Tuesday, July 28, 2026
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इंदौर किराना: रवा-मैदा सस्ता, बेसन महंगा

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में सोमवार को मांग कमी से शनिवार की तुलना में रवा 50, मैदा 40 और गेहूं आटा 60 रुपये प्रति 50 किलोग्राम सस्ता बिका। बेसन के भाव में 75 रुपये प्रति 50 किलोग्राम की वृद्धि हुई। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में सोमवार को 14 गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला: शक्कर 3300 से 3325 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 203 से 217 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2550 से 4100 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी: हल्दी खड़ी सांगली 125 से 130, निजामाबाद 80 से 100, पिसी 135 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना: साबूदाना 4600 से 5400, पैकिंग में 5900 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा: गेहूं आटा 1120 से 1130, तन्दूरी आटा 1290 से 1300, मैदा 1200 से 1210, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 2875 तथा बटला बेसन 2550 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर मंडी: लिवाली निकलने से चना, मसूर, तुअर और बटला महंगा

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में सोमवार को लिवाली बढ़ने से चना कांटा 100 रुपये, मसूर 50, तुअर (अरहर) 200 और बटला के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल (शनिवार की तुलना में) की तेजी दर्ज की गई। लिवाली सुधार से चना दाल 100, मसूर दाल 50 एवं तुअर दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल महंगी बिकी।

दलहन: चना (कांटा) 4125 से 4150, चना (देसी) 4000 से 4050, डबल डॉलर 5200 से 5500, मसूर 3950 से 4000, हल्की 3750 से 3800, बटला 3500 से 3550, मूंग 5400 से 5600, हल्की 4800 से 5000, तुअर निमाड़ी (अरहर) 4600 से 4800, महाराष्ट्र नई तुअर (अरहर) 5400 से 5700, उड़द 4800 से 5000, हल्की 3000 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल: तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6550 से 6700, तुअर दाल फूल 6900 से 7100, तुअर दाल बोल्ड 7300 से 7590, आयातित तुअर दाल 6000 से 6200चना दाल 5200 से 5500, आयातित चना दाल 5000 से 5200मसूर दाल 5050 से 5150 मूंग दाल 6400 से 6600, मूंग मोगर 6800 से 7000 उड़द दाल 5400 से 5600, उड़द मोगर 6400 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल : बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

ज्वैलर्स की खरीदारी से सोना फिर महंगा, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली /कोटा। सोने की कीमतों में सोमवार को इजाफा देखने को मिला है। आज के कारोबार में सोना 80 रुपये महंगा होकर 33,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से तेज खरीदारी के कारण कीमतों में इजाफा देखने को मिली है।

वहीं सोने के उलट चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। आज के कारोबार में चांदी 370 रुपये की गिरावट के साथ 39,530 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई है। चांदी की कीमतों में गिरावट औद्योगिक इकाईयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से सुस्त उठान रही है। ट्रेडर्स का कहना है कि सोने की कीमतों में तेजी घरेलू बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी मांग के कारण देखने को मिली है।

लेकिन, कमजोर वैश्विक संकेतों ने इस तेजी को रोकने का काम किया है। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.09 फीसद की गिरावट के साथ 1,297.50 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.20 फीसद की गिरावट के साथ 15.38 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुई है। अमेरिका में रोजगार के कमजोर आंकड़ों ने ग्रीनबैक को निचले स्तर पर ला दिया है।

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 80 रुपये रिकवर होकर क्रमश: 33,250 रुपये प्रति 10 ग्राम और 33,080 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ है। सोने की कीमतों में बीते दिन 100 रुपये की गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि गिन्नी के भाव 26,400 रुपये प्रति 8 ग्राम पीस पर बरकरार रहे हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 39300 रुपये प्रति किलोग्राम
सोना केटबरी 33100 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38600 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33270 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38800 रुपये प्रति तोला।

सेंसेक्स में छह माह की सबसे लंबी छलांग, 383 अंक उछला

मुंबई। कारोबारी सत्र के पहले दिन सोमवार को शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 383 अंक की लंबी छलांग के साथ 37,000 अंक के स्तर को पार कर गया। यह सेंसेक्स की छह माह में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त है। सकारात्मक वैश्विक रुख के बीच विदेशी कोषों के निवेश से रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल के शेयरों में लाभ रहा।

विशेषज्ञों ने कहा कि रविवार को 2019 के आम चुनाव की घोषणा के बाद निवेशक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पुन: सत्ता में आने की उम्मीद कर रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने अपना निवेश बढ़ाया है।

बीएसई का 31 कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 382.67 अंकों (1.04%) के उछाल के साथ 37,054.10 पर बंद हुआ। वहीं, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 140.90 (1.28%) अंकों की तेजी के साथ 11,176.30 पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 37,106.19 का ऊपरी स्तर, जबकि 36,726.39 का निचला स्तर छुआ। वहीं निफ्टी ने 11,175.00 का ऊपरी स्तर, तो 11,059.85 का निचला स्तर छुआ।

बीएसई पर भारती एयरटेल के शेयर में 8.08 फीसदी, पावरग्रिड में 3.90 फीसदी, कोल इंडिया में 3.80 फीसदी, रिलायंस में 2.72 फीसदी और वेदांता के शेयर में 2.52 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। वहीं, टीसीएस के शेयर में 0.41 फीसदी, एचसीएल टेक में 0.39 फीसदी, एनटीपीसी में 0.23 फीसदी, इंडसइंड बैंक में 0.21 फीसदी और इन्फोसिस के शेयर में 0.13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

एनएसई पर भारती एयरटेल के शेयर में 8.42 फीसदी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम में 5.54 फीसदी, बीपीसीएल में 5.31 फीसदी, आयशर मोटर्स में 4.79 फीसदी और इंफ्राटेल के शेयर में 4.34 फीसदी की तेजी देखी गई। वहीं, एनटीपीसी के शेयर में 0.95 फीसदी, टीसीएस में 0.52 फीसदी, जी लिमिटेड में 0.52 फीसदी, एचसीएलटेक में 0.51 फीसदी और टेक महिंद्रा के शेयर में 0.51 फीसदी की गिरावट देखी गई।

खुशखबरी: नौकरी बदलने पर अपने आप ट्रांसफर होगा EPF, जानिए कैसे

नई दिल्ली। कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्यों को अगले वित्त वर्ष से नौकरी बदलने पर अपनी ईपीएफ राशि स्थानांतरम करने की जरूरत नहीं होगी। इस प्रक्रिया पर EPFO विभाग काम कर रहा है। श्रम मंत्रालय के एक अधिकारी ने इसपर जानकारी दी है।

वर्तमान में ईपीएफओ के सदस्यों को सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) रखने के बाद भी ईपीएफ स्थानांतरण करने के लिए अलग से अनुरोध करना पड़ता है। ईपीएफओ को हर साल ईपीएफ स्थानांतरण करने के करीब आठ लाख आवेदन मिलते हैं।

अगले साल से शुरू होगी यह सुविधा
श्रम मंत्रालय के एक अधिकारी ने LEN DEN NEWS को बताया, ‘ईपीएफओ प्रायोगिक आधार पर नौकरी बदलने पर ईपीएफ के स्वत: हस्तांतरण पर काम कर रहा है। सभी सदस्यों के लिये यह सुविधा अगले साल किसी भी समय शुरू की जा सकती है।’

अधिकारी ने यह भी बताया, ‘‘ईपीएफओ ने कागजविहीन संगठन बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये अपनी परिचालन प्रणाली के अध्ययन का काम सी-डैक को दिया है। अभी 80 प्रतिशत कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में नौकरी बदलने पर ईपीएफ का स्वत: हस्तांतरण महत्वपूर्ण है।’’

बैंक खाते की तरह होगा लोगों का UAN नंबर
अधिकारी ने बताया कि नौकरी बदलने पर ईपीएफ का स्वंय हस्तांतरण होने पर कर्मचारियों का काफी लाभ मिलेगा। लोगों का यूएएन नंबर एक बैंक खाते की तरह हो जाएगा। इससे कर्मचारी यदि जगह बदलता है तो ईपीएफ में वह अपना योगदान यूएएन के जरिये हासिल कर सकेंगे।

काला हिरण शिकार: सैफ, सोनाली और तब्बू समेत 5 को HC का नोटिस

जोधपुर।राजस्थान के चर्चित काला हिरण शिकार मामले में आरोपियों की मुश्किल बढ़ गई है। राज्य सरकार की याचिका पर इस मामले में बॉलिवुड ऐक्टर सैफ अली खान समेत पांच लोगों को राजस्थान हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। इस मामले में अभिनेता सलमान खान भी आरोपी हैं।

राज्य सरकार ने आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए सोमवार को हाई कोर्ट ने सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, नीलम कोठारी, तब्बू और दुष्यंत सिंह को नोटिस जारी किया है।

काला हिरण शिकार केस: तब से अब तक
पिछले साल अभिनेता सलमान खान को वर्ष 1998 में दो काले हिरण के शिकार के मामले में दोषी पाया गया था और अप्रैल 2018 में उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई थी। यह घटना उस समय की है, जब सलमान खान और बाकी ऐक्टर्स राजस्थान में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग करने गए थे।

सरकारी वकील के मुताबिक उस रात सारे कलाकार जिप्सी में सवार थे, जिसे सलमान खान चला रहे थे। हिरणों का झुंड देखने पर उन्होंने गोली चलाई और उनमें से दो हिरण मार दिए थे। उन्होंने कहा कि जब लोगों ने उन्हें देखा और उनका पीछा किया तो ये कलाकर मृत हिरणों को मौके पर छोड़कर भाग खड़े हुए।

सबूतों के अभाव में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और जोधपुर निवासी दुष्यंत सिंह को बरी कर दिया गया था। अगस्त 2018 में जोधपुर सेशंस कोर्ट ने फैसला दिया कि सलमान को विदेश जाने से पहले कोर्ट से परमिशन लेनी होगी। बता दें कि सलमान खान की ओर से विदेश जाने की परमिशन के लिए अपील दायर की गई थी।

2 अक्टूबर 1998: बिश्नोई समाज के लोगों ने सलमान खान और हम साथ साथ हैं के उनके को-ऐक्टर्स के खिलाफ हिरणों के शिकार का केस दर्ज कराया।

12 अक्टूबर 1998: सलमान खान को विलुप्तप्राय जानवरों के शिकार के आरोप में गिरफ्तार किया गया, लेकिन उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई।

10 अप्रैल 2006: ट्रायल कोर्ट ने वाइल्ड लाइफ प्रटेक्शन ऐक्ट के तहत चिंकारा शिकार के केस में सलमान को दोषी ठहराया। उन्हें 5 साल की सजा सुनाई गई और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

31 अगस्त 2007: राजस्थान हाई कोर्ट ने चिंकारा शिकार मामले में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई। एक हफ्ते बाद सलमान की अपील पर यह सजा सस्पेंड कर दी गई। सलमान खान ने एक सप्ताह का यह वक्त जोधपुर जेल में बिताया। बाद में हाई कोर्ट ने आर्म्स ऐक्ट के केस में भी सलमान को बरी कर दिया।

24 जुलाई 2012: राजस्थान हाई कोर्ट की बेंच ने काले हिरण के शिकार मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। इसके बाद मामले में ट्रायल की राह खुली।

9 जुलाई 2014: राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सलमान खान को नोटिस जारी किया। राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत सलमान की सजा को सस्पेंड किया गया था।

25 जुलाई 2016: राजस्थान हाई कोर्ट ने घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव चिंकारा शिकार केस में सलमान खान को बरी कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि इसके सबूत नहीं हैं कि सलमान की लाइसेंसी बंदूक से ही शिकार किया गया।

19 अक्टूबर 2016: राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। दरअसल 18 अक्टूबर 2016 को इस मामले में 10 साल से लापता गवाह हरीश दुलानी सामने आ गया। दुलानी ने दावा किया वह अपने पुराने बयान पर कायम है कि उसने सलमान को शिकार करते देखा है। राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दुलानी के इसी बयान को आधार बनाया।

11 नवंबर 2016: राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई को फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने के लिए राजी।

15 फरवरी 2017: सलमान खान के वकील ने सबूत पेश करने से इनकार कर दिया। इससे पहले 27 जनवरी को बयान की रिकॉर्डिंग के दौरान सलमान खान ने खुद को निर्दोष बताते हुए सबूत पेश करने की इच्छा जताई थी। बाद में उनके वकील ने कहा कि सबूत पेश करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें बेकसूर बताए जाने वाले सारे सबूत कोर्ट में पहले ही पेश किए जा चुके हैं। तब एक मार्च से इस मामले का ट्रायल शुरू होना था।

28 मार्च 2018: इस मामले में ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। चीफ जुडिशल मैजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने अपना फैसला सुरक्षित रखा।

5 अप्रैल 2018: जोधपुर कोर्ट ने सलमान को दोषी करार देते हुए 5 साल की सजा सुनाई। अन्य आरोपी बरी।

वोटर ID को नहीं जोड़ना आधार कार्ड से, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता पहचान पत्र (Voter ID card) को आधार कार्ड से लिंक करने की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ ने याचिकाकर्ता को कहा कि वो इस मामले को लेकर चुनाव आयोग के पास ज्ञापन सौंपे। पीठ इस मामले में कोई भी सुनवाई नहीं करेगी।

भाजपा नेता व वकील अश्विनी उपाध्याय ने यह याचिका दाखिल की थी। उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि चुनाव आयोग को यह निर्देश दिया जाए कि वह आधार आधारित चुनाव मतदान प्रणाली लागू करने के लिए उचित कदम उठाए।

इससे चुनाव में अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके और जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 17-18 की भावना के अनुरूप बोगस व दोहरे मतदान पर रोक लगाई जा सके। अपनी याचिका में अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि देश में पारदर्शी चुनाव के लिए ये आवश्यक है कि मतदाता पहचान पत्र को आधार कार्ड से जोड़ा जाए।

इसलिए चुनाव आयोग को यह निर्देश जारी किए जाएं कि वो आधार आधारित मतदान प्रणाली को लागू करे ताकि सभी वर्ग के लोग खासकर युवा वर्ग भी मतदान के अधिकार का इस्तेमाल कर सकें। याचिका में आगे कहा गया है कि आधार से लिंक होने पर बोगस मतदान पर भी पूरी तरह रोक लगेगी और भविष्य में आयोग इंटरनेट वोटिंग का विकल्प भी तैयार कर सकता है।

लोकसभा चुनाव से बाजार में आएंगे करीब 15-16 हजार करोड़ रुपए

नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों की तारीख का ऐलान हो गया है। चुनाव 7 चरणों में संपन्‍न होंगे। पहला चरण 11 अप्रैल को होगा और मतगणना 23 मई को होगी। चुनाव में हार-जीत किसी भी राजनैतिक पार्टी की हो, लेकिन आने वाले लोक सभा चुनाव से अर्थव्यवस्था को निश्चित रूप से बूस्ट मिलने जा रहा है। औद्योगिक संगठनों के मोटे अनुमान के मुताबिक सिर्फ लोक सभा चुनाव के दौरान बाजार में 15-16 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।

इससे आर्थिक विकास की गति तेज होने में तो मदद मिलेगी, लेकिन महंगाई में भी बढ़ोतरी होगी। छोटे कारोबारियों के कारोबार में तेजी आएगी। चुनाव से फूड, एफएमसीजी सेक्टर, गारमेंट, ट्रांसपोर्ट, मीडिया जैसे सेक्टर में भारी खर्च के साथ छोटे कारोबारियों को फायदा होने जा रहा है।

क्या है गणित
लोकसभा चुनाव 543 सीट पर होगी। औद्योगिक संगठन एसोचैम के अनुमान के मुताबिक हर सीट के लिए कम से कम तीन उम्मीदवार गंभीर रूप से चुनाव लड़ रहे होते हैं। एसोचैम के मुताबिक चुनाव के दौरान उम्मीदवार की तरफ से किए जाने वाले खर्च का सटीक अनुमान लगाना कठिन है, लेकिन ये उम्मीदवार औसतन 5-7 करोड़ रुपए खर्च करेंगे।

उनके अलावा जो छोटे-मोटे उम्मीदवार होते हैं, वे भी लाखों रुपए चुनाव में फूंक डालते हैं। उम्मीदवार की तरफ से होने वाले खर्च के अलावा सरकारी मशीनरी भी चुनाव के दौरान कई सौ करोड़ रुपये खर्च करती। इस प्रकार आगामी लोक सभा चुनाव में कम से कम 15-16 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।

543 सीटों पर खर्च हो सकते हैं 2172 करोड़ रुपए
हालांकि चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक लोकसभा चुनाव लड़ने वाला एक उम्मीदवार चुनाव में अधिकतम खर्च 70 लाख रुपए कर सकता है। इस हिसाब से एक लोक सभा क्षेत्र में तीन-चार गंभीर उम्मीदवार के खर्च के साथ अन्य उम्मीदवारों के खर्च को शामिल कर लिया जाए तो यह 3-3.5 करोड़ रुपए होता है।

सरकार की तरफ से होने वाले खर्च को जोड़ दिया जाए तो लोक सभा की हर सीट के लिए अधिकतम 4 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस हिसाब से 543 सीटों के लिए 2172 रुपए खर्च होंगे। औद्योगिक संगठन पीएचडी चेंबर्स के मुख्य अर्थशास्त्री एस.पी. शर्मा कहते हैं, निश्चित रूप से चुनाव के दौरान होने वाले हजारों करोड़ रुपए के अतिरिक्त खर्च से विकास की गति को मजबूती मिलेगी, लेकिन इससे महंगाई में भी बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान बाजार में जो पैसे आते हैं उनके अधिकतर हिस्से गैर उत्पादक चीजों में खर्च होते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के प्रोफेसर वित्त आयोग के सलाहकार मंडल में शामिल पिनाकी चक्रवर्ती ने बताया कि अभी यह कहना मुश्किल है कि चुनाव में होने वाले खर्च से विकास को कितनी गति मिलेगी, लेकिन इस दौरान सरकार की तरफ से विभिन्न प्रकार की सब्सिडी देने व सरकारी खर्च से राजकोषीय घाटे बढ़ जाते है।

‘Khatron ke Khiladi 9’ के विनर बने पुनीत जे पाठक

दस सप्ताह के रोमांचक सफर के बाद टीवी का पॉप्युलर स्टंट बेस्ड रिऐलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ का सीजन 9 आखिरकार खत्म हो गया। कोरियॉग्रफर-ऐक्टर पुनीत जे पाठक को शो के विनर घोषित किया गया। शो जीतने के वाले पुनीत ने ट्रोफी के साथ 20 लाख रुपये और एक कार भी अपने नाम किया। फिनाले में पुनीत का मुकाबला सिंगर आदित्य नारायण और टीवी ऐक्ट्रेस रिद्धिमा पंडित से था, लेकिन पुनीत सबको हराकर शो के विनर बन गए।

फिनाले के अंत में पुनीत को आदित्य नारायण ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन टास्क टाइमिंग कम होने की वजह से पुनीत खिताब अपने नाम करने में कामयाब रहे। शो के फिनाले में बॉलिवुड ऐक्टर अक्षय कुमार बतौर गेस्ट अपनी अगली फिल्म ‘केशरी’ के प्रमोशन के लिए पहुंचे थे। फिल्मों में खतरनाक स्टंट्स करने के लिए मशहूर अक्षय ने शो के दौरान भी कई स्टंट्स किए। पिछले 10 वीक से रोहित शेट्टी के इस शो का जादू दर्शकों के सिर चढ़ कर बोल रहा था।

बता दें कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ के इस सीजन के विनर के नाम को लेकर काफी दिनों से चर्चा चल रही थी। पिछले दिनों शो के विनर का नाम लीक होने की भी खबर आई थी। तब भी पुनीत जे. पाठक के शो का वीनर बनने की खबर आई थी। लेकिन तब विनर को लेकर कोई ऑफिशल घोषणा नहीं की गई थी। हालांकि बतौर कंटेस्टेंट पुनीत ने हर टास्क में अपना बेहतरीन परफॉर्मेंस दिया था और वह इकलौते ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्हें ‘फियर फंडा’ नहीं मिला।

डिजिटल पेमेंट पर ही मिलेगा अब रसोई गैस सिलेण्डर

कोटा।उपभोक्ताओं को अब डिजिटल भुगतान करने पर ही रसोई गैस सिलेण्डर मिलेगा । यदि उपभोक्ता ने डिजिटल भुगतान नहीं किया तो उसे गैस सिलेण्डर नहीं मिलेगा। केन्द्र सरकार ने सभी ऑयल कम्पनियों को इस संबंध में निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश में ऑयल कम्पनी ने कोटा व अजमेर जिले को पायलट प्रोजेक्ट के रूप चुना है।

कोटा में 2.50 लाख गैस सिलेण्डर उपभोक्ता हैं। कम्पनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि मकसद इन उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान के प्रति जागरूक करना है। इसी तरह अजमेर में दो लाख गैस सिलेण्डर उपभोक्ता हैं।

वर्तमान में उपभोक्ताओं के घरों पर सिलेण्डर आने पर कर्मचारी को नकद भुगतान किया जाता है, लेकिन अब कर्मचारियों ने नकद भुगतान से हाथ खींच लिए हैं। अब घर-घर जाकर कहा जा रहा है कि डिजिटल पेमेंट करें। यदि गैस सिलेण्डर का भुगतान नहीं करेंगे तो आगे से सिलेण्डर नहीं दिया जाएगा। इसके बाद अब कई लोगों ने मोबाइल पर डिजिटल भुगतान के लिए एप डाउनलोड कर लिए हैं।

केंद्र सरकार के निर्देश
पिछले दिनों केन्द्र सरकार ने ऑयल कम्पनियों को निर्देश जारी किए हैं कि उपभोक्ताओं से गैस सिलेण्डर का अब ऑनलाइन तरीके से भुगतान लिया जाए। इसके लिए कम्पनियों ने प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कोटा व अजमेर जिले को चुना। इसकी कवायद शुरू कर दी है।
अरविंद गुप्ता, महासचिव, हाड़ौती एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन