Wednesday, July 8, 2026
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CA Toppers Name 2026: सीए रिजल्ट में पटियाला के नूर सिंगला बने टॉपर

नई दिल्ली। ICAI CA Result 2026 : इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने CA फाइनल मई 2026 रिजल्ट जारी कर दिया है। जो उम्मीदवार सीए मई एग्जाम में बैठे थे, वे अब आईसीएआई सीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। सीए फाइनल 2026 रिजल्ट में पटिलाया के नूर सिंगला ने 499 नंबर लाकर पहली ऑल इंडिया रैंक (CA AIR-1) हासिल की है।

उम्मीदवार यहां बताई गए ऑफिशियल वेबसाइट्स के जरिए अपना सीए फाइनल स्कोरकार्ड चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। रिजल्ट चेक करने के लिए अपना रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा।

ऐसे चेक करें रिजल्ट

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. होमपेज पर ‘CA Final May 2026 Result Link’ पर क्लिक करें।
  3. अब अपना रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
  4. आपका सीए रिजल्ट स्क्रीन पर खुल जाएगा। इसे चेक करें।
  5. आगे के लिए सीए फाइनल रिजल्ट स्कोरकार्ड पेज डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लें।

CA Final Toppers Name: ये हैं सीए टॉपर्स के नाम और नंबर
सीए फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद, सीए टॉपर्स के नाम, नंबर और पास प्रतिशत की जानकारी सामने आई है।

रैंकसीए टॉपर का नामनंबरपास प्रतिशतशहर
AIR 1नूर सिंगला49983.17%पटियाला
AIR 2रितीज सराफ47579.17%हावड़ा
AIR 3सोहन अनिल मांजरेकर47378.83%डोंबिवली

सीए फाइनल ग्रुप-I में सिर्फ 12% पास
आईसीएआई द्वारा जारी सीए फाइनल रिजल्ट के अनुसार, इस साल सबसे कम पास प्रतिशत ग्रुप-I का रहा है।

CA फाइनल ग्रुपपरीक्षा में उपस्थित हुए छात्रपास हुए छात्रपास प्रतिशत
ग्रुप-I5460665512%
ग्रुप-II42573872520.49%
दोनों ग्रुप्स23776334514.07%

चंबल सफारी एवं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की जल्द होगी ऑनलाइन बुकिंग

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक मुथु एस से मुलाकात कर चंबल सफारी एवं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार तथा ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था प्रारम्भ करने की मांग रखी।

हाड़ोती फॉरेस्ट डेवलपमेंट कमेटी के सह-संयोजक कोशल बंसल ने बताया कि वर्तमान में आने वाले पर्यटकों तथा हाड़ौती क्षेत्र के लोगों में चंबल सफारी एवं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के प्रति विशेष आकर्षण बढ़ रहा है।

मुकुंदरा अभयारण्य में बाघों एवं अन्य वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों के कारण पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं चंबल सफारी भी प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में उभर रही है। ऐसे में पर्यटकों की सुविधा के लिए सरल प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को शीघ्र शुरू किया जाना आवश्यक है।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने कहा कि आगामी जुलाई माह से पर्यटन सीजन प्रारम्भ होने जा रहा है तथा बड़ी संख्या में पर्यटकों के हाड़ौती में आने की संभावना है।

उन्होंने रणथंभौर की तर्ज पर मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व एवं चंबल सफारी की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की, जिससे पर्यटकों को सरल, पारदर्शी एवं सुविधा जनक तरीके से बुकिंग उपलब्ध हो सके।

माहेश्वरी ने वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फेडरेशन की मांग पर वन विभाग द्वारा किशोरपुरा GT पर मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है वहां सुलभ शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है तथा पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था भी कर दी गयी हैं एवं खान-पान कैंटीन व्यवस्था भी शीघ्र प्रारम्भ की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में भी शौचालय का निर्माण किया जा चुका है तथा वहां भी पर्यटकों की सुविधाओं के लिए खान-पान सेवा को प्रमुख रूप से संचालित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में अभयारण्य में निजी क्षेत्र की पांच जिप्सियां संचालित हो रही हैं तथा अतिरिक्त जिप्सियों एवं एक नए सफारी केंटर की व्यवस्था के लिए फेडरेशन निरंतर प्रयासरत है।

इसी प्रकार चंबल सफारी में भी नौकाओं की संख्या बढ़ाई जाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने चंबल सफारी की वर्तमान दरों में कमी करने की भी मांग रखी, एवं इसमें एक क्रूज चलाने की मांग की जिससे आमजन भी कम दरो पर इस प्राकृतिक धरोहर का आनंद उठा सकें।

इस अवसर पर उपवन संरक्षक मुथु एस ने कहा कि मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, चंबल सफारी एवं गरड़िया महादेव के समग्र विकास के लिए वन विभाग पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

ये सभी स्थल तेजी से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं तथा यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य एवं वन्यजीवों की उपस्थिति की सराहना कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मुकुंदरा अभयारण्य में बाघों सहित विभिन्न वन्यजीवों का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा है तथा पर्यटकों को उनके दर्शन भी हो रहे हैं, जो पर्यटन विकास के लिए सकारात्मक संकेत है।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने प्रतिनिधि मण्डल को आश्वस्त किया कि मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व एवं चंबल सफारी की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था शीघ्र प्रारम्भ की जाएगी, जिससे देशभर के पर्यटक घर बैठे बुकिंग करने के साथ-साथ पर्यटन साइट पर स्थलों की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि चंबल सफारी की दरों में संशोधन का प्रस्ताव भी प्रक्रिया में है तथा ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था लागू होने के साथ संशोधित दरें भी लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

अंत में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन द्वारा मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, गरड़िया महादेव एवं चंबल सफारी क्षेत्र को मूलभूत सुविधाओं के साथ बेहतरिन ढंग से विकसित करने तथा उत्कृष्ट पर्यटन व्यवस्थाओं के लिए वन विभाग के अधिकारियो का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया गया।

Kota Mandi: कमजोर उठाव से कोटा मंडी में सरसों और लहसुन के भाव टूटे

कोटा। Kota Mandi price Today: भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को मिलर्स की लिवाली से गेहूं लस्टर 25 रुपये, धान 100 रुपये और मूंग 200 रुपये उछल गई। कमजोर उठाव से सरसों 100 रुपये और लहसुन 300 रुपये टूट गई। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 50 हजार कट्टे और लहसुन की 13000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2300 से 2421, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2425 से 2525, बेस्ट टुकड़ी 2525 से 2611, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3501, धान (1509) 3400 से 4250, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 3800 से 4700, धान (पूसा-1) 3000 से 4100, धान (1401-1886) 3600से 4130, धान दागी 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 6750, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 6750 से 6801, सरसो 7200 से 7570, अलसी 8000 से 8750, तिल्ली 7000 से 9500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 8200, उड़द 4500 से 7000, चना 5200 से 5550, चना मौसमी नया 5100 से 5550, चना पेप्सी 5100 से 5701, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 5000 से 18500, ऊटी लहसुन 16000 से 24000, मैथी 5800 से 6400, धनिया बादामी 11500 से 12500, धनिया ईगल 12500 से 13000, धनिया रंगदार 13000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल।

100 दिन बाद होर्मुज स्‍ट्रेट फिर से चालू, जानिए भारत पर क्या होगा असर

नई दिल्‍ली। 100 से ज्‍यादा दिनों की रुकावट के बाद होर्मुज स्‍ट्रेट फिर से चालू हो गया है। 6 करोड़ बैरल से ज्‍यादा कच्चा तेल पाइपलाइन से निकलने के लिए तैयार है। अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक फिर से खुलने वाला है।

इससे फारस की खाड़ी में फंसा लाखों बैरल कच्चा तेल बाहर आ सकेगा। हालांकि, बाजार में कच्चे तेल की खेप की वापसी से एक ऐसी समस्या पैदा हो सकती है जिसके बारे में कुछ हफ्ते पहले सोचा भी नहीं जा सकता था। बाजार में जरूरत से ज्‍यादा सप्लाई।

भारत पर असर

  • भारत अपनी जरूरत का 80-85% तेल विदेश से आयात करता है।
  • क्रूड की कीमतें घटने पर भारत का ‘आयात बिल’ कम होगा।
  • इससे देश में महंगाई और करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) को कंट्रोल करने में सीधी मदद मिलेगी।
  • इसके अलावा, रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कड़े होने के बीच अब भारत के पास विकल्प होंगे।
  • उसे पश्चिम एशिया से फिर से सुरक्षित, नियमित और पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल की सप्‍लाई मिल सकेगी।
  • यह देश की आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद फायदेमंद है।

जरूरत से ज्‍यादा सप्‍लाई की चिंता
हाल के हफ्तों में एशियाई रिफाइनर वैकल्पिक सप्लाई पाने की जल्दी में लगे थे। उनके लिए उन कार्गो की अचानक वापसी से कमी की चिंताएं तेजी से बहुत ज्‍यादा तेल आने की चिंता में बदल सकती हैं।

ब्लूमबर्ग की ओर से बताए गए सिग्नल ग्रुप के डेटा के अनुसार, लगभग 31 सुपरटैंकर, जिनमें अनुमानित 6.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल था, फारस की खाड़ी में फंसे हुए थे। मुख्य शिपिंग रूट के फिर से खुलने पर उनके चलने की उम्मीद है। यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौते के बाद हुआ है। इससे स्‍ट्रेट से आवाजाही फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

बाजार में तेल की अधिकता
कच्चे तेल की खेप लगभग एक हफ्ते में भारत और लगभग तीन हफ्तों में पूर्वी एशिया तक पहुंच सकती है। हालांकि, इस मात्रा का आगमन ऐसे समय में हो रहा है जब कई एशियाई रिफाइनरों के पास इस महीने और अगले महीने के लिए पहले से ही पर्याप्त सप्लाई है।

कारण है कि उन्होंने संघर्ष के दौरान वैकल्पिक बैरल हासिल करने के लिए तेजी से कदम उठाए थे। मामले से परिचित व्यापारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रिफाइनरों ने प्रोसेसिंग की दरें भी कम कर दी थीं क्योंकि तेल की बढ़ी हुई कीमतों ने ईंधन की मांग को कम कर दिया था।

Stock Market: सेंसेक्स 254 अंक उछल कर 77410 पर बंद, निफ्टी 24150 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Closed: अमेरिका और ईरान के बीच डील और कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से गुरुवार को शेयर बाजार में तेजी रही। अंतिम कारोबारी सत्र में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक यानी 0.33% तेजी के साथ 77,409.98 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स भी 82.30 अंक यानी 0.34% ऊपर 24,168 अंक पर क्लोज हुआ। शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन तेजी आई है।

सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। इंडिगो में सबसे ज्यादा 2.8 फीसदी तेजी रही। इसे अलावा ट्रेंट, एनटीपीसी, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और पावरग्रिड में उल्लेखनीय तेजी रही।

दूसरी ओर, इन्फोसिस में सबसे ज्यादा 2.64 फीसदी गिरावट आई। इसके अलावा टेक महिंद्रा, मारुति, टीसीएस, एचसीएल टेक, कोटक बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट रही।

रियल्टी, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में बढ़त के चलते गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।

दोपहर 1 बजे के करीब Nifty50 37.65 अंक या 0.16 फीसदी की बढ़त के साथ 24,123.35 के स्तर पर था, जबकि Sensex 162.18 अंक या 0.21 फीसदी चढ़कर 77,317.80 पर पहुंच गया।

Nifty50 इंडेक्स में Infosys, Grasim Industries और UltraTech Cement सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो Nifty MidCap इंडेक्स में 0.21 फीसदी और Nifty SmallCap इंडेक्स में 0.55 फीसदी की तेजी देखने को मिली।सेक्टोरल इंडेक्स में Nifty IT में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर Nifty PSU Bank, Nifty Metal और Nifty Consumer Durables ने बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार को सपोर्ट दिया।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा लगातार चौथी बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप रहा। हालांकि, फेड के ताजा अनुमानों से यह संकेत मिला है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।

एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पलविया के अनुसार, नीति निर्माताओं के बीच मतभेद और इस वर्ष एक और संभावित दर वृद्धि की उम्मीद यह दर्शाती है कि फेड अब भी महंगाई को नियंत्रित करने को प्राथमिकता दे रहा है, भले ही इससे आर्थिक विकास की गति कुछ धीमी पड़ जाए।

वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है असर
राजेश पलविया का कहना है कि फेड का रुख अपेक्षाकृत सख्त बना हुआ है, जिससे ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। इसका असर वैश्विक बाजारों पर देखने को मिल सकता है। ऊंचे बॉन्ड यील्ड, मजबूत अमेरिकी डॉलर और उभरते बाजारों में समय-समय पर जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। हालांकि, फेड ने कोई अप्रत्याशित सख्ती नहीं दिखाई है, इसलिए बाजारों पर इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।

देश में सोने का आयात 70% घटा; फिर भी बढ़ गया आयात बिल, जानिए क्यों

नई दिल्ली। Gold Import In India : सोने पर कस्टम ड्यूटी छह फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने के बाद देश में सोने का आयात करीब 70 फीसदी घटकर 25-30 टन रह गया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क छह फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। यह फैसला 13 मई से प्रभावी है। अधिकारी ने कहा, ”आयात शुल्क बढ़ने के बाद एक महीने में सोने का आयात पहले के 75-100 टन से घटकर 25-30 टन रह गया है।” मूल्य के लिहाज से हालांकि, मई में सोने का आयात सालाना आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 3.41 अरब डॉलर हो गया, जिसका मुख्य कारण ऊंची कीमतें रहीं।

अप्रैल-मई के दौरान सोने का आयात 60.14 फीसदी बढ़कर 9.04 अरब डॉलर हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात 24 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि मात्रा के लिहाज से इसमें 4.76 फीसदी की गिरावट आई और यह 721.03 टन रहा।

भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है। भारत का सोने का आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग से प्रेरित रहता है। इस तरह के आयात से विदेशी मुद्रा की ज्यादा निकासी होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोने की खरीद पर नियंत्रण और अनावश्यक विदेशी मुद्रा खर्च कम करने के लिए सादगी अपनाने की अपील की है।

देश के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी पांच फीसदी से ज्यादा है। पश्चिम एशिया में अनिश्चितताओं के कारण भारत की आयात लागत बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सरकार चाहती है कि विदेशी मुद्रा खर्च को कच्चे तेल, उर्वरक, औद्योगिक कच्चे माल एवं पूंजीगत वस्तुओं जैसे आवश्यक आयातों पर प्राथमिकता दी जाए, जो सीधे आर्थिक गतिविधियों और खाद्य सुरक्षा को समर्थन देते हैं।

कोटा में छात्रों से बोले राहुल गांधी, तनाव देने के लिए मौजूदा शिक्षा प्रणाली दोषी

कोटा। राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश के युवाओं के सामने करियर के सीमित विकल्प क्यों हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर अधिकांश छात्र डॉक्टर या इंजीनियर ही क्यों बनना चाहते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी बेहतर अवसर मौजूद हैं।

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने एक छात्रा का सुसाइड नोट दिखाते हुए कहा कि यह किसी छात्र की असफलता नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शिक्षा प्रणाली छात्रों पर अत्यधिक दबाव डालती है, जिससे वे तनाव और मानसिक परेशानी का सामना करते हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार को कोटा के दशहरा मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों की आवाज को सामने लाने का मंच है।

राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश के युवाओं के सामने करियर के सीमित विकल्प क्यों हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर अधिकांश छात्र डॉक्टर या इंजीनियर ही क्यों बनना चाहते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी बेहतर अवसर मौजूद हैं।

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने एक छात्रा का सुसाइड नोट दिखाते हुए कहा कि यह किसी छात्र की असफलता नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शिक्षा प्रणाली छात्रों पर अत्यधिक दबाव डालती है, जिससे वे तनाव और मानसिक परेशानी का सामना करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था बच्चों को आगे बढ़ाने के बजाय कई बार उन्हें दबाने का काम करती है, जो देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है। राहुल गांधी ने छात्रों की आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकने के लिए शिक्षा प्रणाली में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।

मंच पर मौजूद छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और शिक्षा पर होने वाले खर्च को लेकर सवाल किए। साथ ही पूछा कि यदि उन्हें अपनी पसंद का करियर चुनने की पूरी स्वतंत्रता मिले, तो वे वास्तव में क्या करना चाहेंगे।

राहुल गांधी ने मंच पर नीट, आईआईटी और यूपीएससी की तैयारी करने वाले स्टूडेंट को बुलाया। राहुल गांधी ने स्टूडेंट से पूछा कि आपको फ्री छोड़ दिया जाए तो क्या बनेंगे, इस पर एक छात्रा ने कहा कि मेरी डांसिंग में रुचि है।

एक स्टूडेंट ने कहा कि मैं शुरू से ही डॉक्टर बनना चाहता था। चाचा की इलाज नहीं मिलने पर हार्ट अटैक से मौत हो गई थी, उन्हें डॉक्टर नहीं मिला। मैं डॉक्टर बनना चाहता हूं।

राहुल गांधी ने कहा कि देश में लाखों छात्र-छात्राएं NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन चयन केवल सीमित संख्या में ही हो पाता है।

इस प्रक्रिया में अभिभावक बच्चों की पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च करते हैं, फिर भी अधिकांश छात्रों को सफलता नहीं मिलती। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान एजुकेशन सिस्टम चयन से ज्यादा अस्वीकृति पर आधारित है।

मोदी सरकार और भाजपा पर खूब दहाड़े राहुल गांधी
राहुल गांधी ने नीट री-टेस्ट से ठीक छात्रों और अभिभावकों के साथ संवाद किया। इस दौरान कार्यक्रम में 4,000 से अधिक लोग पहुंचे, जिनमें अधिकतर छात्र थे… कोटा के मैदान से मोदी सरकार और भाजपा पर खूब दहाड़े… राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया.. और कहा कि हर साल करीब 22 लाख छात्र नीट परीक्षा में शामिल होते हैं और उनके परिवार से लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये हर साल लिए जाते हैं… राहुल गांधी ने कहा कि जितना पैसा ये लोग एक एग्जाम के लिए लेते हैं उतना पैसा सरकार एजुकेशन बजट में डालती है… उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी पर होने वाला खर्च लगभग देश के वार्षिक शिक्षा बजट के बराबर है।

Crude Price: क्रूड ऑयल 76 डॉलर से नीचे, क्या भारत में घटे पेट्रोल डीजल के दाम

नई दिल्ली। Crude Oil Price: पश्चिम एशिया से आई एक अच्छी खबर ने तेल बाजार का मूड बदल दिया है। हर दिन क्रूड निचले स्तर बना रहा है जिससे उपभोक्ता देशों को राहत मिल रही है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत 76 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गई।

मार्च के बाद यह पहला मौका है जब तेल इतनी सस्ती कीमत पर पहुंचा है। बाजार में यह राहत अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते की खबर के बाद आई है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने से तेल की सप्लाई फिर से सामान्य हो सकती है।

केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट के मुताबिक समझौते में ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने जैसे अहम कदम शामिल हैं।

अगर ऐसा होता है तो वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ जाएगी। यही वजह है कि निवेशकों को लगने लगा है कि आने वाले समय में तेल की कमी नहीं होगी। नतीजा यह हुआ कि तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया।

हालांकि अभी यह तय नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल गया है या नहीं। हाल के तनाव के दौरान कई शिपिंग कंपनियों ने इस रास्ते से जहाज भेजना बंद कर दिया था। अब बाजार यह देख रहा है कि वे कंपनियां कब दोबारा सामान्य कारोबार शुरू करती हैं।

तेल बाजार पर दबाव बढ़ाने वाली एक और खबर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की रिपोर्ट है। एजेंसी का अनुमान है कि 2027 तक दुनिया में तेल की सप्लाई प्रतिदिन 80 लाख बैरल बढ़ सकती है, जबकि मांग सिर्फ 20 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ेगी। सीधे शब्दों में कहें तो आने वाले वर्षों में तेल की उपलब्धता मांग से कहीं ज्यादा हो सकती है।

भारत के लिए राहत की खबर
तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए अच्छी खबर है। इससे आयात बिल कम हो सकता है, रुपये पर दबाव घट सकता है और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है।

Stock Market: बाजार लाल निशान पर खुले; सेंसेक्स 77150 से नीचे, निफ्टी 24074 पर

नई दिल्ली। ईरान युद्ध के खत्म होने और कच्चे तेल के दाम गिरने के बावजूद आज शेयर मार्केट की शुरुआत लाल निशान से हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 23 अंकों की गिरावट के साथ 77132 पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 स्टॉक्स वाले बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी ने 11 अंक नीचे 24074 के लेवल से गुरुवार के कारोबार की शुरुआत की।

इससे पहले लगातार चार सत्र में शेयर बाजार में तेजी रही। बुधवार को सेंसेक्स 347.14 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ था जबकि निफ्टी में 96.55 अंक की तेजी आई थी। इस बीच रुपया डॉलर के मुकाबले गिरावट के साथ खुला। पिछले सत्र में यह 94.53 पर बंद हुआ था और आज 94.66 पर खुला। सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयर गिरावट के साथ खुले।

किन शेयरों में रही तेजी
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टीसीएस और बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट आई। दूसरी ओर, ट्रेंट, अडानी पोर्ट्स, बीईएल, एचडीएफसी बैंक और इंडिगो में तेजी रही। निफ्टी के शेयरों में इन्फोसिस, एचसीएल टेक और टीसीएस में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • गिफ्ट निफ्टी
    गिफ्ट निफ्टी लाइव चार्ट आज भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छी शुरुआत दिखाता है। सुबह 8:09 बजे तक गिफ्ट निफ्टी 24,076 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के 23955 के पिछले बंद भाव से करीब 120 अंकों का प्रीमियम है।
  • ईरान-अमेरिका युद्ध खत्म
    व्हाइट हाउस द्वारा पुष्टि की गई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने औपचारिक रूप से शांति समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जो व्यापक अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है, निवेशकों की भावना मजबूत हुई है। इस समझौते से होर्मुज को फिर से खोलने, भू-राजनीतिक जोखिमों को कम करने, ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता को कम करने और वैश्विक जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
  • US फेड नीति
    फेडरल रिजर्व ने नए चेयरमैन केविन वार्श के नेतृत्व में, ब्याज दरों को 3.50%-3.75% रेंज में बनाए रखने का निर्णय लिया। केंद्रीय बैंक के नौ अधिकारी बढ़ती मुद्रास्फीति को संबोधित करने के लिए 2026 के अंत से पहले कम से कम एक दर वृद्धि की उम्मीद करते हैं।
  • कच्चे तेल की कीमतें
    अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई। ब्रेंट क्रूड वायदा 1.12% गिरकर 78.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.28% गिरकर 75.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।