Friday, July 10, 2026
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मजबूत वैश्विक संकेतों से सेंसेक्स 303 अंक उछल कर 37,262 पर बंद

मुंबई। वैश्विक बाजारों से मजबूती के संकेतों और अमेरिका द्वारा चीनी उत्पादों पर टैरिफ लगाने की समय-सीमा को आगे बढ़ाने के बीच बैंकिंग और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में लिवाली बढ़ने से घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। बीएसई के 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 303.48 अंकों (0.82%) की तेजी के साथ 37,261.64 पर बंद हुआ।

वहीं, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 103.55 अंकों (0.95%) की तेजी के साथ 11,029.40 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 37,473.61 का ऊपरी स्तर और 37,000.77 का निचला स्तर छुआ। बीएसई पर 23 कंपनियों के शेयर हरे निशान पर तो सात कंपनियों के शेयर लाल निशान पर बंद हुए। वहीं, एनएसई पर 37 कंपनियों के शेयरों में लिवाली और 13 कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दर्ज की गई।

यूएस ने चीनी उत्पादों पर टैरिफ की समय-सीमा बढ़ाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिका के बाकी बचे आयातित सामानों पर 10 फीसदी ड्यूटी बढ़ाने की एक सितंबर की समय-सीमा से फिलहाल पांव पीछे खींच लिए हैं। सेलफोन, लैपटॉप तथा अन्य उपभोक्ता वस्तुओं पर ड्यूटी बढ़ाने की समय-सीमा को आगे बढ़ाने का मकसद शुल्क में बढ़ोतरी का यूएस हॉलीडे सेल्स पर असर कम करना है। ट्रंप के इस कदम का वैश्विक बाजारों पर सकारात्मक असर पड़ा।

इन शेयरों में तेजी
बीएसई पर वेदांता लिमिटेड के शेयर में सर्वाधिक 4.87 फीसदी, टाटा स्टील में 4.61 फीसदी, यस बैंक में 4.01 फीसदी, टेक महिंद्रा में 2.76 फीसदी तथा हीरो मोटोकॉर्प में 2.65 फीसदी की तेजी देखी गई। वहीं, एनएसई पर यूपीएल के शेयर में सर्वाधिक 4.73 फीसदी, बजाज फिनसर्व में 4.57 फीसदी, जी लिमिटेड में 4.55 फीसदी, टाटा स्टील में 4.13 फीसदी तथा वेदांता लिमिटेड के शेयर में 4.11 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

इन शेयरों में गिरावट
बीएसई पर सन फार्मा के शेयर में सर्वाधिक 4.69 फीसदी, कोटक बैंक में 1.27 फीसदी, ओएनजीसी मे 1.21 फीसदी, टाटा मोटर्स में 0.94 फीसदी और टाटा मोटर्स डीवीआर के शेयर में 0.69 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई। NSE पर सन फार्मा के शेयर में सर्वाधिक 5.18 फीसदी, इंडियाबुल हाउजिंग फाइनैंस में 4.96 फीसदी, विप्रो में 2.86 फीसदी, कोल इंडिया में 1.89 फीसदी तथा डॉ. रेड्डी में 1.72 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

मजबूत निर्यात मांग से ग्वारगम वायदा कीमतों में तेजी

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार में निर्यात मांग में तेजी के बीच बुधवार को वायदा कारोबार में ग्वारगम की कीमत नौ रुपये की तेजी के साथ 8,425 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारगम के अगस्त महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत नौ रुपये अथवा 0.11 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,425 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसमें 350 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

सर्वाधिक कारोबार वाले ग्वारगम के सितंबर महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत पांच रुपये अथवा 0.06 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,524 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई जिसमें 60,020 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

सटोरिया गतिविधियों से ग्वारसीड वायदा कीमत में तेजी

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार में मजबूती के रुख के कारण कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिससे बुधवार को वायदा कारोबार में ग्वारसीड की कीमत 16.5 रुपये बढ़कर 4,348 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारसीड के सर्वाधिक सक्रिय सितंबर महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 16.5 रुपये अथवा 0.38 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,348 रुपये प्रति 10 क्विन्टल हो गई जिसमें 1,05,120 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

बाजार सूत्रों ने कहा कि उत्पादक क्षेत्रों से मामूली आपूर्ति के कारण हाजिर बाजार में मजबूती के रुख को देखते हुए सटोरियों ने अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिसके कारण मुख्यत: यहां ग्वारसीड वायदा कीमतों में तेजी आई।

कमजोर मांग से धनिया वायदा कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली। कमजोर निर्यात मांग के बीच कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार कम करने से बुधवार को वायदा कारोबार में धनिया की कीमत 0.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,888 रुपये प्रति 10 क्विन्टल रह गई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से आवक बढ़ने तथा ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली होने के कारण कारोबारी धारणा प्रभावित हुई। एनसीडीईएक्स में धनिया के सितंबर महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 40 रुपये अथवा 0.67 प्रतिशत की हानि के साथ 5,888 रुपये प्रति 10 क्विन्टल रह गई जिसमें 29,900 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार धनिया के अक्टूबर महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 68 रुपये अथवा 1.12 प्रतिशत की हानि के साथ 5,993 रुपये प्रति 10 क्विन्टल रह गई जिसमें 3,860 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

स्वत्रंत्रता दिवस के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देख सकेंगे यूट्यूब पर

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नई दिल्ली। अब आप 15 अगस्त और 26 जनवरी के दिन आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम को यूट्यूब पर देख सकते हैं। इसकी लिस्टिंग गूगल सर्च में भी होगी। गूगल ने इसके लिए मंगलवार को प्रसार भारती के साथ लंबी अवधि का एक करार किया है।

करार के तहत गूगल ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) और दूरदर्शन के दो दशक से अधिक अवधि के कार्यक्रमों को भी गूगल आर्ट्स एंड कल्चर पर डालेगी। इसके साथ ही वह प्रसार भारती के आर्काइव में 12 से अधिक भारतीय भाषाओं में मौजूद कार्यक्रमों को भी डिजिटाइज करेगी।

होगा पीएम के भाषण का सीधा प्रसारण
गुरुवार को इंडिपेंडेंस डे पैरेड और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को दूरदर्शन के यूट्यूब चैनल पर दुनियाभर के दर्शक देख सकेंगे। मोबाइल या डेस्कटॉप पर ‘इंडिया इंडिपेंडेंस डे’ के लिए गूगल सर्च करने पर इसका यूट्यूब चैनल लिंक हासिल किया जा सकेगा।

रिलीज से पहले ही प्रभास की ‘साहो’ ने कमाए 300 करोड़ रुपये

मुंबई। जब से सुपरस्टार प्रभास और श्रद्धा कपूर की फिल्म ‘साहो’ की घोषणा हुई थी, यह तभी से चर्चा में थी। अब यह फिल्म रिलीज के लिए तैयार है और फैन्स इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म के गाने और ट्रेलर रिलीज हो चुके हैं जिन्हें काफी पसंद किया जा रहा है।

अब पता चल रहा है कि इस फिल्म ने अपनी रिलीज से पहले ही 300 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म की यह कमाई सभी भाषाओं में दिए गए थिअट्रिकल राइट्स के हैं। इसमें फिल्म के सैटलाइट्स और वेब प्लैटफॉर्म्स के राइट्स शामिल नहीं हैं क्योंकि इनकी डील अभी फाइनल नहीं हुई है।

माना जा रहा है कि टीवी और वेब राइट्स के बाद फिल्म की कमाई और ज्यादा हो जाएगी। साथ ही ऐसा भी माना जा रहा है कि यह इस साल में कमाई करने वाली सबसे बड़ी फिल्म भी हो सकती है।

बता दें कि इस फिल्म में प्रभास और श्रद्धा कपूर के अलावा नील नितिन मुकेश, चंकी पांडे, जैकी श्रॉफ, मंदिरा बेदी, महेश मांजरेकर और टीनू आनंद भी मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह फिल्म 30 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

थोक महंगाई में बड़ी गिरावट, जुलाई में महज 1.08 फीसदी रही

नई दिल्ली। सस्ते ईंधन और खाद्य सामग्रियों के कारण थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति जुलाई महीने में कई साल के निचले स्तर 1.08 प्रतिशत पर आ गई। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने बुधवार को आकंड़े जारी किए हैं। एक दिन पहले ही खुदरा महंगाई दर में भी गिरावट के आंकड़े सामने आए हैं।

थोक महंगाई दर इस साल जून में 2.02 प्रतिशत और पिछले साल जुलाई में 5.27 प्रतिशत थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में खाद्य सामग्रियों की मुद्रास्फीति जून के 6.98 प्रतिशत से नरम होकर 6.15 प्रतिशत पर आ गई।

ईंधन और बिजली श्रेणी में अपस्फीति जून के 2.20 प्रतिशत की तुलना में और बढ़कर जुलाई में 3.64 प्रतिशत पर पहुंच गई। जुलाई महीने में खुदरा मुद्रास्फीति भी जून के 3.18 प्रतिशत की तुलना में नरम होकर 3.15 प्रतिशत रही है। हालांकि खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में वृद्धि हुई है। खुदरा महंगाई दर जून में 3.18 प्रतिशत और पिछले साल जुलाई में 4.17 प्रतिशत थी।

मुद्रास्फीति आरबीआई के संतोषजनक स्तर से नीचे है। सरकार ने केंद्रीय बैंक को खुदरा महंगाई दर 4 प्रतिशत के दायरे में रखने का लक्ष्य दिया है। रिजर्व बैंक द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति पर नजर रखता है।

ऑटो इंडस्ट्रीज से एक साल में 13 लाख लोगों की नौकरी गई

नई दिल्ली। वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम ने मंगलवार को वाहन बिक्री और ऑटो सेक्टर में नौकरियों के हालातों पर आंकड़े जारी किए। इस मौके पर सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वाहन उद्योग में एक साल से जारी मंदी के कारण तकरीबन 13 लाख लोगों की नौकरियां गई हैं।

माथुर ने कहा कि सबसे बुरा प्रभाव वाहनों के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियों पर पड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक इस क्षेत्र में करीब 11 लाख लोगों की नौकरी गई है। इनमें एक लाख की छंटनी बड़ी कंपनियों तथा 10 लाख की छंटनी छोटे आपूर्तिकर्ताओं ने की है। करीब 300 डीलरशिप बंद हो चुके हैं और डीलरों ने दो लाख 30 हजार लोगों को नौकरी से निकाला है।

सियाम ने जिन 10-15 वाहन निर्माता कंपनियों के आंकड़े एकत्र किए हैं उन्होंने भी 15 हजार लोगों को निकाला है। सबसे ज्यादा गाज अस्थायी कर्मचारियों पर गिरी है। माथुर ने कहा कि सियाम कई महीने से सरकार से राहत पैकेज की मांग कर रहा है और यदि जल्द इसकी घोषणा नहीं की गई तो संकट गहरा जाएगा।

उन्होंने कहा कि जो स्थिति है उससे लगता है कि संकट और गहरा गया है। आंकड़ों से स्पष्ट की किस प्रकार राहत पैकेज की अविलंब जरूरत है। वाहन उद्योग अपनी तरफ से बिक्री बढ़ाने के उपाय कर रहा है। सरकार को भी हरकत में आना होगा।

वाहनों पर कर की दर घटाने की मांग
उन्होंने बताया कि उद्योग प्रतिनिधियों की सरकार के साथ हाल ही में बातचीत हुई है। उद्योग ने वाहनों पर कर की दर घटाने, स्कैपेज नीति लाने और वित्तीय क्षेत्र – विशेषकर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों – को मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सरकार की तरफ से राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह वाकई चिंता की बात है कि यात्री वाहनों के साथ ही अन्य सभी श्रेणी के वाहनों की बिक्री में भी गिरावट देखी जा रही है। माथुर ने कहा कि मानसून अच्छा रहा है। साथ ही आगे त्योहारी मौसम है और भारत स्टेज-4 वाले वाहनों की खरीद बढ़ने की उम्मीद है। इन सभी कारकों से चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।

भारत-रूस के बीच 2025 तक होगा 2.13 लाख करोड़ का कारोबार

नई दिल्ली। भारत और रूस ने 2025 तक 30 अरब डालर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने के लिये प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आपसी आर्थिक संबंधों के विस्तार तथा उसे और प्रगाढ़ बनाने का आह्वान किया है। वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में यह कहा।
रूस के उप प्रधानमंत्री यूरी त्रुतनेव और वाणिज्य तथा उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया। यह बैठक 11-13 अगस्त को रूस के ब्लादीवोस्तोक में हुई।

गोयल की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और गोवा के मुख्यमंत्रियों के अलावा 140 भारतीय कंपनियां शामिल थी। उन्होंने दोनों देशों की कंपनियों से भागीदारी के लिये सीधे तौर पर बात करने और ठोस परियोजना प्रस्ताव के साथ आने को कहा।

मंत्रालय ने बयान में कहा कि भारत के पांच राज्यों और सुदूर पूर्व रूस के क्षेत्रों के बीच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गये। ये शुरूआती समझौते व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी सहयोग के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और उसे सुदृढ़ करने के लिये हैं।

एमिटी यूनिवसिर्टी और फार ईस्ट फेडरल यूनिवर्सिटी के बीच भी शिक्षा और शोध के क्षेत्रों में संबंधों के विकास, उसे मजबूत बनाने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर एक शुरूआती समझौता (एमओयू) हुआ।

बयान के अनुसार इसके अलावा सेंटर फार योग और पूश्किन सेंटर फार रशियन लैंग्वेज एंड कल्चरल स्टडीज के बीच प्रतिनिधि कार्यालयों को स्थापित करने को लेकर समझौता हुआ। चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने रूसी कंपनियों को ऊर्जा, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश का न्यौता दिया।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सोना और हीरा खनन के क्षेत्र में सहयोग की संभावना पर जोर दिया। बता दें कि वित्त वर्ष 2018-19 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 8.3 अरब डॉलर रहा।

क्या Facebook सुन रहा था आपकी पर्सनल बातें—?

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नई दिल्ली। यूजर्स की प्रिवेसी को लेकर Facebook पर एक बार फिर से सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में आई Bloomberg की एक रिपोर्ट के अनुसार फेसबुक द्वारा रखे गए थर्ड पार्टी एम्पलॉयी (कॉन्ट्रैक्टर्स) यूजर्स की ऑडियो क्लिप को सुन रहे थे।

वहीं फेसबुक ने ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट को खंडन करते हुए कहा कि उसने ऑडियो क्लिप को रिव्यू करने के लिए इंसानो का इस्तेमाल एक हफ्ते पहले ही बंद कर दिया है। हालांकि, फेसबुक ने माना कि उसने शुरुआत में कुछ कॉन्ट्रैक्टर्स को जरूर हायर किया था ताकि वह मेसेंजर ऐप पर चेक कर सके कि ऑडियो क्लिप को ठीक तरह से ट्रांसक्राइब हो रहे हैं या नहीं।

फीचर ऑन करने पर ही सुनी जा सकती है बातचीत
फेसबुक साल 2015 से वॉइस क्लिप को टेक्स्ट में बदलने की सहूलियत दे रहा है। यह फीचर बाइ डिफॉल्ट ऑफ ही रहता है। फेसबुक ने कहा कि जिन यूजर्स ने इस फीचर को ऑन को किया था केवल उन्हीं के ऑडियो क्लिप्स को थर्ड-पार्टी कॉन्ट्रैक्टर्स ने रिव्यू किया है। वहीं फेसबुक के सपॉर्ट पेज के मुताबिक अगर चैट करने वाले यूजर्स में से अगर किसी एक ने भी ट्रांस्क्राइबिंग को ऑन रखा है तो पूरी चैट ट्रांसलेट होगी।

सपॉर्ट पेज पर नहीं दी गई है सही जानकारी
इसमें चिंता की बात यह है कि फेसबुक के सपॉर्ट पेज या सर्विस इस्तेमाल करने के लिए रखे गए नियम व शर्तों में इस बात का कही जिक्र नहीं है कि फेसूबुक मेसेंजर के ऑडियो क्लिप्स इंसानों द्वारा रिव्यू किए जाएंगे। सपॉर्ट पेज की बात करें तो वहां लिखा है, ‘वॉइस को टेक्स्ट में बदलने के लिए मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जाता है। जितना ज्यादा आप इस फीचर को इस्तेमाल करेंगे उतने बेहतर ढंग से यह आपकी मदद कर पाएगा।’

दूसरी दिग्गज कंपनियों पर भी उठ चुके हैं सवाल
फेसबुक से पहले भी गूगल, ऐपल और ऐमजॉन पर थर्ड पार्टी का इस्तेमाल कर यूजर्स की बातचीत सुनने का मामला सामने आ चुका है। गूगल और एलेक्सा अपने वॉइस असिस्टेंट प्रॉडक्ट्स से यूजर्स के ऑडियो को रिव्यू कर रहे थे। हालांकि ऐमजॉन अपने यूजर्स को इस सर्विस को ना यूज करने का ऑप्शन देता है, वहीं गूगल इस मामले में थोड़ा बचाव करता दिखा। गूगल का कहना है कि इसके जरिए गूगल असिस्टेंट को अलग-अलग भाषाओं में काम करने में मदद मिलती है। ऐपल की बात करें को कंपनी ने पिछले हफ्ते ऐलान किया है कि उसने सिरी कॉन्वर्सेशन सुनने के लिए थर्ड-पार्टी एम्पलॉयीज का इस्तेमाल बंद कर दिया है।