अफ्रीका से मई में जीएम सोयाबीन का रिकॉर्ड आयात होने से भारतीय बाजार में भाव गिरे

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मुम्बई। अफ्रीका से मई माह में सोयाबीन का रिकॉर्ड आयात होने से भारतीय बाजार में भाव गिर गए। सोयाबीन के भाव चार साल के उच्चतम स्तर को छूते इसके पहले ही धराशायी हो गए।। एक बार तो लगा था सोयाबीन 8000 रुपये क्विंटल से ऊपर जाएगी, लेकिन आयातकों ने ऐसा होने नहीं दिया।

घरेलू बाजार भाव काफी ऊंचा एवं तेज होने से भारतीय खरीदारों द्वारा मई 2026 के दौरान अफ्रीकी देशों से गैर जीएम सोयाबीन की खरीद में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई गई।

चूंकि भारत में जीएम सोयाबीन के आयात पर प्रतिबंध लगा हुआ है और अमरीका, ब्राजील, अर्जेन्टीना तथा कुछ अन्य आपूर्तिकर्ता देशों में मुख्यत: इसका ही उत्पादन होता है।

इसलिए भारतीय आयातक अफ्रीका से गैर जीएम सोयाबीन के आयात को प्राथमिकता देते हैं। भारत की जोरदार मांग से अफ्रीकी सोयाबीन उत्पादकों एवं निर्यातकों को काफी राहत मिल रही है।

सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि मई 2026 के दौरान भारत में सोयाबीन का आयात तेजी से बढ़कर 2 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया जो अप्रैल के आयात 1.21 लाख टन से काफी अधिक रहा। उल्लेखनीय है कि मई 2025 के दौरान भारत में सोयाबीन का कोई आयात नहीं हुआ था।

सोपा के मुताबिक घरेलू प्रभाग में सोयाबीन का भाव उछलकर पिछले चार साल के शीर्ष स्तर पर पहुंचने के कारण भारतीय खरीदारों के लिए विदेशों से इसका आयात करना एक बेहतर विकल्प साबित होने लगा। अल्प विकसित अफ्रीकी देशों से आयात होने पर भारत में सीमा शुल्क से भी छूट मिल जाती है।

भारत में बेनिन, टोगो, नाइजर एवं नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देशों से सोयाबीन का ज्यादा आयात होता है क्योंकि वहां भारत की भांति सिर्फ गैर जीएम सोयाबीन का उत्पादन होता है।

सोपा ने 2025-26 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान भारत सोयाबीन के आयात का अनुमान 6 लाख टन के पुराने स्तर से बढ़ाकर अब 9 लाख टन निर्धारित कर दिया है जो नया रिकॉर्ड स्तर है।