Saturday, July 18, 2026
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रेलवे चलाएगा कोटा होकर तीन और होली स्पेशल ट्रेनें, जानिए कब से चलेंगी

कोटा। यात्रियों की सुविधा के लिए होली पर्व के अवसर पर रेलवे प्रशासन द्वारा तीन होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। रेलवे सोगरिया (कोटा)–दानापुर–सोगरिया (कोटा), जबलपुर–सोगरिया(कोटा) और मऊ–वलसाड–मऊ स्पेशल ट्रेन का संचालन करेगा।

सोगरिया–दानापुर होली स्पेशल
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09803 (सोगरिया (कोटा)–दानापुर) का संचालन दिनांक 01.03.26 रविवार को 01 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन सोगरिया (कोटा) स्टेशन से 23.10 बजे प्रस्थान कर बारां 23.53 बजे, सालपुरा 00.28 बजे (अगले दिन) एवं छबड़ा गुगोर 00.48 बजे (अगले दिन) पर ठहरते हुए 23.45 बजे (अगले दिन) दानापुर पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09804 (दानापुर–सोगरिया (कोटा)) का संचालन दिनांक 03.03.26 मंगलवार को 01 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन दानापुर स्टेशन से 01.15 बजे प्रस्थान कर छबड़ा गुगोर 22.18 बजे, सालपुरा 22.33 बजे एवं बारां 23.13 बजे ठहरते हुए अगले दिन 01.10 बजे सोगरिया (कोटा) पहुंचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में सोगरिया, बारां, सालपुरा, छबड़ा गुगोर, रुठियाई, गुना, अशोक नगर, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा एवं दानापुर स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

मऊ–वलसाड–मऊ स्पेशल ट्रेन
गाड़ी संख्या 05017 (मऊ–वलसाड) का संचालन दिनांक 28.02.26 एवं 07.03.26 को शनिवार को कुल 02 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन निर्धारित तिथियों पर मऊ जंक्शन स्टेशन से 03.45 बजे प्रस्थान कर बयाना जंक्शन 21.33 बजे, गंगापुर सिटी 22.30 बजे, अगले दिन कोटा जंक्शन 00.50 बजे , रामगंज मंडी 01.53 बजे एवं भवानी मंडी 02.16 बजे पर ठहरते हुए 12.35 बजे वलसाड पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 05018 (वलसाड–मऊ) का संचालन दिनांक 01.03.26 एवं 08.03.26 को रविवार को कुल 02 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन वलसाड स्टेशन से 15.10 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन मार्ग में अगले दिन भवानी मंडी 01.03 बजे, रामगंज मंडी 01.28 बजे, कोटा जंक्शन 02.35 बजे, गंगापुर सिटी 04.35 बजे एवं बयाना जंक्शन 06.43 बजे पर ठहरते हुए तीसरे दिन 00.45 बजे मऊ जंक्शन पहुंचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में मऊ जंक्शन, बेल्थरा रोड, सलेमपुर जंक्शन, भटनी जंक्शन, देवरिया सदर, गोरखपुर जंक्शन, बस्ती, गोंडा जंक्शन, बाराबंकी जंक्शन, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, टुंडला जंक्शन, ईदगाह जंक्शन, बयाना जंक्शन, गंगापुर सिटी, कोटा जंक्शन, रामगंज मंडी, भवानी मंडी, नागदा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, सूरत स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

जबलपुर–सोगरिया होली स्पेशल ट्रेन
गाड़ी संख्या 01707 जबलपुर–सोगरिया (कोटा) का संचालन दिनांक 01.03.26 रविवार को कुल 01 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन जबलपुर स्टेशन से 09.05 बजे प्रस्थान कर गुना 17.50 बजे, बारां 19.53 बजे होते हुए 21.05 बजे सोगरिया पहुंचेगी|

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी मुरवारा, दमोह, सागर, मलकहेड़ी, गुना, बारां स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

क्या डोनाल्ड ट्रंप भारत पर ज्यादा टैरिफ लगाएंगे, जानिए किसकी तरफ है इशारा

नई दिल्ली। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दे दिया था। इसके बाद से ट्रंप बौखलाए हुए हैं। उन्होंने धमकी दी है कि अगर कोई देश सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इस्तेमाल करके अमेरिका के साथ गेम खेलना चाहता है, उसे बहुत ज्यादा टैरिफ झेलना पड़ सकता है।

हालांकि उन्होंने किसी खास देश का नाम नहीं लिया लेकिन जानकारों का कहना है कि ट्रंप का निशाना भारत हो सकता है। उनकी यह धमकी ऐसे समय आई जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ट्रेड डील को फाइनल करने के लिए अपनी अमेरिका की यात्रा स्थगित कर दी।

ट्रंप ने दुनियाभर के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था और उनके साथ ट्रेड डील करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे थे। लेकिन अब यह हथियार उनके हाथ से निकल चुका है। ट्रंप को डर है कि अब विभिन्न देश ट्रेड एग्रीमेंट्स पर नए सिरे से विचार कर सकते हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ‘कोई भी देश जो सुप्रीम कोर्ट के इस बेतुके फैसले के साथ गेम खेलना चाहता है, उन पर कहीं ज्यादा टैरिफ लगेगा और यह उससे भी बुरा होगा जिस पर वे हाल ही में सहमत हुए हैं। खासकर उन देशों को सावधान रहने की जरूरत है जिन्होंने सालों और दशकों तक अमेरिका को धोखा दिया है।’

भारत पर निशाना
जानकारों का कहना है कि ट्रंप की पोस्ट की टाइमिंग और शब्दावली भारत की तरफ इशारा करती है। ट्रंप की पोस्ट से कुछ ही घंटे पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका दौरा टाल दिया था। यह प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच इस महीने की शुरुआत में घोषित ट्रेड डील को फाइनल करने के लिए अमेरिका जा रहा था। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि भारत दोनों देशों के बीच हाल में घोषित ट्रेड डील से हटने पर विचार नहीं कर रहा है।

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में ripped off जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। वह भारत के खिलाफ पहले भी इस तरह के शब्दों का प्रयोग कर चुके हैं और उनका आरोप है कि भारत ने अमेरिका का फायदा उठाया है।

पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल का कहना है कि ट्रंप की पोस्ट पूरी तरह भारत की तरफ इशारा है। उन्होंने ट्वीट किया। उन्होंने कहा, “उन्होंने (ट्रंप ने) सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया के एक सवाल के जवाब में भारत के संबंध में ‘रिप्ड ऑफ’ शब्द का इस्तेमाल किया। उनकी ईगो वाली सोच एक गंभीर समस्या है।”

मोलभाव का मौका
हालांकि केवल भारत ने ही अमेरिका के साथ ट्रेड डील को नहीं टाला है। यूरोपियन यूनियन ने भी अमेरिका के साथ ट्रेड डील को मंजूरी रोक दी है। दोनों पक्षों के बीच पिछले साल जुलाई में डील हुई थी। पूर्व चीफ इकनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमण्यम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ट्रंप सरकार के हाथ कमजोर हुए हैं। कई देश इस कमजोरी का फायदा उठाना चाहेंगे। ट्रंप ने भारत पर पहले 50% टैरिफ लगाया था जिसे बाद में घटाकर 18% कर दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत अब फिर से मोलभाव करने की स्थिति में है।

iQOO का फ्लैगशिप फोन 7600mAh की बैटरी, 50MP OIS कैमरा के साथ लॉन्च

नई दिल्ली। iQOO 15R Smartphone Launched: iQOO ने अपनी R सीरीज का पहला किफायती फ्लैगशिप फोन बाजार में उतार दिया है। नया iQOO 15R उसी प्रोसेसर पर चलता है जो OnePlus 15R में है, लेकिन इसमें थोड़ी बड़ी बैटरी, डुअल कैमरा सेटअप और AMOLED डिस्प्ले दिया गया है।

यह डिवाइस अपनी कैटेगरी का ऐसा फोन है जो Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर और 7600mAh की बैटरी के साथ आता है। फोन में 144Hz रिफ्रेश रेट है, जिससे विज़ुअल्स बेहद स्मूद और शानदार दिखाई देते हैं। इसके अलावा IP68/IP69 वाटर और डस्ट रेज़िस्टेंस, 100W फास्ट चार्जिंग, डुअल रियर कैमरा और 32MP का सेल्फी कैमरा हैं।

कीमत और ऑफर्स
iQOO 15R तीन कॉन्फ़िगरेशन में उपलब्ध है: 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट की कीमत 44,999 रुपए है। 12GB रैम + 256GB स्टोरेज और 12GB रैम + 512GB स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत 47,999 रुपए और टॉप वेरिएंट की कीमत 52,999 रुपए है।

बैंक ऑफर के तहत Axis और HDFC कार्ड का यूज करने पर 4,000 रुपए का इंस्टेंट डिस्काउंट मिलता है, जिससे प्रभावी कीमत लगभग 40,999 रुपए, 43,999 रुपए और 48,999 रुपए हो जाती है। प्री-बुकिंग 2 मार्च से शुरू हो चुकी है और सेल 3 मार्च 2026 से होगा। प्री-बुक करने पर फ्री iQOO/Vivo TWS ईयरबड्स मिलेंगे।

फीचर्स और स्पेसिफिकेशन
iQOO 15R में Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5 टॉप-टियर प्रोसेसर मिलता है, जो हैवी गेमिंग, मल्टीटास्किंग और हर तरह के ऐप्स को बिना लैग के आसानी से संभालता है। फोन में 6.59-इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 144Hz रिफ्रेश रेट है, जिससे स्क्रीन पर स्क्रॉलिंग, गेमिंग और वीडियो अनुभव स्मूद और शानदार होता है। इसकी सबसे खास बात है 7600mAh की बड़ी बैटरी है, और 100W फास्ट चार्जिंग के साथ यह जल्दी चार्ज भी हो जाती है।

कैमरा सेटअप भी प्रीमियम है फोन के रियर में 50MP Sony LYT-700V मुख्य कैमरा OIS सपोर्ट के साथ और एक 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस मिलता है, जिससे फोटो और वीडियो दोनों शानदार बनते हैं। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 32MP कैमरा है, जो साफ और शार्प सेल्फी देता है। इसके अलावा iQOO 15R में IP68 और IP69 वाटर/डस्ट रेज़िस्टेंस भी है, जो इसे पानी और धूल से सुरक्षित बनाता है। फोन में LPDDR5X Ultra RAM और UFS 4.1 स्टोरेज भी मिलता है, जो मल्टीटास्किंग और भारी फ़ाइल ट्रांसफर को भी आराम से संभाल सकता है। फोन OriginOS 6 (Android 16 बेस्ड) पर चलता है।

Stock Market: निवेशकों के एक ही दिन में 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूबे 

सेंसेक्स 1068 अंक गिर कर 82300 से नीचे और निफ्टी 25424 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed, February 24:  एशियाई बाजारों में गिरावट का असर मंगलवार को भारतीय बाजारों में भी देखने को मिला। बेंचमार्क इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट लेकर बंद हुए। 30 संवेदी सूचकांक वाला सेंसेक्स 1068.74 अंक या फिर 1.28 प्रतिशत की गिरावट 82,225.92 अंक पर बंद हुआ है।

इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों के एक ही दिन में 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए। इससे बीएसई पर कुल मार्केट कैप घटकर करीब 466 लाख करोड़ रुपये रह गया।

वहीं, निफ्टी 1.12 प्रतिशत या फिर 288.35 अंक की गिरावट के साथ 25424.65 अंक पर बंद हुआ है। बता दें, निफ्टी का इंट्रा-डे लो लेवल 25,327.60 अंक रहा है। सेंसेक्स का इंट्रा-डे लो लेवल 81,934.73 अंक रहा है।

सेंसेक्स की 30 में 21 कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है। टेक महिंद्रा के शेयरों में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। वहीं, एचसीएल टेक, इटनरल के शेयरों में 5-5 प्रतिशत की गिरावट आई है। टीसीएस और इंफोसिस का शेयर 3-3 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ है।

बाजार में शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली हावी रही। आईटी और हैवी वेटेज वाले शेयरों में गिरावट ने बाजार को नीचे धकेला। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने नए अस्थायी टैरिफ लागू करने का एलान किया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सुप्रीम के टैरिफ पर रोक लगाने के बाद 15 प्रतिशत तक के नए अस्थायी टैरिफ लगाया है। इससे पहले अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने इन टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया। इस फैसले के बाद से दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) सपाट रुख के साथ 83,079 अंक पर खुला और खुलते ही 83 हजार के नीचे फिसल गया। कारोबार बढ़ने के साथ बाजार में बिकवाली हावी हो गई। कारोबार के दौरान यह 81,934 अंक लुढ़क गया था। अंत में 1068.74 अंक या 1.28 प्रतिशत की बड़ी गिरावट लेकर 82,225.92 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी सपाट रुख के साथ 25,641 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,327 अंक के इंट्रा-डे लो तक चला गया था। अंत में 288.35 अंक या 1.12 फीसदी गिरकर 25,424 पर बंद हुआ।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू बाजारों में तेज गिरावट मुख्य रूप से आईटी स्टॉक्स में कमजोरी के चलते आई। इसका कारण यह है कि वैश्विक स्तर पर एआई (AI) के कारण होने वाली चुनौतियां और ट्रेडिशनल आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव को लेकर चिंता बढ़ना रहा। इसके अलावा, वैश्विक व्यापार और टैरिफ से जुड़ी चिंताएं भी फिर से सामने आईं। इसमें ट्रम्प के व्यापार समझौतों पर चेतावनी और संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ की खबरें भी शामिल हैं।”

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, एचसीएलटेक, इटरनल, इंफोसिस और टीसीएस सबसे ज्यादा गिरावट में रहने वाले शेयरों में रहे। वहीं, एनटीपीसी, एचयूएल, पावर ग्रिड, टाटा स्टील और अदानी पोर्ट्स बढ़त में रहे।

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी मंगलवार को सबसे ज्यादा गिरा। इसमें 4.7 प्रतिशत की गिरावट हुई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी 2.5 प्रतिशत गिरा और निफ्टी मीडिया 1.3 प्रतिशत नीचे रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.32 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 मंगलवार को 0.55 प्रतिशत गिरा।

बाजार में गिरावट के कारण
अमेरिका के राष्ट्रपति के नए अस्थायी टैरिफ लागू किए जाने की घोषणा ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। रिपोर्टों के अनुसार 15 प्रतिशत तक के नए अस्थायी शुल्क लगाए गए हैं। इस बीच US Supreme Court ने इन टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया, लेकिन इससे वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

आईटी सेक्टर के शेयरों में खास तौर पर बिकवाली देखी गई। एचसीएल टेक और कोफोर्ज के शेयरों में करीब 6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा इंडेक्स के दिग्गज शेयर भारती एयरटेल में भी कमजोरी रही, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना। आईटी कंपनियों पर दबाव की एक बड़ी वजह अमेरिकी नीतिगत अनिश्चितता मानी जा रही है, क्योंकि इन कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिकी बाजार से जुड़ा है।

कोटा की ज़री साड़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के लिए प्रीति सिंह सम्मानित

कोटा। नई दिल्ली में आयोजित ज्वेल्स ऑफ़ इंडिया भारत की शान, भारत का अभिमान समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कोटा की ‘सोनचिरैया’ ब्रांड की सह-संस्थापक प्रीति सिंह पारीक को कोटा की पारंपरिक ज़री साड़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित पहचान दिलाने के लिए सम्मानित किया।

यह मंच भारतीय उद्यमशीलता, सांस्कृतिक अस्मिता और वैश्विक प्रभाव को रेखांकित करने वाली विशिष्ट उपलब्धियों का सम्मान करता है। समारोह में देश-विदेश की 29 चुनिंदा हस्तियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने भारतीय संस्कृति की छाप विश्व पटल पर अंकित की है। प्रीति सिंह को मिला यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि कोटा की बहू के रूप में शहर के लिए गर्व का क्षण भी है।

कान्स के रेड कार्पेट पर बिखरी कोटा ज़री की आभा
कोटा की पारंपरिक ज़री साड़ी अब वैश्विक फैशन और सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। फ्रांस में आयोजित प्रतिष्ठित Cannes Film Festival में यह साड़ी दो बार रेड कार्पेट पर आकर्षण का केंद्र बनी।

मास्टरकार्ड के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर की पत्नी ज्योति राजामन्नार ने कोटा ज़री साड़ी धारण कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसकी गरिमा को नई ऊंचाई दी।इसके अतिरिक्त राधिका राजे गायकवाड़, अंबिका राजे, रश्मि राजे, टीना अंबानी सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने विभिन्न भव्य आयोजनों में कोटा ज़री साड़ी को अपनाकर इसकी शान बढ़ाई है। उद्योग जगत से जुड़े नामों की सहभागिता ने भी इस पारंपरिक परिधान को आधुनिक वैश्विक पहचान दिलाने में भूमिका निभाई है।

प्रीति सिंह पारीक का कहना है कि उद्देश्य केवल फैशन का विस्तार नहीं, बल्कि उस कला को पुनर्जीवित करना है, जो समय के साथ लुप्तप्राय होती जा रही थी। उनका प्रयास है कि दुनिया देखे कि कैथून की गलियों में आज भी सदियों पुरानी बुनाई परंपरा सजीव है।

क्या टैरिफ से वसूली रकम वापस करेंगे ट्रंप, बिल पेश करने जा रहे अमेरिकी सांसद

वाशिंगटन। अमेरिका के उच्च सदन ‘सीनेट’ में डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन सांसद सरकार से लगभग 175 अरब अमेरिकी डॉलर के शुल्क की रिफंड (धनराशि वापस करना) प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये शुल्क राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अवैध तरीके से जारी आदेशों के आधार पर लिए गए थे।

ओरेगन प्रांत से सीनेटर रॉन वायडेन, मैसाचुसेट्स से एड मार्की और न्यू हैम्पशायर से जीन शाहीन सोमवार को एक विधेयक पेश करने वाले हैं। इस विधेयक में यह प्रावधान प्रस्तावित है कि अमेरिका के सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग को 180 दिन के भीतर शुल्क लौटाना होगा और इस राशि पर ब्याज भी देना होगा।

इस विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि रिफंड देने में छोटे व्यवसायों को प्राथमिकता दी जाए और आयातकों, थोक विक्रेताओं और बड़ी कंपनियों को अपने ग्राहकों तक यह रिफंड पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

वायडेन ने कहा, ”राष्ट्रपति ट्रंप के अवैध शुल्क ने पहले ही अमेरिकी परिवारों, छोटे व्यवसायों और विनिर्माताओं को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाया है, जो ट्रंप द्वारा एकाएक लगाए गए शुल्कों से लगातार प्रभावित हुए हैं।”

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस समस्या को दूर करने का “सबसे महत्वपूर्ण व पहला कदम” यह होगा कि छोटे व्यवसायों व विनिर्माताओं को जल्द से जल्द रिफंड दिया जाए। इस विधेयक के कानून बनने की संभावना कम है, लेकिन यह दर्शाता है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों ने ट्रंप प्रशासन पर सार्वजनिक रूप से दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

शाहीन ने कहा कि शुल्कों के कारण हुई किसी भी क्षति की पूर्ति तभी हो सकती है जब “राष्ट्रपति ट्रंप अवैध रूप से वसूले गए शुल्क वापस करें, जिन्हें अमेरिकियों को मजबूरन देना पड़ा।” मार्की ने भी इस बात पर जोर दिया कि छोटे व्यवसायों के पास “नाममात्र संसाधन ही” होते हैं और “रिफंड प्रक्रिया कंपनियों के लिए बेहद कठिन और समय लेने वाली” हो सकती है।

ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि उसके हाथ बंधे हैं, क्योंकि ऐसा कोई भी भुगतान अदालत में चल रही सुनवाई पर असर डाल सकता है। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने पिछले शुक्रवार को छह-तीन के बहुमत से फैसला दिया कि ट्रंप का आपातकालीन शक्तियों के कानून (आईईईपीए, 1977) के तहत दूसरे देशों पर आयात शुल्क लगाने का कदम वैध नहीं था। इस कानून के तहत राष्ट्रपति के पास आयात पर कर लगाने का अधिकार नहीं था।

अमेरिकी सीमा शुल्क एजेंसी ने दिसंबर तक आईईईपीए के तहत जारी शुल्क आदेशों के तहत कुल 133 अरब डॉलर वसूल किए हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस राशि का रिफंड आयातकों को मिल सकता है, लेकिन आम लोगों को यह रिफंड मिलना मुश्किल है, क्योंकि कंपनियों ने बढ़े हुए शुल्क का बोझ कीमत वृद्धि के रूप में उपभोक्ताओं पर डाल दिया था।

पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड ने 26/11 जैसे हमले की धमकी दी

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी आतंकवादी सैफुल्लाह कसूरी के एक नये वीडियो से पता चलता है कि वो समुद्र के रास्ते भारत पर आतंकी हमला करने की योजना बना रहा है। सैफुल्लाह कसूरी उन लोगों में शामिल है जिन्हें पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है।

वो कुख्यात आतंकवादी हाफिज सईद के संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का मोस्ट वांटेड आतंकी है। उसने 2008 के मुंबई हमले की याद दिलाते हुए एक चेतावनी दी है जिसमें उसने कहा है कि समुद्री रास्ते से भारत में फिर से 26/11 जैसा हमला किया जाएगा। उसने चेतावनी देते हुए कहा है कि ‘2026 में समुद्री रास्ते से होगा।’

सीएनएन न्यूज 18 ने LeT के डिप्टी चीफ और 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी के एक वीडियो के हवाले से ये दावा किया है। जिसमें वह भारत के खिलाफ खुली धमकी दे रहा है और पाकिस्तान के कथित मिलिट्री दबदबे की शेखी बघार रहा है। वीडियो में कसूरी दावा करता है कि पाकिस्तान ने 2025 में “हवा में दबदबा बनाया था” और 2026 में “समुद्र में भी दबदबा बनाएगा”।पाकिस्तानी आतंकी की समंदर के रास्ते आतंकी साजिश

रिपोर्ट के मुताबिक सैफुल्लाह कसूरी कह रहा है कि जमीन, हवा या समुद्र में “दुश्मन” के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। वह इस आतंकी हमले को अल्लाह की मर्जी बताता है और कसम खाता है कि पाकिस्तान जल्द ही सभी स्ट्रेटेजिक डोमेन पर कंट्रोल कर लेगा। सीएनए न्यूज 18 ने शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया है कि ये बयान 26/11 मुंबई हमलों जैसे समुद्री हमले की पहले से चेतावनी हैं, जिन्हें 2008 में LeT ने रचा था और अरब सागर के रास्ते अंजाम दिया था।

पहलगाम आतंकी हमले में कसूरी सीधे तौर पर शामिल था जिसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। जिसमें आतंकी मसूद अजहर के परिवार के 10 लोग मारे गये थे। भारत ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी शिविरों पर हमला किया था।

वीडियो में कसूरी, मुरीदके और बहावलपुर पर भारत के हमलों से बाद बहुत गुस्से में दिख रहा है। ये दोनों LeT के इंफ्रास्ट्रक्चर के जाने-माने गढ़ हैं। वो आतंकवाद के खिलाफ भारत के ऑपरेशन को ‘आक्रामकता’ कह रहा है और नई दिल्ली पर उकसाने का आरोप लगाकर समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।

कसूरी ने भारत पर ‘पानी आतंकवाद’ और बलूचिस्तान में ‘अशांति’ फैलाने का आरोप लगाया। इसके अलावा वीडियो में वो भारत में ‘धार्मिक जगहों’ पर हमला करने की धमकी दे रहा है। उसका इशरा अयोध्या में राम मंदिर की तरफ था।

कसूरी को पाकिस्तान की सेना का है साथ
वीडियो में कसूरी खुलेआम कह रहा है कि उसे पाकिस्तान की सेना का साथ हासिल है। पाकिस्तानी सेना के तालमेल के साथ वो काम कर रहा है। जिससे एक बार फिर से साबित होता है कि पाकिस्तानी आतंकी और पाकिस्तानी सेना एक ही साथ काम करते हैं। शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से सीएनएन-न्यूज 18 ने बताया है कि ये धमकियां पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क के फिर से इकट्ठा होने का इशारा है। वहीं सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि वीडियो का मकसद ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी आतंकियों में फैले खौफ के बीच गुर्गों का हौसला बढ़ाना है। हालांकि भारत अब अरब सागर के चप्पे चप्पे पर चौकसी रखता है और 26/11 जैसे हमले करना अत्यंत मुश्किल है।

यूपीएससी CSE में छात्रों के चयन पर झूठ बोलकर फंसा कोचिंग संस्थान

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सीसीपीए ने भ्रामक विज्ञापन देने पर 15 लाख रुपए जुर्माना लगाया

नई दिल्ली। भ्रामक विज्ञापनों के जरिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को लुभाने की कोशिश करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सरकार ने एक बार फिर कार्रवाई की है।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने दिल्ली के कोचिंग संस्थान वाजीराव एंड रेड्डी इंस्टीट्यूट पर भ्रामक विज्ञापनों के लिए 15 लाख रुपए जुर्माना लगाया।

वाजीराव एंड रेड्डी इंस्टीट्यूट ने विज्ञापनों में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 के सफल उम्मीदवारों के उसके संस्थान से पढ़े होने का दावा किया था। विज्ञापन में कहा गया था कि परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को पूरी तैयारी (प्रारंभिक, मुख्य एवं साक्षात्कार) में प्रशिक्षित किया है, जबकि हकीकत इसके खिलाफ थी।

वास्तविकता यह थी कि ज्यादातर उम्मीदवार केवल साक्षात्कार अभ्यास या साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम के लिए ही संस्थान से जुड़े थे। संस्थान ने अपनी वेबसाइट पर 16 अप्रैल 2024 को परिणाम घोषित होने के बाद दावा किया।

संस्थान का दावा था कि कुल 1,016 में से चुने गए 645 से अधिक उम्मीदवार उसके संस्थान के थे जिनमें सर्वोच्च 10 रैंक में छह उम्मीदवार, सर्वोच्च 50 रैंक में 35 और टॉप 100 में 64 उम्मीदवार शामिल हैं। संस्थान ने अपने विज्ञापनों में यूपीएससी सीएसई 2023 के इन टॉपरों के नाम और फोटो भी दिए।

संस्थान ने यह दावे नियमित पाठ्यक्रम के विज्ञापनों के साथ दिखाए गए। इससे यह गलत धारणा बन गई कि सफल उम्मीदवारों ने पूरी परीक्षा तैयारी संस्थान से ही की है।

प्राधिकरण ने कहा है कि संस्थान ने उपरोक्त दावों को प्रकाशित करते हुए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर विभिन्न पाठ्यक्रमों के विज्ञापन भी दिये जिनमें जीएस/पूर्ण पाठ्यक्रम/फाउंडेशन पाठ्यक्रम, प्री-फाउंडेशन पाठ्यक्रम, सप्ताहांत पाठ्यक्रम, वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम और जीएस प्री-कम-मेन्स पाठ्यक्रम का जिक्र था।

सीसीपीए ने जांच में पाया कि कई उम्मीदवार पहले से ही प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास कर चुके थे और केवल साक्षात्कार अभ्यास या साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम के लिए ही संस्थान से जुड़े थे। इसके अलावा 431 दाखिला फॉर्म में कोर्स या दाखिले की तारीख का उल्लेख नहीं था।

संस्थान ने फीस रसीद या अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए। सीसीपीए ने कहा कि ऐसी जानकारी का खुलासा न करना छात्रों और अभिभावकों के लिए भ्रामक है। इससे यह गलत धारणा बनती है कि उम्मीदवारों की पूरी तैयारी संस्थान ने ही करवाई।

मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब संस्थान पर कार्रवाई हुई है। यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2022 परिणामों से संबंधित विज्ञापनों में भी इसी तरह के उल्लंघन के लिए संस्थान पर सात लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा चुका है।

अथॉरिटी ने यह भी बताया कि हर साल लगभग 11,00,000 कैंडिडेट यूपीएससी सिविल सर्विसेज़ एग्जाम के लिए अप्लाई करते हैं, जिससे पता चलता है कि ऐसे एडवर्टाइजमेंट से कितनी बड़ी टारगेट ऑडियंस प्रभावित हो सकती है।

स्टूडेंट्स कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी में काफी समय, मेहनत और पैसे लगाते हैं। एडवर्टाइज़मेंट में इस तरह की जानबूझकर छिपाई गई जानकारी स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को गुमराह करती है, क्योंकि इससे नतीजों और कोचिंग सर्विसेज के असर के बारे में गलत उम्मीदें पैदा होती हैं।

अब तक 29 कोचिंग इंस्टीट्यूट पर पेनल्टी
अब तक सीसीपीए ने गुमराह करने वाले एडवर्टाइजमेंट और गलत ट्रेड प्रैक्टिस के लिए अलग-अलग कोचिंग इंस्टिट्यूट को 57 नोटिस जारी किए हैं। 29 कोचिंग इंस्टिट्यूट पर 1,24,60,000 रुपये की पेनल्टी लगाई गई है, साथ ही ऐसे गुमराह करने वाले दावे बंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अथॉरिटी ने इस बात पर जोर दिया है कि सभी कोचिंग इंस्टिट्यूट को अपने एडवर्टाइज़मेंट में जरूरी जानकारी का सच्चा, ट्रांसपेरेंट और पूरा खुलासा पक्का करना चाहिए, ताकि स्टूडेंट्स सही और सोच-समझकर एकेडमिक फैसले ले सकें।

Gold Silver Price: एमसीएक्स पर फिसली सोना-चांदी की वायदा कीमतें

नई दिल्ली। Gold Silver Price 24 Feb: घरेलू वायदा बाजार में सोने की दरों में गिरावट देखी गई। पिछले सत्र में जोरदार बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। एमसीएक्स पर अप्रैल गोल्ड वायदा 0.50% से अधिक गिरकर ₹1,60,750 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

वहीं, एमसीएक्स सिल्वर अप्रैल वायदा 0.20% फिसलकर ₹2,64,972 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। पिछले सत्र में एमसीएक्स गोल्ड अप्रैल वायदा 3% उछलकर ₹1,61,598 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि एमसीएक्स सिल्वर मार्च वायदा 5% की छलांग लगाकर ₹2,65,333 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था।

बाजार में अनिश्चितता का माहौल है, जिसकी एक बड़ी वजह डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद वे टैरिफ को बढ़ाकर 15% कर देंगे। यह फैसला उनके प्रस्तावित पारस्परिक टैरिफ उपायों के खिलाफ आया है।

निवेशक मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर भी नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका और ईरान परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने की तैयारी में हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि पेंटागन को लंबे सैन्य अभियान की चुनौतियों को लेकर चिंता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे कूटनीतिक समझौते को प्राथमिकता देंगे।

आंकड़ों ने चिंता बढ़ाई
वहीं, पिछले शुक्रवार को जारी हुए आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। इनके मुताबिक, दिसंबर में अमेरिका में अंतर्निहित मुद्रास्फीति उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। जनवरी में भी इसमें और तेजी के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं। इस वजह से फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करने से बच सकता है। ब्याज दरों का बढ़ना या स्थिर रहना सोने जैसी नॉन-यील्ड वाली संपत्तियों को निवेश के लिहाज से कम आकर्षक बना देता है।

चांदी में निवेश
चांदी के बारे में एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी ने बताया कि बड़ी टाइमफ्रेम पर इसकी संरचना मजबूत बनी हुई है। कीमतें प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर चली गई हैं, जो पिछले सुधार चरण से निकलकर नए सिरे से तेजी वाले ढांचे की ओर इशारा करता है। 70-75 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी देखी जा रही है। अगर कीमतें 92-96 डॉलर के स्तर को पार करके बंद होती हैं, तो यह 100-105 डॉलर और पुराने रिकॉर्ड हाई को छूने की राह खोल सकती हैं। मिड से लॉन्ग टर्म नजरिया सकारात्मक बना हुआ है, जिसे मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड एंड सप्लाई कमी का सपोर्ट मिल रहा है।

सेंसेक्स 1350 अंक से अधिक लुढ़का, निवेशकों के डूब गए ₹6.3 लाख करोड़

नई दिल्ली। Stock Market Update : अमेरिकी शेयर मार्केट में हाहाकार के बाद घरेलू शेयर मार्केट में भी हाहाकार मची हुई है। आज सेंसेक्स 1,350 पॉइंट्स से अधिक गिरकर 81,934 के इंट्राडे लो पर आ गया था।  बाजार में आई इस गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में लगभग 6.3 लाख करोड़ रुपये की कमी आई और बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 469 लाख करोड़ रुपये से घटकर 462 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

अभी यह 1157 अंक नीचे 82136 पर है। जबकि NSE का निफ्टी 50 सेशन के दौरान 1.5% गिरकर 25,327 पर था। अब यह 325 अंक नीचे 25387 पर है।

सेंसेक्स के सभी आईटी स्टॉक्स में गिरावट है। एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस टॉप लूजर हैं। अमेरिकी शेयर मार्केट में हाहाकार के बाद घरेलू शेयर मार्केट भी गिरावट के साथ खुला। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 242 अंकों के नुकसान के साथ 83052 पर खुला। दूसरी ओर एनएसई का 50 स्टॉक्स वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 71 अंकों की गिरावट के साथ 25641 के लेवल पर खुला।

आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव
आज के कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट प्रमुख रही। HCL Technologies, Tech Mahindra और Infosys के शेयर करीब 2 प्रतिशत तक लुढ़क गए। इसके अलावा Eternal में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में टेक कंपनियों को लेकर बनी अनिश्चितता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े संभावित जोखिमों की चर्चा का असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी पड़ रहा है।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

अमेरिका में बिकवाली, एशिया में मिलाजुला रुख
अमेरिका में टैरिफ नीति को लेकर अब भी अनिश्चितता है और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा असर वॉल स्ट्रीट पर देखा गया। सोमवार रात को अमेरिकी बाजार में भारी बिकवाली हुई। डॉऊ जोन्स 821 अंक टूट गया, जबकि S&P 500 और नैस्डैक भी 1% से ज्यादा फिसल गए। खासकर टेस्ला और एएमडी जैसी बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई, हालांकि एनवीडिया के शेयर हल्की बढ़त में रहे।

इसका असर एशिया पर भी पड़ा और मंगलवार सुबह यहां मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान का निक्की 0.77% की तेजी के साथ खुला, लेकिन दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.1% से ज्यादा लुढ़क गया। हांगकांग का हैंग सेंग भी कमजोरी के संकेत दे रहा है।