MCX पर सोना 1,45,000 से नीचे, चांदी 0.11% टूटी, जानिए आज के भाव

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नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: भारतीय कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार की सुबह गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी बाजारों से कमजोर संकेत और स्थानीय बाजार में कमजोर मांग के कारण यह स्थिति बनी।

आज सुबह 9:30 बजे एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.30% गिरकर 1,44,861 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 0.11% टूटकर 2,26,137 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें इस हफ्ते गिरावट के साथ बंद होती दिख रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते महंगाई बढ़ने की आशंका है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरें बढ़ा सकता है। यही वजह है कि सोने पर दबाव बना हुआ है। सिंगापुर में सुबह 8:18 बजे स्पॉट गोल्ड 4,123.22 डॉलर प्रति औंस पर था। इस हफ्ते इसमें 1.3% की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं स्पॉट सिल्वर महज 0.1% ऊपर $59.91 प्रति औंस पर पहुंच गई है।

क्यों गिर रहे सोने के भाव

  • मिडिल ईस्ट में तनाव का असर: मिडिल ईस्ट में हवाई हमले तेज हो गए हैं। अमेरिका ने कहा है कि ईरान के साथ तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। इस बीच सोने की कीमतें गिर रही हैं। बता दें पिछले सत्र में लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद सोने ने थोड़ी राहत पाई थी।
  • होर्मुज संकट: अमेरिका और ईरान के बीच हवाई हमलों के बाद भी बातचीत जारी है। अमेरिका ने ईरान पर तेल प्रतिबंध भी फिर से लागू कर दिए हैं। इन घटनाक्रमों ने पिछले महीने हुए अंतरिम शांति समझौते को खतरे में डाल दिया है और होर्मुज से ऊर्जा संसाधनों और अन्य वस्तुओं की आवाजाही को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
  • महंगाई और ब्याज दरों का गणित: सोने के कारोबारियों के लिए चिंता की बात यह है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ती लड़ाई से फेडरल रिजर्व को महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ सकती हैं। इस हफ्ते जारी फेड की जून बैठक के मिनट्स में कुछ अधिकारियों ने ब्याज दरें बढ़ाने की बात कही थी, हालांकि आखिरकार उन्हें स्थिर ही रखा गया। सख्त मौद्रिक नीति आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक होती है, क्योंकि यह ब्याज नहीं देता।
  • फेड में बदलाव की तैयारी: अमेरिकी फेड में संभावित बदलावों को देखते हुए नए चेयरमैन केविन वार्श ने पांच टास्क फोर्स की घोषणा की है, जो नीति निर्माण के प्रमुख पहलुओं की जांच करेंगी। इनमें प्रमुख शिक्षाविद, पूर्व केंद्रीय बैंकर और कॉर्पोरेट अधिकारी शामिल हैं।
  • AI का असर: न्यूयॉर्क फेड के चेयरमैन जॉन विलियम्स ने कहा कि अमेरिका में महंगाई के कारणों में वह AI से पैदा होने वाली मांग पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। अगर यह जारी रहा तो केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं।