Friday, June 26, 2026
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Jeep Compass Trailhawk भारत में लॉन्च, कीमत 26.8 लाख

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नई दिल्ली।Jeep ने अपनी बहुप्रतीक्षित ऑफ-रोड एसयूवी Compass Trailhawk लॉन्च कर दी। इसकी एक्स शोरूम कीमत 26.8 लाख रुपये है। Jeep Compass Trailhawk का दाम स्टैंडर्ड कंपस के टॉप वेरियंट से 3.7 लाख रुपये ज्यादा है। कंपनी की डीलरशिप पर 50 हजार रुपये में 11 जून से कंपस ट्रेलहॉक की बुकिंग शुरू है।

जीप कंपस ट्रेलहॉक में 2.0-लीटर, 4-सिलिंडर, टर्बो डीजल इंजन दिया गया है, जो 170.63 bhp का पावर और 350Nm टॉर्क जनरेट करता है। यह इंजन बीएस6 एमिशन नॉर्म्स के अनुरूप है। कंपस ट्रेलहॉक का इंजन 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से लैस है। खास बात यह है कि यह कंपस एसयूवी के लाइनअप में पहली गाड़ी है, जिसमें डीजल इंजन के साथ ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है।

ट्रेलहॉक कंपनी की कंपस एसयूवी का ऑफ-रोड वेरियंट है। स्टैंडर्ड कंपस की तुलना में यह थोड़ी अगल दिखती है। ट्रेलहॉक में फेंडर्स पर ‘Trail Rated’ बैज, बोनट पर ब्लैक कलर का बड़ा स्टीकर, ब्लैक फ्रंट ग्रिल और अलग डिजाइन के फ्रंट और रियर बंपर दिए गए हैं। इसके अलावा स्टैंडर्ड कंपस की तुलना में ट्रेलहॉक का ग्राउंड क्लियरेंस 30 mm ऊंचा है। ट्रेल हॉक में पांच ड्राइविंग मोड्स- ऑटो, स्नो, सैंड, मड और रॉक हैं। दमदार ऑफ-रोड परफॉर्मेंस के लिए इसमें हिल होल्ड कंट्रोल और हिल डिसेंट कंट्रोल फीचर्स दिए गए हैं।

जीप कंपस ट्रेलहॉक में ऐपल कारप्ले, ऐंड्रॉयड ऑटो, और नेविगेशन के साथ 8.4-इंच का टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम, ऑटो क्लाइमेट कंट्रोल, की-लेस गो, ऑटो स्टार्ट-स्टॉप फंक्शन, क्रूज कंट्रोल और 7-इंच मल्टी-इन्फर्मेशन डिस्प्ले जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड दिए गए हैं। इस ऑफ-रोड एसयूवी में सनरूफ भी है।

सेफ्टी के लिए कंपस ट्रेलहॉक में 6-एयरबैग्स, एबीएस, ईएससी, ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल-स्टार्ट असिस्ट, रोल-ओवर मिटिगेशन, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, रिवर्स पार्किंग सेंसर्स और रियर कैमरा जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड दिए गए हैं।

अब बनेंगे इ-पासपोर्ट, हर लोकसभा क्षेत्र में खुलेगा पासपोर्ट सेवा केंद्र

नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने सोमवार को कहा कि पासपोर्ट सेवा में सुधार के कार्यक्रम जारी रहेंगे और जल्द ही देश में इलेक्ट्रॉनिक चिप युक्त ई-पासपोर्ट जारी होना शुरू हो जाएंगे।

डॉ. जयशंकर ने दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू भवन में पासपोर्ट सेवा दिवस और पासपोर्ट अधिकारियों के सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पूर्ववर्ती सुषमा स्वराज की ओर से शुरू किए गए पासपोर्ट सेवाओं में क्रांतिकारी सुधारों को जारी रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि डाक विभाग के सहयोग से देश में अब तक 413 डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र खोले जा चुके हैं। इसके अलावा 93 पासपोर्ट कार्यालयों को मिला कर 505 पासपोर्ट सेवा केन्द्र देश में सालाना करीब एक करोड़ पासपोर्ट जारी कर रहे हैं।

विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका एवं चीन के बाद भारत विश्व में तीसरा सर्वाधिक पासपोर्ट जारी करने वाला देश बन चुका है। देश में इस समय करीब साढ़े आठ करोड़ नागरिकों के पास पासपोर्ट हैं। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट सेवा में सुधार, विस्तार और आपके द्वार के मंत्र पर काम हो रहा है।

देश के हर लोकसभा क्षेत्र में कम से कम एक पासपोर्ट सेवा केन्द्र खोलने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि पासपोर्ट सुधार एवं सरलीकरण का कार्यक्रम सुरक्षा चिंताओं से समझौता किए बिना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक चिप युक्त पासपोर्ट जारी किया जाने लगेगा। सूत्रों के अनुसार, ई-पासपोर्ट इसी वर्ष से जारी होने लगेंगे। लोगों के पासपोर्ट के नवीकरण के समय सबको ई-पासपोर्ट ही जारी किए जाएंगे।

बेहतर पासपोर्ट सेवाएं देने वाले पुरस्कृत
इस कार्यक्रम में डाक सचिव अनंत नारायण नंदा, विदेश मंत्रालय में सचिव (काउंसलर, पासपोर्ट, वीसा) संजीव अरोड़ा और संयुक्त सचिव एवं मुख्य पासपोर्ट अधिकारी अरुण चटर्जी उपस्थित थे। विदेश मंत्री ने पासपोर्ट सेवाओं के श्रेष्ठतम क्रियान्वयन के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए।

सर्वश्रेष्ठ पासपोर्ट सेवा केन्द्र के रूप में पहला पुरस्कार जालंधर कार्यालय को, दूसरा पुरस्कार कोच्ची कार्यालय को और तीसरा पुरस्कार कोयम्बटूर कार्यालय को दिया गया। राज्य पुलिस अधिकारियों की श्रेणी में पहला पुरस्कार गुंटूर पुलिस अधीक्षक कार्यालय को और दूसरा पुरस्कार कोचीन पुलिस आयुक्त कार्यालय को दिया गया। डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र की श्रेणी में गुजरात के आणंद और आंध्रप्रदेश के कुर्नूल को पुरस्कृत किया गया।

लाल निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 137 अंक गिर कर 38,985 पर

नई दिल्ली। वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारतीय शेयर बाजारों की मंगलवार को एक बार फिर गिरावट के साथ लाल निशान में खुले। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 137 अंकों की गिरावट के साथ 38985 अंकों पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 41 अंकों की गिरावट के साथ 11,658 अंकों पर खुला। सुबह 9.24 बजे सेंसेक्स 122 अंकों की गिरावट के साथ 39,000 अंकों पर और निफ्टी 32 अंकों की गिरावट के साथ 11,667 अंकों पर कारोबार कर रहे हैं।

इन शेयरों में तेजी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में वक्रांगी, आईएफसीआई, इमामी लिमिटेड, मनपसंद बेवरेजेस, पीसी ज्वैलर्स में तेजी का माहौल है। निफ्टी में ओएनजीसी, टाइटन, एलएंडटी, आईओसी, हिन्दुस्तान यूनिलीवर में तेजी का माहौल है।

इन शेयरों में मंदी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में रिलायंस पावर, आरकॉम, एसबीआई लाइफ, सद्भाव इंजीनियरिंग लिमिटेड, टाटा स्टील में मंदी का माहौल है। निफ्टी में जी एंटरटेनमेंट, टाटा स्टील, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू स्टील, यस बैंक के शेयरों में मंदी का माहौल है।

अब बिना बीमा पॉलिसी के वाहन चलाने पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना

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नयी दिल्ली। अब बिना बीमा पॉलिसी के वाहन चलाने पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना लगेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। इस विधेयक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। विधेयक में आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

इसी तरह अयोग्य घोषित किये जाने के बावजूद वाहन चलाते रहने पर भी दस हजार रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी दी। विधेयक इससे पहले राज्य सभा में लंबित था और 16वीं लोकसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह निरस्त हो गया था। सूत्रों ने बताया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गई है।

इसमें विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर ऊंचे जुर्माने का प्रावधान किया गया है।’’ विधेयक में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काफी सख्त प्रावधान रखे गये हैं। किशोर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, बिना लाइसेंस, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाना और निर्धारित मानकों से अधिक लोगों को बिठाकर अथवा अधिक माल लादकर गाड़ी चलाने जैसे नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर जुर्माना
संशोधन विधेयक में आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर दस हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार अयोग्य करार दिये जाने के बावजूद वाहन चलाते रहने पर भी दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ओला, उबर जैसे समूहकों द्वारा ड्राइविंग लाइसेंसों के नियमों का उल्लंघन करने पर विधेयक के प्रावधानों के अनुरूप एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

विधेयक में किये गये प्रावधान 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की सिफारिशों पर आधारित हैं। इन सिफारिशों को संसद की स्थायी समिति ने भी जांच परख की है। विधेयक के मसौदे में तेज गाड़ी भगाने पर एक हजार से दो हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। बिना बीमा पॉलिसी के वाहन चलाने पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना रखा गया है। बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर एक हजार रुपये रुपये का जुर्माना और तीन माह के लिये लाइसेंस निलंबित किया जाना शामिल है।

किशोर द्वारा गाड़ी चलाते हुये सड़क पर कोई अपराध करने की स्थिति में गाड़ी के मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जायेगा और वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जायेगा। इस तरह के अपराध में वाहन मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जायेगा और तीन साल के सजा के साथ ही 25 हजार रुपये तक का जुर्माना किया जायेगा। साथ ही वाहन का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया जायेगा।

संशोधन विधेयक के मसौदे के अनुसार यातायात नियमों का उल्लंघन होने पर न्यूनतम 100 रुपये के स्थान पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा। अधिकारियों के आदेश का पालन नहीं करने पर 500 रुपये के स्थान पर अब दो हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।

वाहन का अनाधिकृत इस्तेमाल करने पर पांच हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर भी इतना ही जुर्माना देना होगा जबकि अयोग्य करार दिये जाने के बावजूद वाहन चलाने पर दस हजार रुपये का जुर्मान देय होगा। अन्य नियमों के उल्लंघन पर भी कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

बैंकों, NBFC के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए एप्प शुरू

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और समय से उनका निवारण करने के लिए एक ऐप्लिकेशन पेश किया। केंद्रीय बैंक की वेबसाइट पर शिकायत प्रबंधन प्रणाली (सीएमएस) की शुरुआत की गई है।

यहां उसके द्वारा नियमन किए जाने वाले किसी भी वाणिज्य बैंक, शहरी सहकारी बैंक और एनबीएफसी के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इस प्रणाली पर दर्ज कराई जाने वाली शिकायत को उपयुक्त लोकपाल या रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दिया जाएगा।

सीएमएस को डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। रिजर्व बैंक की योजना इसे जल्द ही एक प्रतिबद्ध आईवीआर (इंटरएक्टिव वॉयस रेस्पांस) प्रणाली से जोड़ने की भी है ताकि शिकायत की स्थिति को देखा जा सके।

बैंक सम्बन्धी शिकायत के लिए यहां क्लिक करें

विलफुल डिफॉल्टर्स की संख्या 5 साल में 60% बढ़कर 8,582 पहुंची

नई दिल्ली।सरकारी बैंकों में विलफुल डिफॉल्टर्स की तादाद बीते पांच साल में मार्च 2019 तक 60 फीसदी से भी ज्यादा बढ़कर 8,582 हो गई है। केंद्र सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि 2014-15 के अंत तक विलफुल डिफॉल्टर्स आंकड़ा 5,349 था। विलफुल डिफॉल्टर एक व्यक्ति या संस्था होती है, जो क्षमता के बावजूद कर्ज का भुगतान नहीं करता है। वित्त मंत्री एक सवाल का जवाब दे रही थीं, जिसमें पूछा गया था कि बीते पांच साल में विलफुल डिफॉल्टर्स की संख्या बढ़ी है या नहीं।

उन्होंने बताया कि 2014-15 के बाद बैंकों के विलफुल डिफॉल्टर्स की तादाद में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वित्त वर्ष 2015-16 में इसका आंकड़ा 6,575, वित्त वर्ष 2016-17 में 7,079 और वित्त वर्ष 2017-18 में बढ़कर 7,535 पर पहुंच गया।

सीतारमण ने कहा, ‘विलफुल डिफॉल्टर्स के खिलाफ व्यापक पैमाने पर कार्रवाई की जाती है। आरबीआई के दिशा-निर्देश के मुताबिक, बैंकों या वित्तीय संस्थानों द्वारा विलफुल डिफॉल्टर्स को कोई अतिरिक्त सुविधाएं नहीं मिली हुई हैं और उनकी कंपनी को पांच साल के लिए कोई और उपक्रम लाने पर पाबंदी लगा दी जाती है।’ उन्होंने कहा कि बीते पांच साल में विलफुल डिफॉल्टर्स से 7,654 करोड़ रुपये की रकम वसूल की गई है।

सरकारी बैंकों द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च, 2019 तक उनके पास वसूली के लिए 8,121 मामले लंबित पड़े थे। सिक्यॉर्ड ऐसेट्स के मामलों में 6,251 केसेज में सारफेसी ऐक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। भारत में कुल 17 सरकारी बैंक हैं।

सीतारमण ने कहा, ‘इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर आरबीआई के आपराधिक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश के मुताबिक, 2,915 मामलों में एफआईआर दर्ज किए गए हैं।’ वित्त मंत्री ने कहा कि दिवाला एवं दिवालिया संहिता, 2016 का इस्तेमाल करते हुए विलफुल डिफॉल्टर्स को दिवाला निस्तारण प्रक्रियाओं में हिस्सा लेने से रोका गया है।

अगर आपके पास है कोई यूनिक बिजनेस IDEA, तो CPU देगा आपको प्लेटफॉर्म

कोटा। अगर आपके पास किसी भी तरह का यूनिक बिजेनस आइडिया है तो कॅरिअर पॉइंट यूनिवर्सिटी आपको बेहतर मंच उपलब्ध करवाएगी। इसके लिए यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कॉमर्स एण्ड मैनेजमेंट की ओर से 15 जुलाई को डकनिया स्टेशन रोड स्थित सीपी टॉवर में इमर्जिन्ग एंटरप्रिन्योर कॉम्पीटिशन 2019 का आयोजन होगा।

इसमें युनिक बिजेनस आइडिया देने वाले प्रतिभागियों को न सिर्फ नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा, बल्कि उनके आइडिया पर किस तरह से एक सफल स्टार्टअप में तब्दील किया जा सके यह भी एक्सपर्ट द्वारा बताया जाएगा। सोमवार को सीपी टॉवर में मैनेजमेंट स्टूडेंट्स के साथ सीपीयू के चांसलर प्रमोद माहेश्वरी, वाइस चांसलर प्रो. सुमेरसिंह, अकादमिक निदेशक डॉ. गुरूदत्त कक्कड़ ने इमर्जिन्ग एंटरप्रिन्योर कॉप्पीटिशन 2019 के पोस्टर का विमोचन किया।

इस मौके पर चांसलर प्रमोद माहेश्वरी ने कहा कि सीपीयू के स्कूल ऑफ कॉमर्स एण्ड मैनेजमेंट की ओर से होने वाले इमर्जिन्ग एंटरप्रिन्योर कॉप्पीटिशन का मकसद छिपी प्रतिभाओं को बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना है। इसमे भाग लेने वाले के लिए कोई शैक्षणिक योग्यता व उम्र की बाध्यता भी नहीं है। अगर कोई टेलेंट है तो उसे बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।

शिक्षा व उम्र की बाध्यता नहीं, ऑनलाइन कर सकते है आवेदन
प्रोग्राम के स्टूडेंट कॉर्डिनेटर दीपक नंदवाना ने बताया कि इस आयोजन में हर वो व्यक्ति भाग ले सकता है जिसके पास बेहतर बिजेनस आइडिया है। प्रतिभागी के लिए उम्र व शैक्षणिक योग्यता की कोई बाध्यता नहीं है। प्रोग्राम में भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सीपीयू स्टूडेंट्स ने इसके लिए हाल ही में वेबसाइट भी तैयार की है। इच्छुक आवेदक www.cpur.inपर जाकर इस प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है और 5 जुलाई तक आवेदन लिए जाएंगे।

विजेताओं को मिलेंगे नकद उपहार व सम्मान
प्रोग्राम से जुड़े स्टूडेंट आरती लोकवानी, साहिल खान व हिमांशु ने बताया कि इमर्जिन्ग एंटरप्रिन्योर कॉप्पीटिशन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में से जिसका बिजनेस आइडिया बेस्ट होगा उसका निर्णायक मंडल द्वारा चयन किया जाएगा। मौके पर ही प्रथम विजेता को 15 हजार रूपए की राशि का चेक, प्रशस्ति पत्र, द्वितीय को 10 हजार रूपए व प्रशस्ति पत्र एवं तृतीय विजेता को 5 हजार रूपए राशि का चेक व प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा जाएगा। फाइनल राउण्ड के लिए चयनित सभी प्रतिभागियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

मांगें पूरी नहीं हुई तो होगा आन्दोलन, भारतीय किसान संघ की चेतावनी

कोटा। भारतीय किसान संघ की ओर से सोमवार को जिला कलेक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा गया। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष गिरीराज चौधरी, प्रान्त मंत्री जगदीश कलमंडा, संभागीय मीडिया प्रभारी आशीष मेहता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी की। इससे पहले प्रान्त संगठन मंत्री हेमराज ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

संभाग के मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने बताया कि संभाग भर में कोटा के अलावा बारां, झालावाड़ और बूंदी में किसानों ने अपना मांगपत्र जिला कलेक्टर को सौंपा है। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि सरकार ने चुनावों से पूर्व सम्पूर्ण कर्जमाफी का वादा किया था। जिसके अनुसार अब सभी बैंकों का किसानों का कर्ज माफ किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ सभी किसानों को तुरन्त दिलवाने की मांग की।

जिला अध्यक्ष गिरीराज चौधरी ने कहा कि किसानों की मासिक आय नहीं होती तथा फसल वर्ष में दो बार ही आती है। इसलिए, वर्ष में दो बार ही बिजली का बिल देना चाहिए तथा अनुदान की राशि काट कर शेष राशि का ही बिल दिया जाए। जिन किसानों का बिद्युत कनेक्शन कृषि के लिए डिमान्ड जमा हो गई है उन्हें तुरन्त कनेक्शन दिए जाने चाहिए।

जिला मंत्री श्यामनारायण मालव ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गिरदावरी से पूर्व ही प्रीमियम राशि काट ली जाती है। जिससे किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिल पाता है। प्रीमियम काटने से पूर्व किसानों से फसल बुवाई घोषणा पत्र लिया जाना चाहिए।

इसके लिए ग्राम स्तर पर बीमा एजेंट, पटवारी, ग्राम सहायक व कृषि पर्यवेक्षक शिविर लगा कर किसानों से घोषणा पत्र लेकर बीमा के लिए भेजे। प्रीमियम जमा होने के बाद बीमा कम्पनी द्वारा प्रत्येक बीमा कराने वाले को उसकी पाॅलिसी देकर आवश्यक जानकारी से अवगत कराए।

प्रान्त मंत्री जगदीश कलमंडा ने कहा कि किसान फसल खराबा व फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से मजबूरन ऋण नहीं चुका पाते हैं। ऐसे में, बैंक किसानों की जमीन रोडा एक्ट में उपखण्ड अधिकारी के मार्फत कुर्की करती है। जिससे किसान भूमिहीन हो जाता है। किसानों के ऋण की वसूली रोड़ा एक्ट हटाकर की जाए।

राष्ट्रीय कमर्शियल बैंकों द्वारा केसीसी लोन में अत्यधिक ब्याज वसूला जा रहा है। जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, इस पर तुरन्त कार्यवाही कर किसानों को राहत प्रदान को जाए। उन्होंने कहा कि फसल बीमा में होने वाली खामियों को दूर नहीं किया तो किसानों को संभागीय मुख्यालय पर पड़ाव डालना होगा।

कोटा मंडी : देसावरी मांग घटने से मूंग, चना और धनिया बादामी मंदा

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को मंडी में लिवाली कमजोर रहने से लहसुन 200 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा। आवक की कमी से आवक की कमी से गेहूं 15 रुपये प्रति क्विंटल मजबूत रहा। देसावरी मांग घटने से मूंग 200 रुपये, चना 50 रुपये और धनिया बादामी 100 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा। सभी जिंसों का मिलाकर 30 हजार बोरी का कारोबार हुआ। लहसुन की आवक 10000 कट्टे की हुई।

गेहूं लस्टर 1700 से 1800 गेहूं मिल क्वालिटी 1775 से 1831एवरेज 1850से 1880 लोकवान 1905 से 1900 पीडी 1750 से 1900 गेहूं टुकडी 1875 से 1950 मक्का 1900 से 2050 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 3000 पूसा 1 2500 से 3001 पूसा 4 (1121) 3600 से 4000 धान लाजवाब (1509 ) 3000 से 3405 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3400 से 3751 सोयाबीन बीज क्वालिटी 3850 सरसों 3400 से 3601अलसी 4000 से 4501 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4250 कलौजी 8500 से 9500 धनिया बादामी 5500 से 5900 ईगल 6000 से 6401 रंगदार नया 6500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 1800 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल

मूंग 5100 से 5600 उड़द 2000 से 4100 चना 3600 से 4100 चना कांटिया 3900 चना काबुली 3500से 4500 चना पेप्सी 3800 से 4100 चना मौसमी 3000 से 4150 मसूर 3800 से 4250 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर किराना : ग्राहकी में सुधार से साबूदाना मजबूत

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में सोमवार को साबूदाना में व्यापारिक खरीदी सुधार से भाव मजबूती का रुझान लिए रहे। शक्कर में ग्राहकी सामान्य से कम रही। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में सोमवार को 15 गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3350 से 3380 रुपये प्रति क्विंटल।शक्कर एम (मोटी) 3440 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 165 से 185 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2100 से 3800 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 130 से 133, निजामाबाद 90 से 105, पिसी 130 से 165 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल।आटा-मैदा गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1140 से 1150, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 2950 से 3000 तथा बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।