Crude Price: क्रूड ऑयल 76 डॉलर से नीचे, क्या भारत में घटे पेट्रोल डीजल के दाम

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नई दिल्ली। Crude Oil Price: पश्चिम एशिया से आई एक अच्छी खबर ने तेल बाजार का मूड बदल दिया है। हर दिन क्रूड निचले स्तर बना रहा है जिससे उपभोक्ता देशों को राहत मिल रही है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत 76 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गई।

मार्च के बाद यह पहला मौका है जब तेल इतनी सस्ती कीमत पर पहुंचा है। बाजार में यह राहत अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते की खबर के बाद आई है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने से तेल की सप्लाई फिर से सामान्य हो सकती है।

केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट के मुताबिक समझौते में ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने जैसे अहम कदम शामिल हैं।

अगर ऐसा होता है तो वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ जाएगी। यही वजह है कि निवेशकों को लगने लगा है कि आने वाले समय में तेल की कमी नहीं होगी। नतीजा यह हुआ कि तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया।

हालांकि अभी यह तय नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल गया है या नहीं। हाल के तनाव के दौरान कई शिपिंग कंपनियों ने इस रास्ते से जहाज भेजना बंद कर दिया था। अब बाजार यह देख रहा है कि वे कंपनियां कब दोबारा सामान्य कारोबार शुरू करती हैं।

तेल बाजार पर दबाव बढ़ाने वाली एक और खबर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की रिपोर्ट है। एजेंसी का अनुमान है कि 2027 तक दुनिया में तेल की सप्लाई प्रतिदिन 80 लाख बैरल बढ़ सकती है, जबकि मांग सिर्फ 20 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ेगी। सीधे शब्दों में कहें तो आने वाले वर्षों में तेल की उपलब्धता मांग से कहीं ज्यादा हो सकती है।

भारत के लिए राहत की खबर
तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए अच्छी खबर है। इससे आयात बिल कम हो सकता है, रुपये पर दबाव घट सकता है और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है।