Friday, July 24, 2026
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कांग्रेसी सांसदों ने जबरदस्ती चेंबर में घुस कर ओम बिरला के साथ गाली-गलौज की

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में लगातार जारी हंगामे के बीच बुधवार को केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर बड़ा आरोप लगाया है। संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर के चेंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं। उन्होंने यह आरोप लगाए हैं कि इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत कई सीनियर कांग्रेस नेता भी वहां मौजूद थे।

बुधवार को संसद परिसर में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए किरन रिजिजू ने कहा, “स्पीकर साहब बहुत आहत हैं। मैंने उनसे बात की है। स्पीकर साहब के चेंबर में जाकर गाली गलौज किया, बुरा भला कहा।

फिर स्पीकर साहब ने जो फैसला सुनाया उसको नहीं माने, और फिर राहुल गांधी कहते हैं कि उन्हें सदन में बोलने के लिए किसी की परमिशन नहीं चाहिए, वो मर्जी से बोलेंगे। ये सब रिकॉर्ड पर है। लेकिन सदन में चेयर की अनुमति के बिना नहीं बोल सकते।”

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “स्पीकर के चेंबर में 20,25 कांग्रेस के MPs जब घुसे, तो मैं भी वहां गया। उन्होंने जो गाली गलौज किया स्पीकर के साथ, वह मैं आपको बता नहीं सकता। स्पीकर बहुत नरम आदमी हैं।

नहीं तो और कठोर कदम उठाया जा सकता था। यह कोई तरीका नहीं होता।” रिजिजू ने कहा, “जब स्पीकर को गाली दी जा रही थी तब वहां प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं, वेणुगोपाल भी मौजूद थे, कांग्रेस के सीनियर नेता वहां मौजूद थे और इसे बढ़ावा दे रहे थे।”

इससे पहले विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा है। ओम बिरला पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालित करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे इल्जाम लगाने और अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।

लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया है कि विपक्ष की ओर से नोटिस सौंपे जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने फैसला किया है कि वह मामले का निपटारा होने तक आसन पर नहीं बैठेंगे और उन्होंने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया कि नोटिस की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। सूत्रों ने यह भी कहा कि नोटिस पर विचार किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

सौ से ज्यादा सांसदों ने किए हस्ताक्षर
जानकारी के मुताबिक निचले सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सचेतक मोहम्मद जावेद ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को ओम बिरला को पद से हटाने से संबंधित नोटिस सौंपा। नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के करीब 120 सांसदों से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

ओम बिरला पर क्या आरोप?
यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत सौंपा गया है। विपक्ष ने नोटिस में कहा, ”बीते दो फरवरी को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते समय अपना भाषण पूरा नहीं करने दिया गया। यह कोई अकेली घटना नहीं है। करीब-करीब हमेशा ही ऐसा होता है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता।”

उन्होंने दावा किया कि गत 3 फ़रवरी को विपक्ष के आठ सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए ”मनमाने ढंग से” निलंबित कर दिया गया और उन्हें केवल अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए दंडित किया जा रहा है। विपक्ष ने ओम बिरला द्वारा सदन में पांच फरवरी को दिए गए उस वक्तव्य का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि चार फरवरी को कांग्रेस के कई सदस्य सदन के नेता (प्रधानमंत्री) की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में नहीं आए।

डीडीजीएस पर आयात शुल्क खत्म किए जाने से सरसों, सोयाबीन में गिरावट

नई दिल्ली। नए माल की छिटपुट आवक शुरू होने से 6 फरवरी वाले सप्ताह की तुलना में 10 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान सरसों के थोक मंडी भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई और इसके तेल का दाम भी घट गया।

आगामी समय में नई सरसों की आपूर्ति एवं उपलब्धता तेजी से बढ़ने की संभावना है जिससे कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। उधर अमरीका से हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत सोयाबीन तेल एवं डीडीजीएस पर आयात शुल्क को कम या खत्म किए जाने की संभावना है।

इसका असर घरेलू प्रभाग में सोयाबीन एवं सोया तेल की कीमतों पर देखा जा रहा है। डीडीजीएस का आयात होने पर सोयामील की घरेलू मांग एवं खपत में कमी आएगी और तेल मिलों की आमदनी प्रभावित होगी जिसके फलस्वरूप सोयाबीन का भाव नरम पड़ सकता है।

उधर अमरीका से हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत सोयाबीन तेल एवं डीडीजीएस पर आयात शुल्क को कम या खतम किए जाने की संभावना है। इसका असर घरेलू प्रभाग में सोयाबीन एवं सोया तेल की कीमतों पर देखा जा रहा है। डीडीजीएस का आयात होने पर सोयामील की घरेलू मांग एवं खपत में कमी आएगी और तेल मिलों की आमदनी प्रभावित होगी जिसके फलस्वरूप सोयाबीन का भाव नरम पड़ सकता है।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान सरसों का भाव जयपुर में (42 प्रतिशत कंडीशन) 7350 रुपए प्रति क्विंटल से घटकर 7100 रुपए प्रति क्विंटल, चरखी दादरी में 7150 रुपए से गिरकर 7050 रुपए प्रति क्विंटल, भरतपुर में 6891 रुपए से फिसलकर 6850 रुपए प्रति क्विंटल तथा आगरा शमसाबाद (सलौनी) में 7650 रुपए से लुढ़ककर 7325 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। अन्य मंडियां भी अपेक्षाकृत कमजोर रहीं।

जहां तक सरसों तेल की बात है तो कच्ची घानी तेल का दाम जयपुर में 1485 रुपए से घटकर 1460 रुपए प्रति 10 किलो तथा भरतपुर में 1480 रुपए से गिरकर 1465 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। चरखी दादरी में सरसों एक्सपेलर तेल का भाव 1450 रुपए प्रति 10 किलो पर स्थिर रहा लेकिन भरतपुर में 1460 रुपए प्रति 10 किलो से गिरकर 1445 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया।

6 फरवरी की तुलना में 10 फरवरी को सोयाबीन एवं सोया तेल की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सोयाबीन का दाम अमरावती में 5650 रुपए प्रति क्विंटल से लुढ़ककर 5250 रुपए प्रति क्विंटल तथा कोटा में 5800 रुपए से घटकर 5300 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। लातूर और देवास में भी कीमतों में जोरदार गिरावट देखी गई।

इसी अवधि में सोया रिफाइंड तेल के दाम में प्रति 10 किलो पर 15-20 रुपए की गिरावट रही लेकिन कांडला में भाव 5 रुपए सुधरकर 1370 रुपए पर पहुंच गया।

मार्केटिंग सीजन में खाद्य तेलों का आयात 167 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान

कुआलालम्पुर। भारत में 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में स्वदेशी स्रोतों से खाद्य तेलों का कुल उत्पादन 96 लाख टन पर अटकने की संभावना व्यक्त करते हुए एक अग्रणी उद्योग संस्था- इंडियन वैजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईबीपीए) ने विदेशी खाद्य तेलों का आयात बढ़कर 167 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।

कुआलालम्पुर (मलेशिया) में आयोजित एक कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि खाद्य तेलों के लिए विदेशी बाजारों पर भारत की भारी आवश्यकता बरकरार रहेगी और लगभग 60 प्रतिशत खाद्य तेल की घरेलू मांग एवं जरूरत को आयात के जरिए पूरा करना आवश्यक होगा।

एक अन्य विश्लेषक का मानना है कि यदि अमरीकी सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क को कम या खत्म किया गया तो भारत में खाद्य तेलों का कुल आयात बढ़कर 170 लाख टन के आसपास पहुंच सकता है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार विभिन्न कारणों से खाद्य तेलों के वैश्विक बाजार मूल्य में भारी उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहता है। जैव ईंधन निर्माण में इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है जिससे खाद्य उद्देश्य के लिए इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल होती जा रही है।

बाजार की दिशा एवं दशा में बदलाव हो रहा है। भू राजनैतिक दबाव ने परम्परागत व्यापारिक मार्ग को परिवर्तित कर दिया है। इसके फलस्वरूप नीतियों अथवा सीमा शुल्क के ढांचे में मामूली परिवर्तन होने से भी खाद्य तेलों का भाव काफी संवेदनशील हो जाता है जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ने लगता है।

भारत मुख्यतः इंडोनेशिया एवं मलेशिया से पाम तेल, अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से सोयाबीन तेल तथा रूस एवं यूक्रेन से सूरजमुखी तेल का आयात करता है। 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान भारत में 80-85 लाख टन पाम तेल, 50-55 लाख टन सोयाबीन तेल एवं 28-30 लाख टन सूरजमुखी तेल का आयात होने का अनुमान है। इसके अलावा 2 लाख टन खाद्य तेल का आयात नेपाल से भी हो सकता है।

Rajasthan Budget 2026: राजस्थान बजट 2026 का लाइव प्रसारण

जयपुर। राजस्थान विधान सभा में उपमुख्य मंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी आज 11 फरवरी बुधवार को 2026 -27 का बजट पेश कर रही हैं। आइये जानते हैं इस बजट में राजस्थान की जनता को क्या मिलने वाला है।

बजट में 41% की बढ़ोतरी
वित्त मंत्री ने बताया कि इस बार बजट का कुल आकार 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये रखा गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 41.39% अधिक है, जो इसे राजस्थान के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट बनाता है।

2026-27 में वित्तीय व्यय 21 लाख 52100 करोड़ अनुमानित
राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बताया कि कि साल 2026-27 में वित्तीय व्यय 21 लाख 52100 करोड़ अनुमानित है। प्रति व्यक्ति आय भी 167000 से बढ़कर 2 लाख 2349 रुपए तक पहुंच जाएगी।

सड़क सुरक्षा और राजमार्ग सुविधाओं के लिए बड़े प्रावधान

  • सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
  • राजमार्गों पर वे-साइड एमेनिटीज विकसित की जाएंगी।
  • ब्लैक स्पॉट्स के सुधार के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

जल जीवन मिशन को गति, ग्रामीण क्षेत्रों में 14 लाख से अधिक कनेक्शन दिए
वित्त मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन को गति देने के लिए राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 14 लाख से अधिक कनेक्शन दिए गए हैं।

सड़क सुरक्षा के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
राजस्थान बजट भाषण में दीया कुमारी ने घोषणा की सड़क सुरक्षा के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

स्टेट हाइवे 2700 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होंगे
राजस्थान में राज्य स्टेट हाइवे के लिए 500 किलोमीटर लंबाई की सड़कों को 2700 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जाएंगे।

प्रति व्यक्ति आय 2 लाख के पार

  • सरकार ने पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन से प्रदेश को उबारते हुए निवेश को बढ़ावा दिया।
  • सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर पिछली बार हरित बजट पेश किया गया।
  • राज्य की अर्थव्यवस्था 41.39 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2026-27 में 21 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई।
  • प्रति व्यक्ति आय 1.68 लाख रुपये से बढ़कर 2.02 लाख रुपये से अधिक पहुंचने का अनुमान है।

सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर 1800 करोड़ के नए काम होंगे

  • 1800 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) के कार्य किए जाएंगे।
  • नॉन पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • अगले वर्ष 250 अटल प्रगति पथ परियोजनाओं पर 500 करोड़ रुपये के कार्य शुरू किए जाएंगे।
  • बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • दीया कुमारी ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर 3427 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च किया गया, जो अब तक का सर्वाधिक है।
  • 16,430 किलोमीटर नई सड़कों को शामिल करते हुए कुल 42 हजार किलोमीटर सड़कों का विकास किया गया।

बजट में पीएम आवास योजना को लेकर बड़ा ऐलान

  • राजस्थान के बजट में पीएम आवास योजना ग्रामीण को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बताया कि 28 लाख परिवारों के सर्वे का काम पूरा हो गया है। 2029 तक पात्र परिवारों को घर बनाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिलेगी।

1092 गांवों तक बिसलपुर योजना का पानी

  • 1092 गांवों तक बिसलपुर योजना का पानी पहुंचाने की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर 650 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • 24 हजार करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाओं के वर्क ऑर्डर जारी किए गए।
  • मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन योजना के तहत 6500 गांवों को शामिल कर हर घर नल से जोड़ा जाएगा, जिस पर 4500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • शहरों में पेयजल व्यवस्था के लिए 2300 करोड़ रुपये की लागत से प्रबंध किए जाएंगे।
  • देशनोक में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

Gold Silver Price: MCX पर सोना-चांदी फिर चमके, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today : ग्लोबल मार्केट के बाद आज घरेलू बाजार में भी सोने-चांदी के भाव में तेजी है। MCX गोल्ड अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट ₹1,600 या 1% से अधिक बढ़कर ₹1,58,436 प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं, चांदी की कीमत 2.7% बढ़कर 2,59,418 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

दूसरी ओर ग्लोबल मार्केट में, स्पॉट सिल्वर 2.2% बढ़कर 82.43 डॉलर प्रति औंस हो गई, पिछले सत्र में इसमें 3% से अधिक की गिरावट आई थी। इसी दौरान, स्पॉट गोल्ड भी 0.5% बढ़कर 5,049.59 डॉलर प्रति औंस हो गया अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी सोने के वायदा 0.9% बढ़कर 5,073.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए।

सोने की कीमत में 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर मजबूती बनी हुई है। इसकी एक वजह अमेरिका में कमजोर रिटेल सेल्स के आंकड़े हैं, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें कम करने की उम्मीद बढ़ गई है।

मंगलवार को गिरावट के बाद बुधवार को सोने की कीमत में 0.6% तक की बढ़त देखी गई। दिसंबर में उपभोक्ता खर्च अप्रत्याशित रूप से स्थिर रहा। अब बुधवार को जारी होने वाली जनवरी की नौकरियों की रिपोर्ट पर सबकी नजर है।

जनवरी के अंत में, भूराजनीतिक उथल-पुथल, फेड की स्वतंत्रता पर हमलों और पारंपरिक एसेट्स से दूरी जैसे कारणों से सोना रिकॉर्ड हाई $5,595 प्रति औंस पर पहुंच गया था। लेकिन अटकलबाजी की एक लहर के बाद तेजी जरूरत से ज्यादा बढ़ गई और सोने की कीमत दो ही सत्रों में लगभग 13% गिर गई।

सोने का भाव 6,000 डॉलर पर पहुंचने का अनुमान
ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक उस गिरावट के बाद से, सोने ने अपने नुकसान का लगभग आधा हिस्सा वापस कमाया है और इस सप्ताह लगभग 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। कई बैंकों का मानना है कि सोने की तेजी फिर से शुरू होगी, क्योंकि जिन कारणों से इसकी बढ़त हुई थी, वे अब भी कायम हैं। बीएनपी पैरिबास एसए इसे साल के अंत तक 6,000 डॉलर पर पहुंचने का अनुमान लगा रहा है, जबकि डॉयचे बैंक एजी और गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक के भी तेजी वाले पूर्वानुमान हैं।

वंदे मातरम राष्ट्रगान से पहले गाया जाएगा, खड़े होना अनिवार्य, नए नियम जारी

नई दिल्ली। वंदे मातरम को लेकर सरकार ने नए नियम जारी कर दिए हैं। इनके तहत राष्ट्रगान से तुरंत बाद 6 छंदों वाला वंदे मातरम गाया जाएगा। साथ ही कहा गया है कि इस दौरान सभी को खड़ा होना अनिवार्य होगा। गीत कुल 3 मिनट 10 सेकंड का है।

शुरू में वंदे मातरम की रचना स्वतंत्र रूप से की गई थी और बाद में इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास आनंदमठ (1882 में प्रकाशित) में शामिल किया गया। इसे पहली बार 1896 में कलकत्ता में कांग्रेस अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने गाया था। राजनीतिक नारे के तौर पर पहली बार वंदे मातरम का इस्तेमाल 7 अगस्त 1905 को किया गया था। 1950 में संविधान सभा ने इसे भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया।

क्या हैं नियम
वंदे मातरम को कई आधिकारिक कार्यक्रमों में गाया जाना अनिवार्य किया गया है। इनमें ध्वजारोहण के दौरान, कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आने से पहले और जाने के बाद, राज्यपालों के आने से पहले और जाने के बाद शामिल है। पद्म पुरस्कार जैसे समारोहों के दौरान भी वंदे मातरम गाया जाना जरूरी है। इसके अलावा सरकार ने कार्यक्रमों की सूची भी जारी की है।

अंग्रेजों ने की थी रोक लगाने की कोशिशें
PIB के अनुसार, गाने और नारेदोनों के तौर परवंदे मातरम के बढ़ते प्रभाव से घबराकर ब्रिटिश सरकार ने इसके प्रसार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए। नए बने पूर्वी बंगाल प्रांत की सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों में वंदे मातरम गाने या बोलने पर रोक लगाने वाले परिपत्र जारी किए। शैक्षणिक संस्‍थानों को मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी गई, और राजनीतिक आंदोलन में हिस्सा लेने वाले छात्रों को सरकारी नौकरी से निकालने की धमकी दी गई थी।

नवंबर 1905 में, बंगाल के रंगपुर के एक स्कूल के 200 छात्रों में से हर एक पर 5-5 रुपये का जुर्माना लगाया गया, क्योंकि वे वंदे मातरम गाने के दोषी थे। रंगपुर में, बंटवारे का विरोध करने वाले जाने-माने नेताओं को स्पेशल कांस्टेबल के तौर पर काम करने और वंदे मातरम गाने से रोकने का निर्देश दिया गया। नवंबर 1906 में, धुलिया (महाराष्ट्र) में हुई एक विशाल सभा में वंदे मातरम के नारे लगाए गए। 1908 में, बेलगाम (कर्नाटक) में, जिस दिन लोकमान्य तिलक को बर्मा के मांडले भेजा जा रहा था, वंदे मातरम गाने के खिलाफ एक मौखिक आदेश के बावजूद ऐसा करने के लिए पुलिस ने कई लड़कों को पीटा और कई लोगों को गिरफ्तार किया।

हरे निशान पर खुला बाजार; सेंसेक्स 69 अंक चढ़कर 84343 पर, निफ्टी 25900 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Opened Today: हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को भारतीय बाजार बढ़त के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 68.97 अंक या 0.08 प्रतिशत चढ़कर 84,342.89 अंक पर, जबकि 50 शेयरों वाला निफ्टी 40.40 अंक या 0.16 प्रतिशत चढ़कर 25,975.55 अंक पर आ गया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 65 अंकों की तेजी के साथ 84339 पर खुला। जबकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 62 अंकों की बढ़त के साथ 25997 के लेवल से बुधवार के कारोबार की शुरुआत की।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियन मार्केट
    चीन में मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पहले एशियाई बाजारों में बुधवार को तेजी रही। जापान के बाजार सार्वजनिक अवकाश के लिए बंद हैं। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कोस्डैक में 0.33 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने उच्च शुरुआत का संकेत दिया।
  • गिफ्ट निफ्टी टुडे
    गिफ्ट निफ्टी 26,056 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 70 अंक का प्रीमियम था। यह भारतीय शेयर बाजार के सूचकांकों के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।
  • वॉल स्ट्रीट
    अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को मिश्रित रूप से समाप्त हुआ, डॉऊ जोन्स लगातार तीसरे रिकॉर्ड के करीब पहुंच गया। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 52.27 अंक या 0.10 प्रतिशत बढ़कर 50,188.14 पर पहुंच गया, जो दिन की शुरुआत में इंट्राडे रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद था, जबकि एसएंडपी 500 23.01 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 6,941.81 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 136.20 अंक या 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,102.47 पर बंद हुआ।

    अमेरिका से प्रथम चरण में 5 लाख टन तक डीडीजीएस के आयात पर शुल्क में छूट

    नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतरिम व्यापारिक करार (ट्रेड डील) के अंतर्गत प्रथम चरण के दौरान अमरीका से 5 लाख टन तक ड्राईड डिस्टीलर्स ग्रेन्स विद सोल्युबल्स (डीडीजीएस) के आयात पर सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इससे स्वदेशी डिस्टीलर्स एवं मैन्युफैक्चर्स को थोड़ी बहुत राहत मिल सकती है।

    उनका कहना है कि 5 लाख टन तक का वार्षिक आयात उसके कारोबार को ज्यादा प्रभावित नहीं करेगा लेकिन अगर इस कोटे में बढोत्तरी की गई तो संकट उत्पन्न हो सकता है।

    उल्लेखनीय है कि अनाज पर आधारित एथनॉल निर्माण इकाई में खासकर मक्का और चावल की प्रोसेसिंग के दौरान एथनॉल का उत्पादन होता है और जो अवशिष्ट अवयव बच जाता है वह डीडीजीएस कहलाता है।

    इसका उपयोग पशु आहार एवं पॉल्ट्री फीड के निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता है। पहले भारत में इसका सीमित उत्पादन होता था लेकिन अब से एथनॉल निर्माण में मक्का का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल आरम्भ हुआ है तब से देश में डीडीजीएस का उत्पादन बड़े पैमाने पर होने लगा है।

    अब देश में डीडीजीएस का पर्याप्त उत्पादन होने लगा है इसलिए विदेशों से इसके आयात की आवश्यकता लगभग समाप्त हो गई है। ऐसी हालत में यदि अमरीका से इसका बेतहाशा आयात हुआ तो डिस्टीलर्स की आमदनी पर गंभीर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

    उल्लेखनीय है कि अमरीका दुनिया में मक्का का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है और वहां इसकी घरेलू क्रशिंग-प्रोसेसिंग भी बड़े पैमाने पर होती है। इससे वहां डीडीजीएस का विशाल निर्यात योग्य अधिशेष स्टॉक उपलब्ध रहता है।

    Budget 2026: वित्त मंत्री दीया कुमारी आज विधानसभा में पेश करेगी राजस्थान बजट

    जयपुर। राजस्थान का बहुप्रतीक्षित बजट आज 11 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमार इस कार्यकाल का अहम बजट सदन के पटल पर रखेंगी। सरकार के संकेत साफ है, यह बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

    नई योजनाओं के साथ-साथ कई मौजूदा योजनाओं के दायरे को बढ़ाने की तैयारी है, जिससे बजट को “समावेशी विकास” की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। बजट से पहले ही प्रदेशभर में उम्मीदों का माहौल है। खासतौर पर युवा, किसान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े वर्ग सरकार की घोषणाओं पर नजरें टिकाए बैठे हैं।

    युवाओं पर सबसे बड़ा दांव
    इस बार के बजट में युवाओं को बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार सरकार करीब एक लाख नई सरकारी नौकरियों की घोषणा कर सकती है। आरएएस और उच्च पदों को छोड़कर अधिकतर भर्तियों में इंटरव्यू प्रक्रिया समाप्त करने का ऐलान संभव है, जिससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो सके।

    इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने और उनकी सेवा शर्तों में सुधार को लेकर भी प्रावधान किए जा सकते हैं। बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं के लिए यह बजट अहम माना जा रहा है।

    सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी
    बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं के लिए सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का फोकस कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा देने पर दिख रहा है।

    किसानों के लिए राहत और भरोसा
    कृषि क्षेत्र को लेकर भी बजट में कई अहम घोषणाओं की उम्मीद है। किसान सम्मान निधि की राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 12 हजार रुपये तक ले जाने की तैयारी बताई जा रही है।

    इसके अलावा सहकारी बैंकों के जरिए बिना ब्याज फसली ऋण योजना का दायरा बढ़ाने, गेहूं सहित कुछ फसलों पर एमएसपी बोनस बढ़ाने और बाजरा-ज्वार की सरकारी खरीद को प्रोत्साहन देने के संकेत हैं। सूखे और मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए यह कदम राहत देने वाला हो सकता है।

    सिंचाई, डेयरी और पशुपालन पर फोकस
    बजट में नई छोटी सिंचाई परियोजनाओं, माइक्रो इरिगेशन और आदिवासी क्षेत्रों में सिंचाई योजनाओं की घोषणा संभव है। डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में दूध खरीद पर बोनस बढ़ाने, पशुधन बीमा योजना का विस्तार और महिलाओं के लिए विशेष डेयरी प्रोत्साहन योजना लाने की भी संभावना है।

    महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए सौगात
    महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ाने, महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या और उनके बजट में इजाफा किया जा सकता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगियों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की घोषणा भी बजट में जगह पा सकती है।

    सड़क, परिवहन और शहरी विकास
    इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। नए स्टेट एक्सप्रेसवे, सड़कों के उन्नयन, ओवरब्रिज और अंडरब्रिज निर्माण की घोषणाएं संभव हैं। रोडवेज के लिए करीब 1000 नई बसें खरीदने, जयपुर रिंग रोड फेज-2 और जयपुर मेट्रो फेज-2 के पहले पैकेज के लिए बजट प्रावधान किए जा सकते हैं।

    बिजली, पानी और उद्योग
    सरकार 24 घंटे बिजली आपूर्ति की कार्ययोजना, स्मार्ट मीटर, नए ग्रिड सब स्टेशन और किसानों की बिजली दरें नहीं बढ़ाने का भरोसा दे सकती है। अमृत-2 योजना के तहत सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं पर फोकस रहेगा। उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, डिफेंस, एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने के ऐलान भी संभव हैं।

    शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार
    बजट में नए मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, पीएचसी-सीएचसी निर्माण और मेडिकल-पैरामेडिकल सीटें बढ़ाने की घोषणा की जा सकती है। जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और नए स्कूल भवनों के लिए अलग बजट प्रावधान भी संभावित है।

    अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना राज्य सरकार की मंशा: ऊर्जा मंत्री

    आमली घटाल को ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने पर ग्रामीणों ने किया ऊर्जा मंत्री का अभिनंदन

    कोटा/ सांगोद। सांगोद उपखंड में आमली घटाल को नवीन ग्राम पंचायत के रूप में सृजित किए जाने पर राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री एवं सांगोद विधायक हीरालाल नागर का क्षेत्रवासियों द्वारा भव्य अभिनंदन किया गया। ग्राम पंचायत गठन की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।

    इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों, सामाजिक संगठनों एवं कार्यकर्ताओं ने ऊर्जा मंत्री नागर का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उनका आभार व्यक्त किया। उपस्थित जनसमूह ने कहा कि ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने से क्षेत्र में प्रशासनिक मजबूती आएगी तथा विकास कार्यों को गति मिलेगी। अब ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और योजनाओं का लाभ सीधे ग्राम स्तर पर मिलेगा।

    ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचे। ग्राम पंचायत गठन से आमली घटाल क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, बिजली और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सांगोद विधानसभा क्षेत्र का संतुलित और सतत विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    नागर ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि आने वाले समय में और भी विकास कार्य स्वीकृत कराए जाएंगे तथा ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि, पंचायत स्तर के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने ग्राम पंचायत गठन के लिए राज्य सरकार और ऊर्जा मंत्री का आभार व्यक्त किया।