Monday, July 27, 2026
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Glaucoma: लक्षण, बचाव एवं इलाज, देखिए वीडियो

Glaucoma : (काला मोतियाबिंद) सामान्य तौर पर आँखों की बीमारी है। जिसे हम काला मोतियाबिंद भी कहते है। आधिक उम्र होने पर आँखों की समस्या अधिक देखी जाती है। पर हम हर आँखों की समस्या को ग्लूकोमा का कारण नहीं कह सकते है। आइये जानते हैं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नैत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश पांडेय से ग्लूकोमा के बारे में।

डॉ.पांडेय का कहना है कि ग्लूकोमा आँखों में होने वाली एक जटिल समस्या है। जो आँखों के आप्टिकल नर्ब पर अधिक प्रभाव पड़ने के कारण होता है। यह प्रभाव आप्टिकल नर्व को नुकसान पहुचता है, आप्टिकल नर्व वह होती है जो आँखों के संदेश को दिमाग तक ले जाने का कार्य करती है।

आँखों के सामने वाले हिस्से में एक द्रव्य पाया जाता है जो हमारी आँखों को पोषण प्रदान करता है। ये सफेद द्रव्य अधिक मात्र में बनने लगता है तथा लगातार आँखों से बाहर आता है। जब यह बाहर नहीं निकलता तो आँखों की रौशनी धीरे धीरे प्रभावित होने लगती है। जानने के लिए वीडियो देखिए-

ग्लूकोमा के प्रकार
क्रोनिक ग्लूकोमा: क्रोनिक ग्लूकोमा को प्रायमरी ग्लूकोमा भी कहते है इस अवस्था में आँखों में पाया जाने वाला तरल सूकने लगता है। जिसके कारण आँखों की केनाल ब्लॉग हो जाती है और ओप्टिकल नर्व पर प्रभाव बढ़ जाता है। यह ग्लूकोमा का सबसे कॉमन प्रकार हैं।

जन्मजात ग्लूकोमा
जन्मजात ग्लूकोमा से पैदा होने वाले बच्चों में उनकी आंख के कोण में एक दोष होता है, जो सामान्य द्रव जल निकासी को धीमा कर देता है या रोकता है। जन्मजात ग्लूकोमा आमतौर पर लक्षणों के साथ पाया जाता है, जैसे क्लाउडी आईज, प्रकाश की संवेदनशीलता। जन्मजात ग्लूकोमा एक परिवार से दूसरे परिवार में जा सकता है।
एक्यूट ग्लूकोमा
यह ग्लूकोमा की गंभीर अवस्था है इस अवस्था में आँखों को पोषण देने वाला सफेद द्रव्य बनना बंद हो जाता है, और आँखों में धुधला दिखाई देना या आँखों में दिखाई देना बंद हो जाता है। इस अवस्था में लक्ष्ण जैसे चककर आना, सर में दर्द, आखो का फूलजाना आदि दिखाई देने लगते है ।
सेकेंडरी ग्लूकोमा
यह ग्लूकोमा की सेकेंडरी अवस्था है ,इस अवस्था में ग्लूकोमा आँखों में घाव या सर्जरी या ट्यूमर के कारण होता है ।आँखों में गंभीर सक्रमण ग्लूकोमा का कारण बन जाता है।

नार्मल टेंशन ग्लूकोमा
इसके अतिरिक्त सामान्य तनाव के कारण भी ग्लूकोमा होने का खतरा हो सकता है क्योंकि अधिक तनाव की अवस्था में आँखों पर अधिक प्रभाव पड़ता है । जिससे हमारी आँखों की आप्टिकल नर्व कमजोर हो जाते है । ग्लूकोमा आमतोर पर किसी भी उम्र में हो सकता है बच्चो में ग्लूकोमा अधिकतर आनुवंशिकता के करण होता है। या कुछ बच्चो में ग्लूकोमा जन्मजात भी देखा जाता है।

न-एंगल ग्लूकोमा
ग्लूकोमा का सबसे आम प्रकार प्राथमिक ओपन-एंगल ग्लूकोमा है। काला मोतियाबिंद होने पर धीरे-धीरे दृष्टि हानि को छोड़कर इसमें कोई विशेष संकेत या लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। इसी कारण से, यह महत्वपूर्ण है कि आप सालाना आँखों की जांच करायें ताकि आपके नेत्र रोग विशेषज्ञ, या आंख विशेषज्ञ, आपकी दृष्टि में किसी भी बदलाव की निगरानी कर सकें।

ग्लूकोमा के लक्षण

  • आँखों मे रौशनी का कम होना।
  • आँखों में दर्द होना और उनका लाल बने रहना।
  • सर में दर्द बने रहना साथ ही आँखों में भी सूजन बने रहना।
  • जी मचलना या बिना किसी कारण के उल्टी होना।
  • आँखों में धुधलापन छाना व रौशनी के चारो और रंग बिरंगे छल्ले दिखाई देना।
  • आँखों में सूखापन महसूस होना।
  • अचानक से कम दिखाई देने लगना।
  • ग्लूकोमा बी.पी तथा शुगर और हार्ट की बीमारी की अवस्था में अधिक देखा जाता है।

काला मोतियाबिंद (ग्लूकोमा) का इलाज

  • आंख में कम दबाव के लिए आपका डॉक्टर आंखों की ड्राप, लेजर सर्जरी, या माइक्रोसर्जरी का उपयोग कर सकता है।
  • ग्लकोमा के शुरुआती लक्षण को पहचाना नहीं जा सकता है, परन्तु कुछ शुरुआती लक्षण जैसे आँखों की रौशनी का कम होना, आँखों के चश्मे का नंबर बदलना, आंखों से बार –बार पानी आना आदि।
  • आँखों की नियमित जाच करा कर ग्लूकोमा की अवस्था का पता लगाया जा सकता है।

स्टोन उद्यमियों पर करोड़ों रुपये की डिमाण्ड समाप्त करने की मांग

कोटा। स्टोन उद्यमियों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने मंगलवार को कलेक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर हाडौती क्षेत्र में कोटा एवं सेण्ड स्टोन का परिवहन कर रहे वाहनो पर करोड़ों रुपये की डिमाण्ड राशि को 31 मार्च तक जमा कराने के आदेश को तुरन्त प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।

कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कलेक्टर को बताया कि पिछले 8 दिनों से हाडौती का पूरा कोटा एवं सेण्ड स्टोन व्यवसाय ठप्प पड़ा है। अगर इस समस्या का शीघ्र हल नहीं किया गया तो लाखों लोग बेरोजगार हो जायेंगे। शहर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष एवं नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी ने बताया कि 200 करोड़ रुपये की डिमाण्ड राशि स्टोन परिवहन पर निकाला जाना न्यायोचित नहीं है।

सेण्ड एवं कोटा स्टोन हाडौती का प्रमुख व्यवसाय है जिसमें करीब 5 लाख लोगो को रोजगार मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि परिवहन, माईनिंग एवं स्टोन इंडस्ट्रीज एक दूसरे के पूरक हैं । अगर किसी एक पर भी कोई भार डाल दिया जाता है तो पूरा उद्योग चरमरा जाता है। वर्तमान में इस उद्योग पर भारी संकट के बादल मण्डरा रहे हैं । होली के समय समस्त माईनिंग स्टोन उद्योग परिवहन का एक साथ हडताल पर जाना चिन्ताजनक है।

इस पर कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी प्रकाश चौधरी को तुरन्त बुलवाया और प्रतिनिधि मण्डल के सामने, इस समस्या के कैसे निजात मिले इस पर गहनता से चिंतन किया गया। जिला परिवहन अधिकारी ने प्रतिनिधि मण्डल को बताया कि पूर्व में खनन परिवहन पर ओवरलोडिंग के नाम से 20-50 लाख रुपये की डिमाण्ड राशि निकाली गई है।

राज्य सरकार द्वारा माईनिंग ट्रक मालिको एवं उद्यमियों की मांग देखते हुये एमनेस्टी योजना लागू की गई, जिसके तहत राहत देते हुये प्रति ट्रक (6 चक्का) 6 हजार से 9 हजार मासिक कर दी गई है। जो एक बड़ी रियायत है, लेकिन यह रियायत 31 मार्च 2019 तक डिमाण्ड राशि जमा कराने तक ही मान्य है। उसके पश्चात वास्तिविक राशि ही जमा करानी पड़ेगी।

खादी ग्रामोद्योग संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र जैन ने कहा कि यह उद्योग छोटे-छोटे ग्रामीण क्षेत्रो में फेला हुआ है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लाखो लोगो को रोजगार भी मिलता है उन्होने मांग की ई-रवन्ना के साथ परिवहन को अलग रखा जाये । क्योंकि खनन व्यवसाय में इस तरह की पाबंदी नहीं लगाई जा सकती।

इंदौर किराना: कमजोर ग्राहकी से खोपरा बूरा में गिरावट

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में मंगलवार को खोपरा बूरा में ग्राहकी कमी से भाव (सोमवार की तुलना में) 200 रुपये प्रति 15 किलोग्राम की गिरावट लिए रहे। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में मंगलवार को सात गाड़ी शक्कर की आवक हुई। शक्कर के भाव स्थिर रहे।

शक्कर -गोला: शक्कर-3290 से 3320 रुपये प्रति क्विंटल। खोपरा गोला 195 से 210 रुपये प्रति किलोग्राम। खोपरा बूरा 2500 से 4200 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी: हल्दी खड़ी सांगली 125 से 130, निजामाबाद 80 से 100, पिसी 135 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना: साबूदाना 4600 से 5400, पैकिंग में 5900 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा: गेहूं आटा 1120 से 1130, तन्दूरी आटा 1290 से 1300, मैदा 1200 से 1210, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 2875 तथा बटला बेसन 2550 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर बाजार: सोयाबीन रिफाइंड तेल और कपास्या खली में तेजी

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में मंगलवार को सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव में सात रुपये प्रति 10 किलोग्राम की वृद्धि हुई। तिलहन में सरसों 50 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती बिकी जबकि उपलब्धता कमी से सोयाबीन में 50 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। पशु आहार कपास्या खली के भाव में 20 रुपये प्रति 60 किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई। वहीं कपास्या तेल में भाव तीन रुपये प्रति 10 किलोग्राम बढ़ गए।

तिलहन: सरसों 3700 से 3750 रायडा 3300 से 3350 सोयाबीन 3650 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल। तेल: मूंगफली तेल इंदौर 960 से 980, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 755 से 758 सोयाबीन साल्वेंट 720 से 725, पाम तेल 645 से 650 रुपये प्रति10 किलोग्राम।

पशु आहार: कपास्या खली इंदौर 1620, देवास 1620, उज्जैन 1620, खंडवा 1600, बुरहानपुर 1600, अकोला 2400 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल: कपास्या तेल इंदौर 690 से 695, महाराष्ट्र 685 से 690 तथा गुजरात 705 से 710 रुपये प्रति दस किलोग्राम।

इंदौर मंडी: चना एवं मसूर सस्ती, बटला में तेजी

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में मंगलवार को मांग कमी से चना (कांटा) 25 रुपये और मसूर के भाव में 25 रुपये प्रति क्विंटल (सोमवार की तुलना में) कम हुए। बटला आवक रहने से 25 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर बिका।

दलहन: चना (कांटा) 4000 से 4050, चना (देसी) 3850 से 3900, डबल डॉलर 5000 से 5500, मसूर 3825 से 3850, हल्की 3550 से 3600, बटला 3525 से 3550, मूंग 5500 से 5600, हल्की 4800 से 5000, तुअर निमाड़ी (अरहर) 4700 से 4800, महाराष्ट्र नई तुअर (अरहर) 5250 से 5400, उड़द 4700 से 4800, हल्की 3600 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल ।

दाल: तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6450 से 6650, तुअर दाल फूल 6850 से 7050, तुअर दाल बोल्ड 7250 से 7450, आयातित तुअर दाल 6000 से 6200 चना दाल 5150 से 5450, आयातित चना दाल 4950 से 5150 मसूर दाल 5000 से 5100 मूंग दाल 6400 से 6600, मूंग मोगर 6700 से 6900 उड़द दाल 5300 से 5500, उड़द मोगर 6300 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल: बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

कोटा मंडी : हाजिर में धनिया स्थिर, वायदा में तेजी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को सभी जिंसों का मिलाकर 35 हजार बोरी का कारोबार हुआ हुआ। नये लहसुन की आवक 1000 कट्टे की हुई। बढ़िया रंगदार धनिया 500 रुपये प्रति क्विंटल ऊँचा बिका। बादामी के भाव स्थिर रहे। कमजोर लिवाली से गेहूं 50 रुपये नरम रहा, जबकि सोयाबीन 25 रुपये प्रति क्विंटल मंदी बिकी।

कारोबारियों के अनुसार एनसीडेक्स पर वायदा बाजार में अप्रैल में धनिया 79 रुपये बढ़कर 6549 रुपये प्रति क्विंटल और मई वायदा 35 रुपये सुधर कर 6627 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मंडी में जिंसों के भाव इस प्रकार रहे –

गेहूं मिल 1650 से 1750 लोकवान 1700 से 1850 पीडी 1650 से 1800 गेहूं टुकडी नया 1700 से 2275 मक्का 1800 से 2100 जौ 1400 से 1550 ज्वार 1500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 2600 पूसा 1 2300 से 2600 पूसा 4 (1121) 2700 से 3500 धान लाजवाब ( 1509 ) 3000 से 3201 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2500 से 3651 सरसों 3000 से 3501अलसी 3600 से 3800 तिल्ली 9000 से 10100 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 2500 से 3400 कलौजी 6500 से 9000 धनिया बादामी 4300 से 5400 ईगल 4800 से 5601 रंगदार नया 6000 से 8421 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 600 से 3100 बिका ।

मूंग 3500 से 5000 उड़द 1500 से 4050 चना 3300 से 3800 चना कांटिया नया 3700 चना काबुली 3000 से 4600 चना पेपसी 3800 से 4300 चना मौसमी 3000 से 3850 मसूर 3000 से 3750 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

जेसीआई कोटा एलेगेंस के फन एंड फ़ूड फेस्ट का आयोजन रविवार को

कोटा। शहर मे पहली बार जेसीआई कोटा एलेगेंस की ओर से आगामी रविवार को डिजनीलैंड थीम पर आधारित फन एंड फ़ूड फेस्ट का आयोजन रोटरी बिनानी सभागार शॉपिंग सेन्टर में किया जायेगा। कार्यक्रम सलाहकार ऋचा विजय ने मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि कोटा में पहली बार बच्चों के साथ परिवार को साथ लेकर फन फूड फेस्टिवल का आयोजन जेसीआई कोटा एलिगेंस द्वारा किया रहा है।

अध्यक्ष यशिका विजय के अनुसार कार्यक्रम मे कोटा शहर के कई प्रसिद्ध दुकानदारों तथा जेसीआई मेंबर्स द्वारा कई प्रकार की स्टाल्स का प्रदर्शन किया जाएगा। इनमे प्रमुख अंगदान एवं नेत्रदान को प्रेरित करने वाली शाइन इंडिया फाउंडेशन की स्टाल, आयुर्वेदिक रूप से बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए दवाइयों की स्टाल, खाद्य पदार्थों, पारंपरिक कपड़ों की, कोटा की खास कुल्फी, मसाले, सुपारी,ज्वैलरी सहित लगभग 30 स्टाल्स मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी।बच्चो के लिए प्रमुख आकर्षण मुफ्त झूले रहेंगे।

सचिव अनुषा जैन ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य रूप से बच्चों के लिए फन फेस्ट में मुख्य आकर्षण हेल्थी बेबी शो, ट्विन बाई बर्थ रहेंगे, जिसमें किसी भी उम्र के जुड़वाँ भाग ले सकेंगे।इसके अलावा डिज्नी थीम पर आधारित फ़ैशन वाक जो कि 6 से 12 वर्ष के बालक बालिकाओं के लिए आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता में विभिन्न कांटेस्ट के लिए प्रथम,द्वितीय, तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। जेसीआई सेनेटर मेघना शेखावत भी रहेंगी।

संयोजक नीलम विजय के अनुसार यहां सभी राज्यों के खाने की स्टाल होगी ओर साथ ही परिवार शोपिग का आनंद लेते हुए गेम जोन का भी मजा उठाएंगे। प्रतियोगिता के लिए प्री रजिस्ट्रशन शुरू किए जा चुके हैं। कोटा के इतिहास में होने वाले इस पहले डिज्नी कार्यक्रम में कोटा के हज़ारों लोगों के आने की तैयारी है।

ज्वैलर्स की मांग से सोना-चांदी फिर महंगे, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली/कोटा। मंगलवार के कारोबार में सोने की कीमत में तेज रिकवरी देखने को मिली है। दिन का कारोबार खत्म होने पर सोना 140 रुपये के उछाल के साथ 32,970 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक सकारात्मक वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से ताजा खरीदारी के कारण कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

सोने की ही तर्ज पर चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। आज के कारोबार में चांदी 235 रुपये की मजबूती के साथ 38,960 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई है। आज के कारोबार में चांदी की कीमतों में तेजी की वजह औद्योगिक इकाईयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान रही है।

ट्रेडर्स का कहना है कि सोने की कीमतों में तेजी की वजह मजबूत वैश्विक संकेत रहे हैं क्योंकि डॉलर अपने दो हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस हफ्ते होने वाली बैठक में अमेरिका का फेड रिजर्व अपने डोविश टोन को बरकरार रख सकता है।

वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.31 फीसद के उछाल के साथ 1,308.30 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.29 फीसद की तेजी के साथ 15.47 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ है। इसके अलावा घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से खरीद ने कीमतों में तेजी लाने का काम किया है।

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना क्रमश: 140 रुपये के सुधार के साथ 32,970 रुपये और 32,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ है। बीते दो दिनों के दौरान सोने की कीमतों में 540 रुपये की गिरावट देखने को मिली थी।

कोटा सर्राफा
चांदी 39000 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 32950 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38330 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33120 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38630 रुपये प्रति तोला।

GST की नई दरों को मंजूरी, बिल्डर्स को मिलेगा दो टैक्स स्लैब का विकल्प

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नई दिल्ली । जीएसटी काउंसिल ने मंगलवार की बैठक में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए की गई दरों में कटौती की व्यवस्था को लागू करने की योजना को मंजूरी दे दी है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में राजस्व सचिव ए बी पांडेय ने कहा कि राज्यों से बातचीत कर डिवेलपर्स को नई व्यवस्था के तहत आने के लिए जरूरी समय मुहैया कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बिल्डर्स निर्माणधीन रिहायशी प्रोजेक्ट के लिए दो टैक्स स्लैब में किसी का चयन कर सकते हैं। काउंसिल की बैठक में बिल्डर्स को दो विकल्प दिए जाने का फैसला हुआ है। उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ 12 फीसद का भुगतान करना होगा या फिर इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना उन्हें 5 फीसद टैक्स का भुगतान करना होगा।

वहीं किफायती हाउसिंग के मामले में उन्हें टैक्स छूट के साथ 8 फीसद का भुगतान करना होगा या फिर बिना छूट के 1 फीसद टैक्स का भुगतान करना होगा। बैठक में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए दरों में की गई कटौती की नई व्यवस्था को लागू करने और उससे जुड़े अन्य मसलों पर चर्चा की गई। चुनावी आचार संहिता लागू होने की वजह से बैठक में कोई नया फैसला नहीं लिया गया।

24 फरवरी को हुई पिछली बैठक में निर्माणाधीन फ्लैट्स के लिए जीएसटी दर को घटाकर पांच फीसद और किफायती श्रेणी के मकानों के लिए इस दर को घटाकर एक फीसद कर दिया गया था। नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी।अभी निर्माणाधीन फ्लैट्स के लिए होने वाले भुगतान पर जीएसटी की दर 12 फीसद है और इसके साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का प्रावधान भी है।

यही व्यवस्था ऐसे रेडी-टु-मूव-इन फ्लैट्स के लिए भी है, जिनके लिए बिक्री के वक्त कंप्लीशन सर्टिफिकेट्स जारी नहीं किए गए होते हैं। किफायती श्रेणी में आने वाली आवासीय इकाई के लिए अभी जीएसटी की दर आठ फीसद है। गौरतलब है कि जीएसटी वसूली फरवरी महीने में घटकर 97,247 करोड़ रुपये पर आ गई है, जो जनवरी में 1.02 लाख करोड़ रुपये रही थी।

फरवरी में हुई वसूली में सेंट्रल जीएसटी 17,626 करोड़ रुपये, स्टेट जीएसटी 24,192 करोड़ रुपये, इंटीग्रेटेड जीएसटी 46,953 करोड़ रुपये और सेस 8,476 करोड़ रुपये का रहा। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीएसटी वसूली का लक्ष्य 13.71 लाख करोड़ रुपये रखा गया है।

नई या पुरानी दर चुन सकेंगे बिल्डर, GST कॉउन्सिल ने तय किए नियम

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नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने रियल एस्टेट पर जीएसटी दर में कमी किए जाने से परेशान डेवलपरों को राहत देते हुए मंगलवार को कहा कि अब एक अप्रैल 2019 से बनने वाली नयी रियल एस्टेट आवासीय परियोजनाओं पर सिर्फ नयी दरें लागू होंगी लेकिन 31 मार्च 2019 तक निर्माणाधीन परियोजनाओं पर डेलवपरों को नयी या पुरानी दर चुनने का अधिकार होगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में परिषद की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई 34वीं बैठक में ये निर्णय लिए गए। बैठक के बाद राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि 31 मार्च तक जो परियोजनाएं निर्माणाधीन रहेंगी, उनके डेवलपर को नयी या पुरानी दर चुनने का अधिकार होगा। पुरानी दर में इनपुट टैक्स क्रेडिट( आईटीसी) मिलेगा लेकिन नई दर में यह मिलेगा।

बिल्डरों को चुननी होगी एक दर
उन्होंने कहा कि पुरानी दर में किफायती आवासों पर आईटीसी के साथ आठ प्रतिशत जीएसटी और अन्य पर आईटीसी के साथ 12 प्रतिशत जीएसटी प्रभावी है। नई दर में किफायती आवासों के लिए बगैर आईटीसी के एक प्रतिशत और अन्य परियोजनाओं पर बगैर आईटीसी के पांच प्रतिशत जीएसटी है। उन्होंने कहा कि डेवलपरों को नई दर या पुरानी दर चुनने के लिए एक निर्धारित समय सीमा दी जाएगी जो संबंधित राज्यों के साथ विचार विमर्श कर तय की जाएगी।