Saturday, July 18, 2026
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वाहनों में निर्माता कंपनी ही लगा कर भेजेगी अब हाई सिक्योरिटी प्लेट

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कोटा। केंद्र सरकार ने अब सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। वाहन निर्माता कंपनी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाकर भेजेगी। उस पर डीलर द्वारा वाहन खरीददार को नंबर लिखवाकर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया सभी प्रकार के वाहनों के लिए लागू की गई है। इस संबंध में अपर परिवहन आयुक्त ने सभी परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहनों की ऑनलाइन ट्रैकिंग संभव होगी और चोरी की घटना के साथ महिलाओं के साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं पर रोक लग सकेगी। सरकार ने 1 अप्रैल से सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। अब चैकिंग के दौरान वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) नहीं लगी मिली तो जुर्माने के साथ जेल की भी हवा खानी पड़ सकती है।

सड़क परिवहन मंत्रालय ने नए वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना में कहा गया है कि वाहन निर्माता अपने समस्त डीलरों को नंबर प्लेट उपलब्ध करवाएंगे और डीलर वाहनों में इस प्लेट को लगाने के बाद ही शोरूम से बाहर निकालेंगे। इसके अलावा जरूरत के मुताबिक वाहन निर्माता अपनी पुरानी गाड़ियों के लिए भी डीलरों को नंबर प्लेट उपलब्ध कराएंगे। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न लगवाने वाले वाहनों के चालान काटे जाएंगे। इसके लिए परिवहन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।

इसलिए जरूरी एचएसआरपी प्लेट
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एक विशेष प्रकार की नंबर प्लेट है. जिससे गाड़ी की सुरक्षा के लिए लगाई जाती है। इसमें गाड़ी के आगे और पीछे दोनों साइड लगी नंबर प्लेट पर 11 डिजिट का अलग-अलग लेजर कोड नंबर फीड होता है। यह लेजर कोड नंबर हर नंबर प्लेट और गाड़ी के लिए अलग-अलग होता है। यह लेजर कोड नंबर गाड़ी की आरसी में भी दर्ज होगा।

साथ में एक विशेष प्रकार का होलोग्राम और आईएनडी भी लिखा हुआ है। ऐसे में अगर कोई फर्जी नंबर प्लेट बनाएगा भी तो यह सब विशेषताएं उस फर्जी नंबर प्लेट में शामिल नहीं की जा सकती हैं। हाई सिक्योरिटी प्लेट डायनेमिक होगी। इसमें जीपीएस आधारित एक चिप लगी होगी। इसकी मदद से पुलिस कंट्रोल रूम अथवा क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कभी भी किसी भी गाड़ी को ट्रैक कर सकता है।

ज्यादा मूवी कर सकेंगे डाउनलोड, Realme ला रही है नया फोन

नई दिल्ली।स्मार्टफोन में मूवी देखने के शौकीन हैं, लेकिन कम स्टोरेज के चलते कई मूवी डाउनलोड नहीं कर पाते हैं? तो आपके लिए Realme कुछ खास लेकर आ रही है। दरअसल, Oppo की सब-ब्रैंड रियलमी एक नया फोन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिसकी स्टोरेज ज्यादा होगी। कंपनी ने हाल ही में ट्विटर पर एक शॉर्ट विडियो पोस्ट किया है, जो Realme U सीरीज की ओर इशारा करता है।

15 सेकंड के इस विडियो में इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि अगला फोन Realme U1 का नया वेरियंट होगा या फिर Realme U सीरीज का ही कोई नया फोन। ऐसी भी अटकलें हैं कि कंपनी ज्यादा स्टोरेज वाला Realme U2 भी लॉन्च कर सकती है। हालांकि, कंपनी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

Realme U1 की कीमत में 1,000 रुपये की कटौती
Realme U1 की कीमत घटाने के महज दो दिन बाद ही कंपनी ने यह विडियो जारी किया है। बता दें कि कंपनी ने हाल ही में अपने सेल्फी सेंट्रिक स्मार्टफोन रियलमी U1 की भी कीमत घटा दी है। 25 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरे रियलमी U1 के 3GB रैम और 32GB इंटरनल स्टोरेज वाले वेरियंट की कीमत में 1,000 रुपये की कटौती की है।

कटौती के बाद 10,999 रुपये वाला रियलमी U1 अब 9,999 रुपये में उपलब्ध होगा। वहीं, इसके 4GB रैम और 64GB इंटरनल स्टोरेज वाले वेरियंट की कीमत में 2,000 रुपये की कटौती कर दी है। कटौती के बाद 13,999 रुपये वाला रियलमी U1 अब 11,999 रुपये में उपलब्ध होगा। इस स्मार्टफोन को ऐमजॉन और रियलमी ई-स्टोर से खरीदा जा सकेगा।

रेल विकास निगम का IPO पूरी तरह सब्सक्राइब, 482 करोड़ जुटाएगी सरकार

नई दिल्ली। सरकार के स्वामित्व वाली रेल विकास निगम लिमिटेड यानी RVNL (Rail Vikas Nigam) का आईपीओ (IPO) बुधवार को ऑफर के आखिरी दिन पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। दोपहर लगभग 3 बजे तक यह 1.17 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। एनएसई (NSE) से मिले डाटा के मुताबिक, इस आईपीओ (IPO) में 25,34,57,280 शेयरों के लिए कुल 29,34,57,280 शेयरों के लिए बिड हासिल हुईं।

17 से 19 रु है प्राइस बैंड
कंपनी का 482 करोड़ रुपए का आईपीओ (IPO) पिछले सप्ताह खुला था। इसके लिए प्राइस बैंड 17 रुपए से 19 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। भारत सरकार द्वारा पेश किया गया यह ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत लाया गया है, जिसके तहत 25.35 करोड़ शेयर (12.2 फीसदी हिस्सेदारी) के बेचे जाने हैं। कुल इश्यू में 0.30 फीसदी शेयर आरवीएनएल (RVNL) के इम्प्लाइज के लिए रखे गए हैं। रिटेल इन्वेस्टर्स और इम्प्लॉइज को 0.50 रुपए प्रति शेयर का डिस्काउंट भी दिया जा रहा है।

एनालिस्ट ने दी है सब्सक्राइब की रेटिंग
अधिकांश एनालिस्ट ने आईपीओ (IPO) के लिए ‘सब्सक्राइब’ की रेटिंग दी है, जिसकी ऑर्डर बुक खासी मजबूत स्थिति में है। सरकार के रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस से भी कंपनी को खासा फायदा होने की उम्मीद है। इसीलिए शेयर की वैल्युएशन आकर्षक मानी जा रही है।

77,500 करोड़ रु की ऑर्डर बुक
आरवीएनएल (RVNL), रेल मंत्रालय के लिए प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिंग एजेंसी के तौर पर काम करती है और उसके पास लगभग 77,500 करोड़ रुपए की ऑर्डर बुक है। इसमें से 30,000 करोड़ रुपए के दीर्घकालिक प्रोजेक्ट हैं, जिनके एग्जीक्यूशन की टाइमलाइन 5-7 साल है। 45 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स में लाइनों के दोहरीकरण, नई लाइनें बिछाना आदि शामिल हैं, जिन्हें 2 से 3 साल में पूरा करना होता है।

रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी की घोषणा आज, कर्ज हो सकता है सस्ता

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) नए वित्त वर्ष 2019-20 में कर्ज लेना सस्ता कर सकता है। आरबीआई आज मौद्रिक समीक्षा नीति की घोषणा में ब्याज दरों में कटौती का ऐलान कर सकता है। इससे पहले मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक के बाद आरबीआई ने सात फरवरी 2019 को मुख्य नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया गया।

आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा नीति बैठक 2 अप्रैल को शुरू हुई, जो 4 अप्रैल तक चली। विशेषज्ञों की मानें, तो रिजर्व बैंक गुरुवार रेपो में 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती कर सकता है। रिजर्व बैंक ने 18 महीने के बाद फरवरी में ही रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।

ब्याज दर में एक के बाद एक कटौती से मौजूदा चुनावी मौसम में कर्ज लेने वालों को राहत मिल सकती है। मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के चार प्रतिशत के दायरे में बनी हुई है इससे उद्योग जगत एक और बार आधार दर कम करने की वकालत कर रहा है।

फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ के रिलीज पर चुनाव आयोग को ऐतराज नहीं

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बनी प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर फिल्म अब रिलीज के लिए लगभग तैयार है। फिल्म रिलीज में आ रही अड़चने दूर हो गई है। चुनाव आयोग ने यह साफ कर दिया है कि उसे इस फिल्म से किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है।

मुंबई हाईकोर्ट में फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा है कि सीबीएफसी ने फिल्म को सर्टिफिकेट दे दिया है। अब ये फिल्म 5 अप्रैल को रिलीज हो या नहीं, ये तय करना उसका काम नहीं है। चुनाव आयोग ने साफ कहा कि फिल्म की रिलीज तारीख तय करने में आयोग की कोई अहम भूमिका नहीं हो सकती है।

फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले रिलीज किए जाने पर विवाद गरमाया हुआ है। विवेक ओबेरॉय स्टारर फिल्म 5 अप्रैल को रिलीज हो रही है। कई राजनीतिक पार्टियों ने इसे सीधे-सीधे चुनाव आचार सहिंता का उल्लंघन माना है। इस बाबत राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी।

आयोग के अनुसार चुनाव प्रक्रिया के दौरान फिल्म रिलीज होना आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है और चुनाव आयोग ने कोर्ट में अपना पक्ष रख दिया है। लेकिन बावजूद इसके आयोग ने कुछ राजनीतिक दलों की इसी मंशा और मांग वाली शिकायत पर अब तक कोई प्रतिक्रिया या आदेश नहीं दिया है।

इसी मामले को संज्ञान में लेते हुए आयोग ने फिल्म के निर्माताओं, म्यूजिक कंपनी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। वहीं कांग्रेस ने आयोग को जो शिकायत की थी उसमें फिल्म को 19 मई के बाद रिलीज किए जाने की मांग की है।

चुनाव आयोग में शिकायत लेकर पहुंची कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी फिल्म को चुनाव से कुछ दिन पहले लांच किये जाने का उद्देश्य राजनीतिक है। इस फिल्म के 3 निर्माता और अभिनेता भाजपा से संबंध रखते हैं, वहीं इसके निर्देशक वाइब्रेंट गुजरात कार्यक्रम में शामिल हैं। इसीलिए यह सभी मानदंडों का उल्लंघन है।

https://youtu.be/X6sjQG6lp8s

IIT में गुवाहाटी जोन के सबसे ज्यादा लड़कों ने लिया एडमिशन

कोटा।आईआईटी टॉपर्स की प्राथमिकता भले ही बॉम्बे व दिल्ली रहती हो, लेकिन परसेंटेज के लिहाज से गुवाहाटी जोन के सबसे ज्यादा लड़कों ने आईआईटी में एडमिशन लिया। वहीं लड़कियों के मामले में मद्रास जोन आगे रहा है। यह तथ्य आईआईटी की ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी की रिपोर्ट में सामने आया है।

एडवांस्ड के बाद काउंसलिंग के दौड़ में शामिल होने वाले 27809 में से 10115 छात्रों व 4179 में से 1846 छात्राओं को आईआईटी में एडमिशन मिला। साल 2018 में देश की 23 आईआईटी में 84.57 प्रतिशत छात्र ओर 15.43 प्रतिशत छात्राएं थीं।

साल 2017 तक आईआईटी में छात्राओं की संख्या करीब एक हजार ही थी। जो साल 2018 में सुपरन्यूमरेरी कोटा बनने के बाद बढ़कर 1846 तक पहुंच गई। साल 2018 में 14 प्रतिशत सुपरन्यूमरेरी सीटें छात्राओं के लिए थी। इस साल कोटा बढ़कर 17 प्रतिशत तक पहुंच गया।

धनिया वायदा में चार फीसदी तेजी का सर्किट, हाजिर में भाव 300 रुपये उछले

कोटा। एनसीडेक्स पर धनिया वायदा में 4 फीसदी तेजी का सर्किट लगने से भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को धनिया का भाव 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल उछल गया। कमजोर उठाव से चना और उडद 100-100 रुपये क्विंटल ढीला रहा। आवक बढ़ने से गेहूं 25 रुपये प्रति क्विंटल मंदा बिका। मंडी में सभी जिन्सों का मिलाकर करीब 90,000 बोरी का कारोबार हुआ । नये लहसुन की आवक 4500 कट्टे की हुई।

कारोबारियों के अनुसार एनसीडेक्स पर धनिया अप्रैल वायदा चार फीसदी तेजी के सर्किट के साथ 274 रुपये उछल कर 7144 रुपये प्रति क्विंटल, मई वायदा 278 रुपये बढ़ कर 7243 रुपये प्रति क्विंटल और जून वायदा 281 रुपये तेज होकर 7320 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मंडी में जिन्सों के भाव इस प्रकार रहे –

गेहूं मिल 1670 से 1721 लोकवान 1750 से 1850 पीडी 1800 से 1850 गेहूं टुकडी नया 1750 से 1950 मक्का 2000 से 2200 जौ 1400 से 1550 ज्वार 1500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2400 से 2641पूसा 1 2300 से 2701 पूसा 4 (1121) 3300 से 3500 धान लाजवाब (1509) 3000 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2500 से 3801 सरसों 3200 से 3551अलसी 3600 से 3800 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 3000 से 4800 कलौजी 6500 से 9800 धनिया बादामी 5500 से 6300 ईगल 6000 से 6801 रंगदार नया 7000 से 12001 रुपये प्रति क्विंटल।
लहसुन नया 1300 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल बिका।

मूंग 3500 से 5000 उड़द 2000 से 4200 चना 3600 से 4200 चना कांटिया 4000 चना काबुली 3000से 5600 चना पेप्सी 3800 से 4600 चना मौसमी 3000 से 4200 मसूर 3800 से 4250 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

धनिया में तेजी का दौर शुरू, हमारे चैनल का यह विशेष वीडियो देखिये

सावधान! आप गूगल की नजर में हैं, जानिए कैसे

नई दिल्ली। आप घर से ऑफिस के लिए निकले नहीं कि आपके मोबाइल पर मेसेज आ जाता है कि पहुंचने में इतने मिनट लगेंगे। साथ ही, आप जिन जगहों पर जाते हैं, उसकी लोकेशन के मेसेज भी आपके मोबाइल में आते रहते हैं। क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा कैसे होता है। असल में यह सब Google का खेल है। गूगल हर जगह है।

मैप्स से लेकर YouTube तक गूगल के प्रॉडक्ट्स के बिना एक दिन गुजरना लगभग असंभव है। गूगल के इस तरह फैले जाल का मतलब है कि भले ही आपको पसंद आए या नहीं, इसके पास आपका पर्सनल डेटा जुटाने के लिए पर्याप्त मौके होते हैं। आइए जानते हैं कि Google आपके बारे में कितना कुछ जानता है और यह जुटाए गए डेटा का क्या करता है।

Google अपने कई प्रॉडक्ट्स के जरिए दो तरीकों से आपका डेटा कलेक्ट करता है। गूगल को ऑनलाइन और असल दुनिया में आपके व्यवहार के बारे में पता होता है और यह हमारे बारे में एक व्यापक प्रोफाइल तैयार करता है।

इन 2 तरीकों से जुटाता है आपका डेटा
ऐक्टिव कलेक्शन- जब कोई व्यक्ति गूगल के प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करता है और Gmail के लिए साइन अप करने या सर्च करने में अपनी पर्सनल जानकारियां उपलब्ध कराता है।

पैसिव कलेक्शन- इसमें कई बार यूजर की जानकारी के बिना उसका डेटा कलेक्ट किया जाता है। यह डेटा मोबाइल के बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स, गूगल के ऐडवर्टाइजिंग टूल्स और इसके ऑपरेटिंग सिस्टम Android के जरिए जुटाया जाता है। दुनिया भर में करोड़ों लोग हर दिन गूगल के प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। Google न केवल आपके यूजर एक्सपीरियंस को पर्सनलाइज करता है, बल्कि आपकी गतिविधियों और दिलचस्पी से जुड़े डेटा पर आधारित टारगेटेड ऐड से मोटी कमाई करता है।

एक दिन में आपके बारे में क्या-क्या जानता है Google
ऑफिस के लिए निकलना- आप ऑफिस जाने के लिए करीबी मेट्रो स्टेशन जाते हैं। रास्ते में आप मोबाइल में खबरें पढ़ते हैं और म्यूजिक सुनते हैं।

मेट्रो का रूट-Google Maps आपकी लोकेशन को ट्रैक करता है। GPS आपके IP एड्रेस के साथ कोर्डिनेट करता है। यह आपको ट्रैक करने के लिए करीब के सेल टावर्स और Wi-Fi एक्सेस पॉइंट का भी इस्तेमाल कर सकता है।

कैसी खबरें पढ़ते हैं आप
गूगल आपकी सर्च हिस्ट्री को रिकॉर्ड करता है और आपकी दिलचस्पी का पता लगाता है और विज्ञापनों के साथ उसी हिसाब का कंटेंट (खबरें) आपको उपलब्ध कराता है।

म्यूजिक ऐप जानते हैं आपकी पसंद
गूगल सर्च की तरह म्यूजिक ऐप इस चीज को रिकॉर्ड करता है कि आप किस तरह का म्यूजिक सुनते हैं और उसी हिसाब से आपका प्रोफाइल बनाता है और आपको टारगेटेड ऐड भेजता है।

इन चीजों का भी डेटा कलेक्ट करता है गूगल
लोकेशन का डेटा- गूगल आपके बारे में इतना डेटा जुटा लेता है कि यह आपको बताता है कि आप वॉक कर रहे हैं, दौड़ रहे हैं या किसी गाड़ी में चल रहे हैं।

क्रेडिट और डेबिट कार्ड के डीटेल्स- Google Pay के पास न केवल आपके क्रेडिट और डेबिट कार्ड के डीटेल्स होते हैं, बल्कि आपने क्या प्रॉडक्ट खरीदा है इसका डेटा भी गूगल पे के पास रहता है। गूगल पे यह डेटा भी अपने पास रखता है कि आपने कितनी बार कोई प्रॉडक्ट खरीदा है। यह लोकेशन और दुकानदार का डेटा भी रखता है। यह आपको इसी हिसाब से टारगेटेड ऐड भेजता है।

ई-मेल को स्कैन करता है गूगल- आपकी दिलचस्पी का पता लगाने के लिए गूगल आपके ई-मेल को स्कैन करता है। गूगल आपके ई-मेल के कंटेंट के आधार पर विज्ञापन कस्टमाइज करता है और आपको भेजता है।

YouTube विडियो- यह विडियो प्लेटफॉर्म इस बात को रिकॉर्ड करता है कि आप किस तरह के विडियो देखते हैं। साथ ही, आप विडियो कहां और कब देखते हैं। अगर आप YouTube के विडियो को नॉन-गूगल वेबसाइट पर देखते हैं तो यह आपको ट्रैक करता है। गूगल की डेटा कलेक्शन मुहिम में Android और क्रोम अहम प्लेटफॉर्म है। नॉन-गूगल ऑपरेटिंग सिस्टम पर भी गूगल की पहुंच आपके डेटा तक रहती है।

थर्ड पार्टी ऐप्स की भी जानकारी- ऐंड्रॉयड डिवाइस पर अगर आप थर्ड-पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो भी गूगल के पास इसकी जानकारी होती है।

वैश्विक संकेतों से तांबा वायदा में 0.44 प्रतिशत की तेजी

नयी दिल्ली। घरेलू बाजार में तेजी के बीच मजबूत वैश्विक संकेतों के कारण वायदा कारोबार में बुधवार को तांबे की कीमत 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 446.90 रुपये प्रति किग्रा हो गई।

एमसीएक्स में तांबे के अप्रैल महीने में डिलिवरी वाले अनुबंध की कीमत 1.95 रुपये अथवा 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 446.90 रुपये प्रति किग्रा हो गई। इसमें 13,181 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

बाजार विश्लेषकों ने कहा कि उपभोक्ता उद्योगों की मांग में तेजी आने के अलावा वैश्विक बाजार में बेसधातुओं की कीमतों में मजबूती के रुख के कारण मुख्यत: यहां वायदा कारोबार में तांबा कीमतों में तेजी आई।

बढ़ते स्टॉक के कारण ग्वारसीड वायदा में गिरावट

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार में कमजोरी के रुख के अनुरूप निवेशकों ने अपने सौदों की कटान की जिससे वायदा कारोबार में बुधवार को ग्वारसीड की कीमत 17.5 रुपये की भारी गिरावट के साथ 4,515 रुपये प्रति 10 क्विन्टल रह गई।

एनसीडीईएक्स में मई महीने में डिलिवरी वाले ग्वारसीड अनुबंध के भाव 17.5 रुपये यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,515 रुपये प्रति 10 क्विन्टल रह गये जिसमें 83,080 लॉट का कारोबार हुआ।

इसी प्रकार ग्वारसीड के जून महीने में डिलिवरी वाले अनुबंध के भाव भी 28.5 रुपये यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,553.5 रुपये प्रति 10 क्विन्टल रह गये जिसमें 39,120 लॉट का कारोबार हुआ।

बाजार सूत्रों ने कहा कि ग्वारगम निर्माताओं की कमजोर मांग के मुकाबले बढ़ते स्टॉक के कारण हाजिर बाजार में कमजोरी के रुख के बाद कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार कम करने से मुख्यत: यहां वायदा कारोबार में ग्वारसीड कीमतों में हानि दर्ज हुई।