Saturday, July 11, 2026
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UPI ट्रांजैक्शन की दौड़ में गूगल पे फिर अव्वल

बेंगलुरु। टेक्नोलॉजी दिग्गज गूगल की पेमेंट्स सर्विस गूगल पे ने मई में भी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) में अपनी बढ़त बरकरार रखी है। पिछले महीने गूगल पे के प्लेटफॉर्म पर 24 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए। फ्लिपकार्ट की फोनपे करीब 23 करोड़ और डिजिटल पेमेंट्स की दिग्गज पेटीएम 20 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर रहीं। इन तीनों एप्लिकेशन के साथ भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) का कुलमिलाकर 93 पर्सेंट से ज्यादा यूपीआई मार्केट पर कब्जा है।

पिछले हफ्ते की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूपीआई से होने वाले ट्रांजैक्शन में महीना-दर-महीना 6 पर्सेंट की गिरावट आई है। यह रिपोर्ट नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) जारी करता है, जो पेमेंट कंपनियों की देखरेख करता है। अप्रैल में कुल 73.35 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए थे, जबकि मई में यह आंकड़ा गिरकर 78.1 करोड़ पर आ गया था। हालांकि, एनपीसीआई टोटल ट्रांजैक्शन का डेटा जारी करती है। वह डेटा को कंपनियों के हिसाब से अलग-अलग नहीं दिखाती है।

हालांकि, टॉप नॉन-बैंकिंग पेमेंट एप्लिकेशंस के बीच सरकारी पेमेंट ऐप भीम पर सिर्फ 1.57 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए। यह ऐप पिछले कुछ महीने से लगातार अपना मार्केट शेयर गंवा रहा है क्योंकि अन्य टेक कंपनियां प्रमोशन और कैशबैक के जरिए ग्राहकों को अपनी ओर खींच रही हैं। भीम के पास मई 2017 में 47 पर्सेंट मार्केट शेयर था, जो पिछले साल मई में घटकर 7 पर्सेंट पर आ गया था। इस साल मई में उसका मार्केट शेयर सिमटकर 2 पर्सेंट रह गया।

यूपीआई ट्रांजैक्शन में 2017 के आखिर से तेजी आनी शुरू हुई थी। इस पेमेंट मोड को लोकप्रिय बनाने में गूगल, पेटीएम और फोनपे जैसी टेक कंपनियों ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अगर ट्रांजैक्शन की वैल्यू के लिहाज से देखें तो गूगल पे के जरिए 55,000 करोड़ रुपये ज्यादा का लेनदेन किया गया। इसके बाद फोनपे पर 44,000 करोड़ और पेटीएम पर 38,200 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ।

प्राइवेट सेक्टर बैंक के एक सीनियर बैंकर ने बताया, ‘यूपीआई ट्रांजैक्शन में कमी आने के दो महत्वपूर्ण कारण हैं। पहला तो कंपनियों ने कैशबैक देना कम किया है। वहीं, दूसरी वजह ज्यादा अहम है। कुछ बैंकों में तकनीकी दिक्कतों की वजह से ट्रांजैक्शन फेल हो जाते हैं। फिर यूजर को अपनी रकम वापस पाने के लिए काफी पापड़ बेलने पड़ते हैं। इससे लोग यूपीआई के जरिए ट्रांजैक्शन करने से कतराने लगे हैं।’

Jio ऐप्प पर फ्री में देखें World Cup 2019 के सभी मैच लाइव, जानिए कैसे

यदि आप भी क्रिकेट के दीवाने हैं और आपको अपने फोन पर World Cup 2019 ना देख पाने का मलाल है तो रिलायंस जियो ने आपको बड़ा तोहफा दिया है। रिलायंस जियो ने क्रिकेट विश्व कप 2019 के खास मौके पर सिक्सर पैक पेश किया है। जियो के इस ऑफर का फायदा लाखों ग्राहकों को होगा। आइए जियो के इस ऑफर के बारे में विस्तार से जानते हैं..

सबसे पहले आपको बता दें कि जियो ने इस ऑफर के लिए हॉटस्टार के साथ साझेदारी की है और इस साझेदारी के तहत जियो के सभी ग्राहक फ्री में वर्ल्ड कप 2019 के सभी मैच अपने फोन पर लाइव देख सकेंगे। खास बात यह है कि जियो का यह ऑफर पूरी तरह से फ्री है। ऐसे में यदि आप एक जियो यूजर हैं तो आप अपने फोन में आसानी से फ्री में क्रिकेट विश्व कप 2019 के सभी मैच लाइव देख सकेंगे।

आप जियो टीवी ऐप या फिर हॉटस्टार ऐप पर फ्री में मैच देख सकेंगे, हालांकि आपके फोन में जियो का सिम कार्ड होना जरूरी है। वहीं कंपनी ने क्रिकेट विश्व कप 2019 को लेकर खास पैक भी पेश किया है जिसकी कीमत 251 रुपये है।

इस पैक का फायदा यह होगा कि यदि आपके फोन का मौजूदा पैक खत्म भी हो गया है तो भी आप मैच लाइव देख सकेंगे। इस पैक की वैधता 51 दिनों की है और इस प्लान में कुल 102 जीबी डाटा मिलेगा।

GST का वार्षिक रिटर्न 30 जून तक भरें, विभागीय स्पष्टीकरण जारी

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नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए वार्षिक रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 30 जून 2019 है और इसके लिए जारी फॉर्म जीएसटीआर-9 के कुछ कॉलम को लेकर सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया है। केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने इस संबंध में मंगलवार को स्पष्टीकरण जारी किया।

इसमें कहा गया है कि 01 मई 2019 तक फॉर्म जीएसटीआर 2ए में दी गई जानकारी फॉर्म जीएसटीआर-9 के टेबल-8ए में स्वत: दिखने लगेगी। इसी तरह अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक खरीद की गई माल पर इनपुट टैक्स क्रेडिट को फॉर्म जीएसटीआर-9 के टेबल-8सी में दर्शाया जा सकता है।

इसमें कहा गया है कि वित्त वर्ष 2017-18 के लेनदेन के विवरण के लिए अप्रैल 2018 से मार्च 2019 के दौरान भरे गए रिटर्न को फॉर्म जीएसटीआर-9 के पीटी-वी में घोषित किया जा सकता है। इसमें फॉर्म जीएसटीआर-1 के टेबल-10 और 11 में किए गए संशोधन के विवरण भी भरे जा सकते हैं।

जल्द से जल्द भरें अपना वार्षिक रिटर्न
विभाग ने कहा कि करदाताओं ने फॉर्म जीएसटीआर-9 को लेकर कई अन्य सवाल भी पूछे थे, जिनको लेकर स्पष्टीकरण जारी किए गए हैं। उसने सभी करदाताओं से अंतिम समय से पहले रिटर्न भरने की अपील करते हुए कहा कि अंतिम समय में एक साथ अधिक लोगों के रिटर्न भरने की कोशिश करने से तंत्र पर अधिक दबाव बनता है।

अब Google Maps में दिखेगा, कहां पहुंची आपकी ट्रेन

नई दिल्ली। गूगल मैप्स के यूजर्स अब से लाइव ट्रैफिक अपडेट के साथ बस ट्रैवल टाइम और लाइव ट्रेन स्टेटस देख पाएंगे। गूगल देश के 10 शहरों में यह सेवा शुरू करने जा रही है। इतना ही नहीं गूगल एक अन्य सेवा भी लॉन्च करने जा रही है, जिसमें यूजर्स को ऑटो-रिक्शा और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सुझाव दिया जाएगा।

गूगल ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इन फीचर्स को सबसे पहले भारत में लॉन्च किया जा रहा है। ये फीचर्स यूजर्स को आसानी से पब्लिक ट्रांसपोर्ट लेने में मदद करेंगे। इस फीचर को गूगल ने ‘Where is My Train’ ऐप के साथ मिलकर बनाया है। गूगल ने पिछले साल ही इस ऐप को खरीदा था।

ऐसे काम करेगा यह फीचर
ट्रैवलिंग को आसान बनाने के लिए गूगल मैप्स लाइव ट्रैफिक के आधार पर यूजर्स को जानकारी दे सकेंगे कि बस में सफर करने में कितना समय लगेगा। यह फीचर गूगल की लाइव ट्रैफिक डाटा सेवा और पब्लिक बस समयसारिणी का इस्तेमाल करके बस का सटीक ट्रैवल टाइम कैलकुलेट करके बताएगा। यह यूजर्स को उनकी ट्रेन का रियल टाइम लाइव रनिंग स्टेटस भी बताएगा।

ऑटो-रिक्शा का पता भी मिलेगा
इस फीचर के तहत यूजर्स को यह भी जानकारी दी जाएगी कि किस स्टेशन से उन्हें कहां के लिए ऑटो-रिक्शा मिलेगा। यूजर्स यह भी देख पाएंगे कि रिक्शा के मीटर के मुताबिक उनकी यात्रा का कितना किराया लगेगा। यह फीचर सबसे पहले दिल्ली और बेंगलुरु में शुरू होगा। बाद में अन्य शहरों में इसका विस्तार किया जाएगा।

इन शहरों में हुई शुरुआत
गूगल ने यह सेवा देश के 10 शहरों में शुरू की है। यह हैं- दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ, चेन्नई, मैसूर, कोयंबटूर और सूरत। इन शहरों के यूजर्स शुरुआती लोकेशन और अपना गंतव्य स्थान लिखकर उस रूट पर मौजूद ट्रेन की लिस्ट देगा। यहां पर लोग उस ट्रेन का रियल टाइम रनिंग स्टेटस देख सकेंगे और यह भी देख सकेंगे कि कोई ट्रेन लेट तो नहीं है।

कोटा मंडी : वायदा मंदा रहने से हाजिर में धनिया 150 रुपये ढीला

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को एनसीडेक्स पर धनिया वायदा मंदा रहने से हाजिर में 150 रुपये ढीला रहा। धनिया की 4000 बोरी की आवक हुई। लिवाली कमजोर रहने से सरसों, सोयाबीन, चना और गेहूं 50 -50 रुपये और उड़द 150 रुपये क्विंटल लुढ़क गई। लहसुन 200 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहा।

मंडी में सभी जिस का मिलकर करीब 50,000 बोरी का कारोबार हुआ। लहसुन की आवक 8000 कट्टे की हुई। एनसीडेक्स पर जून का धनिया वायदा 136 रुपये गिरकर 7125 रुपये, जुलाई वायदा 135 रुपये टूट कर 7227 रुपये और अगस्त वायदा 176 रुपये की नरमी पर 7322 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मंडी में जिसों के भाव इस प्रकार रहे –

गेहूं लस्टर 1700 से 1800 गेहु एवरेज 1850से 1921 लोकवान 1905 से 1950 पीडी 1750 से 1950 गेहूं टुकडी 1875 से 2050 मक्का 2000 से 2100 जौ 1500 से 1670 ज्वार 1500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2400 से 3200 पूसा 1 2500 से 3201 पूसा 4 (1121) 3600 से 4100 धान लाजवाब (1509 ) 3000 से 3405 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 3000 से 3801 सरसों 3400 से 3650 अलसी 4000 से 4501 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 4000 से 4601 कलौजी 8500 से 10500 धनिया बादामी 5500 से 6200 ईगल 6000 से 6501 रंगदार नया 7000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 1400 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल बिका ।

मूंग 3500 से 5200 उड़द 2000 से 4200 चना 3600 से 4251 चना कांटिया 4050 चना काबुली 3500 से 4500 चना पेप्सी 3800 से 4200 चना मौसमी 3000 से 4250 मसूर 3800 से 4350 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

‘ग्लोबल रनिंग डे’ पर भीषण गर्मी में 538 धावक दिखाएंगे आज जोश

कोटा। 5 जून को ‘ग्लोबल रनिंग डे’ के अवसर पर बुधवार सुबह 6 बजे शहर में सैकड़ों नागरिक न्यूनतम 3.2 किमी से अधिक दूरी की दौड़ पूरी करेंगे। एफएसआरसी के कॉर्डिनेटर अमित चतुर्वेदी ने बताया कि शहर का पारा 48 डिग्री से अधिक होने के बावजूद सुबह 6 बजे न्यूनतम 3.2 किमी की नियमित दौड़ लगाने वाले एक-दूसरे का मनोबल बढाते हुये स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दे रहे हैं।

बुधवार को ‘ग्लोबल रनिंग डे’ पर सेहत के लिये 152 देशों के 15,417 धावक दौड़ पूरी करेंगे। रनिंग फेस्टिवल-2019 में देश-विदेश के 538 प्रतिभागी रोजाना वर्चुअल रनिंग कर रहे हैं। जिसमें USA से 3, म्यांमार व दुबई से 1-1, मुंबई, दिल्ली, पुणे, गोवा, वाराणसी, गादरवाडा, गुना सहित हाडौती में कोटा, बारां व सीएफसीएल से प्रतिभागी रोजाना निर्धारित दूरी से अधिक दौड़ पूरी कर रहे हैं। इनमें महिलाएं, पुरूष, युवा एवं बच्चे भी शामिल हैं। औसत 5 किमी प्रतिदिन दौडने वाले धावक रोज 300 कैलोरी बर्न करते हुये स्वास्थ्य लाभ लेंगे।

सरहद पार पहुंची रनिंग फेस्टिवल की गूंज
कोटा में पहली बार हो रहे ‘रनिंग फेस्टिवल-2019’ में आस्टिन, यूएसए के इंजीनियर हर्ष मूंदड़ा, फ्लोरिडा से अंचित राठी व राधिका राठी, फिलिपीन्स व आबूधाबी से साफ्टवेयर इंजीनियर, एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट के निदेशक राजेश माहेश्वरी, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.राकेश जिंदल व डॉ.नीता जिंदल, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ.विक्रांत माथुर, डेंटिस्ट डॉ. अंशुल माथुर सहित हैदराबाद से इंजीनियर शालीन रोजाना 5 किमी दौड रहे हैं।

ये करेंगे 150 किमी दौडने का लक्ष्य पूरा
ये जून में 150 किमी दौडने का लक्ष्य पूरा करेंगे। अब तक 17 मैराथन पूरी कर चुकी 50 वर्षीया गृहिणी अर्चना मूंदडा 6.7 किमी रोज दौडते हुये जून में 200 किमी दौडेंगी। उनके साथ सीए दीपांशी जैन, डॉ रूचि साहू, राखी शर्मा, गुंजन गांधी, मीनाक्षी जैन, दिव्यानी धीरिया सहित कई महिला धावक 150 किमी से अधिक दौड़ पूरी करेंगी। काडरवाडा से अमरदीप व पूर्णिमा यादव, उद्यमी उत्कर्ष व अंकिता कालानी इस माह 100 किमी दौड़ेंगे।

नए कोटा का प्रदूषण लेवल अधिक होने से लोगों में अस्थमा का खतरा

कोटा। शहर में नए कोटा का प्रदूषण लेवल सर्वाधिक है, लेकिन यहां वृक्षों की सघनता सबसे कम है। इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. एस सान्याल तथा सचिव डाॅ. केवलकृष्ण डंग ने आईएमए हाॅल नयापुरा पर यह जानकारी दी। डाॅ. केवलकृष्ण डंग ने बताया कि नए कोटा में आईएल के आसपास प्रदूषण की स्थिति सबसे चिन्ताजनक है।

शहर के आईएल चौराहा, सिटी माॅल, गोबरिया बावड़ी, घटोत्कच चौराहा, ओपेरा अस्पताल में सर्दियों में रात 8 बजे के बाद एसपीएम 2.5 का लेवल 170 से 180 तक होता है। यह लेवल कण की साईज होती है। जिसके फेफड़ों के साथ रक्त में चले जाने पर हृदयाघात, पक्षाघात और मधुमेह की संभावना बन जाती है।

एसपीएम की मात्रा सर्वाधिक एयरोड्रम सर्किल पर 208 तथा सबसे कम कोटड़ी चौराहा पर 160 पाई गई है। थर्मल के कारण आसपास के दुकानदारों मेें 30 प्रतिशत में दमा ज्यादा और 18 प्रतिशत लोगों की आंखों व नाक में एलर्जी पाई गई है।

डाॅ. एस सान्याल ने बताया कि वल्र्ड एनवायरनमेंट डे यानी विश्व पर्यावरण दिवस को मनाने का मकसद प्रकृति और मानव जाति के बीच तालमेल बना रहे। पर्यावरण के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए विश्व ‘पर्यावरण दिवस’ मनाया जाता है। इस बार पर्यावरण दिवस के आयोजन की थीम ‘बीट एयर पॉल्युशन’ है।

करीबन 20 लाख लोग भारत में प्रदूषण के कारण अकाल मौत के शिकार हो रहे हैं। पर्यावरण प्रदूषण के कारण से हर साल 1 लाख शिशुओं की मृत्यु हो जाती है। डाॅ. एसके गोयल ने बताया कि होर्डिग, फ्लाईओवर के पिलर आदि पर शैवाल के पौधे विकसित कर शहरों में भी छोटे जंगल विकसित किए जा सकते हैं। यह 4 गुणा 3 वर्ग मीटर में ही 275 पेडों के बराबर काम करते हैं।

डाॅ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम भौतिकतावाद से बाहर निकल कर जीवन में प्रकृति के रंग भरें और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। डाॅ. नीता जिन्दल ने कहा कि विश्व पर्यावर दिवस पर आईएमए को पर्यावरण ज्ञान प्रतियोगिता, पर्यावरण काव्य गोष्ठी, पौधरोपण व पौध वितरण आदि कार्य सम्पन्न कराने चाहिए। इसके साथ ही लोगों को पर्यावरण के लिए जागरूक करने का काम भी करें।

इस दौरान पर्यावरण पर आयोजित पोस्टर प्रतियोंगिता में विजेता रहे राधिका मित्तल , कृष्णा, दीपिका युवराज तथा ख्यातनाम चित्रकार शंभूसिंह चैबदार का सम्मान किया गया। इस अवसर पर डाॅ. अशोक शारदा, डाॅ. आलोक गर्ग, डाॅ. जसवंत सिंह, नगर विकास न्यास से ज्योति वर्मा तथा आरएसी के हेड कांस्टेबल सत्यनारायण नामा उपस्थित रहे।

इंदौर मंडी : चना दाल, तुअर और मूंग दाल में गिरावट

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में मंगलवार को चना कांटा 100 रुपये, चना देसी 75 रुपये और मूंग 75 रुपये प्रति क्विंटल (सोमवार की तुलना में) सस्ती बिकी। आवक कमी से तुअर के भाव में 150 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। दालों में चना दाल 100, तुअर 150, मूंग दाल 200 और मूंग मोगर के भाव में 300 रुपये प्रति क्विंटल की कमी हुई।

दलहन: चना (कांटा) 4350 से 4375, चना (देसी) 4250 से 4275, डबल डॉलर 4500 से 4800, मसूर 4125 से 4150, हल्की 3750 से 3800, बटला (मटर) 4300 से 4350, मूंग 5900 से 6050, हल्की 5000 से 5300, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5400 से 5500, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5900 से 6000, उड़द 5200 से 5300, हल्की 4100 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल: तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 7000 से 7200, तुअर दाल फूल 7400 से 7600, तुअर दाल बोल्ड 7800 से 8000, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5650 से 5850, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5300 से 5400 मूंग दाल 7500 से 7700, मूंग मोगर 8150 से 8650 उड़द दाल 7300 से 7500, उड़द मोगर 7600 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज: गेहूं हल्का 1720 से 1820, गेहूं 147- 1870 से 2070, गेहूं लोकवन 1770 से 2070, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल: बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर बाजार: सोयाबीन रिफाइंड तेल के साथ पाम तेल सस्ता

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में मंगलवार को सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव पिछले दिन के मुकाबले तीन रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी लिए रहे। पाम तेल में तीन रुपये प्रति 10 किलोग्राम कम हुए। तिलहन में रायडा 50 रुपये एवं सोयाबीन में 25 रुपये प्रति क्विंटल की भाव कमी हुई।

तिलहन: सरसों 3700 से 3750 रायडा 3400 से 3450सोयाबीन 3750 से 3775 रुपये प्रति क्विंटल। तेल: मूंगफली तेल इंदौर 1010 से 1020, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 752 से 755, सोयाबीन साल्वेंट 715 से 720, पाम तेल 630 से 635 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार: कपास्या खली इंदौर 1850, देवास 1850, उज्जैन 1850, खंडवा 1835, बुरहानपुर 1835, अकोला 2800 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल: कपास्या तेल इंदौर 705 से 710, महाराष्ट्र 700 से 705, तथा गुजरात 710 से 715 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।