Friday, July 10, 2026
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डीओसी निर्यात में कमी से इस बार तिलहन की पैदावार घटने की आशंका

इंदौर। डीओसी का निर्यात लगातार घटने की वजह से सोयाबीन के साथ ही अन्य तिलहन से जुड़ी उद्योगिक मांग कम होने के कारण आगामी फसल की बोवनी घटने की आशंका है। अप्रैल और मई में सभी तरह की डीओसी (खली) का निर्यात घटने से स्थानीय बाजार में सोयाबीन और सरसों के भाव घटे हैं।

डीओसी का निर्यात घटने की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी मांग में कमी और चीन की अमेरिका से सोयाबीन खरीदी कम होने के कारण वहां बड़े पैमाने पर स्टॉक बचना है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव कम होने के कारण मई में डीओसी का निर्यात 78 प्रतिशत घटकर महज 58,549 टन रह गया, जबकि पिछले साल मई में 2,63,644 टन डीओसी का निर्यात हुआ था।

वित्त वर्ष 2019-20 के पहले दो महीनों अप्रैल से मई के दौरान डीओसी का निर्यात 36 प्रतिशत घटकर 3,13,134 टन रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इनका निर्यात 4,87,995 टन का निर्यात हुआ था। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोया डीओसी के साथ ही सरसों डीओसी की कीमतें भी काफी घटी हैं। इसके कारण निर्यात भाव कम होते जा रहे हैं।

अप्रैल के मुकाबले मई में सोया डीओसी के साथ ही सरसों डीओसी, राइसब्रान और केस्टर डीओसी के निर्यात में भी भारी गिरावट आई है। अप्रैल में 40,829 टन सोया डीओसी का निर्यात हुआ था, जो मई में घटकर 18,470 टन रह गया। सरसों डीओसी का निर्यात अप्रैल में 1,20,630 टन रहा था, जो मई में घटकर 19,519 टन का रह गया।

राइब्रान, केस्टर डीओसी निर्यात भी कम
एसईए के मुताबिक मई में राइब्रसान डीओसी का निर्यात घटकर 4,200 टन रह गया, जो अप्रैल में 26,750 टन निर्यात हुआ था। केस्टर खली का निर्यात भी अप्रैल के 66,285 टन से घटकर 16,360 टन रह गया।

भाव में लगातार गिरावट
भारतीय बंदरगाह पर मई में सोया डीओसी के भाव घटकर 447 डॉलर प्रति टन रह गया, जबकि अप्रैल में इसका भाव 460 डॉलर प्रति टन था। इस दौरान सरसों डीओसी का भाव 220 डॉलर प्रति टन से घटकर 218 डॉलर प्रति टन रह गया। हालांकि इस दौरान केंस्टर डीओसी का भाव 77 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 101 डॉलर प्रति टन हो गया।

कीमतें घटने के कारण
दुनियाभर में डीओसी की कीमतें घटने की बड़ी वजह अमेरिका के पास जमा स्टॉक और आगामी फसल का दबाव है। अमेरिका में भले ही शुरुआती तौर पर फसल की बोवनी लगातार जारी बरसात के कारण देरी से हो रही हो, लेकिन कुल बोवनी के मुकाबले मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। जब तक अमेरिका से चीन को होने वाला सोयाबीन का निर्यात सुगम नहीं होता तब तक दुनियाभर के दूसरे सोयाबीन बाजारों की हालत में सुधार के आसार कम हैं।

राजस्थान में अब वेब पोर्टल पर सेल्फ डिक्लेरेशन से ही मिलेगी उद्योगों की मंजूरी

जयपुर। राजस्थान देश में पहला राज्य बन गया है जहां पर उद्यमियों को एमएसएमई उद्योग लगाने के लिए सरकारी विभागों की एनओसी लेने के लिए चक्कर नहीं लगाने होंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को एमएसएमई वेबपोर्टल लांच किया है जिस पर उद्यमी सेल्फ डिक्लेरेशन भर कर बिना एनओसी लिए तीन साल तक अपना उद्योग चला सकेंगे। इसके बाद अगले छह महीनों में उन्हें एनओसी लेनी होगी।

गहलोत ने कहा कि सरकार ने 6 महीनों में ही ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और राजस्थान इन्वेस्टर फ्रेंडली स्टेट बनेगा। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार में हुई निवेश समिट पर तंज कसते हुए कहा कि रिसर्जेंट राजस्थान स्नेह मिलन से ज्यादा कुछ भी नहीं लेकिन हम निवेश लाने पर फोकस करेंगे। इसके लिए नई उद्योग नीति लाई जाएगी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर एनएसएसओ आंकड़ों को छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बेरोजगारी के आकंड़ों को छुपाया, जबकि इन्हीं से विभागों की योजना तैयार होती है। उद्योग विभाग मार्च में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (फैसिलिटेशन ऑफ एस्टेब्लिशमेंट एण्ड ऑपरेशन) अध्यादेश- 2019 लाया था।

अध्यादेश में नए एमएसएमई उद्यमों को राज्य सरकार के अधिनियमों से संबंधित स्वीकृतियों से मुक्ति तो दी ही गई है, साथ ही केंद्र सरकार के जिन अधिनियमों में राज्य सरकार को छूट प्रदान करने की शक्ति मिली हुई है, उनमें भी छूट का प्रावधान किया गया है। सरकार उद्यमियों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।

सौलर व विंड एनर्जी पॉलिसी को भी बेहतर बनाएंगे :
गहलोत ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल में प्रदेश में विंड एनर्जी की संभावनाओं को पहचानते हुए इस दिशा में शुरुआत की थी। आज राजस्थान में करीब 4500 मेगावाट विंड एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। हमारी सरकार सौलर एवं विंड एनर्जी पॉलिसी को भी बेहतर बनाएगी।

लाएंगे नई उद्योग नीति, बनाएंगे एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल :
प्रदेश में एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए भी 10 हैक्टेयर तक कृषि भूमि का लैंड यूज बदलने की आवश्यकता नहीं है। नेशनल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की तर्ज पर ही प्रदेश में भी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल बनाई जाएगी तथा सिंगल विंडो सिस्टम को भी प्रभावी बनाया जाएगा।

JEE अडवांस्ड 2019 का Result 14 को घोषित किया जायेगा

कोटा। देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को सुबह 10:00 बजे घोषित कर दिया जाएगा। आईआईटी रुड़की द्वारा जारी इनफॉरमेशन ब्रोशर के अनुसार कॉमन रैंक लिस्ट में स्थान पाने के लिए सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को कुल न्यूनतम 35% अंक तथा प्रत्येक विषय में 10% अंक हासिल करने हैं।

प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में प्रवेश के लिए निश्चित तौर पर कड़ी परीक्षा ली जाती है। सभी विषयों के साथ, विद्यार्थी की प्रत्येक विषय पर पकड़ को जांचा जाता है। करियर प्वाइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया कि कॉमन रैंक लिस्ट में स्थान पाकर जोसा द्वारा आयोजित काउंसलिंग में भाग लेने हेतु विद्यार्थी को कुल अंकों की एक न्यूनतम पात्रता के साथ ही प्रत्येक विषय में न्यूनतम अंको की पात्रता भी हासिल करनी होती है।

देव शर्मा ने स्पष्ट किया कि जेईई एडवांस 2019 का प्रश्न पत्र के लिए कुल अधिकतम अंक 372 है। फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा मैथमेटिक्स प्रत्येक विषय के अधिकतम अंक 124 है। अर्थात यदि सामान्य वर्ग के विद्यार्थी को कॉमन रैंक लिस्ट में स्थान प्राप्त करना है तो निश्चित तौर पर कुल अंक 130 से अधिक होने आवश्यक है। तथा फिजिक्स केमेस्ट्री,मैथमेटिक्स प्रत्येक विषय में कुल 12 अंकों से अधिक अंकों की आवश्यकता है।

देव शर्मा ने यहां जोर देकर स्पष्ट किया कि प्रत्येक विषय के कुल अंको से तात्पर्य उस विषय के पेपर-1 व पेपर- 2 के अंकों का योग है। इसी प्रकार कुल अंकों का तात्पर्य पेपर -1 एवम् पेपर-2 के अंको के योग से है। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए प्रत्येक विषय में 11 से अधिक अंक तथा कुल अंको का 117 से अधिक होना आवश्यक है।

एससी, एसटी तथा दिव्यांग श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक विषय में 6 से अधिक अंक तथा कुल अंकों का 65 से अधिक होना आवश्यक है। आरक्षित वर्ग के विद्यार्थी यदि महत्वपूर्ण प्रीपरेटरी कोर्स की पात्रता हासिल करना चाहते हैं तो प्रत्येक विषय में 3 से अधिक अंक तथा कुल अंक 32 से अधिक होना आवश्यक है।

अत्यंत तार्किक है टाई से संबंधित नियम टाई होने की स्थिति में धनात्मक अंको को सर्वोच्च प्राथमिकता अधिक उम्र सहायक नहीं देव शर्मा ने स्पष्ट किया कि जेईई एडवांस-2019 के परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए टाइ होने की स्थिति के नियम बिल्कुल अलग एवं अत्यधिक तार्किक है।

यदि दो या दो से अधिक विद्यार्थियों के कुल अंक समान है तो निश्चित तौर पर टाई होता है। टाई की स्थिति में विद्यार्थी के धनात्मक अंको को प्राथमिकता दी जाती है। अर्थात जिस विद्यार्थी के धनात्मक अंक ज्यादा है, उसे बेहतर रैंक प्राप्त होती है। यदि धनात्मक अंक भी समान है तो फिर गणित विषय के अंकों को प्राथमिकता दी जाती है। तत्पश्चात भौतिक विज्ञान के अंको की प्राथमिकता के आधार पर रैंक निर्धारित होती है।

देव शर्मा ने स्पष्ट किया एम्स जैसी प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा में जो कि हाल ही में 25 एवं 26 मई को संपन्न हुई है, टाई होने की स्थिति में क्रमशः बायोलॉजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, सामान्य ज्ञान तथा विद्यार्थी की अधिक उम्र को प्राथमिकता दी जाती है।

किंतु जेईई एडवांस में टाई होने की स्थिति में रसायन विज्ञान विषय को तथा विद्यार्थी की उम्र को कोई प्राथमिकता नहीं दी जाती। निश्चित तौर पर विद्यार्थी की उम्र को प्राथमिकता देना तार्किक नहीं है। जेईई एडवांस विद्यार्थी की उम्र को प्राथमिकता ना देकर तर्कपूर्ण निर्णय लेता है।

इंदौर बाजार: मूंगफली तेल सस्ता, कपास्या तेल में तेजी

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में बुधवार को मूंगफली तेल 10 रुपये प्रति 10 किलोग्राम सस्ता बिका। सोयाबीन रिफाइंड तेल दो रुपये और कपास्या तेल के भाव में पांच रुपये (मंगलवार की तुलना में) प्रति 10 किलोग्राम की वृद्धि दर्ज की गई।

तिलहन सरसों 3650 से 3700रायडा 3400 से 3450सोयाबीन 3650 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल। तेल मूंगफली तेल इंदौर 1020 से 1040, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 752 से 755, सोयाबीन साल्वेंट 710 से 715, पाम तेल 620 से 625 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1900, देवास 1900, उज्जैन 1900, खंडवा 1885, बुरहानपुर 1885, अकोला 2800 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 710 से 715, महाराष्ट्र 695 से 700, तथा गुजरात 715 से 720 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

इंदौर किराना बाजार: शादी-ब्याह वालों की ग्राहकी से हल्दी सुर्ख

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में बुधवार को शक्कर में 20 रुपये (मंगलवार की तुलना में) प्रति क्विंटल की भाव में कमी हुई। हल्दी में ब्याह वालों की मांग सुधार लिए रही।कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में बुधवार को सात गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3350 से 3380 रुपये प्रति क्विंटल।शक्कर एम (मोटी) 3440 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 165 से 185 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2100 से 3800 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 130 से 133, निजामाबाद 90 से 105, पिसी 130 से 165 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल।आटा-मैदा गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1160 से 1170, रवा 1260 से 1270, चना बेसन 3150 से 3160 तथा बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

वैश्विक मांग से सोना-चांदी में उछाल, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली/ कोटा । स्थानीय ज्वैलर्स द्वारा और विदेशों में सोने की लिवाली बढ़ने से इस पीली धातु की कीमतों में वृद्धि देखी गई है। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में सोने के भाव आज बुधवार को 200 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 33,570 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए।

वहीं चांदी की कीमतों में भी आज बढ़ोतरी देखी गई है। चांदी आज 330 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 37,890 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। कारोबारियों के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों और सिक्का कारोबारियों द्वारा लिवाली किये जाने के कारण चांदी के भाव में यह वृद्धि हुई है।

वहीं वैश्विक स्तर की बात करें तो न्यूयॉर्क में सोने के भाव मामूली बढ़ोतरी के साथ 1,337 डॉलर प्रति औंस पर रहे। वहीं चांदी में भी मामूली बढ़ोतरी देखी गई और इसके भाव 14.89 डॉलर प्रति औंस पर रहे।

राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 200 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 33,570 और 99.5 फीसदी शुद्धता वाला सोना भी 200 रुपये की ही बढ़ोतरी के साथ 33,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, गिन्नी सोने की कीमत 26,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रहीं।

उधर चांदी में आज 330 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई। इसके भाव 37,890 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए। वहीं साप्ताहिक डिलीवरी वाली चांदी में भी 251 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई और इसका भाव 36,906 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इसके अलावा चांदी के सिक्कों की लिवाली कीमत 80,000 रुपये प्रति सैकड़ा और बिकवाली कीमत 81,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिर रही।

कोटा सर्राफा
चांदी 37600 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 33300 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38840 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33470 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39040 रुपये प्रति तोला।


खुदरा मुद्रास्फीति 7 माह के उच्चतम स्तर पर, मई में 3.05 फीसदी हुई

नयी दिल्ली। खाने – पीने की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से खुदरा मुद्रस्फीति मई महीने में बढ़कर 3.05 प्रतिशत पर रही। यह सात महीने का उच्चतम स्तर है। सरकारी आंकड़ों से बुधवार को यह जानकारी हुई। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी संशोधित आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में 2.99 प्रतिशत रही।

पहले प्रारंभिक आंकड़ों में इसके 2.92 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया गया था। मई 2018 में खुदरा मुद्रास्फीति 4.87 प्रतिशत पर थी। मई में मुद्रास्फीति का आंकड़ा अक्टूबर 2018 के बाद सबसे ऊंचा है। गत अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति 3.38 प्रतिशत थी।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक , खाद्य मुद्रास्फीति मई में 1.83 प्रतिशत रही। यह अप्रैल के 1.1 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए मुख्यत : खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर गौर करता है।

औद्योगिक विकास दर छह महीने के उच्च स्तर पर, 3.4 फीसदी रही

नई दिल्ली।खनन क्षेत्र और बिजली उत्पादन में सुधार की वजह से अप्रैल में औद्योगिक विकास दर 3.4 फीसदी रही, जो छह महीने का उच्च स्तर है। आधिकारिक आंकड़ों से बुधवार को यह जानकारी सामने आई।

अप्रैल 2018 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) 4.5 फीसदी रहा था। खनन क्षेत्र के उत्पादन में 5.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 3.8 फीसदी रही थी। इसी तरह, आलोच्य अवधि में बिजली उत्पादन में छह फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 2.1 फीसदी थी।

मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हालांकि सुस्ती रही। इससे पहले, अक्टूबर 2018 में औद्योगिक उत्पादन उच्च स्तर पर था और उस वक्त आंकड़ा 8.4 फीसदी था।

हाजिर मांग के कारण धनिया वायदा कीमतों में तेजी

नयी दिल्ली। हाजिर मांग बढ़ने के कारण वायदा कारोबार में बुधवार को धनिया का भाव 0.3 प्रतिशत तक की तेजी के साथ 7,055 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। इसके अलावा प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से सीमित आवक की वजह से कम स्टॉक रहने से भी धनिया वायदा कीमतों में तेजी आई।

एनसीडीईएक्स में जुलाई महीने में डिलीवरी वाले धनिया अनुबंध के भाव 21 रुपये यानी 0.3 प्रतिशत की तेजी के साथ 7,055 रुपये प्रति क्विंटल हो गये जिसमें 29,940 लॉट का कारोबार हुआ।

इसी प्रकार अगस्त महीने में डिलीवरी वाले धनिया अनुबंध के भाव 69 रुपये यानी 0.97 प्रतिशत की तेजी के साथ 7,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गये जिसमें 1,970 लॉट का कारोबार हुआ। बाजार विश्लेषकों ने धनिया वायदा कीमतों में तेजी आने का श्रेय सीमित स्टॉक के मुकाबले हाजिर बाजार की मांग में आई तेजी को दिया।

मांग बढ़ने से ग्वारगम वायदा भाव में तेजी

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार की मजबूत निर्यात मांग के बीच बुधवार को वायदा कारोबार में ग्वारगम की कीमत 44 रुपये की तेजी के साथ 8,455 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारगम के जून महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 44 रुपये अथवा 0.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,455 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसमें 1,875 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

ग्वारगम के जुलाई महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत भी 43 रुपये अथवा 0.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,562 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसमें 59,205 लॉट के लिए कारोबार हुआ।