Monday, July 27, 2026
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NEET Score: विदेश से पढ़ाई के लिए 3 साल तक होगा मान्य

कोटा। एमबीबीएस के लिए होने वाले मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट नीट के स्कोर को तीन साल तक के लिए मान्यता मिल सकती है। हालांकि यह लाभ मात्र विदेश से एमबीबीएस करने वाले स्टूडेंट्स को ही मिल पाएगा। इस संबंंध में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक कमेटी का गठन किया था।

इस कमेटी ने अपने रिपोर्ट एमसीआई को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि एमसीआई इस रिपोर्ट से सहमत है। अब जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अब बाहर से एमबीबीएस करने के लिए नीट की अनिवार्यता लागू कर दी है। इस बात को लेकर काफी विवाद भी उठा था।

दरअसल, नीट की अनिवार्यता के लिए कई छात्रों ने एमसीआई को लिखा था कि भारतीय मेडिकल व विदेश के मेडिकल कॉलेजों में एंट्रेंस का समय अलग-अलग होता है। जब तक छात्र नीट पास करके विदेश में एमबीबीएस करने जाएंगे, तब तक वहां की सीटें भर जाएंगी।

प्रस्ताव लागू होने पर अगर कोई छात्र साल 2019 में नीट क्वालीफाई करता है तो वह साल 2021 तक अपने स्कोर के आधार पर विदेश के मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले सकता है। नीट का एग्जाम इस साल 5 मई को होगा। इस साल करीब 15 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। पैरा मेडिकल कोर्सेज में भी नीट से ही एडमिशन मिलेगा।

स्टोन उद्योग चोपट करने की साजिश कामयाब नहीं होगी: व्यापार महासंघ

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि हाड़ौती के कोटा स्टोन उद्योग को चौपट करने की साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जायेगा। आज स्टोन उद्यमियों की एक बैठक में उद्यमियों ने कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी को बताया कि पिछले 7 दिनों से कोटा एवं सेड स्टोन का समस्त कारोबार एवं माइंस पूरी तरह ठप्प हो गई है।

इसका मुख्य कारण 1 अप्रैल 2018 से छोटे-छोटे करीब 6 हजार ट्रकों पर करोड़ों की ओैर ओवरलोड़ बताकर डिमाण्ड निकाल दी गई है, जबकि 15 टन का रवन्ना काटा जा रहा था। ओवरलोड़ की पूरी डिटेल सरकार के पास जा रही थी, तो उसी समय क्यों नहीं रोका गया।

अब 1-1 ट्रक पर 10 से 30 लाख तक ओवरलोड़ की डिमाण्ड निकाली गई है, जो किसी भी मामले में न्यायौचित नहीं है, वर्तमान में इन ट्रकों के चालक ही इनके मालिक है। इन ट्रकों की कीमत भी 2 से 3 लाख तक की है। किसी भी कीमत पर वह इस राशि को नहीं चुका सकते ।

इसके चलते पूरा स्टोन व्यवसाय ठप्प हो गया है, मार्च से जून तक का सीजन माईनिंस और इस कारोबार का होता है एवं 3 लाख लोग इस रोजगार से जुडे हुये है जिनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है ।

कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने हाडौती के प्रमुख उद्योग पर आये इस कुठाराघात को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री से इस मामले को गंभीरता से लेते हुये इस तुरन्त राहत दिलाई जाने की मांग की है, माहेश्वरी ने बताया कि पहले यह उद्योग भारी मंदी की मार झेल रहा है, अगर दम तोड़ते इस उद्योग को राहत नहीं दी गई तो पूरा उद्योग चौपट हो जायेगा।

कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने राज्य के मुख्य मंत्री को फेक्स द्वारा ज्ञापन भेज कर हाडौती की इस ज्वलन्त समस्या का निस्तारण करने की मांग की है। ताकि स्टोन उद्यमियों एवं ट्रक मालिको को राहत मिल सके।

बैठक में कोटा स्टोन स्माल स्केल इण्ड. एसो. रामगंजमण्डी के सरक्षंक यतीश अग्रवाल लुघ उद्योग भारती के अध्यक्ष विपिन सूद, खादी ग्रामोद्योग संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र जैन, हाडौती कोटा स्टोन इण्ड. एसो. के संस्थापक अध्यक्ष राजेश गुप्ता, संरक्षक छुट्टन लाल शर्मा, निर्वाचित अध्यक्ष महावीर जैन, उपाध्यक्ष पदम जैन, स्टोन मर्चेन्ट विकास समिति के संरक्षक घनश्याम गुप्ता सहित कई स्टोन उद्यमी शामिल थे।

तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम शैलेष लोढा आज कोटा में

कोटा। जेसीआई कोटा स्टार की ओर से शनिवार को रात 8 बजे माहेश्वरी रिसोर्ट में हास्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम निदेशक क्रांति जैन, राजकुमार माहेश्वरी तथा सोनल गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन में देश के नामी कवियों द्वारा कविता पाठ किया जाएगा।

हास्य कवि सम्मेलन में देश के नामी कवियों के साथ तारक मेहता फेम शैलेश लोढा काव्य की प्रस्तुतियों से सराबोर करेंगे। इसके अलावा दिनेश दिग्गज, संजय झाला, कोटा के विश्वामित्र दाधीच हास्य की फुहारों से भिगोएंगे।

वहीं नैनीताल की कवयित्री गौरी मिश्रा के द्वारा श्रृंगार, कविता और गीत की शानदार प्रस्तुतियां दी जाएंगी। अध्यक्ष सौरभ जैन तथा मीडिया प्रभारी संजय गोयल ने बताया कि कवि सम्मेलन के लिए विशाल पाण्डाल तैयार कराया गया है। जिसमें गद्दे और मसंद लगाए गए हैं।

इंदौर किराना: शक्कर एवं खोपरा गोला में ग्राहकी निकली

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को शक्कर और खोपरा गोला में खुदरा ग्राहकी रही। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को छह गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3290 से 3320 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 200 से 213 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2550 से 4300 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 125 से 130, निजामाबाद 80 से 100, पिसी 135 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 4600 से 5400, पैकिंग में 5900 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल।आटा-मैदा गेहूं आटा 1120 से 1130, तन्दूरी आटा 1290 से 1300, मैदा 1200 से 1210, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 2875 तथा बटला बेसन 2550 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर बाजार: पाम एवं कपास्या तेल में गिरावट

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शुक्रवार को पाम तेल के भाव में तीन रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी हुई। वहीं कपास्या तेल में भाव छह रुपये प्रति 10 किलोग्राम कम हुए।

तिलहन सरसों 3750 से 3775 रायडा 3300 से 3400 सोयाबीन 3600 से 3650 रुपये प्रति क्विंटल। तेल मूंगफली तेल इंदौर 940 से 960, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 768 से 770, सोयाबीन साल्वेंट 735 से 740, पाम तेल 655 से 657 रुपये प्रति10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1500, देवास 1500, उज्जैन 1500, खंडवा 1485, बुरहानपुर 1485, अकोला 2300 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 690 से 692, महाराष्ट्र 680 से 685 तथा गुजरात 695 से 700 रुपये प्रति दस किलोग्राम।

इंदौर मंडी: तुअर, उड़द एवं मूंग मोगर दाल में नरमी

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को लिवाली कमी से तुअर (अरहर) दाल में 100 रुपये और उड़द दाल के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आयी। मूंग मोगर भी 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती बिकी।

दलहन चना (कांटा) 4050 से 4075, चना (देसी) 3900 से 3950, डबल डॉलर 5000 से 5500, मसूर 3925 से 3950, हल्की 3650 से 3700, बटला 3500 से 3550, मूंग 5500 से 5600, हल्की 4800 से 5000, तुअर निमाड़ी (अरहर) 4600 से 4800, महाराष्ट्र नई तुअर (अरहर) 5250 से 5400, उड़द 4700 से 4800, हल्की 3600 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6450 से 6650, तुअर दाल फूल 6850 से 7050, तुअर दाल बोल्ड 7250 से 7450, आयातित तुअर दाल 6000 से 6200चना दाल 5150 से 5450, आयातित चना दाल 4950 से 5150मसूर दाल 5000 से 5100मूंग दाल 6400 से 6600, मूंग मोगर 6700 से 6900 उड़द दाल 5300 से 5500, उड़द मोगर 6400 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

हाजिर बाजार के संकेतों से बिनौला तेल एवं खली वायदा में गिरावट

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार के नकारात्मक रुख से हतोत्साहित होकर सटोरियों ने अपने जमा सौदों की कटान की जिससे वायदा कारोबार में शुक्रवार को बिनौला तेल खली की कीमत 7.5 रुपये की गिरावट के साथ 2,132 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि बाजार में कमजोर मांग के बीच पर्याप्त मात्रा में तैयार स्टॉक को देखते हुए व्यापारियों ने अपने जमा सौदों की कटान की जिससे यहां वायदा कारोबार में बिनौला तेल खली कीमत में गिरावट आई।

एनसीडीईएक्स में बिनौला तेल खली के अप्रैल में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 7.5 रुपये अथवा 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,132 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई जिसमें 3,370 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार बिनौला तेल खली के मई में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 4.5 रुपये अथवा 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,162 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई जिसमें 59,930 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

कोटा मंडी: आवक बढ़ने व वायदा मंदा रहने से नया धनिया 100 रुपये टूटा

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को लिवाली के अभाव में धान सुगन्धा एवं पूसा 1 का भाव 50 -50 रुपये टूट गया। आवक बढ़ने और समर्थन मूल्य पर खरीद में देरी से सरसों भी 50 रुपये ढीली रही। मंडी में आवक बढ़ने और एनसीडेक्स पर धनिया वायदा मंदा रहने से हाजिर में नए धनिया का भाव 100 रुपये प्रति क्विंटल गिर गया।

कमजोर उठाव से मसूर 150 रुपये प्रति क्विंटल लुढ़क गया। सभी जिंसों का मिलाकर 35 हजार बोरी का कारोबार हुआ। नये लहसुन की 125 कट्टे की आवक हुई। नए धनिये की 2000 और पुराने की 500 बोरी की आवक हुई।

कारोबारियों के अनुसार एनसीडेक्स पर धनिया अप्रैल वायदा 85 रुपये गिरकर 6465 रुपये, मई वायदा 87 रुपये टूटकर 6538 रुपये और जून वायदा 99 रुपये प्रति क्विंटल मंदा होकर 6601 रुपये प्रति प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मंडी में जिंसों के भाव इस प्रकार रहे –

गेहूं मिल 1850 से 1925 लोकवान 1900 से 2050 पीडी 1900 से 2000 गेहूं टुकडी नया 1950 से 2175 मक्का 1800 से 2100 जौ 1400 से 1700 ज्वार 1300 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2400 से 2500 पूसा 1 2300 से 2600 पूसा 4 (1121) 2700 से 3470 धान लाजवाब ( 1509 ) 3000 से 3221 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2500 से 3651 सरसों न‌ई 3000 से 3551अलसी 3600 से 3800 तिल्ली 9000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 2500 से 3400 कलौजी 6500 से 9000 धनिया बादामी 4300 से 5200 ईगल 4800 से 5401 रंगदार नया 5500 से 7021 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल बिका ।

मूंग 3500 से 5000 उड़द 1500 से 4050 चना 3300 से 4000 चना कांटिया नया 3900 चना काबुली 3000 से 4600 चना पेपसी 3800 से 4300 चना मौसमी 3000 से 3950 मसूर 3000 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

शार्ट कवरिंग से ग्वारसीड वायदा कीमतों में सुधार

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार में कीमतों में तेजी के कारण मौजूदा स्तर पर व्यापारियों ने अपने पोर्टफोलियो का विस्तार किया जिससे वायदा कारोबार में शुक्रवार को ग्वारसीड की कीमत एक रुपये की तेजी के साथ 4,320 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा सौदों की कमी को पूरा करने के लिए की गई लिवाली तथा ग्वारगम निर्माताओं की मांग बढ़ने के बाद हाजिर बाजार में मजबूती के रुख से यहां वायदा कारोबार में ग्वारसीड कीमतों में तेजी आई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारसीड के अप्रैल में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत एक रुपये अथवा दो प्रतिशत की तेजी के साथ 4,320 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गई जिसमें 99,270 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

हालांकि ग्वारसीड के मई में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत सात रुपये अथवा 0.16 प्रतिशत की हानि के साथ 4,362.5 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई जिसमें 18,500 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

मुनाफावसूली से ग्वारगम वायदा कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली। मौजूदा स्तर पर व्यापारियों की मुनाफावसूली के कारण वायदा कारोबार में शुक्रवार को ग्वारगम की कीमत 39 रुपये की गिरावट के साथ 8,750 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई। बाजार सूत्रों ने कहा कि हालिया तेजी के दौर के बाद कारोबारियों की मुनाफावसूली उभरने के बीच निर्यात मांग कमजोर होने से मुख्यत: ग्वारगम कीमतों में गिरावट आई।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा उत्पादक क्षेत्रों से निरंतर आपूर्ति के कारण हाजिर बाजार में ग्वारसीड का स्टॉक बढ़ने से यहां वायदा कारोबार में ग्वारगम कीमतों पर दबाव रहा।

एनसीडीईएक्स में ग्वारगम के सर्वाधिक कारोबार वाले अप्रैल में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 39 रुपये अथवा 0.44 प्रतिशत की हानि के साथ 8,750 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई जिसमें 62,405 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार ग्वारगम के मई महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 41 रुपये अथवा 0.46 प्रतिशत की हानि के साथ 8,855 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई जिसमें 7,290 लॉट के लिए कारोबार हुआ।