Tuesday, July 28, 2026
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लोकसभा चुनाव 7 चरणों में, पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए रविवार को तारीखों का ऐलान हो गया है। इस बार लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होंगे। 11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, 6 मई, 12 मई और 19 मई को वोटिंग होगी। 23 मई को नतीजे आएंगे। तीन जून तक नई लोकसभा का गठन हो जाएगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि इस बार लोकसभा चुनाव में कुल 90 करोड़ वोटर होंगे। इनमें 8.4 करोड़ नए मतदाता शामिल हैं। कुल वोटर में से 99.3 के पास वोटर आईडी है। 1.5 करोड़ वोटर 18-19 साल की उम्र के हैं। लोकसभा चुनाव के लिए आज से देशभर में आचार संहिता लागू हो गई है।

चुनाव आयुक्त ने बताया, पिछली बार 9 लाख मतदान केंद्र थे, इस बार 10 लाख पोलिंग बूथ होंगे। लोकसभा चुनाव के लिए हेल्पलाइन नंबर-1950 होगा। सभी चुनाव अधिकारियों की गाड़ी में जीपीएस होगा। मोबाइल पर ऐप के जरिए भी आयोग को आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी दी जा सकती है और 100 मिनट के भीतर हमारे अधिकारी को इस पर एक्शन लेना ही होगा। शिकायतकर्ता की निजता का ख्याल रखा जाएगा।

पहला फेज : 11 अप्रैल को वोटिंग
20 राज्यों की 91 सीटें: आंध्र (25 सीटें), अरुणाचल-असम (5), बिहार (4), छत्तीसगढ़ (1) जम्मू-कश्मीर (2), महाराष्ट्र (7), मणिपुर (1), मेघालय (2), मिजोरम (1), नागालैंड (1), ओडिशा (4), सिक्किम (1), तेलंगाना (17), त्रिपुरा (1), उत्तरप्रदेश (8), उत्तराखंड (5), पश्चिम बंगाल (2), अंडमान निकोबार (1), लक्ष्यद्वीप (1)।

दूसरा फेज : 18 अप्रैल
13 राज्यों की 97 सीटें: असम (5 सीटें), बिहार (5), छत्तीसगढ़ (3), जम्मू-कश्मीर (2), कर्नाटक (14), महाराष्ट्र (10), मणिपुर (1), ओडिशा (5), तमिलनाडु (39), त्रिपुरा (1), उत्तर प्रदेश (8), प. बंगाल (3), पुड्डुचेरी (1)।

तीसरा फेज : 23 अप्रैल
14 राज्यों की 115 सीटें: असम (4 सीटें), बिहार (5), छत्तीसगढ़ (7), गुजरात (26), गोवा (2), जम्मू-कश्मीर (1), कर्नाटक (14), केरल (20), महाराष्ट्र (14), ओडिशा (6), उत्तर प्रदेश (10), प. बंगाल (5), दादरा-नागर हवेली (1), दमनदीव (1)।

चौथा फेज : 29 अप्रैल
9 राज्यों की 71 सीटें: बिहार (5 सीटें), जम्मू-कश्मीर (1), झारखंड (3), मध्य प्रदेश (6), महाराष्ट्र (17), ओडिशा (6), राजस्थान (13), उत्तर प्रदेश (13), प. बंगाल (8)।

पांचवां फेज : 6 मई
7 राज्यों की 51 सीटें: बिहार (5 सीटें), जम्मू-कश्मीर (2), झारखंड (4), मप्र (7), राजस्थान (12), उप्र (14), प. बंगाल (7)।

छठा फेज : 12 मई
7 राज्यों की 59 सीटें: बिहार (8 सीटें), हरियाणा (10), झारखंड (4), मप्र (8), उप्र (14), प. बंगाल (8), दिल्ली (7)

सातवां फेज : 19 मई
8 राज्यों की 59 सीटें: बिहार (8 सीटें), झारखंड (3), मप्र (8), पंजाब (13), प. बंगाल (9), चंडीगढ़ (1), उप्र (13), हिमाचल (4)

किन राज्यों में कितने चरण में होगी वोटिंग?
एक चरण में: आंध्र, अरुणाचल, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, केरल, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड, अंडमान-निकोबार, दादरा नगर हवेली, दमन एंड दीव, लक्षद्वीप, दिल्ली, पुडुचेरी, चंडीगढ़।
दो चरण में : कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान, त्रिपुरा।
तीन चरण में : असम, छत्तीसगढ़।
चार चरण में : झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा।
पांच चरण में : जम्मू-कश्मीर
सात चरण में : बिहार, उत्तर प्रदेश, प. बंगाल।

बिना पैन कार्ड वाले उम्मीदवारों का नामांकन होगा रद्द
चुनाव आयुक्त ने बताया, अगर प्रत्याशी अगर फॉर्म 26 में सभी जानकारियां नहीं भरता तो उसका नामांकन रद्द हो जाएगा। साथ ही बिना पैनकार्ड वाले उम्मीदवारों का नामांकन रद्द होगा।

महेंद्रा e-KUV100 जल्द होगी लॉन्च, जानिए खासियत

नई दिल्ली।महिंद्रा ऐंड महिंद्रा की e-KUV100 का लंबे समय से हो रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। ऑटो एक्सपो 2018 में पेश की गई Mahindra e-KUV100 इस साल की दूसरी छमाही में लॉन्च होगी। कंपनी ने इस बात की पुष्टि कर दी है। यह महिंद्रा की माइक्रो-एसयूवी KUV100 का इलेक्ट्रिक वर्जन है।

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन गोयनका ने जिनेवा मोटर शो में इसकी जानकारी दी। गोयनका ने कहा, ‘हम अभी जो गाड़ियां बना रहे हैं, शॉर्ट टर्म में हम उन्हें इलेक्ट्रिक वीइकल में कन्वर्ट करेंगे। हमारे पास ई वेरिटो पहले से ही है और हम अगले छह महीने में e-KUV लॉन्च करने वाले हैं। उसके एक साल बाद हमारा इलेक्ट्रिक एक्सयूवी300 लॉन्च करने का प्लान है।’

कंपनी का कहना है कि लॉन्चिंग के समय ई-केयूवी100 देश की पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी होगी। संभावना है कि अगले 6 महीने में यह इलेक्ट्रिक एसयूवी डीलरशिप पर पहुंचने लगेगी। महिंद्रा ई-केयूवी100 में 30 Kw का इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है। यह मोटर लिथियम-आयन बैटरी पैक से पावर देगा।

एक बार फुल चार्ज करने पर यह इलेक्ट्रिक एसयूवी 140 किलोमीटर का रेंज देगी। ऐसी संभावना है कि कंपनी इसमें फास्ट चार्जिंग का ऑप्शन भी दे सकती है। इससे एक घंटे से भी कम समय में इसकी बैटरी 80 पर्सेंट चार्ज हो जाएगी।

महिंद्रा की इस इलेक्ट्रिक एसयूवी में कैबिन प्री-कूलिंग, लोकेशन ट्रैकिंग और रिमोट डायग्नोस्टिक्स जैसे फीचर्स मिलेंगे। इलेक्ट्रिक केयूवी100 की कीमत इसके पेट्रोल और डीजल वर्जन से ज्यादा होगी।

Whatsapp पर अगर आपने भी की ऐसी गलती तो हमेशा के लिए हो जाओगे बैन

नई दिल्ली।अगर आप इस्टैंट मेसेजिंग ऐप Whatsapp का इस्तेमाल करते हैं तो आपको अलर्ट रहने की जरूरत है। हाल के कुछ दिनों में वॉट्सऐप के क्लोन्ड ऐप यूज करने वाले यूजर्स की संख्या में वृद्धि हुई है। वॉट्सऐप ने अपने यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी करते हुए इन ऐप्स का इस्तेमाल बंद करने को कहा है। वॉट्सऐप ने कहा कि यूजर्स जल्द से जल्द असली वॉट्सऐप पर स्विच कर लें। ऐसा ना होने पर उनका अकाउंट हमेशा के लिए बैन कर दिया जाएगा।

पिछले दिनों वॉट्सऐप ने पाया कि उसके कई यूजर्स वॉट्सऐप से मिलते जुलते थर्ड पार्टी ऐप्स जैसे GB Whatsapp और Whatsapp Plus का इस्तेमाल कर रहे हैं। वॉट्सऐप ने यूजर्स को तुरंत इस ऐप का इस्तेमाल बंद करने के साथ ही नए ऐप पर स्विच करने का तरीका भी बताया है।

वॉट्सऐप ने अपने फ्रीक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चन्स (FAQ) सेक्शन ने इस बारे में बताया है और इस मेसेज को WABetaInfo ने नोटिस किया। वॉट्सऐप ने लिखा कि अगर यूजर के अकाउंट में ‘Temporarily banned’ लिखकर आ रहा है तो इसका मतलब है यूजर असली और अपडेटेड वॉट्सऐप यूज नहीं कर रहा।

इसी तरह हो सकता है कि यूजर अनसपॉर्टेड ऐप जैसे वॉट्सऐप प्लस या जीबी वॉट्सऐप यूज कर रहा हो, जो ओरिजनल ऐप से छेड़छाड़ कर बनाए गए वर्जन हैं। ये थर्ड पार्टी ऐप्स वॉट्सऐप के नियमों का उल्लंघन करते हैं और वॉट्सऐप ऐसी ऐप्स को सपॉर्ट नहीं करता।

वॉट्सऐप ने इन ऐप्स से स्विच करने का तरीका भी बताया है। वॉट्सऐप ने कहा है कि अगर आप ऐसा कोई थर्ड पार्टी ऐप यूज कर रहे हैं तो ऑफिशल ऐप पर स्विच करने से पहले चैट का बैकअप बनाना बेहतर होगा। इससे मेसेजेस ऑफिशल ऐप में पहले की तरह रिफ्लेक्ट होंगे।

सबसे पहले आप More Options > Settings > Help > App info में जाकर ऐप का नाम देखें। यह नाम Whatsapp Plus या GB Whatsapp होने पर निर्देश फॉलो करें। ऑफिशल वॉट्सऐप डाउनलोड करने से पहले चैट हिस्ट्री जरूर सेव कर लें।

GB Whatsapp
अगर आप जीबी वॉट्सऐप से ऑफिशल ऐप पर स्विच करने जा रहे हैं तो स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस को फॉलो करें। इस प्रोसेस में गड़बड़ होने पर आपका डेटा और चैट हिस्ट्री गायब हो सकती है। सबसे पहले अपना बैन पीरियड ओवर होने का इंतजार करें।

टाइमर दिखाएगा कि बैन कितने वक्त तक के लिए है। अब GB Whatsapp में More options > Chats > Back up chats पर क्लिक करें। इसके बाद फोन सेटिंग्स से स्टोरेज और फाइल्स में जाएं। यहां GB Whatsapp फोल्डर को ढूंढे और सेलेक्ट करें।

इस फोल्डर का नाम बदलकर ‘GB Whatsapp’ से ‘Whatsapp’ कर दीजिए। अब प्लेस्टोर पर जाकर ऑफिशल वॉट्सऐप डाउनलोड और इंस्टॉल कीजिए। अपना जीबी वॉट्सऐप वाला नंबर वेरिफाई करिए। Backup Found स्क्रीन पर Restore > Next पर क्लिक करिए। आपके अकाउंट में सारे चैट पहले की तरह दिखने लगेंगे और आप ऑफिशल वॉट्सऐप यूज कर सकेंगे।

Whatsapp Plus
अगर आपके फोन में वॉट्सऐप प्लस है और आपकी चैट हिस्ट्री पहले से सेव हो रही है तो यह अपने आप ऑफिशल वॉट्सऐप पर ट्रांसफर हो जाएगी। आप सीधे प्लेस्टोर में जाकर ऑफिशल वॉट्सऐप डाउनलोड करिए और फोन नंबर वेरिफाई कीजिए। इसके बाद आप ऑफिशल वॉट्सऐप यूज कर पाएंगे। बता दें, वॉट्सऐप मिलते-जुलते थर्ड पार्टी ऐप्स यूज करने वाले यूजर्स को बैन कर रहा है। ऐसे में WABetaInfo की ओर से भी यूजर्स को ऑफिशल वॉट्सऐप पर स्विच करने की सलाह दी गई है।

पेट्रोल पंप पर इस्तेमाल 500, 1000 के पुराने नोटों का आकंड़ा नहीं

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान पेट्रोल पंप , रेलवे टिकट और बिजली पानी आदि के बिलों के भुगतान में लोगों द्वारा इस्तेमाल किए गए 500 और 1,000 रुपये पुराने नोटों का उसके पास कोई आंकड़ा नहीं है। माना जा रहा है ऐसे भुगतानों के जरिए ऐसे नोट अच्छी खासी संख्या में पुन: बैंकों में वापस आ गए थे।

आरबीआई ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई एक जानकारी के जवाब में यह बात कही। ज्ञात हो कि आठ नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का अप्रत्याशित निर्णय किया गया था। लेकिन लोगों की सहूलियत के लिए सरकार ने 23 सेवाओं के बिलों का भुगतान कुछ समय के लिए ऐसे पुराने नोट के जरिए करने की छूट दे रखी थी।

इन सेवाओं में सरकारी अस्पताल , रेल , सार्वजनिक परिवहन , हवाई अड्डों पर विमान टिकट , दुग्ध केंद्रों, श्मशान / कब्रिस्तान , पेट्रोल पंप , मेट्रो रेल टिकट , डॉक्टर के पर्चे पर सरकारी और निजी फार्मेसी से दवा खरीदने, एलपीजी गैस सिलेंडर, रेलवे खानपान, बिजली और पानी के बिल, एएसआई स्मारकों के प्रवेश टिकट और पथ-कर नाकों पर शुल्क आदि शामिल थे।

सरकार ने 25 नवबंर 2016 से 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट बदलने पर रोक लगा दी थी और इन उक्त सेवाओं के लिए केवल सिर्फ 500 का पुराना नोट स्वीकार करने की अनुमति दी थी। यह अनुमति 15 दिसंबर 2016 तक के लिए दी गई थी। हालांकि , सरकार ने 2 दिसंबर 2016 से पेट्रोल पंप और हवाई अड्डों पर टिकट खरीदने में 500 रुपये के पुराने नोटों का इस्तेमाल भी रोक दिया था।

आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा , ” बिलों के भुगताने के लिए इस्तेमाल किए गए पुराने नोटों के संबंध में हमारे पास जानकारी उपलब्ध नहीं है। ” आरबीआई ने पिछले साल अगस्त में कहा था कि 500 और 1,000 रुपये के 99.3 प्रतिशत नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए हैं। नोटबंदी के समय 500 और 1,000 रुपये मूल्य वाले 15.41 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में थे।

इनमें से 15.31 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों के पास वापस आ चुके हैं। अमान्य या बदले गए पुराने नोटों की संख्या और मूल्य को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में रिजर्व बैंक ने 28 नवंबर 2016 को जारी बयान का हवाला दिया। इसमें कहा गया था कि 10 नवंबर से 27 नवंबर तक बैंकों में 8,44,982 करोड़ रुपये के चलन से बाहर किए जाने वाले नोट जमा किए गए हैं या बदले गए हैं।

इसमें कहा गया था कि इनमें से 33,948 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदले गए थे और 8,11,033 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा, ” बैंकों के काउंटर पर निर्दिष्ट बैंक नोटों (एसबीएन) के बदलने की सुविधा 24 नवंबर , 2016 तक उपलब्ध थी। ” आरबीआई ने यह भी कहा कि उसके पास बीमा पॉलिसी जैसे केवाईसी अनुरूप उत्पादों को खरीदने में उपयोग किए गए एसबीएन की संख्या की जानकारी नहीं है।

केंद्रीय बैंक ने आरटीआई के एक हिस्से को भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) को भी भेजा है । इरडा ने भी कहा है कि बीमा पॉलिसी के भुगतान में उपयोग होने वाले पुराने नोट के बारे में उसके पास जानकारी नहीं है क्योंकि प्राधिकरण ऐसे आंकड़े नहीं रखता।

‘जल उठे एक लाख दीप’ गोल्डन बुक में दर्ज हुआ कोटा का नाम

कोटा। दशहरा मैदान में चल रहे त्रिदिवसीय राष्ट्रीय स्वर्णिम संयम दीक्षा महोत्सव में अंतिम दिन शनिवार को 1 लाख दीपकों से आरती का विश्व रिकाॅर्ड कायम किया गया। गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकाॅर्ड्स की टीम ने कोटा पहुंचकर डाटा एकत्र किया। इसके बाद हेलिकाॅप्टर से स्वर्ण, रजत और पुष्पों की वर्षा की गई। जिनाभिषेक, शांतिधारा, विशुद्धमति माताजी की भव्य महापूजा, आराधना के कार्यक्रम भी हुए।

डाॅ. विशुद्धमति माताजी का 51 स्वर्ण रजत कलशों से पाद प्रक्षालन किया गया तथा मध्यान्ह विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया।सैकड़ों लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मिट्टी के दीयों को जलाना शुरू किया तो एक एक कर 1 लाख 384 दीये जलाकर विश्व कीर्तिमान कायम कर लिया।

स्वर्णिम संयम दीक्षा महोत्सव पर जैन समाज कोटा की ओर से यह विश्व कीर्तिमान कायम किया गया। आचार्य निर्मल सागर सभागार दशहरा मैदान में मिट्टी से बने दीयों को जलाने के लिए महिला पुरुष, बच्चे बूढे हर कोई जुटा हुआ था।

जैसे जैसे दीप जलते गए, रोशनी बढती गई। हर दीपक से निकलने वाली ऊर्जा के कारण से सभागार का तापमान 50 डिग्री से अधिक हो गया था, लेकिन कार्यकर्ताओं की ऊर्जा कम नहीं हो रही थी। जैसे ही एक लाख से अधिक दीए जलकर तैयार हुए तो ऐसा लगा मानो आसमान में सितारे टिमटिमा रहे हों। दीयों को जलाने के बाद पूरा प्रांगण आर्यिका संघ के जयकारों से गूंज उठा। दीपक जलाने के लिए अलग लग ब्लाॅक बनाए गए थे।

इसके अलावा सभागार के बीच में एक गलियारा बनाया गया था। जिसमें 7 ओऊम् और 8 स्वस्तिक के चिन्ह भी दीपकों से बनाए गए थे। यह दीपोत्सव धार्मिक आध्यात्मिक और सामाजिक सरोकार का अनूठा गवाह बन गया। जिसमें 1 लाख से अधिक दीयो के एक साथ प्रज्ज्वलित होने पर जहां अद्भुत रोशनी से दशहरा मैदान नहा उठा।

दिल्ली से गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकाॅर्ड की ओर से आए रिकाॅर्ड अधिकारी आलोक कुमार और जसविंदर सिंह ने आयोजकों को प्रोविजनल सर्टिफिकेट, गोल्डन बुक और टीशर्ट सौंपे। आलोक कुमार ने बताया कि फिलहाल प्रमाण पत्र में संख्या नहीं लिखी गई है, लेकिन यह तय है कि पूर्व में बनाया गया दीपक जलाने का रिकाॅर्ड कोटा में टूट चुका है।

अब कार्यक्रम की फुटेज यूएसए भेजे जाएंगे, जिन्हें देखने के बाद संस्था की ओर से रिकाॅर्ड बुक में संख्या सहित नाम दर्ज कर लिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में 15 दिन का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि किसी के सम्मान में पहली बार इतनी संख्या में दीए जलाए गए हैं।

5 गोल्ड मेडल प्राप्त यूनिवर्सिटी की टॉपर अदिति ने लिया ब्रह्मचर्य का व्रत

कोटा। जिसने फिजिक्स में एमएससी करते हुए पांच गोल्ड मेडल प्राप्त किए। यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोटा की टॉपर रहीं अदिति जैन नाचते हुए मंच पर पहुंची हैं और अचानक से माइक हाथ में थामकर ऐसी घोषणा कर देती हैं कि कुछ देर के लिए चारों ओर नीरवता छा जाती है। दरअसल अदिति ने गुरू मां डॉ. विशुद्धमति माताजी से विशुद्धकुल में शामिल करने की विनती की।

पांडाल में युवती की बात को सुनकर एक बार हर कोई स्तब्ध रह गया। युवती के परिजनों को जब मंच पर बुलाया गया तो उनकी रूलाई रोके भी नहीं रूक रही थी। स्वर्णिम संयम दीक्षा महोत्सव में पांच श्वेत वस्त्र धारण किए हुए महिलाएं नाचते हुए मंच के सामने पहुंची और विशुद्धमति माताजी से प्रतिमा व्रत देने की विनती की।

विशुद्धमति माताजी के साथ में संघस्थ प्रियंका दीदी ने भी माताजी से दीक्षा का आशीर्वाद देने का आग्रह किया। यहां तक तो सबकुछ ठीक था, लेकिन इनके साथ रंगीन वस्त्रों में करीबन 22-23 साल की युवती ने सबसे अंत में माईक थामा तो हर कोई उसकी बात को ध्यान से सुनने लगा।

युवती अदिति जैन ने कहा कि तीन दिन से मंच पर पहुंचकर माईक थामने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बहुत कोशिशों के बाद आज यह मेरे हाथ में आया है। उसने कहा कि गुरू मां मुझे आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत, दो प्रतिमा व्रत, संयम की चूनरी, धवल वस्त्र प्रदान करें। मैं भी आपके जैसी बनना चाहती हूं। मैं भी संयम के मार्ग पर चलना चाहती हूं।

उसने कहा कि 10 वर्ष पूर्व भी माताजी कोटा आई थी। तभी से उनसे अभिभूत थी। रात को फिजिक्स की पढाई करते समय मन में दीक्षा काख्याल आया तब से रातों की नींद गायब हो गई है। अब तो मुझे अपनी शरण में ले लो गुरू मां। उसने एक गीत की पंक्तियां गुनगुनाते हुए कहा, मेरे सर पर रख दो गुरू मां अपने दोनों हाथ, देना हो तो दीजिए संयम का उपवास, तेरा अहसान होगा, मेरा उपकार होगा।

इसके बाद आर्यिका विज्ञमति माताजी की ओर से युवती के परिजन कैलाशचन्द जैन, मोहित जैन, पंकज जैन, जितेन्द्र जैन को मंच पर बुलाया। युवती की अचानक की गई घोषणा से सदन तो अवाक् था ही, परिजनों की रूलाई भी फूट रही थी। वे नम आंखों से मंच पर आए और गणिनी विशुद्धमति माताजी को श्रीफल भेंट किया और माताजी को अपनी भारी मन से भाव विभोर होकर अनुमति प्रदान की।

परिजनों की आंखों में थे आंसू
इस दौरान जहां परिजनों की आंखों में आंसू थे, वहीं पिता कैलाश जैन के द्वारा अनुमति दिए जाने पर खुशी से झूम उठी। इसके बाद विशुद्धमति माताजी ने अदिति को आजीवन चप्पल का त्याग, आजीवन रंगीन वस्त्रों का त्याग, आजीवन संयम व्रत के नियमों को ग्रहण कराया। अदिति जैन ने एमएससी की पढाई के दौरान फिजिक्स में पांच गोल्ड मेडल प्राप्त किए हैं। वहीं कोटा यूनिवर्सिटी की टाॅपर भी रही हैं। उनके चार विवाहित बहिनें हैं। अदिति के पिताजी कैलाश जैन बाजटा वाले सरोवर टाॅकीज के पास थोक की किराने की दुकान लगाते हैं।

इरोड में उत्पादित हल्दी को मिला जीआई

इरोड । दक्षिणी प्रान्त- तमिलनाडु के पश्चिमी भाग में अवस्थित इरोड जिले (पुराना नाम पेरियार) में उत्पादित हल्दी को भौगोलिक संकेतक या पहचान (GI) का टैग मिलने से उत्पादक तथा व्यापारी काफी खुश हैं। उन्होंने इसकी घोषणा करने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया है।

इस जीआई टैग के हासिल होने से अब कोई अन्य क्षेत्र या देश में इसका पेटेन्ट नहीं करवाया जा सकेगा। इरोड क्षेत्र में विशिष्ट क्वालिटी की हल्दी का उत्पादन होता है और यहां के उत्पादन तथा व्यापारी लम्बे समय से इसे जी आई टैग देने की मांग कर रहे थे।

अब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसे ‘विशिष्ट हैसियत’ या पहचना के साथ निर्यात किया जा सकेगा। इरोड टर्मरिक मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि 6 मार्च 2019 को हल्दी के लिए जी आई टैग प्राप्त हो गया और तत्काल प्रभाव से इसकी वैधता मानी गई।

इन जगहों पर बनेंगे नए Airport, देखिए पूरी लिस्ट

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नई दिल्ली। एयरपोर्ट बनने से रोजगार ही नहीं, बिजनेस के भी तमाम अवसर निकलते हैं। जहां एयरपोर्ट बनता है, उस शहर के साथ ही आसपास के इलाकों में भी पर्यटन, होटल, मोटल, टैक्‍सी सर्विस, बाजार और इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर का जोरदार विकास होता है। ऐसे इलाकों में सर्विस सेक्‍टर के साथ ही रियल एस्‍टेट सेक्‍टर की चमक भी बढ़ जाती है। ऐसे इलाकों में जमीन की कीमतें भी काफी बढ़ जाती हैं, जिससे किसानों का भी खूब भला होता है और वे रातोंरात अमीर बन जाते हैं।

एयरपोर्ट बनने से अलग-अलग तरह की इंडस्‍ट्री लगने लगती है। इन इंडस्‍ट्री में भी जॉब के साथ बिजनेस के अवसर निकलते हैं। हम आपको बता रहे हैं, देश के उन जगहों के नाम जहां ऐयरपाेर्ट बनाने के लिए सरकार की मंजूरी मिल गई है। इसमें सिर्फ जेवर ही नहीं देश के कई शहरों के नाम शामिल हैं जहां एयरपोर्ट बनेंगे, इनमें से कई जगहों पर काम चल रहा है।

बता दें कि सरकार चार लाख करोड़ रुपए के निवेश से आने वाले चंद वर्षों में 100 नए हवाई अड्डे बनाने जा रही है। अगले कुछ वर्षों में भारत में 100 में से 70 हवाई अड्डे ऐसी जगहों पर बनेंगे, जहां फिलहाल यह सुविधा उपलब्‍ध नहीं है। सिविल एविएशन के अनुसार, इन शहरों में एयरपोर्ट बनाने के लिए सरकार की मंजूरी मिल गई है।

इन शहरों में बनेंगे Airport

  • गुजरात में धोलेरा
  • आंध्र प्रदेश के नैल्लोर जिले में दागादर्शी मंडल।
  • कुरनूल जिले में विशाखापट्नम के निकट विजियानगरम जिले में भोगापुरम तथा ओरवाकल्लु में।
  • हीरासर, जिला राजकोट, गुजरात
  • उत्तर प्रदेश में जेवर
  • अरुणाचल प्रदेश में होल्लोंगी।
  • अलवर, राजस्थान में कोटकासिम तहसील।
  • कोथागुदेम, जिला खम्माम, तेलंगाना।
  • मध्य प्रदेश में सिंगरौली
  • पुणे के पुरन्दर में।

जेईई मेन के आवेदन में कल तक कर सकेंगे गलतियों में सुधार

कोटा। जेईई मेन की अप्रैल में होने वाली परीक्षा के लिए स्टूडेंट्स आवेदन में 11 मार्च से संशोधन कर सकेंगे। संशोधन वो स्टूडेंट्स कर सकेंगे, जिन्होंने पहली बार अप्रैल परीक्षा के लिए आवेदन किया। अप्रैल परीक्षा के लिए तीन लाख से अधिक नए स्टूडेंट्स ने पहली बार आवेदन किया है, जिन्होंने जनवरी में परीक्षा नहीं दी।

साथ ही बड़ी संख्या में उन स्टूडेंट्स ने भी आवेदन किया जो जनवरी में परीक्षा देने के बाद अपने एनटीए स्कोर से संतुष्ट नहीं थे। ऐसे में करीब 11 लाख से अधिक स्टूडेंट्स के आवेदन की संभावना है।

जेईई मेन परीक्षा 7 से 20 अप्रैल के मध्य करवाई जाएगी। जेईई मेन इनफॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार जिन स्टूडेंट्स ने पहली बार अप्रैल परीक्षा के लिए आवेदन किए हैं, उन्हें आवेदन के दौरान हुई त्रुटियों में 11 से 15 मार्च के बीच सुधार का मौका दिया जाएगा।

ये स्टूडेंट्स परीक्षा केन्द्रों में बदलाव के अलावा अन्य प्रविष्ठियां में आवश्यकतानुसार करेक्शन कर सकते हैं। साथ ही जेईई मेन वेबसाइट पर फोटो और साइन में हुई गलतियों से संबंधित विकल्प भी उपलब्ध करवा दिया गया है। प्रवेश पत्र 20 मार्च को जारी कर दिए जाएंगे। साथ ही ऑल इंडिया रैंक 30 अप्रैल को जारी की जाएगी।

एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि स्टूडेंट्स जो ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें 11 से 15 मार्च के मध्य ऑनलाइन आवेदन में इस कैटेगरी का विशेष रूप से उल्लेख करना होगा। हालांकि स्टूडेंट्स को इस प्रक्रिया के दौरान ईडब्ल्यूएस कैटेगरी से संबंधित डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी।

वरुण धवन-आलिया भट्ट की ‘कलंक’ अब 17 अप्रैल को होगी रिलीज

मुंबई। देश के विभाजन पर आधारित करण जौहर की फिल्म ‘कलंक’ की रिलीज डेट बदल गई है। वरुण धवन और आलिया भट्ट अभिनीत फिल्म पहले 19 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी। अब फिल्म 17 अप्रैल को रिलीज होगी।

बताया जा रहा है कि 17 अप्रैल को महावीर जयंती और गुड फ्राइडे होने के कारण ऐसा किया गया। इसके अलावा आगे शनिवार और रविवार पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ 26 अप्रैल को हॉलिवुड की कई बड़ी फिल्में रिलीज हो रही हैं, इसके चलते भी करण जौहर, साजिद नाडियावाला और फॉक्स स्टार स्टूडियो प्रॉडक्शन ने यह फैसला लिया है।

बताते चलें कि दो दिन पहले ही करण जौहर ने फिल्म का फर्स्ट लुक पोस्टर जारी किया था। फिल्म के फर्स्ट पोस्टर में वरुण धवन अपनी भौहें ताने नजर आ रहे हैं। वरुण के कानों में बाली और आंखों में सूरमा नजर आ रहा है। इस पोस्टर के साथ करण ने वरुण का किरदार का परिचय भी लिखा है।

‘कलंक’ हमारे देश के विभाजन के समय की कहानी पर बेस्ड है, जो 1940 की कहानी कहती है। ‘कलंक’ से करण जौहर का एक और इमोशन कनेक्शन यह है कि इस फिल्म का सपना उनके पिता यश जौहर ने कभी देखा था, जो कि वह पूरा कर न सके और इसीलिए वह चाहते हैं कि यह फिल्म उनके प्रॉडक्शन की सबसे बड़ी फिल्म साबित हो।