कच्चे तेल की कीमतों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट, जानिए नई दरें

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नई दिल्ली। सप्ताह के पहले ही दिन राहत भरी खबर है। कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ने कारोबार के शुरुआती मिनटों में ही 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की और यह 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे चला गया।

हालांकि बाद में यह 92 डॉलर के आसपास स्थिर हुआ। अमेरिकी तेल मार्कर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट और यूरोपीय नेचुरल गैस की कीमतों में भी गिरावट आई।

ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक अमेरिका ने 13 दिनों तक ईरान पर हमले करने के बाद शुक्रवार देर रात से इन हमलों को रोक दिया है, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले कदम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

ईरान की सेना ने कहा कि तेहरान ने अपनी जवाबी कार्रवाइयां स्थगित कर दी हैं। फिर भी, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने शनिवार को लाल सागर के बंदरगाह शहरों जीजान और यानबू में सऊदी अरामको से जुड़ी फैसिलिटिज पर हमले किए, हालांकि रियाद या राज्य के स्वामित्व वाली तेल कंपनी ने इस दावे की पुष्टि नहीं की।

वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड इस महीने अब तक 25 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुका है, क्योंकि अमेरिका-ईरान संघर्ष होर्मुज स्ट्रेट से आगे बढ़कर लाल सागर तक फैल गया है। हौथी विद्रोहियों ने सऊदी बंदरगाहों की नाकाबंदी की धमकी दी है।

यह संघर्ष अब अपने पांचवें महीने के अंत में है। इसने दुनिया भर में महंगाई के झटके की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि तेल के भंडार घट रहे हैं और उत्पादों की कीमतें आसमान छू रही हैं।

सप्ताहांत में सऊदी अधिकारियों ने दो प्रांतों के लिए इमर्जेंसी अलर्ट जारी की। हालांकि, बाद में इसे हटा लिया गया। यानबू, जो सऊदी अरब की पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन का पश्चिमी छोर है, होर्मुज के प्रभावी रूप से बंद हो जाने के बाद राज्य का प्रमुख कच्चे तेल निर्यात केंद्र बन गया है। यहां से से रोजाना लाखों बैरल तेल का निर्यात होता है। जीजान में अरामको की एक रिफाइनरी और निर्यात टर्मिनल स्थित है।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने रविवार को एनबीसी के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में पूछे जाने पर कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप ने तनाव बढ़ाने के खिलाफ फैसला किया है, तो उन्होंने कहा कि अमेरिकी नेता “वार्ता को कुछ जगह दे रहे हैं।”

फिर भी, वाशिंगटन और तेहरान प्रमुख मुद्दों पर एक-दूसरे से काफी दूर नजर आते हैं। इन मुद्दों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज की स्थिति शामिल है। गौरतलब है कि अमेरिका ने फरवरी के अंत में इजराइल के साथ मिलकर यह युद्ध शुरू किया था।

एमएसटी मार्क्वी के वरिष्ठ ऊर्जा विश्लेषक सॉल कैवोनिक ने कहा कि हमले थमने और बातचीत में प्रगति की खबरों ने संघर्ष कम होने की उम्मीदें जगा दी हैं, जिससे होर्मुज और लाल सागर के रास्ते तेल की आवाजाही फिर से शुरू हो सकती है और तेल बाजार पर दबाव कम हो सकता है।

हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सभी प्रमुख मुद्दे, जिनमें होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण और उसके मिसाइल व परमाणु कार्यक्रम शामिल हैं, अभी भी अनसुलझे हैं और इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि कोई भी संघर्षविराम केवल अस्थायी साबित हो।