Friday, June 26, 2026
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कोटा जिले की हर तहसील में 100 पौधे लगाएगा भारतीय किसान संघ

कोटा।भारतीय किसान संघ कोटा जिला की ओर से हर तहसील में 100 पौधे लगाएगा। वहीं बारिश के दौरान गांव के पानी को सहेजने के लिए भी कार्य करेगा। भारतीय किसान संघ के प्रान्त संगठन मंत्री हेमराज ने मानव विकास भवन में आयोजित बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि पौधरोपण और जल प्रबंधन से ही किसानों का कल्याण हो सकता है। किसानों को खेतों के अलावा ऐसे सामाजिक कार्य भी हाथ में लेने चाहिए।

भूजल के गिरते स्तर को रोकने के लिए कुंआ, बावड़ी, तालाब आदि का रिचार्ज होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बेकार बहकर जाने वाले पानी को सहेजने से भूगर्भ को रिचार्ज किया जा सकता है। वहीं बारिश के दिनों में गांवों में कीचड़ से बचाव के उपायों का चिंतन भी अभी से करना चाहिए।

प्रान्त मंत्री जगदीश कलमंडा ने कहा कि किसान सहनशील समाज है, इसलिए प्रशासन किसानों को समस्याओं को आसानी से नहीं सुनता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा में खामियों के चलते इसकी राशि किसानों को नहीं मिल पा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गिरदावरी से पूर्व ही प्रीमियम राशि काट ली जाती है। जिससे किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिल पाता है।

प्रीमियम काटने से पूर्व किसानों से फसल बुवाई घोषणा पत्र लिया जाना चाहिए। इसके लिए ग्राम स्तर पर बीमा एजेंट, पटवारी, ग्राम सहायक व कृषि पर्यवेक्षक शिविर लगा कर किसानों से घोषणा पत्र लेकर बीमा के लिए भेजे। प्रीमियम जमा होने के बाद बीमा कम्पनी द्वारा प्रत्येक बीमा कराने वाले को उसकी पाॅलिसी देकर आवश्यक जानकारी से अवगत कराए।

जिलाध्यक्ष गिरिराज चौधरी ने कहा कि किसानों को अविलम्ब ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ग्राम सहकारी सचिवों के द्वारा कार्य बहिष्कार किया जा रहा है, लेकिन सरकार के द्वारा इसका समाधान नहींे निकाला गया। जिससे इसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। जर्जर नहरी तंत्र पर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जहां कार्य कराया जा रहा है। वह भी गुणवत्तापूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों को अनुदानित बीज उपलब्ध नहीं होने से किसान आर्थिक हानि उठाने को मजबूर हैं। वहीं सहकारी समितियों में भी बीज उपलब्ध नहीं है।

संभाग के मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने कहा कि किसानों के खेतों में ट्रांसफार्मर चोरी होने के बाद पुलिस के द्वारा एफआईआर तुरंत दर्ज नहीं की जाती है। जिससे दूसरा ट्रांसफाॅर्मर लेने में समस्या आती है। उनहोंने कहा कि सुल्तानपुर क्षैत्र के ग्राम बांक्या, बराणा, बिसलाई, धनसूरी, भूनेण, सनीजा बावड़ी, खेरूला गांवों में पानी की निकासी नहीं होने के कारण से जलभराव से फसलें खराब हो जाती हैं।

प्रशासन से मिलकर जलभराव की समस्या के बारे में अवगत कराया जाएगा। आशीष मेहता ने बताया कि संघ की ओर से तहसील और जिला स्तर पर ज्ञापन दिए जाने के बावजूद किसानों की समस्याओं का कोई समाधान निकलता प्रतीत नहीं हो रहा है।

आज संभागीय आयुक्त को ज्ञापन देंगे
उन्होंने कहा कि बुधवार को दोपहर 2 बजे संभागीय आयुक्त को भी ज्ञापन देकर अपनी समस्याओें से अवगत कराया जाएगा। बैठक में मोहनलाल नागर, महावीर नागर, रूपनारारयण मालव, पीडी नागर, जोधराज नागर, शिवराज योगी, अखिलेश दाधीच, फूलचंद मेघवाल, महावीर सुमन, देवेन्द्र मालव समेत कईं लोग मौजूद रहे।

ट्रक ड्राइवर का बेटा बनेगा अपने गांव का पहला डॉक्टर

कोटा। कोचिंग सिटी कोटा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से देश को उज्जवल भविष्य दे रही है। यहां इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियों के लिए दिए जा रहे प्रोत्साहन के जरिए ऐसे विद्यार्थियों का जीवन संवर रहा है जो शहर की चमक-दमक से बहुत दूर तो हैं ही, प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के बारे में भी जिन्हें जानकारी नहीं है।

पिछले दिनों इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद इस तरह के उदाहरण सामने आ रहे हैं। इन्हीं में से एक है जैसलमेर जिले के पोकरण तहसील के धौलिया गांव का छात्र अभिषेक जो कि डॉक्टर के रूप में अपना कॅरियर बनाने जा रहा है। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के छात्र अभिषेक ने नीट-2019 में 612 अंक प्राप्त किए हैं तथा जनरल कैटेगिरी में 5305 आल इंडिया रैंक पर रहा है। अभिषेक धौलिया ही नहीं वरन आस-पास के गांवों का पहला डॉक्टर होगा।

ट्रक चलाते हैं पिता
अभिषेक ने बताया कि परिवार मोहनगढ़ में रहता है। करीब तीन सौ घरों का गांव है और एक हजार आबादी है। परिवार में माता-पिता और हम दो भाई हैं। पापा जगदीश विश्नोई आठवीं पास हैं और ट्रक चलाते हैं। ट्रक ताऊजी का है और वो ड्राइवर के रूप में नौकरी करते हैं। मां पुष्पा देवी निरक्षर हैं, गृहिणी हैं। छोटे भाई सुमित ने इस वर्ष 12वीं उत्तीर्ण की है। इसके अलावा निम्न आय वर्ग होने व आय का स्थाई साधन नहीं होने के कारण सरकार ने बोर्डर पर जमीन दी हुई है। मोहनगढ़ क्षेत्र की यह जमीन गांव से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर है। एक सीजन में ही खेती हो पाती है, सर्दी में पानी नहीं होने के कारण खेती नहीं होती। खेती के दौरान वहीं रहना पड़ता है।

ताऊ जी की सलाह पर आया कोटा
मैंने आठवीं तक गांव के ही सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। ताऊजी सरकारी स्कूल में व्याख्याता है। उन्होंने और अच्छा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। दसवीं में 73 प्रतिशत अंक आए तो डॉक्टर बनने की बात पूछी तो मैंने हां कह दी। मुझे ये भी पता नहीं था कि इसके लिए कौनसी परीक्षा होती है, कैसे तैयारी करनी है। इसके बाद 12वीं में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, इसी दौरान ताऊजी के मित्र ने कोटा भेजने की सलाह दी। यहां एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में प्रवेश लिया। शुरूआत में रैंक कम रही लेकिन जैसे-जैसे एलन में सपोर्ट मिलता चला गया, मेरी परफोरमेंस सुधरती चली गई। तीन साल कोटा में रहकर तैयारी की। इस दौरान मेरी परिस्थितियों को देखते हुए एलन द्वारा शुल्क में 70 प्रतिशत की रियायत दी गई।

अब टीचर बनना चाहता हूं :नीट में चयन के बाद अब आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर में प्रवेश लेने का इच्छुक हूं। एमबीबीएस करने के बाद क्या करूंगा अभी सोचा लेकिन टीचर बनने की इच्छा मन में है। जिस तरह एलन के टीचर्स स्टूडेंट्स की लाइफ बना रहे हैं, उसी तरह मैं भी टीचर बनकर ग्रामीण बच्चों का जीवन संवारना चाहता हूं। गांवों में प्रतिभाएं तो बहुत हैं लेकिन अच्छे मार्गदर्शन व काउंसलिंग के अभाव में स्टूडेंट्स आगे नहीं बढ़ पाते। अच्छे अंक लाने के बाद भी प्रतिभाएं वहीं खत्म हो जाती है और सामान्य कामकाज में लग जाते हैं। मैं ऐसे विद्यार्थियों को आगे लाना चाहता हूं।

कोटा मंडी : आवक की कमी से मूंग 200 रुपये और उड़द 100 रुपए तेज

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को आवक की कमी से मूंग 200 रुपये और उड़द 100 रुपये प्रति क्विंटल ऊँचा बोला गया। लिवाली के अभाव में चना 50 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा। मंडी में सभी जिंसों का मिलाकर करीब 30000 बोरी का कारोबार हुआ। लहसुन की आवक 10000 कट्टे की हुई।

गेहूं लस्टर 1700 से 1800 गेहूं मिल क्वालिटी 1775 से 1831एवरेज 1850से 1880 लोकवान 1900 से 1950 पीडी 1750 से 1900 गेहूं टुकडी 1875 से 1950 मक्का 1900 से 2050 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 3800 रुपये प्रति प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 3000 पूसा 1 2500 से 3001 पूसा 4 (1121) 3600 से 4000 धान लाजवाब (1509 ) 3000 से 3405 रुपये प्रति प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3400 से 3725 सोयाबीन बीज क्वालिटी 3850 सरसों 3400 से 3601अलसी 4000 से 4501 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4200 कलौजी 8500 से 9500 धनिया बादामी 5500 से 6000 ईगल 6000 से 6401 रंगदार नया 6500 से 8000 रुपये प्रति प्रति क्विंटल। लहसुन 1800से 7200 रुपये प्रति प्रति क्विंटल।

मूंग 5100 से 5800 उड़द 2000 से 4450 चना 3600 से 4060 चना कांटिया 3850 चना काबुली 3500 से 4500 चना पेप्सी 3800 से 4100 चना मौसमी 3000 से 4100 मसूर 3800 से 4250 रुपये प्रति प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति प्रति क्विंटल।

इंदौर बाजार: मूंगफली और कपास्या तेल में तेजी

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में मंगलवार को मूंगफली तेल के भाव में 40 रुपये(सोमवार की तुलना में) प्रति 10 किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई। सोयाबीन रिफाइंड दो रुपये प्रति 10 किलोग्राम सस्ता बिका। कपास्या तेल में आठ रुपये बढ़े रहे। तिलहन में सरसों 25 रुपये और रायडा के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए।

तिलहन सरसों 3600 से 3625रायडा 3400 से 3450सोयाबीन 3600 से 3650 रुपये प्रति क्विंटल।तेलमूूंगफली तेल इंदौर 1120 से 1140, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 750 से 753, सोयाबीन साल्वेंट 715 से 720, पाम तेल 630 से 635 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1850, देवास 1850, उज्जैन 1850, खंडवा 1835, बुरहानपुर 1835, अकोला 2825 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 725 से 730, महाराष्ट्र 710 से 715, तथा गुजरात 730 से 735 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

इंदौर किराना: बारिश के साथ ही बेसन और शक्कर में ग्राहकी निकली

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में मंगलवार को शक्कर में ग्राहकी सुधार लिए रही। बारिश की शुरुआत के साथ बेसन में मांग बढ़ी रही।कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में मंगलवार को आठ गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3350 से 3380 रुपये प्रति क्विंटल।शक्कर एम (मोटी) 3440 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 165 से 185 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2100 से 3800 रुपये प्रति 15 किलोग्राम।

हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 130 से 133, निजामाबाद 90 से 105, पिसी 130 से 165 रुपये प्रति किलोग्राम। साबूदाना साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल।

आटा-मैदा गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1140 से 1150, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 2950 से 3000 तथा बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर मंडी: मांग घटने से दाल मूंग मोगर और उड़द मोगर में गिरावट

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में मंगलवार को चना कांटा 25 रुपये, मसूर 25 रुपये, मूंग 50 रुपये और तुअर (अरहर) के भाव में 100 रुपये (सोमवार की तुलना में) प्रति क्विंटल की कमी हुईं। मांग घटने से मूंग दाल 100 रुपये, मूंग मोगर 100 रुपये और उड़द मोगर के भाव 100 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट लिए रहे।कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में मंगलवार को दो हजार बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन चना (कांटा) 4200 से 4250, चना (देसी) 4100 से 4150, डबल डॉलर 4500 से 4800, मसूर 4125 से 4150, हल्की 3700 से 3800, बटला (मटर) 4100 से 4150, मूंग 5400 से 5550, हल्की 5000 से 5200, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5300, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5700 से 5800, उड़द 5000 से 5200, हल्की 3800 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 7000 से 7200, तुअर दाल फूल 7400 से 7600, तुअर दाल बोल्ड 7800 से 8000, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5400 से 5600, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5350 से 5450मूंग दाल 7200 से 7400, मूंग मोगर 8000 से 8200 उड़द दाल 7200 से 7400, उड़द मोगर 7400 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज गेहूं हल्का 1720 से 1820, गेहूं 147- 1870 से 2070, गेहूं लोकवन 1770 से 2070, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

ज्वैलर्स की लिवाली निकलने से सोना 200 रुपये उछला, चांदी 110 रुपये महंगी

नई दिल्ली/ कोटा। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, स्थानीय ज्वैलर्स की लिवाली बढ़ने से राष्ट्रीय राजधानी में आज मंगलवार को सोने के भाव में बढ़ोतरी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत में आज 200 रुपये की वृद्धि हुई और इसके भाव 34,470 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए। सोने में तेजी के साथ ही चांदी की कीमतों में भी आज तेजी देखी गई है।

चांदी आज 110 रुपये की तेजी के साथ 39,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। कारोबारियों के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों और सिक्का कारोबारियों द्वारा लिवाली बढ़ने के कारण चांदी के भाव में यह बढ़ोतरी हुई है। वैश्विक स्तर की बात करें तो न्यूयॉर्क में सोने के भाव बढ़कर 1,429.80 डॉलर प्रति औंस पहुंच गए।

वहीं चांदी का भाव भी बढ़कर 15.52 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। मध्य एशिया में तनाव के चलते इस समय वैश्विक स्तर पर सोने के भाव छह साल के सबसे उंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में आज 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 200 रुपये की तेजी के साथ 34,470 रुपये और 99.5 फीसदी शुद्धता वाला सोना भी 200 रुपये की तेजी के साथ 34,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

गिन्नी सोने की कीमत में भी 100 रुपये की वृद्धि हुई और इसके भव 26,900 रुपये प्रति आठ ग्राम आ गए। कारोबारियों के अनुसार, स्थानीय ज्वैलर्स की मांग में तेजी आने से सोने की कीमतों में यह तेजी देखी गई। उधर चांदी में आज 100 रुपये की तेजी देखी गई। इसके भाव आज 39,200 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए।

वहीं साप्ताहिक डिलीवरी वाली चांदी में 35 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई और इसका भाव आज 38,133 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इसके अलावा चांदी के सिक्कों की लिवाली कीमत 1000 रुपये बढ़कर 81,000 रुपये प्रति सैकड़ा और बिकवाली कीमत 82,000 रुपये प्रति सैकड़ा हो गई।

कोटा सर्राफा
चांदी 38200 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 34100 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39770 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 34270 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39970 रुपये प्रति तोला।

निवेशकों के समर्थन से सेंसेक्स 311 अंक उछला, निफ्टी 11,796 पर

नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान तनाव में कमी आने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण मंगलवार को निवेशकों ने लिवाली की। इस कारण भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 311 अंकों की तेजी के साथ 39,434 अंकों पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 96 अंकों की तेजी के साथ 11,796 अंकों पर जाकर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण मंगलवार को ऑयल एंड गैस सेक्टर में शेयरों में उछाल दर्ज किया गया। सेंसेक्स में ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयर 237 अंकों की तेजी के साथ 14,854 अंकों पर बंद हुए। इसके अलावा मेटल सेक्टर में 195 अंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में 233 अंक, बैंकिंग सेक्टर में 297 अंकों की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी में बैंकिंग सेक्टर में 245 अंक, फाइनेंस सर्विसेज सेक्टर में 110 अंक, एफएमसीजी सेक्टर में 88 अंक और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में 132 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

ये हैं टॉप गेनर
सेंसेक्स में आईएफसीआई 17.06 फीसदी, टोरंट पावर 12.46 फीसदी, इमामी लिमिटेड 9.02 फीसदी, इंडिया सीमेंट 7.82 फीसदी, मण्णपुरम 7.54 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे। निफ्टी में ओएनजीसी 0.64 फीसदी, टाइटन 0.35 फीसदी, एलएंडटी 0.30 फीसदी, आईओसी 0.23 फीसदी, हिन्दुस्तान यूनीलिवर 0.13 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे।

ये हैं टॉप लूजर
सेंसेक्स में रिलायंस पावर 12.58 फीसदी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 8.14 फीसदी, रिलायंस कैपिटल 6.57 फीसदी, आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस 6.43 फीसदी, पीसी ज्वैलर्स 5.43 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे। निफ्टी में जी एंटरटेनमेंट 2.77 फीसदी, टाटा स्टील 2.05 फीसदी, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस 1.66 फीसदी, जेएसडब्ल्यू स्टील 1.57 फीसदी, यस बैंक 1.56 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे।

पायलट बनना अब आसान, 5 साल में 200 घंटे की उड़ान के नियम खत्म

नई दिल्ली। देश में कमर्शियल पायलटों की कमी को देखते हुये सरकार ने पायलट लाइसेंस हासिल करने के नियम आसान कर दिए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पायलट लाइसेंस के लिए उड़ान-अनुभव की शर्तों में ढील देते हुए अब उन पायलटों को भी लाइसेंस देने का फैसला किया है जिनका पिछले पांच साल में उड़ान भरने का कोई अनुभव न रहा हो। पहले आवेदन करने की तिथि से पिछले पांच साल में 200 घंटे की उड़ान का अनुभव अनिवार्य था।

मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर एयरक्राफ्ट रूल्स-1937 में संशोधन कर दिया है। अब प्रशिक्षण और उड़ान अनुभव हासिल करने के कितने भी समय बाद पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकेगा। साथ ही करियर के बीच में अंतराल आने से भी दोबारा लाइसेंस हासिल करने में पायलट को कोई दिक्कत नहीं होगी।

आपको बता दें कि देश में हवाई यात्रियों की संख्या पिछले चार साल में 20 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ी है। इसे देखते हुए विमान सेवा कंपनियों ने बड़ी संख्या में विमानों के ऑर्डर दिए हुए हैं। इनके लिए प्रशिक्षत मानव संसाधन की कमी एक बड़ी चुनौती है। सरकार ने इसी के मद्देनजर पायलट लाइसेंस हासिल करने के नियम आसान किए हैं।

टीसी अधिकारियों को 31 दिसंबर तक लेना होगा लाइसेंस
हवाई यातायात नियंत्रक (एटीसी) अधिकारियों के लिए पहली बार लाइसेंस की व्यवस्था करने के बाद सरकार ने सभी मौजूदा एटीसी अधिकारियों के लिए लाइसेंस हासिल करने के लिए 31 दिसंबर 2019 तक का समय तय किया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक अधिसूचना में बताया कि जो एटीसी अधिकारी 05 नवंबर 2018 से पहले हवाई यातायात नियंत्रक की जिम्मेदारी निभा रहे थे वे लाइसेंस हासिल करने तक या 31 दिसंबर 2019 तक काम करना जारी रख सकते हैं। नई व्यवस्था के तहत लाइसेंस जारी करने और इसके लिए परीक्षाएं आयोजित करने की जिम्मेवारी नागर विमानन महानिदेशालय को दी गई है।

आपका ड्राइविंग लाइसेंस 1 अक्टूबर से बदल जाएगा, सरकार ने संसद में दी जानकारी

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार सड़कों पर गाड़ी और ड्राइवर की पहचान को आसान बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके लिए पूरे देश में एक समान ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) का नियम बनाया गया है। यह नया नियम 1 अक्टूबर 2019 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। यानी 1 अक्टूबर 2019 के बाद पूरे देश में जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी एकसमान होंगे। यह जानकारी सड़क परिवहन एवं राज मार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को संसद में दी।

स्मार्ट होगा ड्राइविंग लाइसेंस
नितिन गडकरी की ओर से राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार नया ड्राइविंग लाइसेंस बिना चिप वाला लेमिनेटिड कार्य या फिर स्मार्ट कार्ड के रूप में जारी किया जाएगा। इन स्मार्ट ड्राइविंग ड्राइविंग लाइसेंस माइक्रोचिप और क्यूआर कोड होंगे, जिसमें आपकी यातायात नियमों के उल्लंघन संबधी सभी जानकारियां होंगी। इसको लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 1 मार्च 2019 को नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।

पूरे देश में एक समान होगा फॉर्मेट
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 1 अक्टूबर 2019 से पूरे देश में एक ही फॉर्मेट में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जारी की जाएंगी। इसमें सामने की ओर चिप और पीछे की ओर क्यूआर कोड होगा। इस चिप और बार कोड में लाइसेंस होल्डर और वाहन की समस्त जानकारी होगी। क्यूआर कोड की मदद से केंद्रीय ऑनलाइन डेटाबेस से ड्राइवर या वाहन का पूरा रिकॉर्ड एक डिवाइस के जरिए पढ़ा जा सकेगा।

फॉन्ट और रंग भी होगा एकसमान
नोटिफिकेशन के अनुसार, 1 अक्टूबर 2019 से जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का रंग भी एक समान होगा। नोटिफिकेशन में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी पर दर्ज की जाने वाली जानकारी के फॉन्ट भी तय कर दिए गए हैं।