Tuesday, July 7, 2026
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प्रिया प्रकाश को इस मामले में पीछे छोड़ सकती हैं टीना डाबी, देखिये वीडियो

आईएएस टॉपर टीना डाबी खान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विडियो शेयर किया है, जिसमें वह हाथ में मेहंदी लगाते हुए दिख रही हैं। टीना के इस विडियो की खास बात यह है कि वह इसमें वायरल गर्ल प्रिया प्रकाश वारियर की तरह आंखों से इशारे करती नजर आ रही हैं। टीना का यह विडियो काफी वायरल हो रहा है। ऐसा लग रहा है कि वह प्रिया को कड़ी टक्कर दे सकती हैं।

गौरतलब है कि 2018 में वायरल हुए इस विडियो के चलते प्रिया को गूगल पर सबसे ज्यादा खोजे जाने वाली पर्सनाॉलिटी बना दिया था और फिर वह रातोंरात सिले‍ब्रिटी बन गईं थी। गौरतलब है कि मलयालम ऐक्ट्रेस प्रिया प्रकाश अपने एक विडियो के चलते सोशल मीडिया पर काफी पॉप्‍युलर हो गई थीं। इस विडियो में प्रिया आंखों से इशारे करती हुई दिखी थीं।

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अब टीना के हाथ में मेहंदी लगे इस विडियो को फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। इसे अब तक 184,707 बार देखा जा चुका है और फैंस ने इस पर बहुत अच्छे कमेंट्स भी किए हैं। टीना इस बढ़ती फैन फॉलोइंग से प्रिया प्रकाश को कड़ी टक्कर देती नजर आ रही हैं। टीना ने यह विडियो कुछ समय पहले पोस्ट किया था लेकिन अभी भी इस विडियो पर फैंस के लाइक और कॉमेंट्स आ रहे हैं।

बता दें कि 24 साल की टीना डाबी ने साल 2015 में यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया था। टीना ने उसी साल आईएएस परीक्षा में दूसरे नंबर पर रहे आमिर अतहर खान से शादी करके सुर्खियां बटोरी थीं। दोनों अक्सर अपने फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं।

लोकसभा स्पीकर बिरला ने बनाया रिकॉर्ड, प्रश्नकाल के एक दिन में लिए 10 सवाल

कोटा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पहले ही सप्ताह में एक रिकॉर्ड कायम किया है। पहली बार किसी एक दिन में प्रश्नकाल में 10 सवाल लिए गए हैं, जबकि आम तौर पर प्रश्नकाल का औसत 4 से 5 सवाल तक रहता था। असल में लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दोपहर में एक घंटा प्रश्नकाल के लिए होता है, जिसमें सांसद सीधे मंत्रियों से सवाल करते हैं और सदन में ही मंत्री उनके जवाब देते हैं।

एक घंटे में अब तक अधिकतम 4 से 5 सवाल लिए जाते थे और इतने ही सवालों के जवाब मंत्री दे पाते थे। लेकिन, सोमवार को नया रिकॉर्ड बना और 10 सवाल लिए जा सके। इसकी वजह यह रही कि स्पीकर ने पहले दिन ही सभी सांसदों को आग्रह कर दिया था कि वे सीधे सवाल करें और मंत्री सीधे जवाब दें।

आम तौर पर सवाल पूछने से पहले सांसद लंबी भूमिका बांधने लगते थे और ऐसा ही जवाब देने में भी होता था। इस तरह मुद्दे से ज्यादा समय दूसरी बातों पर खत्म हो जाता था। लोकसभा के अधिकारी खुद इस बात को मान रहे हैं कि किसी एक प्रश्नकाल में 10 सवाल अब तक कभी नहीं लिए गए, यह सोमवार को ही संभव हो सका। यदि यही रफ्तार रही तो लोकसभा की कार्यवाही का सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नकाल और ज्यादा प्रभावी होगी और ज्यादा सांसद अपने सवालों के जवाब ले पाएंगे।

6 जुलाई को कोटा आ सकते हैं स्पीकर बिरला : लोकसभा स्पीकर ओम बिरला 6 जुलाई को कोटा आ सकते हैं। अभी उनका अधिकृत कार्यक्रम तय नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि 5 जुलाई को बजट पेश होने के बाद वे 6 जुलाई को कोटा आ जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि वे हवाई मार्ग से पहले जयपुर आएंगे और वहां से सड़क मार्ग से कोटा पहुंचेंगे।

गूगल प्ले स्टोर पर 2,000 से ज्यादा खतरनाक ऐप्स: स्टडी

नई दिल्ली। एक रिसर्च के मुताबिक गूगल प्ले स्टोर पर 2,000 से ज्यादा फेक ऐप्स है। यूनिवर्सिटी सिडनी ऐंड सीएसआईआरओ डेटा 61 की दो साल के स्टडी में यह सामने आया है कि प्ले स्टोर पर कई पॉप्युलर ऐप्स के फेक वर्जन मौजूद हैं। स्टडी में पता चला कि टेंपल रन, फ्री फ्लो और हिल क्लाइंब रेसिंग जैसे ऐप्स के फेक वर्जन प्ले स्टोर पर मौजूद हैं। इस स्टडी में 1.2 मिलियन ऐप्स पर स्टडी की गई।

इन ऐप्स को पहचानना मुश्किल
स्टडी में बताया गया है कि ये ऐप्स असल ऐप्स से इतना मिलते हैं कि इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। हालांकि ज्यादातर ऐप्स को इंस्टाल करने के बाद पहचाना जा सकता है। पर बिना इंस्टाल किए इन्हें किसी तकनीक के जानकार के लिए भी पहचान पाना मुश्किल है।

मैलवेयर अटैक का खतरा
स्टडी में साफ किया गया है कि इन ऐप्स का इस्तेमाल यूजर्स का डेटा चुराने के लिए या डिवाइस पर मैलवेयर अटैक करने के लिए किया जाता है। इन ऐप्स को इंस्टाल करने से यूजर को आर्थिक नुकसान और आइडेंटिटी थेफ्ट का खतरा रहता है।इस बारे में एक ईमेल के जवाब में गूगल के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा, ‘जब हम किसी ऐप को अपनी पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए पाते हैं तो हम उसे प्ले स्टोर से रिमूव कर देते हैं।’

2,040 फेक ऐप्स
इस स्टडी में 2,040 ऐसे ऐप सामने आए जो प्ले स्टोर पर मौजूद टॉप 10,000 ऐप्स से मिलते जुलते थे। इनमें से 49,608 ऐप्स का उद्देश्य मैलवेयर से डिवाइस को प्रभावित करना था। स्टडी में 1,565 ऐप्स ऐसे थे जो ऐसी पर्मिशंस मांग रहे थे जो ऑरिजनल ऐप नहीं मांगता। स्टडी में कहा गया कि गूगल प्ले स्टोर के जरिए मार्केट में एंट्री करना मुश्किल नहीं है।

ब्राउन राइस के नाम पर आप खा रहे हैं सुपर पॉलिश्ड चावल : स्टडी

नई दिल्ली। अनपॉलिश्ड माने जाने वाले महंगे और पैकेज्ड ब्राउन राइस हकीकत में सफेद हो सकते हैं और काफी पॉलिश किए हुए भी। इसके अलावा, कथित तौर पर ‘डायबीटिक फ्रेंडली’ यानी शुगर के मरीजों के लिए बेहतर कहे जाने वाली वराइटी भी आधा उबले हुए चावल हैं। मद्रास डायबीटिक रिसर्च फाउंडेशन (MDRF) के फूड साइंटिस्टों ने सुपर मार्केट के 15 तरह के ‘हेल्दी’ चावलों का टेस्ट किया। टेस्ट के नतीजे चौंकाने वाले थे। ज्यादातर मामलों में पैकेट पर जिन दावों का जिक्र किया गया, वे हकीकत से कोसों दूर पाए गए।

MDRF ने 15 लोकप्रिय पैकेज्ड चावलों का किया टेस्ट
MDRF की फूड ऐंड न्यूट्रिशन रिसर्च साइंटिस्ट सुधा वासुदेवन हाल ही में ‘जर्नल ऑफ डायबीटॉलजी’ में प्रकाशित एक स्टडी की सह-लेखिका हैं। उन्होंने बताया, ‘हमारे पास काफी संख्या में डायबीटिक मरीज चावल की नई वराइटीज के साथ आ रहे थे, जिनके बारे में जीरो कोलेस्ट्रॉल और शुगरफ्री होने का दावा किया जा रहा था। ऐसे में हमने फैसला किया कि ऐसे लोकप्रिय चावलों में से 15 की जांच की जाए।’

लो GI का दावा हकीकत से परे
सबसे चौंकाने वाला नतीजा ब्राउन राइस के एक ब्रैंड का रहा, जिसका दावा था कि उसका ग्लिसेमिक इंडेक्स (GI) महज 8.6 है। वासुदेवन बताती हैं कि इंटरनैशनल GI टेबल में किसी चावल में इतने कम GI का आजतक कभी कोई जिक्र ही नहीं आया है। चावल में निम्नतम GI करीब 40 के आस-पास पाया गया है। (GI क्या है, यह समझने के लिए नीचे ग्राफिक्स देखें।) दरअसल, GI किसी खाद्य पदार्थ में कार्बोहाइड्रेट का स्तर बताता है।

कार्बोहाइड्रेट से खून में ग्लूकोज का स्तर प्रभावित होता है। कम GI वाले खाद्य पदार्थ सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। 55 से नीचे GI को कम माना जाता है। 44-69 GI को मध्यम और 70 से ऊपर को उच्च माना जाता है। कम GI वाले खाद्य पदार्थ न सिर्फ ब्लड शुगर घटाते हैं, बल्कि हृदय से जुड़ी बीमारियों और टाइप 2 डायबीटीज का भी खतरा कम करते हैं। दाल और सब्जियों में कम GI होता है, जबकि अनाजों में GI का स्तर आम तौर पर मध्यम होता है।

दावों से उलट ब्राउन राइस अनपॉलिश्ड नहीं, आधे उबले हुए
स्टडी की एक और को-ऑथर MDRF की फूड साइंटिस्ट शोभना शनमुगम ने बताया, ‘जांच में चावल को आधा उबला हुआ ब्राउन राइस पाया गया।’ ये चावल अनपॉलिश्ड नहीं थे। आधे उबले होने की वजह से उनका कलर ब्राउन था। पकाते वक्त ये चावल और ज्यादा पानी सोखते हैं, जिससे उनमें स्टार्च का स्तर बढ़ता है। नतीजतन GI का स्तर भी बढ़ जाता है।

कोई भी चावल शुगरफ्री नहीं होता, जीरो कोलेस्ट्रॉल के दावे भी भ्रामक
शुगरफ्री और जीरो कोलेस्ट्रॉल के दावे भी हकीकत से दूर हैं। जीरो कोलेस्ट्रॉल का दावा भ्रामक है। जहां तक शुगरफ्री चावल का दावा है तो शोभना ने बताया कि चावल में जो स्टार्च होता है, वह पाचन के वक्त ग्लूकोज में बदल जाता है। इस तरह कोई भी चावल शुगरफ्री हो ही नहीं सकता। इसलिए पैकेट पर छपे दावों पर मत जाइए और याद रखिए कि चावल को उचित मात्रा में ही खाएं। खासकर शुगर के मरीज जीरो कोलेस्ट्रॉल और शुगरफ्री जैसे दावों की बातों में न आएं।

सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 150 अंक से अधिक उछला

मुंबई। भारी विदेशी मुद्रा प्रवाह के बीच आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी और आरआईएल जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों के चढ़ने से बुधवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में एक समय में 150 अंक से अधिक का उछाल दर्ज किया गया। बाजार खुलने के शुरुआती 15 मिनट में सेंसेक्स में 200 अंक तक का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

आधे घंटे के कारोबार के बाद सुबह साढ़े नौ बजे सेंसेक्स 111.08 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 39,546.02 अंक पर था। इसी प्रकार एनएसई के निफ्टी में भी 32.60 अंक या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,829.05 अंक पर कारोबार हो रहा था। इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स 311.98 अंक यानी 0.80 प्रतिशत की उछाल के साथ 39,434.94 अंक पर और निफ्टी 96.80 अंक यानी 0.83 फीसदी की उछाल के साथ 11,796.45 अंक के स्तर पर रहा।

सेंसेक्स में पावरग्रिड, एनटीपीसी, सन फार्मा, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, टाटा मोटर्स, एमएंडएम, वेदांता और ओएनजीसी के शेयरों में 2.26 प्रतिशत तक की तेजी देखी गयी। विशेषज्ञों के मुताबिक मॉनसून के तेजी से मध्य एवं उत्तर भारत की ओर बढ़ने के चलते निवेश के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हुआ है।

वहीं शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,157.87 करोड़ रुपये और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 377.22 करोड़ रुपये की शुद्ध लिवाली की। इसी बीच शंघाई कंपोजिट इंडेक्स, हांग सेंग, निक्की और कोस्पी में शुरुआती कारोबार में मिलाजुला रुख देखने को मिला।

आखिर 5 कट के साथ पास हुई आयुष्मान की ‘आर्टिकल 15’

आयुष्मान खुराना की अपकमिंग फिल्म आर्टिकल 15 काफी वक्त से सुर्खियों में है। फिल्म के डायरेक्टर हैं अनुभव सिन्हा। फिल्म सच्ची घटनाओं से इंस्पायर्ड बताई जा रही है और आयुष्मान इसमें आईपीएस अफसर का रोल निभा रहे हैं।

हाल ही में फिल्म कुछ कॉन्ट्रोवर्सीज में उलझ गई थी, जिसमें मेकर्स पर आरोप था कि वह ब्राह्मण लोगों की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रहे हैं। अब आर्टिकल 15 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की तरफ से सर्टिफिकेट मिल चुका है और अनुभव इस सर्टिफिकेशन से खुश हैं।

सीबीएफसी ने मेकर्स से 5 मामूली कट लगाने को कहा था जिस पर वे खुशी-खुशी राजी हो गए। आर्टिकल 15 को U/A सर्टिफिकेट मिला है। रिपोर्ट्स की मानें तो अनुभव को ये कट लगाने में कोई दिक्कत नहीं है और ये कट्स सिर्फ कुछ अपशब्दों पर हैं।

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जिन पर डिसक्लेमर के साथ वॉइस ओवर के लिए कहा गया है। मेकर्स ऐसा करने के लिए खुशी-खुशी तैयार हैं। बता दें कि आर्टिकल 15 हाल ही में 10वें लंदन इंडियन फेस्टिवल में दिखाई गई थी जहां इसे काफी तारीफ मिली।

Oppo ला रहा इन-स्क्रीन कैमरे वाला दुनिया का पहला फोन, आज होगा लॉन्च

नई दिल्ली। मोबाइल बनाने वाली चीन की कंपनी ओप्पो (Oppo) आज बुधवार 26 जून को इन-स्क्रीन कैमरे वाला स्मार्टफोन लॉन्च करेगी। यह फोन मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2019 शंघाई में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ने एक विडियो भी रिलीज किया है, जिसमें फोन की फ्रंट फेस कैमरा हाउसिंग टेक्नॉलजी दिखाई गई है।

यह फोन कंपनी के फोन ओप्पो फाइंड X का सक्सेसर होगा। कंपनी ने इसे ओप्पो फाइंड Y (Oppo Find Y) नाम दिया है। हालांकि, इस बारे में कंपनी ने कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। इससे पहले भी कंपनी ने ट्विटर पर 15 सेकंड का एक विडियो पोस्ट किया था। विडियो में फोन के फ्रंट पैनल का ऊपरी हिस्सा दिखाई देता है। विडियो में फोन में फ्रंट कैमरा नजर नहीं आता। फोन में सेल्फी कैमरा ऐक्टिवेट होते हुए दिखाया गया है।

विडियो में यह साफ नहीं किया गया है कि इस मॉडल का नाम क्या है, लेकिन माना जा रहा है कि यह ओप्पो फाइंड X का सक्सेसर ओप्पो फाइंड Y है। ओप्पो फाइंड X में कई इनोवेटिव फीचर मौजूद थे। इस फोन के फीचर भी फाइंड X से मिलते जुलते ही होंगे। शाओमी ने भी घोषणा की है कि कंपनी जल्द ही अंडर स्क्रीन कैमरा टेक्नॉलजी के साथ फोन लाने वाली है। कंपनी का दावा है कि कंपनी की अंडर डिस्प्ले कैमरा तकनीक स्मार्टफोन्स में फुल व्यू के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

कोटा वुमन एन्टरप्रेन्योर्स की प्रदर्शनी में दिखेगी महिलाओं की क्रिएटिविटी

कोटा। कोटा वुमन एन्टरप्रेन्यार्स की ओर से 27 जून से दो दिवसीय प्रदर्शनी ‘‘क्रिएटिव मंत्रा’’ स्टेशन रोड स्थित एक होटल पर आयोजित की जाएगी। आयोजक डाॅली मदनानी, सोनल मदनानी एवं रागिनी चन्द्रा ने बताया कि महिला उद्यमी अपने उपक्रम घर से ही करती हैं। ऐसी महिलाओं उद्यमियों को उचित मंच प्रदान करने के लिए क्रियटिव मंत्रा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। जहां महिलाएं अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर सकती हैं।

क्लब की संस्थापक डाॅली मदनानी ने बताया कि प्रदर्शनी में 25 स्टाॅल होंगी। जिनमें सूट, साड़ी, ज्वैलरी, होम डेकोर, आरटीफाई होम्स, काॅस्मेटिक्स, हर्बल प्रोडक्ट्स, होम्योपैथी के साथ ही पारंपरिक उत्पाद होंगे। प्रदर्शनी में महिला उद्यमियों के द्वारा अपने उत्पाद प्रदर्शित करने के साथ ही उनकी जानकारी लोगों को दी जाएगी। क्लब के साथ ही फेसबुक पर पेज बनाकर ढाई हजार महिलाओं को इस प्रकार की गतिविधि से जोड़ा गया है। क्लब के द्वारा पहली बार यह आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सभी शहरवासी निशुल्क हिस्सा बन सकते हैं।

उन्होंने बताया कि क्रिएटिव मंत्रा में गुरूवार को बम्पर हाउजी का आयोजन किया जाएगा। कैदियों के बैंड केे द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का आकर्षण होंगे। वहीं शुक्रवार को बच्चों का फैशन आयोजित होगा। इस शो के दौरान 3 उसे 8 साल तथा 9 से 16 साल तक के बच्चों के दो रैंप शो होंगे। इसमें बेस्ट ड्रेस अवार्ड, लक्की ड्रा समेत विभिन्न अवार्ड दिए जाएंगे। इस अवसर पर नेहा गुप्ता, दिव्या शर्मा, उषा तिवारी, रमा चक्रवर्ती, गीता पेसवानी, पलक अगनानी समेत कईं सदस्य मौजूद रहीं।

कोटा जिले की हर तहसील में 100 पौधे लगाएगा भारतीय किसान संघ

कोटा।भारतीय किसान संघ कोटा जिला की ओर से हर तहसील में 100 पौधे लगाएगा। वहीं बारिश के दौरान गांव के पानी को सहेजने के लिए भी कार्य करेगा। भारतीय किसान संघ के प्रान्त संगठन मंत्री हेमराज ने मानव विकास भवन में आयोजित बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि पौधरोपण और जल प्रबंधन से ही किसानों का कल्याण हो सकता है। किसानों को खेतों के अलावा ऐसे सामाजिक कार्य भी हाथ में लेने चाहिए।

भूजल के गिरते स्तर को रोकने के लिए कुंआ, बावड़ी, तालाब आदि का रिचार्ज होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बेकार बहकर जाने वाले पानी को सहेजने से भूगर्भ को रिचार्ज किया जा सकता है। वहीं बारिश के दिनों में गांवों में कीचड़ से बचाव के उपायों का चिंतन भी अभी से करना चाहिए।

प्रान्त मंत्री जगदीश कलमंडा ने कहा कि किसान सहनशील समाज है, इसलिए प्रशासन किसानों को समस्याओं को आसानी से नहीं सुनता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा में खामियों के चलते इसकी राशि किसानों को नहीं मिल पा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गिरदावरी से पूर्व ही प्रीमियम राशि काट ली जाती है। जिससे किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिल पाता है।

प्रीमियम काटने से पूर्व किसानों से फसल बुवाई घोषणा पत्र लिया जाना चाहिए। इसके लिए ग्राम स्तर पर बीमा एजेंट, पटवारी, ग्राम सहायक व कृषि पर्यवेक्षक शिविर लगा कर किसानों से घोषणा पत्र लेकर बीमा के लिए भेजे। प्रीमियम जमा होने के बाद बीमा कम्पनी द्वारा प्रत्येक बीमा कराने वाले को उसकी पाॅलिसी देकर आवश्यक जानकारी से अवगत कराए।

जिलाध्यक्ष गिरिराज चौधरी ने कहा कि किसानों को अविलम्ब ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ग्राम सहकारी सचिवों के द्वारा कार्य बहिष्कार किया जा रहा है, लेकिन सरकार के द्वारा इसका समाधान नहींे निकाला गया। जिससे इसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। जर्जर नहरी तंत्र पर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जहां कार्य कराया जा रहा है। वह भी गुणवत्तापूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों को अनुदानित बीज उपलब्ध नहीं होने से किसान आर्थिक हानि उठाने को मजबूर हैं। वहीं सहकारी समितियों में भी बीज उपलब्ध नहीं है।

संभाग के मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने कहा कि किसानों के खेतों में ट्रांसफार्मर चोरी होने के बाद पुलिस के द्वारा एफआईआर तुरंत दर्ज नहीं की जाती है। जिससे दूसरा ट्रांसफाॅर्मर लेने में समस्या आती है। उनहोंने कहा कि सुल्तानपुर क्षैत्र के ग्राम बांक्या, बराणा, बिसलाई, धनसूरी, भूनेण, सनीजा बावड़ी, खेरूला गांवों में पानी की निकासी नहीं होने के कारण से जलभराव से फसलें खराब हो जाती हैं।

प्रशासन से मिलकर जलभराव की समस्या के बारे में अवगत कराया जाएगा। आशीष मेहता ने बताया कि संघ की ओर से तहसील और जिला स्तर पर ज्ञापन दिए जाने के बावजूद किसानों की समस्याओं का कोई समाधान निकलता प्रतीत नहीं हो रहा है।

आज संभागीय आयुक्त को ज्ञापन देंगे
उन्होंने कहा कि बुधवार को दोपहर 2 बजे संभागीय आयुक्त को भी ज्ञापन देकर अपनी समस्याओें से अवगत कराया जाएगा। बैठक में मोहनलाल नागर, महावीर नागर, रूपनारारयण मालव, पीडी नागर, जोधराज नागर, शिवराज योगी, अखिलेश दाधीच, फूलचंद मेघवाल, महावीर सुमन, देवेन्द्र मालव समेत कईं लोग मौजूद रहे।

ट्रक ड्राइवर का बेटा बनेगा अपने गांव का पहला डॉक्टर

कोटा। कोचिंग सिटी कोटा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से देश को उज्जवल भविष्य दे रही है। यहां इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियों के लिए दिए जा रहे प्रोत्साहन के जरिए ऐसे विद्यार्थियों का जीवन संवर रहा है जो शहर की चमक-दमक से बहुत दूर तो हैं ही, प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के बारे में भी जिन्हें जानकारी नहीं है।

पिछले दिनों इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद इस तरह के उदाहरण सामने आ रहे हैं। इन्हीं में से एक है जैसलमेर जिले के पोकरण तहसील के धौलिया गांव का छात्र अभिषेक जो कि डॉक्टर के रूप में अपना कॅरियर बनाने जा रहा है। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के छात्र अभिषेक ने नीट-2019 में 612 अंक प्राप्त किए हैं तथा जनरल कैटेगिरी में 5305 आल इंडिया रैंक पर रहा है। अभिषेक धौलिया ही नहीं वरन आस-पास के गांवों का पहला डॉक्टर होगा।

ट्रक चलाते हैं पिता
अभिषेक ने बताया कि परिवार मोहनगढ़ में रहता है। करीब तीन सौ घरों का गांव है और एक हजार आबादी है। परिवार में माता-पिता और हम दो भाई हैं। पापा जगदीश विश्नोई आठवीं पास हैं और ट्रक चलाते हैं। ट्रक ताऊजी का है और वो ड्राइवर के रूप में नौकरी करते हैं। मां पुष्पा देवी निरक्षर हैं, गृहिणी हैं। छोटे भाई सुमित ने इस वर्ष 12वीं उत्तीर्ण की है। इसके अलावा निम्न आय वर्ग होने व आय का स्थाई साधन नहीं होने के कारण सरकार ने बोर्डर पर जमीन दी हुई है। मोहनगढ़ क्षेत्र की यह जमीन गांव से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर है। एक सीजन में ही खेती हो पाती है, सर्दी में पानी नहीं होने के कारण खेती नहीं होती। खेती के दौरान वहीं रहना पड़ता है।

ताऊ जी की सलाह पर आया कोटा
मैंने आठवीं तक गांव के ही सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। ताऊजी सरकारी स्कूल में व्याख्याता है। उन्होंने और अच्छा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। दसवीं में 73 प्रतिशत अंक आए तो डॉक्टर बनने की बात पूछी तो मैंने हां कह दी। मुझे ये भी पता नहीं था कि इसके लिए कौनसी परीक्षा होती है, कैसे तैयारी करनी है। इसके बाद 12वीं में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, इसी दौरान ताऊजी के मित्र ने कोटा भेजने की सलाह दी। यहां एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में प्रवेश लिया। शुरूआत में रैंक कम रही लेकिन जैसे-जैसे एलन में सपोर्ट मिलता चला गया, मेरी परफोरमेंस सुधरती चली गई। तीन साल कोटा में रहकर तैयारी की। इस दौरान मेरी परिस्थितियों को देखते हुए एलन द्वारा शुल्क में 70 प्रतिशत की रियायत दी गई।

अब टीचर बनना चाहता हूं :नीट में चयन के बाद अब आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर में प्रवेश लेने का इच्छुक हूं। एमबीबीएस करने के बाद क्या करूंगा अभी सोचा लेकिन टीचर बनने की इच्छा मन में है। जिस तरह एलन के टीचर्स स्टूडेंट्स की लाइफ बना रहे हैं, उसी तरह मैं भी टीचर बनकर ग्रामीण बच्चों का जीवन संवारना चाहता हूं। गांवों में प्रतिभाएं तो बहुत हैं लेकिन अच्छे मार्गदर्शन व काउंसलिंग के अभाव में स्टूडेंट्स आगे नहीं बढ़ पाते। अच्छे अंक लाने के बाद भी प्रतिभाएं वहीं खत्म हो जाती है और सामान्य कामकाज में लग जाते हैं। मैं ऐसे विद्यार्थियों को आगे लाना चाहता हूं।