन हो जाएगा।

चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर में मौजूदा स्थिति को देखते हुए अभी विधानसभा चुनाव न कराने का फैसला किया। वहां आयोग ने 3 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इसके अलावा आंध्र, सिक्किम और अरुणाचल में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव के लिए एक चरण में 11 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, ओडिशा में चार चरणों 11, 18, 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी।

चार राज्यों में विधानसभा चुनाव

राज्यसीटेंवोटिंग2014 में किसकी सरकार बनी
आंध्रप्रदेश17511 अप्रैलतेदेपा
अरुणाचल6011 अप्रैलकांग्रेस
सिक्किम3211 अप्रैलएसडीएफ
ओडिशा14711, 18, 23 और 29 अप्रैलबीजद

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शहर में अतिक्रमण, पार्किंग एवं स्वच्छ्ता व्यवस्था में सुधार का संकल्प

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ, रीको, नगर निगम एवं औद्योगिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में पिछले एक माह से चल रहे स्वच्छता अभियान का समापन रविवार को इलेक्ट्रोनिक कॉम्प्लेक्स, रोड़ नम्बर-1 पर समारोहपूर्वक सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में चलाया गया स्वच्छता अभियान पूर्णतया सफल रहा। समारोह में सैंकड़ों उद्यमियों एवं व्यापार महासंघ की 150 संस्थाओं के पदाधिकारियों ने स्वच्छता की शपथ ली।

उन्होंने कहा कि हमारा अगला कदम शहर के बाहरी क्षेत्रों की कच्ची बस्तियों में स्वच्छता अभियान चलाया जाना एवं शहर को अतिक्रमण मुक्त, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू करने का होगा। समय पर हवाई सेवा के लिए कदम उठाया जायेगा और स्वच्छता की रैंकिंग सभी के सहयोग से अग्रिम लाने का प्रयास किया जायेगा।

नगर निगम के महापौर महेश विजय ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में इस बार हम पिछड़ गये जिसके मुख्य कारण हैं कचरे का निस्तारण न होना, घर-घर शौचालय बनाये जाने का कार्य पूर्ण न होना एवं डोर टू डोर कचरा उठाने की व्यवस्था में कुछ कमियां रह जाना है।

पिछले वर्ष व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रान्ति जैन, महासचिव अशोक माहेश्वरी द्वारा कोटा के समस्त व्यापारिक संगठनों को साथ लेकर जन जागृति एवं जन सहभागिता का जो सफल अभियान चलाया उसकी वजह से पिछले वर्ष हम स्वच्छता रैंकिंग में 101 नम्बर एवं सिटीजन फीडबेक में देश में प्रथम स्थान पर आये थे।अब हम सबको साथ लेकर पुनः उसी तेजी से कार्य करेंगे जिससे रैंकिंग में सुधार हो सके।

नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी ने कहा कि हमारे कार्यकाल में हमने फुटपाथों को खाली कराकर लोगों को पैदल चलने के लिए फुटपाथ बनाये थे जिससे अतिक्रमण में भी कमी आयी थी साथ ही हमने शहर के अतिक्रमण भी हटाये थे, जब तक जन जागृति एवं जन सहभागिता नहीं होगी तब तक यह संभव नहीं है।

नए हवाई अड्डे के लिए जगह चिन्हित
नगर विकास न्यास के मुख्य सलाहकार आर.डी.मीणा ने कहा जब इन्दौर में इतनी भीड़ होते हुए भी वह स्वच्छता की श्रेणी में प्रथम आ सकता है तो कोटा क्यों नहीं आ सकता इसके लिए सभी को संयुक्त प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा नगर विकास न्यास कोटा में हवाई अड्डे के लिए कोटा-बून्दी रोड़ पर जगह चिन्हित कर चुका है, जिसके बारे में शीघ्र ही कोई निर्णय होगा।

उपमहापौर सुनीता व्यास ने कहा शहर को पुनः सम्पूर्ण स्वच्छता प्रदान करने के लिए हम व्यापार महासंघ एवं अन्य संगठनों का सहयोग लेंगे। औद्योगिक क्षेत्र में चलाया गया स्वच्छता अभियान पूर्णतया सफल रहा है। नगर निगम के आयुक्त एन.के. गुप्ता ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। शीघ्र ही हम एक कार्ययोजना बनाकर व्यापार महासंघ व अन्य संस्थाओं के सहयोग से शहर को स्वच्छ बनाने के लिए प्रयास करेंगे।

व्यापार महासंघ के अघ्यक्ष क्रान्ति जैन ने कहा कि हम अतिक्रमण के पक्ष में नहीं हैं। अतः अतिक्रमण हटाने और पार्किंग व्यवस्था के लिए प्रयास किये जायेंगे। इस अवसर पर दी एसएसआई एसोसियेशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविन्द राम मित्तल, इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स सोसायटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमन्त जैन एवं उपाध्यक्ष नवेन्दु द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया।

डस्टबीन बांटे
आज समापन समारोह के दौरान इन्द्रा कॉलोनी, हरिजन बस्ती, अम्बेडकर नगर, सूर्य नगर वासियों, विज्ञान नगर दुकानदार संघ, गोबरिया बावड़ी दुकानदार संघ एवं विज्ञान नगर विस्तार योजना दुकानदार संघ के व्यापारियों को महासंघ एवं भाटिया एण्ड कम्पनी की ओर से सैंकड़ों डस्टबीन बांटे गये।