Friday, July 24, 2026
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21 महिलाओं को को मिला सुखी मातृत्व का आशीर्वाद और गर्भ संस्कार

संगिनी जेएसजी का गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम सम्पन्न

कोटा। जैन समाज संस्था संगिनी द्वारा समाज में स्वस्थ एवं संस्कारवान संतानों के निर्माण के उद्देश्य से बुधवार को अणुव्रत भवन में “एक कदम दिव्य संतान की ओर” विषय पर गर्भ संस्कार शिविर एवं गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जेएसजी संगिनी के अध्यक्ष कविता बाफना व सचिव रेणु जैन ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एकता धारीवाल, डॉ. निधि बरथूनिया और समाजसेवी संजय गोयल रहे। कार्यक्रम निदेशक कविता बाफना व प्रियंका जैन ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर स्वामी के समक्ष मंगलाचरण से हुआ।

इस अवसर पर जेएसजी सांगिनी की अध्यक्षा कविता बाफना ने अपने उद्बोधन में कहा कि गर्भ संस्कार एक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक प्रक्रिया है। जो शिशु के सर्वांगीण विकास की नींव गर्भकाल से ही रखती है। उन्होंने बताया कि सांगिनी का उद्देश्य केवल सामाजिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है।

मुख्य अतिथि एकता धारीवाल ने अपने संबोधन में मातृत्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान माँ के विचार, आहार और संस्कार शिशु के भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने संगिनी की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी कदम बताया।

इस अवसर पर डॉ. निधि बर्थुनिया द्वारा गर्भ संस्कार एवं मातृ स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई। गर्भवती महिलाओं को गुड का दलिया और रोजाना अनार खाएं। जिससे हीमोग्लोबिन की कोई कमी नहीं होगी।

दाल आवश्यक है। जिसमें प्रोटीन होता है। रोजाना दूध अवश्य पिए, समय-समय पर हीमोग्लोबिन शुगर और बीपी की जांच करते रहे, मेडिटेशन करें, पूजा पाठ करें, हमेशा सकारात्मक करें। डिलीवरी के बाद 6 महीने तक अपना दूध पिलाएं।

प्रोजेक्ट एडवाइजर निकिता जैन ने बताया कि पौष्टिक आहार में क्लब की ओर से महिलाओं को  नारियल, मिठाई और साड़ी देकर 21 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई। उन्हें पोषक आहार ओर डिलिवरी में काम आने वाली चीजें घी, गुड अजवाइन, बादाम, गोला, मखाने ओर फल आदि दिए गए तथा उन्हें चुनरी उड़ाई गई।

अध्यक्ष कविता बाफना ने कहा कि महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान ध्यान रखने वाली सभी बातों से अवगत कराया गया। साफ सफाई का महत्व समझाते हुए गर्भाधान संस्कार के बारे में बताया कि किस तरह हम स्वस्थ और संस्कारित पीढ़ी को जन्म दे सकते हैं।

मां बनना हर स्त्री के लिए एक सौभाग्य की बात है। ईश्वर का दिया हुआ सबसे सुंदर वरदान है, इसलिए हमें लड़के और लड़की में भेद न करके इन्हें ईश्वर का वरदान समझकर खुली बांहों से अपनाना चाहिए। चाहे लड़का हो या लड़की उसे पढ़ा लिखा कर एक संस्कारित और शिक्षित बनाना चाहिए।

इस अवसर पर फाउंडर प्रेसिडेंट बिना बिलाला पूर्व अध्यक्ष निर्मला बडजातिया, सुनीता जैन, सह सचिव सीमा जैन, कोषाध्यक्ष अनिता जैन और हमारे प्रोजेक्ट डायरेक्टर्स कविता बापना और प्रियंका जैन और इस पुनीत कार्यक्रम में संगिनी 50 से अधिक मेंबर्स की उपस्थिति रही।

बजट सांगोद के सर्वांगीण विकास के लिए मील का पत्थर: ऊर्जा मंत्री नागर

कोटा/सांगोद। राजस्थान के ऊर्जा मंत्री एवं सांगोद विधायक हीरालाल नागर ने राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को सांगोद विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा सांगोद क्षेत्र के लिए की गई घोषणाएं शिक्षा, सिंचाई, पेयजल, बुनियादी ढांचे एवं आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेंगी।

मंत्री नागर ने कहा कि यह बजट आमजन की आवश्यकताओं और क्षेत्र की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जिससे सांगोद क्षेत्र की विकास यात्रा को नई गति मिलेगी।

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बजट में सांगोद एवं दीगोद क्षेत्र के लिए सिंचाई और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। परवन अकावद परियोजना के अंतर्गत बारां, कोटा एवं झालावाड़ जिलों के लिए 3500 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी किए गए हैं। जिससे व्यापक स्तर पर सिंचाई और पेयजल सुविधा का विस्तार होगा।नवनेरा परियोजना के लिए ₹1100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिसके माध्यम से कोटा एवं बूंदी जिले के गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। आलनिया बांध परियोजना के तहत 100 करोड़ रुपए की लागत से दबावयुक्त सिंचाई प्रणाली विकसित की जाएगी। जिससे सिंचाई से वंचित 36 गांवों की 2716 हेक्टेयर भूमि को लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त दीगोद लिफ्ट नहरों की मरम्मत के लिए 9 करोड़ रुपए तथा सौर ऊर्जा आधारित चन्द्रावला माइक्रो सिंचाई परियोजना (द्वितीय चरण) के लिए 15 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। मंत्री नागर ने कहा कि इन परियोजनाओं से किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र में कृषि उत्पादन को नया विस्तार मिलेगा।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सांगोद क्षेत्र को बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के उद्देश्य से भी बजट में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। जिसमें भगदा खाल (सांगोद) फ्लड डायवर्जन हेतु 25 करोड़ रुपए, सीमलिया फ्लड डायवर्जन (चरण-II) हेतु 18 करोड़ रुपए, नीमोदा फ्लड प्रोटेक्शन कार्य हेतु 15 करोड़ रुपए, कैलाशपुरा सुरक्षा दीवार निर्माण हेतु 20 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।

इसके अलावा क्षेत्रीय संपर्क एवं शहरी विकास को सुदृढ़ करने के लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि भाण्डाहेडा से सुहाना संपर्क सड़क निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपए, सांगोद नगर पालिका में नाला निर्माण एवं सड़कों के सुदृढ़ीकरण हेतु 5 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सांगोद में अन्नपूर्णा नदी के समीप 4 करोड़ की लागत से ‘अटल वन’ विकसित किया जाएगा। जिससे हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिलेगी। आमजन को सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सांगोद में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खोलने की घोषणा की गई है। इससे स्थानीय नागरिकों को न्यायिक कार्यों के लिए अन्य स्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब
यह बजट सांगोद की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। पेयजल, सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा के लिए किए गए ये ऐतिहासिक कार्य क्षेत्र की तस्वीर बदल देंगे। किसानों, युवाओं और आमजन को इस बजट से सीधा लाभ मिलेगा। बजट में की गई घोषणाओं के धरातल पर उतरने से सांगोद विधानसभा क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और क्षेत्र की आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी। मैं इस जन-कल्याणकारी बजट के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।-ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर

ओटीएस योजना की अवधि मार्च तक बढ़ी, 371 ऋणियों को 845.26 लाख की राहत

कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक की बैठक में 1250.69 लाख की वसूली सुनिश्चित

कोटा। कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लि. के संचालक मंडल की बैठक बुधवार को प्रधान कार्यालय में बैंक अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता (ओटीएस) योजना 2025-26 की अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ाए जाने के निर्णय का स्वागत किया गया।

बैठक में 16 नए कृषको सदस्यता एवं 12 किसानो को 46.40 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। संचालक मंडल ने योजना की अवधि बढ़ाने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक के प्रति आभार व्यक्त किया।

अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बजट वर्ष 2025-26 में घोषित 200 करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत ओटीएस योजना भूमि विकास बैंकों के अवधिपार ऋणियों को मुख्यधारा में लाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है।

उन्होंने बताया कि 10 फरवरी 2026 तक बैंक द्वारा योजना के अंतर्गत 371 ऋणियों को 845.26 लाख रुपये की ब्याज राहत प्रदान की जा चुकी है तथा 1250.69 लाख रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई है।

श्री राठौड़ ने आंशिक राशि जमा कर चुके एवं पूर्णतः पात्र वंचित ऋणी सदस्यों से अपील की कि वे 31 मार्च 2026 से पूर्व मूलधन एवं चालू ब्याज जमा कर योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में योजना के पुनः लागू होने की संभावना नहीं है।

अध्यक्ष ने शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र ऋणी योजना से वंचित न रहे और शत-प्रतिशत प्रकरणों में राहत सुनिश्चित की जाए। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले ऋणियों को पुनः ऋण देकर मुख्यधारा में जोड़ा जाए।

बैंक सचिव ऋतु सपरा ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 10 फरवरी 2026 तक की प्रगति में शाखा रामगंजमंडी प्रथम तथा शाखा सांगोद द्वितीय स्थान पर रही है। उन्होंने सभी शाखा प्रबंधकों को 31 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही जो ऋणी योजना का लाभ लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनके विरुद्ध राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 की धारा 99/100/103 के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में उप रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग राजेश कुमार मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि विभाग डॉ. अतिश कुमार शर्मा, बैंक उपाध्यक्ष भंवर सिंह हाड़ा तथा संचालक, निहाल सिंह राठौड़, डॉ. प्राची दीक्षित, राधाकिशन मीणा, मुकेश मीणा एवं बैंक सचिव ऋतु सपरा आदि उपस्थित रहे।

Stock Market Closed: सेंसेक्स लाल तो निफ्टी हरे निशान पर बंद हुआ

नई दिल्ली। Stock Market Closed : वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार (11 फरवरी) को सपाट रुख के साथ बंद हुए। बाजार की शुरुआत भी सुस्ती के साथ हुई।

बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स कारोबार के दौरान एक सिमित दायरे में ही कारोबार करते रहे। ऑटो, फार्मा और पीएसयू बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला लेकिन आईटी शेयर में लगातार जारी दबाव से बाजार सपाट बंद हुआ।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मामूली बढ़त के साथ 84,339 अंक पर खुला। खुलने के बाद इंडेक्स में बढ़त देखने को मिली। लेकिन कारोबार के दौरान यह ज्यादातर समय सिमित दायरे में रहा। अंत में यह 40.28 अंक या 0.05% की गिरावट लेकर 84,233.64 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी हरे निशान में खुला और खुलने के कुछ ही देर में 26 हजार के लेवल के पार चला गया। लेकिन बाद में उतार-चढ़ाव के साथ ट्रेड करता रहा और 18.70 अंक या 0.07 प्रतिशत की मामूली बढ़त लेकर 25,953.85 पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”इस हफ्ते अमेरिका–भारत व्यापार समझौते से जुड़ी खबरों के चलते बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। इसके बाद घरेलू शेयर बाजार कुछ समय के लिए सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। अब बाजार का ध्यान फिर से तीसरी तिमाही के मिले-जुले नतीजों, आने वाले मासिक महंगाई आंकड़ों और व्यापार समझौते की बारीक शर्तों पर चला गया है। बताया जा रहा है कि यह समझौता अंतिम चरण में है।”

उन्होंने कहा, ”ऑटो और हेल्थ सेक्टर में मजबूती बेहतर-से-उम्मीद नतीजों को दिखाती है। वहीं, आईटी सेक्टर कमजोर रहा। दुनिया भर में बिकवाली का माहौल बना और एआई से जुड़ी अनिश्चितता ने दबाव बढ़ाया। बाजार के दूसरे हिस्सों में भी उतनी तेजी नहीं दिखी। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई।”

नायर ने कहा कि घरेलू बाजार को विदेशी निवेश के प्रवाह में सुधार का फायदा मिलना शुरू हो गया है। विदेशी निवेशकों की खरीद अब फिर से सकारात्मक हो गई है और उम्मीद है कि यह आगे भी जारी रह सकती है। इसकी वजह सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान में बढ़ोतरी और भारतीय बाजार के वैल्यूएशन में नरमी बताई जा रही है।

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में टीसीएस के शेयर सबसे ज्यादा गिरावट में रहे। यह 2.46% की गिरावट लेकर बंद हुआ। इन्फोसिस, एचसीएल टेक, इटरनल, आईटीसी, टेक महिंद्रा, टाइटन और एचडीएफसी बैंक के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयर 3 प्रतिशत से अधिक चढ़ गए और मार्केट कैप के लिहाज से उसने टीसीएस को पीछे छोड़ते हुए चौथी सबसे बड़ी कंपनी का स्थान हासिल कर लिया। मारुति सुजुकी और ट्रेंट भी आज के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.03 प्रतिशत और 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी हेल्थकेयर सेक्टर में सबसे अधिक 1.62 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी ऑटो में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जबकि निफ्टी आईटी सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसमें 1.76 प्रतिशत की गिरावट आई।

Rajasthan Budget: युवाओं, महिलाओं और मरीजों के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में आज वित्त मंत्री दीया कुमारी ने भजनलाल सरकार का तीसरा और प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट (₹21.52 लाख करोड़) पेश किया है। ‘भगवा बैग’ से निकले इस पिटारे में युवाओं, महिलाओं और मरीजों के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं की गई हैं।

सरकार ने 1 लाख नई सरकारी भर्तियों का ऐलान कर युवाओं को बड़ी राहत दी है, वहीं पेपर लीक पर लगाम कसने के लिए NTA की तर्ज पर ‘राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी’ बनाने का फैसला लिया है

अरावली को बचाने के लिए बनेगा ‘सुरक्षा कवच’
राजस्थान की लाइफलाइन कही जाने वाली अरावली पर्वतमाला को अवैध खनन और अतिक्रमण से बचाने के लिए सरकार ने एक बड़ा ‘इकोलॉजिकल प्रोजेक्ट’ घोषित किया है। अरावली की लगभग 4,000 हेक्टेयर क्षतिग्रस्त भूमि को फिर से हरा-भरा बनाया जाएगा और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पक्की सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए यहां विदेशी पेड़ों के बजाय स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

मजदूरों के लिए ‘श्रम सेतु’ ऐप और पायलट ट्रेनिंग
मजदूरों और युवाओं के कौशल विकास के लिए भी अहम घोषणाएं हुई हैं। दिहाड़ी मजदूरों के लिए ‘श्रम सेतु मोबाइल ऐप’ लॉन्च होगा, जो एक डिजिटल लेबर चौक की तरह काम करेगा, जहां वे घर बैठे काम पा सकेंगे। वहीं, एविएशन सेक्टर में युवाओं को करियर बनाने का मौका देने के लिए सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में ‘फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन’ (पायलट ट्रेनिंग सेंटर) स्थापित किए जाएंगे, जिससे राजस्थान पायलट ट्रेनिंग का हब बन सकेगा।

बिना दस्तावेज भी मिलेगा मुफ्त इलाज
स्वास्थ्य के क्षेत्र में ‘राइट टू हेल्थ’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने घोषणा की है कि अगर किसी पात्र परिवार के पास मौके पर जन आधार या अन्य दस्तावेज नहीं हैं, तो भी उन्हें ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना’ के तहत मुफ्त इलाज से मना नहीं किया जाएगा। ऐसे परिवारों की पहचान बाद में कर ली जाएगी। इलाज के दौरान अस्पताल में रुकने वाले परिजनों की समस्या को समझते हुए मेडिकल कॉलेजों में 500 करोड़ की लागत से हाई-टेक शेल्टर होम और सस्ता खाना देने के लिए ‘अटल आरोग्य फूड कोर्ट’ बनाए जाएंगे।

लखपति दीदी’ को अब 1.5 लाख का लोन
BPO महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत ब्याज मुक्त या कम ब्याज वाले लोन की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी है। ग्रामीण इलाकों की पढ़ी-लिखी महिलाओं को उनके घर के पास ही रोजगार देने के लिए जिला स्तर पर ‘रूरल वूमेन बीपीओ’ (Rural Women BPO) खोले जाएंगे, जिस पर सरकार 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा, जनजाति परिवारों (सहरिया, कथौड़ी) को अब राशन में घी-तेल के बजाय महिला मुखिया के खाते में सीधे 1200 रुपये महीना (DBT) ट्रांसफर किए जाएंगे।

ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए तो सीखनी होगी CPR
सड़क हादसों में घायल लोगों की जान बचाने के लिए सरकार ने एक अनोखा नियम लागू करने की घोषणा की है। अब राजस्थान में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने के लिए सीपीआर (CPR) की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य होगा, ताकि हर ड्राइवर आपात स्थिति में किसी की जान बचा सके। इसके अलावा, हादसों के ‘गोल्डन ऑवर’ में मदद पहुंचाने के लिए हाइवे के रेस्ट एरिया में एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी और ‘राज सुरक्षा’ (RAJ-SURAKSHA) योजना के तहत घायलों को तुरंत कैशलेस इलाज मिलेगा। सरकार 250 नई आधुनिक एम्बुलेंस भी बेड़े में शामिल करेगी।

नीति आयोग की तर्ज पर राजस्थान में बनेगा ‘RITI’
भजनलाल सरकार ने राजस्थान के नीति निर्धारण ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। केंद्र के नीति आयोग की तर्ज पर अब प्रदेश में ‘राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन’ (RITI) का गठन किया जाएगा, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। साथ ही, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में डेटा और पॉलिसी रिसर्च के लिए एक विशेष यूनिट ‘PRAMAAN’ स्थापित होगी, जो सरकारी योजनाओं की निगरानी एआई और डेटा के जरिए करेगी।

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात
राज्य के लाखों कर्मचारियों की निगाहें जिस घोषणा पर टिकी थीं, उस पर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भविष्य में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों को लागू करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए एक ‘हाई पावर कमेटी’ बनाने का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही, कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक विशेष ‘सैलरी अकाउंट पैकेज’ लाया जाएगा, जिसमें उन्हें सस्ती दरों पर लोन, डिजिटल बैंकिंग और 70 वर्ष की उम्र तक एक्सीडेंटल बीमा कवर जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

Rajasthan Budget: अब घर बैठे होगी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री, दफ्तरों के चक्कर खत्म

जयपुर। Rajasthan Budget 2026: राजस्थान सरकार ने आज पेश हुए बजट में ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जमीन-जायदाद के रजिस्ट्रेशन नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किया गया है। अब ‘ई-रजिस्ट्रेशन’ और ‘एनीव्हेयर रजिस्ट्रेशन’ की सुविधा मिलेगी, यानी आप घर बैठे या किसी भी दफ्तर से प्रॉपर्टी रजिस्टर करवा सकेंगे।

प्रदेश के सभी 106 सब रजिस्ट्रार ऑफिस को हाई-टेक ‘मॉडल ऑफिस’ बनाया जाएगा। रजिस्ट्रेशन से जुड़ी अपीलों का निपटारा अब अधिकतम 60 दिनों में करना अनिवार्य होगा, जिससे पेंडिंग मामलों में कमी आएगी।

दूसरे राज्यों से गाड़ी लाना हुआ सस्ता
आम जनता और वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने टैक्स ढांचे में बदलाव किया है। अगर आप किसी अन्य राज्य से निजी वाहन (कार/बाइक) खरीदकर राजस्थान में रजिस्टर करवाते हैं, तो अब रजिस्ट्रेशन टैक्स में 50% की छूट मिलेगी (पहले यह 25% थी)। इसके अलावा, लोन लेना अब सस्ता होगा क्योंकि सभी प्रकार के ऋण दस्तावेजों पर स्टैंप ड्यूटी घटाकर 0.125% (अधिकतम 10 लाख रुपये) और रजिस्ट्रेशन फीस 1% से घटाकर 0.5% कर दी गई है। वहीं, पर्यावरण संरक्षण के लिए 15 साल पुराने निजी वाहनों और 6 साल पुराने कमर्शियल वाहनों पर ‘ग्रीन टैक्स’ की दरें रिवाइज की जाएंगी।

नहरी किसानों का ब्याज माफ
उपनिवेशन क्षेत्रों के किसानों के लिए सरकार ने ‘एकमुश्त समाधान योजना’ (OTS) का ऐलान किया है। अगर किसान अपनी बकाया राशि 1 अप्रैल 2026 से 10 सितंबर 2026 के बीच जमा करवाते हैं, तो उनका 100% ब्याज माफ कर दिया जाएगा। यह घोषणा नहरी क्षेत्र के उन हजारों किसानों के लिए बड़ी राहत है जो लंबे समय से कर्ज और ब्याज के बोझ तले दबे थे।

किसानों की तारबंदी और मशीनों पर भारी सब्सिडी
आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए अब किसानों को और आसानी से मदद मिलेगी। कम्युनिटी फेसिंग के लिए किसानों के समूह की न्यूनतम संख्या 10 से घटाकर 7 कर दी गई है और इसके लिए 228 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। वहीं, जिन किसानों के पास महंगी मशीनें नहीं हैं, उनके लिए 500 नए ‘कस्टम हायरिंग सेंटर’ खोले जाएंगे, जहां से वे किराए पर आधुनिक कृषि यंत्र ले सकेंगे। कृषि यंत्रों की खरीद पर भी 160 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।

डिजिटल अरेस्ट’ से बचाने के लिए बनेगा नया सेंटर
साइबर ठगों द्वारा किए जा रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ऑनलाइन फ्रॉड से जनता को बचाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश में R4C (Rajasthan Cyber Crime Control Centre) की स्थापना की जाएगी, जो साइबर अपराधियों पर नकेल कसने का काम करेगा। इसके अलावा, जेल सुधारों के तहत जयपुर, जोधपुर, अलवर और उदयपुर में 1,200 करोड़ की लागत से नई अत्याधुनिक सेंट्रल जेलें बनाई जाएंगी और होमगार्ड्स के 5,000 नए पद सृजित किए जाएंगे।

ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली लोन
किसानों के लिए वित्त मंत्री ने राहतों की झड़ी लगा दी है। राज्य के 35 लाख किसानों को 25,000 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली लोन देने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर सरकार 800 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी। इसके अलावा, 2.5 लाख किसानों को दलहनी और तिलहनी फसलों के उन्नत बीज मुफ्त दिए जाएंगे, जिस पर 135 करोड़ रुपये खर्च होंगे। खेती की लागत कम करने के लिए हर ग्राम पंचायत में ‘वर्मी कंपोस्ट यूनिट’ भी स्थापित की जाएगी।

Rajasthan Budget: 1800 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों की बदलेगी तस्वीर

जयपुर। राजस्थान सरकार बुधवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश कर रही हैं। वित्त मंत्री दीया कुमारी विधानसभा में आय-व्यय का अनुमान रख रही हैं। इस बजट से आने वाले साल में राजस्थान को मिलने वाली सौगातों और सरकार की प्राथमिकताओं की दिशा साफ होगी। बजट का कुल आकार करीब 6 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले साल बजट का आकार 5 लाख 37 हजार करोड़ रुपये था।

राज्य में 1800 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) के निर्माण कार्य कराए जाएंगे। नॉन-पैचेबल सड़कों के सुधार के लिए 1400 करोड़ रुपये तथा मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आगामी वर्ष 250 अटल प्रगति पथ परियोजनाओं के तहत 500 करोड़ रुपये के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री दीया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर 3427 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि 16,430 किलोमीटर नई सड़कों को जोड़ते हुए कुल 42 हजार किलोमीटर सड़कों के विकास का लक्ष्य रखा गया है।

Rajasthan Budget: बजट में किसको क्या मिला, जानिए एक नजर में

जयपुर। राजस्थान सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, पेयजल, बिजली और शहरी विकास को प्राथमिकता दी है। सड़कों, ब्रिज, जल योजनाओं, सोलर पार्क, सिग्नल-फ्री शहरों और आवास निर्माण पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर प्रदेश के समग्र विकास की रूपरेखा तैयार की गई है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा सरकार का फोकस
राजस्थान में सड़कों का ढांचा सुधारने के लिए सरकार 1800 करोड़ की लागत से नए ब्रिज और सड़ब बनाएगी। नॉ पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़, मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अगले साल 250 अटल प्रगति पथ के 500 करोड़ के काम हाथ में लिए जाएंगे। बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। एक्सीडेंट रोकने 100 करोड़ की लागत से 2000 कैमरे लगाए जाएंगे।

पानी की समस्या से निपटने का प्लान
राजस्थान की नई जल नीति लाई जाएगी। जलदाय विभाग में 3000 संविदा तकनीकी कर्मचारियों के पदों पर भर्ती होगी। सीएम जल जीवन मिशन योजना के तहत 6500 गांवों को शमिल कर हर घर नल से जोड़ा जाएगा। इस पर 4500 करोड़ खर्च होंगे। करीब 2300 करोड़ की लागत से शहरों में पेयजल की सुविधाएं विकसित होंगी। अगले साल 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे।

AI से होगी बिजली की मॉनिटिरिंग
प्रदेश में 220 केवीए के 6 नए जीएसएस, , 132 केवी के 13 जीएसएस, 33 केवी के 110 नए जीएसएस बनाए जाएंगे। बीकानेर और जैसलमेर में 2950 करोड़ खर्च कर नए सोलर पार्क बनाए जाएंगे। बिजली सिस्टम की रीयल टाइम मॉनिटरिंग के लिए अजमेर डिस्काम सेटर को एआई से जोड़ा जाएगा

सभी संभाग मुख्यालय होंगे सिग्नल फ्री
बजट में सरकार ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों को चरणबद्ध तरीके से सिग्नल फ्री बनाया जाएगा। विभिन्न विकास कार्यों पर जयपुर के लिए प्रस्तावित 1000 करोड़ रुपये को शामिल करते हुए कुल 2300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। करीब 28 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा। शहरी निकायों में 5000 से अधिक नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। अजमेर और जयपुर सहित अन्य शहरों में ड्रेनेज कार्यों पर 1020 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार करने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 93 फायर बाइक उपलब्ध कराई जाएंगी, जिस पर 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही, शहरी परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए अर्बन ट्रांसपोर्ट फाइनेंस फंड का गठन किया जाएगा।

जादुई पिटारे पर 323 करोड़ रुपए खर्च होंगे
वित्त मंत्री ने कहा कि सभी स्कूलों में टॉयलेट बनाए जाएंगे। अगले साल 2500 से ज्यादा स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ खर्च किए जाएंगे। साल 2500 से ज्यादा स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ खर्च किए जाएंगे। 450 करोड़ की लागत से जर्जर स्कूलों के भवनों का निर्माण होगा। स्कूली बच्चों को खेल किट और जादुई पिटारा देगी सरकार , 323 करोड़ का खर्च होगा।

गंभीर मरीजों के इलाज के लिए नई योजनाओं की घोषणा
राज्य सरकार ने गंभीर मरीजों और दुर्घटना के मामलों में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ‘राज सुरक्षा’ नाम से नई योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत एक्सीडेंट पीड़ितों को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए प्रमुख हाईवे पर स्थित रेस्ट सेंटर्स पर एंबुलेंस तैनात की जाएंगी।

मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

  • आत्महत्याओं की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ‘राज ममता’ नाम से नया कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
  • जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मेंटल हेल्थ का नया सेंटर खोला जाएगा।
  • जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
  • कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग के लिए काउंसलर भेजे जाएंगे।
  • हर ग्राम पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।

चिकित्सा ढांचे का विस्तार
जयपुर के जेके लॉन अस्पताल में 75 करोड़ रुपये की लागत से नया आईपीडी टॉवर बनाया जाएगा और नियोनेटल के लिए नया आईसीयू स्थापित किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग में 1000 नए पदों का सृजन किया जाएगा।
अस्पतालों में आग से जुड़ी दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए फायर सेफ्टी उपकरणों पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मरीजों और परिजनों के लिए सुविधाएं
जयपुर, जोधपुर, बीकानेर सहित बड़े शहरों के अस्पतालों में मरीजों के अटेंडेंट के ठहरने के लिए धर्मशालाएं बनाई जाएंगी, जिन पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, अस्पताल में मृत्यु होने की स्थिति में मृतक के पार्थिव शरीर को घर तक निःशुल्क पहुंचाने के लिए ‘मोक्षवाहिनी योजना’ शुरू की जाएगी।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं
राजस्थान में पर्यटन विकास को गति देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। जैसलमेर से लेकर भरतपुर और शेखावाटी तक अलग-अलग क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।

जैसलमेर के खुड़ी क्षेत्र में अल्ट्रा लक्जरी स्पेशल जोन बनाया जाएगा। कुलधरा में स्पेशल सेंटर विकसित होगा। पश्चिमी राजस्थान के शहरों को जोड़कर ‘थार सर्किट’ बनाया जाएगा, जिससे रेगिस्तानी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। खाटू श्याम और पुष्कर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। त्योहारों के अवसर पर विशेष आरती कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिन पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

भरतपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बृज कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। शेखावाटी की हवेलियों के विकास और संरक्षण के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम की स्थापना होगी। लोकनृत्यों को बढ़ावा देने के लिए संभाग स्तर पर लोक नृत्य उत्सव आयोजित किए जाएंगे। महिला पर्यटकों की सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षा कर्मियों और गाइड की नियुक्ति की जाएगी। इस पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

चार जिलों में नए एयरपोर्ट की प्लानिंग
जैसलमेर के खुड़ी में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन विकसित किया जाएगा, जबकि कुलधरा में नया पर्यटन केंद्र स्थापित होगा। इसके साथ ही पश्चिमी रेगिस्तानी जिलों को जोड़ते हुए थार सांस्कृतिक सर्किट बनाया जाएगा, जिससे डेजर्ट टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भरतपुर में बृज कन्वेंशन सेंटर और झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम स्थापित करने की घोषणा की। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार बुजुर्गों को हवाई जहाज से तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं की मरम्मत करवाई जाएगी। साथ ही देवस्थान विभाग की जमीनों पर बीओटी आधार पर नई धर्मशालाएं बनाई जाएंगी।

सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) खोले जाएंगे। डिजिटल सशक्तिकरण के तहत 25 हजार महिलाओं और युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा। साथ ही राज्य में नई आईटी पॉलिसी भी लागू की जाएगी।

Rajasthan Budget: राजस्थान टेक्नोलॉजी आधारित कृषि के रूप में विकसित होगा

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में पेश 2026-27 के बजट में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए कुल ₹11,300 करोड़ का प्रावधान किया है। इस प्रावधान का उद्देश्य वर्ष 2047 तक राजस्थान को टेक्नोलॉजी आधारित अग्रणी कृषि शक्ति के रूप में विकसित करना है।

बजट में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने किसानों की क्षमता विकास, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, और मार्केटिंग को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत किसानों को डिजिटल कृषि उपकरण, स्मार्ट फार्मिंग तकनीक और वैज्ञानिक बीज एवं उर्वरक प्रदान किए जाएंगे।

सिंचाई, पशुधन और डेयरी क्षेत्र को मिलेगा बल
राजस्थान सरकार ने घोषणा की है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, पशुधन और डेयरी क्षेत्र के सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि प्रदेश की कृषि उत्पादन क्षमता में भी सुधार होगा। सूक्ष्म सिंचाई के क्षेत्र में आगामी वर्ष में करीब 3 लाख हेक्टेयर भूमि को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए लगभग ₹1,340 करोड़ का व्यय किया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर लगभग 3 लाख किसानों को लाभ पहुंचेगा। वर्तमान में सूक्ष्म सिंचाई के तहत केवल 24% सकल बोए क्षेत्र आता है, जिसे सरकार 51% तक बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है।

शेखावाटी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल
बजट में यमुना जल परियोजना को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। शेखावाटी क्षेत्र के जिलों – सीकर, झुंझुनू और चूरू सहित – की 30 वर्षों से लंबित पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह ऐतिहासिक पहल है। हरियाणा के साथ हुए एमओयू के तहत राजस्थान को अपने हिस्से का पानी सुनिश्चित किया गया है। फतनीकुंड बैराज से शेखावाटी क्षेत्र तक यमुना जल लाने की परियोजना शीघ्र शुरू की जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹32,000 करोड़ है और इससे लाखों ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा।

कृषि को भविष्य के लिए तैयार करना
राजस्थान सरकार का उद्देश्य है कि वर्ष 2047 तक प्रदेश टेक्नोलॉजी-ड्रिवन कृषि शक्ति के रूप में उभरे। इसके लिए बजट में किसानों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और कृषि विज्ञान केंद्रों के विस्तार का प्रस्ताव रखा गया है। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय और उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

कांग्रेसी सांसदों ने जबरदस्ती चेंबर में घुस कर ओम बिरला के साथ गाली-गलौज की

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में लगातार जारी हंगामे के बीच बुधवार को केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर बड़ा आरोप लगाया है। संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर के चेंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं। उन्होंने यह आरोप लगाए हैं कि इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत कई सीनियर कांग्रेस नेता भी वहां मौजूद थे।

बुधवार को संसद परिसर में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए किरन रिजिजू ने कहा, “स्पीकर साहब बहुत आहत हैं। मैंने उनसे बात की है। स्पीकर साहब के चेंबर में जाकर गाली गलौज किया, बुरा भला कहा।

फिर स्पीकर साहब ने जो फैसला सुनाया उसको नहीं माने, और फिर राहुल गांधी कहते हैं कि उन्हें सदन में बोलने के लिए किसी की परमिशन नहीं चाहिए, वो मर्जी से बोलेंगे। ये सब रिकॉर्ड पर है। लेकिन सदन में चेयर की अनुमति के बिना नहीं बोल सकते।”

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “स्पीकर के चेंबर में 20,25 कांग्रेस के MPs जब घुसे, तो मैं भी वहां गया। उन्होंने जो गाली गलौज किया स्पीकर के साथ, वह मैं आपको बता नहीं सकता। स्पीकर बहुत नरम आदमी हैं।

नहीं तो और कठोर कदम उठाया जा सकता था। यह कोई तरीका नहीं होता।” रिजिजू ने कहा, “जब स्पीकर को गाली दी जा रही थी तब वहां प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं, वेणुगोपाल भी मौजूद थे, कांग्रेस के सीनियर नेता वहां मौजूद थे और इसे बढ़ावा दे रहे थे।”

इससे पहले विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा है। ओम बिरला पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालित करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे इल्जाम लगाने और अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।

लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया है कि विपक्ष की ओर से नोटिस सौंपे जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने फैसला किया है कि वह मामले का निपटारा होने तक आसन पर नहीं बैठेंगे और उन्होंने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया कि नोटिस की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। सूत्रों ने यह भी कहा कि नोटिस पर विचार किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

सौ से ज्यादा सांसदों ने किए हस्ताक्षर
जानकारी के मुताबिक निचले सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सचेतक मोहम्मद जावेद ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को ओम बिरला को पद से हटाने से संबंधित नोटिस सौंपा। नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के करीब 120 सांसदों से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

ओम बिरला पर क्या आरोप?
यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत सौंपा गया है। विपक्ष ने नोटिस में कहा, ”बीते दो फरवरी को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते समय अपना भाषण पूरा नहीं करने दिया गया। यह कोई अकेली घटना नहीं है। करीब-करीब हमेशा ही ऐसा होता है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता।”

उन्होंने दावा किया कि गत 3 फ़रवरी को विपक्ष के आठ सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए ”मनमाने ढंग से” निलंबित कर दिया गया और उन्हें केवल अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए दंडित किया जा रहा है। विपक्ष ने ओम बिरला द्वारा सदन में पांच फरवरी को दिए गए उस वक्तव्य का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि चार फरवरी को कांग्रेस के कई सदस्य सदन के नेता (प्रधानमंत्री) की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में नहीं आए।