तलवंडी जैन मंदिर में सिद्धों की आराधना अनुष्ठान के छठे दिन नंदीश्वर दीप विधान
कोटा। श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, तलवंडी में आयोजित सिद्धों की आराधना अनुष्ठान एवं श्री नंदीश्वर दीप विधान का आयोजन लगातार छठे दिन भी श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
अपने प्रवचन में भैया आदि कुमार ने कहा कि पुण्य के प्रताप से प्राप्त धन-वैभव को यदि पाप के कार्यों में लगाया जाए तो मनुष्य अपना आने वाला कल स्वयं बिगाड़ लेता है।
उन्होंने कहा कि जैसे दूध में घी, दही में मक्खन, बीज में विशाल वृक्ष और पाषाण में प्रतिमा बनने की क्षमता छिपी होती है, उसी प्रकार प्रत्येक आत्मा में परमात्मा बनने की अनंत संभावनाएं विद्यमान हैं।
आवश्यकता केवल आत्मजागरण, साधना और सम्यक आचरण की है। उन्होंने कहा कि सिद्ध परमात्मा अनंत गुणों से विभूषित हैं और मनुष्य अपनी श्रद्धा एवं सामर्थ्य के अनुसार उनकी आराधना कर आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
मंदिर समिति के महामंत्री प्रकाश सामरिया ने बताया कि नंदीश्वर दीप विधान के अंतर्गत प्रतिदिन सोधर्म इंद्र एवं द्रव्य पुण्यार्जक परिवारों का चयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को विधान का समापन होगा।
इस अवसर पर 1008 ऋद्धि मंत्रों से भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ विश्व शांति, मानवता के कल्याण और प्राणी मात्र के मंगल की कामना से भव्य विश्व शांति महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। महायज्ञ में तीन प्रमुख पात्रों द्वारा जैन मंत्रोच्चार के साथ अग्निकुंडों में आहुतियां अर्पित की जाएंगी।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक पहाड़िया ने बताया कि विधान को लेकर समाज में विशेष उत्साह का वातावरण है। छोटे बच्चों से लेकर युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन तक सभी श्रद्धालु पूरी निष्ठा एवं तन्मयता के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विधान के माध्यम से लोगों के विचारों, जीवनशैली और आध्यात्मिक दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
अनुष्ठान के सफल संचालन में वंदना बड़जात्या, राजीव सेठी, शांति लाल बाकलीवाल, महेंद्र लुहाड़िया, रविंद्र लुहाड़िया, अरविंद बागड़िया, अनिल पांड्या, देवेंद्र, भारत, पिंकेश सांवला, सुरेश सहित अनेक समाजबंधुओं का सहयोग रहा।

