Friday, July 10, 2026
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Stock Market: शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 757 अंक लुढ़ककर 78516 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed April 22, 2026: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से शेयर बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स 756.84 अंक यानी 0.95% गिरावट के साथ 78,516.49 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 198.50 अंक यानी 0.81% लुढ़ककर 24,378.10 अंक पर आ गया।

अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को समझौता नहीं हो पाने के बाद निवेशकों को डर है कि यह भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक चल सकता है। इसका असर बाजार की चाल पर पड़ा। इसके अलावा एचसीएल टेक के नेतृत्व में आईटी शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा। रुपये में गिरावट ने भी बाजार पर दबाव डाला।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 79,019 पर खुला। कारोबार के दौरान 800 अंक से ज्यादा लुढ़क गया था, अंत में 756.84 अंक या 0.95 फीसदी की गिरावट लेकर 78,516.49 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 24,470 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 24,352 अंक के इंट्रा-डे लो और 24,515 अंक के इंट्रा-डे हाई तक गया। अंत में 198.50 अंक या 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,378 पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”युद्धविराम बढ़ने के बावजूद वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने (रिस्क-ऑफ) का रुख बना रहा। अमेरिका–ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता और शिपिंग में जारी बाधाओं ने निवेशकों को सतर्क रखा। कच्चे तेल की कीमतें फिर से करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बने रहने से, निवेशकों ने हालिया निचले स्तरों से शेयर बाजार में आई करीब 10 प्रतिशत की तेजी के बाद मुनाफावसूली की।”

उन्होंने कहा, ”निफ्टी आईटी इंडेक्स कमजोर रहा, जिसका कारण सतर्क प्रबंधन टिप्पणी और वित्त वर्ष 2027 के लिए सीमित गाइडेंस रहा, जो कमजोर मांग और निकट अवधि की अनिश्चितता को दर्शाता है। इसके बावजूद, व्यापक बाजार ने मजबूती दिखाई, जिसे आकर्षक वैल्यूएशन और निचले स्तरों पर चुनिंदा खरीदारी का समर्थन मिला।”

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स के शेयरों में एचसीएल टेक सबसे ज्यादा टूट गया। इसमें 10.76 फीसदी की गिरावट आई। इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और एचसीएफ़सी बैंक सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, इटरनल, ट्रेंट और रिलायंस में बढ़त रही।

ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.19 प्रतिशत और 1.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टोरल आधार पर निफ्टी आईटी सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी ऑटो इंडेक्स ने भी कमजोर प्रदर्शन किया।

सुजुकी एवेनिस स्कूटर का स्पेशल एडिशन लॉन्च, जानिए कीमत एवं फीचर्स

नई दिल्ली। सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया ने अपने एवेनिस (Avenis) स्कूटर का स्पेशल एडिशन लॉन्च किया है। इस स्पेशल एडिशन में कंपनी ने एक नया डुअल-टोन कलर स्कीम जोड़ी है।

यह नया कलर ऑप्शन पहले से मौजूद ऑप्शन के साथ जुड़ गया है, जबकि स्कूटर के फीचर्स और मैकेनिकल में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सुजुकी एवेनिस स्पेशल एडिशन उन तीन वैरिएंट में से एक है जिनमें यह स्कूटर उपलब्ध है।

नई डुअल-टोन कलर स्कीम में मुख्य रूप से व्हाइट कलर का फिनिश दिया गया है, जो पहले से मौजूद ब्लैक कलर वाले ऑप्शन से बिल्कुल अलग दिखता है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 86,677 रुपए है।

ये इस लाइनअप का सबसे महंगा वैरिएंट बना हुआ है। यह बेस एवेनिस और स्टैंडर्ड एडिशन से ऊपर के पायदान पर आता है। फीचर्स की बात करें तो, इस स्कूटर में LED हेडलैंप और टेल लैंप के साथ-साथ ब्लूटूथ-इनेबल्ड LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी दिया गया है।

इस स्कूटर के इंजन की बात करें तो इसमें 124.3cc, एयर-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है। यह स्कूटर 6,750 rpm पर 8.6 bhp और 5,500 rpm पर 10 Nm जनरेट करता है। सुजुकी एवेनिस 125 BS6 OBD-2B नॉर्म्स का अनुपालन करता है।

इसकी पावर डिलीवरी और फ्यूल इफिसियंसी को बैलेंस करने के लिए सुजुकी इको परफॉर्मेंस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। यह सड़कों पर एक्स्ट्रा कम्फर्ट के लिए टेलिस्कोपिक फ्रंट फोर्क और बड़े 12-इंच के फ्रंट व्हील का उपयोग करता है।

बेहतर बैलेंसिंग के लिए ब्रेकिंग सिस्टम कम्बाइंड ब्रेक सिस्टम द्वारा डेडिकेटेड है। एवेनिस में रोजमर्रा के उपयोग के लिए डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, एक्सटर्नल फ्यूल फिलर, USB चार्जिंग पोर्ट और 21.8 लीटर अंडर-सीट स्टोरेज भी है।

नई डुअल-टोन स्कीम के साथ, स्कूटर की प्रैक्टिक पहचान और भी मजबूत हो गई है, जो स्टाइल के प्रति जागरूक शहरी यात्रियों को टारगेट करती है। 100% लोन उपलब्धता और फाइनेंसिंग ऑप्शन के साथ, एवेनिस अपने सेगमेंट में कॉम्बटीटर बना हुआ है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान ने तीन जहाजों पर कर दिया हमला, जानिए क्यों

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा सीजफायर की डेडलाइन बढ़ाने की घोषणा के कुछ ही देर बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति और गंभीर हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट में एक बार फिर से तीन जहाजों पर गोलीबारी हुई है।

समुद्री सुरक्षा सूत्रों और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, बुधवार को होर्मुज में कम से कम तीन कंटेनर जहाजों को निशाना बनाया गया। हालांकि, राहतभरी बात यह रही कि हमले में क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं।

ओमान के उत्तर-पूर्व में गोलीबारी और रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से हमला होने के बाद, लाइबेरिया का झंडा लगे एक कंटेनर जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा है। ईरान ने इस स्ट्रेट का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।

UKMTO ने बताया कि जहाज के कैप्टन ने रिपोर्ट दी कि IRGC की एक गनबोट उनके जहाज के करीब आ रही थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद जहाज पर गोलीबारी की गई। जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित थे और इस घटना के कारण कोई आग नहीं लगी।

समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उस गनबोट पर तीन लोग सवार थे। ग्रीस द्वारा संचालित कंटेनर जहाज के कैप्टन ने यह भी बताया कि घटना से पहले उनसे रेडियो पर कोई संपर्क नहीं किया गया था, और उन्हें शुरू में यह जानकारी दी गई थी कि उन्हें होर्मुज से गुजरने की अनुमति है।

अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी का सहारा लिया है, ताकि वह ईरान जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ खत्म करे। यह अहम समुद्री मार्ग है, जिससे शांति काल में दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और कच्चा तेल गुजरता था। इस जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ के कारण तेल कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।

ट्रंप ने बढ़ाई सीजफायर की डेडलाइन
इससे पहले ट्रंप ने सीजफायर की समयसीमा बढ़ाते हुए कहा कि यह कदम ईरान के आंतरिक मतभेदों से जूझ रहे नेतृत्व को सात सप्ताह से जारी युद्ध समाप्त करने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव तैयार करने का समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

यह घोषणा तब की गई है, जब आठ अप्रैल को घोषित दो सप्ताह का युद्धविराम कुछ ही घंटों में समाप्त होने वाला था। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा भी प्रभावी रूप से टल गई, जहां ईरानी प्रतिनिधियों के साथ शांति वार्ता प्रस्तावित थी।

ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका ईरान पर हमला करने से केवल तभी तक परहेज करेगा, जब तक उसका नेतृत्व बातचीत के लिए एक समेकित प्रस्ताव पेश नहीं करता। उन्होंने कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर आर्थिक नाकेबंदी जारी रहेगी।

वेंस और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ तथा जेरेड कुशनर को मंगलवार को इस्लामाबाद रवाना होना था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की ”पाकिस्तान यात्रा मंगलवार को नहीं होगी।”

ट्रंप ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ”इस तथ्य के आधार पर कि ईरान की सरकार गंभीर रूप से आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तथा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर हमसे कहा गया है कि हम ईरान पर अपने हमले को तब तक रोकें, जब तक उसके नेता और प्रतिनिधि समेकित प्रस्ताव तैयार नहीं कर लेते।”

मालेगांव ब्लास्ट केस: चार आरोपी के खिलाफ चार्जशीट रद्द, बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला

मुंबई। 2006 के मालेगांव ब्लास्ट केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने बुधवार को चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने वाले आदेश को रद्द कर करते हुए उन्हें बरी कर दिया। मालेगांव में इन धमाकों में 37 लोगों की जान चली गई थी।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस श्याम चांदक की डिवीजन बेंच ने आरोपियों की ओर से एक स्पेशल कोर्ट के सितंबर 2025 के उस आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर यह फैसला सुनाया, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे। इस अपील में ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोप तय करने के तरीके और मामले में कई सह-आरोपियों को बरी किए जाने पर भी सवाल उठाए गए थे।

फिलहाल, हाईकोर्ट ने जिन चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने वाले आदेश को रद्द किया है। उनमें राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर राम सिंह नरवारिया और लोकेश शर्मा शामिल हैं। हाईकोर्ट के आज के फैसले से इन आरोपियों के खिलाफ मामला बंद हो गया और उनके खिलाफ चल रहा ट्रायल भी खत्म हो गया।

मालेगांव ब्लास्ट क्या
बेंच ने इससे पहले अपील दायर करने में हुई 49 दिन की देरी को माफ कर दिया था, यह देखते हुए कि यह चुनौती राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम (NIA Act) की धारा 21 के तहत एक वैधानिक अपील थी।

मालेगांव मामला 8 सितंबर 2006 का है, जब इस शहर में हुए सिलसिलेवार धमाकों के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और अन्य कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच सबसे पहले महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने की थी, जिसने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया और दिसंबर 2006 में चार्जशीट दायर की।

इसके बाद फरवरी 2007 में जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई और बाद में एनआईए ने इसे अपने हाथ में ले लिया। एनआईए ने आगे की जांच के बाद अन्य आरोपियों के साथ-साथ इन चारों को भी आरोपी बनाया था और एक नई चार्जशीट दायर की थी।

हाई कोर्ट में, अपीलकर्ताओं के वकील ने दो मुख्य दलीलें दीं। पहली, कि NIA कोई भी ऐसा चश्मदीद गवाह पेश करने में नाकाम रही जिसने वास्तव में घटना को अपनी आंखों से देखने का दावा किया हो। दूसरी, कि चार्जशीट में शामिल अन्य आरोपियों को बरी किया जाना पूरी तरह से गैर-कानूनी था। वकील ने यह भी बताया कि उन बरी करने वाले आदेशों को चुनौती देने वाली अलग-अलग आपराधिक अपीलें अभी भी लंबित हैं।

HCL Tech का शेयर प्रॉफिट बढ़ने के बाद भी 11% लुढ़का, ₹40,000 करोड़ स्वाहा

नई दिल्ली। देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी एचसीएल टेक के शेयरों में आज भारी गिरावट आई है। कंपनी के शेयरों में 11 फीसदी से अधिक गिरावट आई और यह 52 हफ्ते के लो के करीब पहुंच गया। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप करीब 40,000 करोड़ रुपये घट गया।

कंपनी ने मंगलवार को अपना चौथी तिमाही का रिजल्ट जारी किया। लेकिन यह निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। बीएसई पर कंपनी का शेयर पिछले सत्र में 1441.55 रुपये पर बंद हुआ था और आज यह 1344.05 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान यह 11 फीसदी से अधिक गिरावट के साथ 1282.30 रुपये तक गिरा। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,770 रुपये और न्यूनतम 1,275.70 रुपये है।

एचसीएल टेक्नोलॉजीज का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में नेट प्रॉफिट 4.2 प्रतिशत बढ़कर 4,488 करोड़ रुपये रहा। इस प्रदर्शन के पीछे एआई-आधारित सेवा कारोबार की अहम भूमिका रही है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 4,307 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 12.34 प्रतिशत बढ़कर 33,981 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 30,246 करोड़ रुपये थी। तिमाही आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट 10.10% और रेवेन्यू 0.32% बढ़ गया।

समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ 4.3 प्रतिशत घटकर 16,642 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 17,390 करोड़ रुपये था। हालांकि, इसका वार्षिक राजस्व 11.18 प्रतिशत बढ़कर 1,30,144 करोड़ रुपये हो गया। एचसीएल टेक के सीईओ एवं एमडी सी विजयकुमार ने कहा कि कुछ कारोबार क्षेत्रों में सुस्ती, विवेकाधीन खर्च में कमी और निर्णय लेने में देरी के कारण तिमाही प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा।

कुछ कारोबार क्षेत्रों में सुस्ती, विवेकाधीन खर्च में कमी और निर्णय लेने में देरी के कारण तिमाही प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा। हालांकि हमारी एआई-आधारित सेवाओं को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और वार्षिक आधार पर उन्नत एआई राजस्व 62 करोड़ डॉलर से अधिक हो गया है।

इस बीच कई ब्रोकरेज ने एचसीएल शेयर का टारगेट प्राइस कम कर दिया है। नोमुरा ने इसका टारगेट प्राइस 1,700 रुपये से घटाकर 1,600 रुपये कर दिया है। जेपी मोर्गन ने एचसीएल टेक की न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखीहै लेकिन टारगेट प्राइस 1,419 रुपये से घटाकर 1,370 रुपये कर दिया है। एचएसबीसी और मोतीलाल ओसवाल ने भी एचसीएल टेक के शेयर का टारगेट प्राइस घटा दिया है।

श्री पिप्पलेश्वर महादेव मंदिर में हुआ सहस्रघट महारुद्राभिषेक व भजन संध्या का आयोजन

कोटा। महावीर नगर तृतीय,कंपटीशन कॉलोनी स्थित श्री पिप्पलेश्वर महादेव मंदिर समिति एवं दिवाथर्व विकास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को षष्ठम प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव (पाटोत्सव) के अवसर पर ‘सहस्रघट महारुद्राभिषेक’ का आयोजन किया गया।

इस पावन अनुष्ठान में सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे और महादेव के जयकारों के साथ बारी-बारी से श्रृंखला बनाकर सहस्रघट महारुद्राभिषेक को सम्पन्न करते रहे।

मंदिर समिति के अध्यक्ष भारतभूषण अरोड़ा ने बताया कि वृंदावनधाम के महंत रघुनाथदास महाराज एवं संत श्यामाचरण महाराज के सान्निध्य में आचार्य त्रिलोक शर्मा के नेतृत्व में 11 विद्वान पंडितों ने सहस्रघट महारुद्राभिषेक सम्पन्न कराया।

महंत रघुनाथदास महाराज एवं संत श्यामाचरण महाराज ने बताया कि यह महारुद्राभिषेक विश्व कल्याण के हितार्थ आयोजित किया गया। सर्वप्रथम शिवपंचायत का विधिवत पूजन किया गया, तत्पश्चात अभिषेक के जल को समस्त तीर्थों के जल, जटामांसी, उशीर एवं विभिन्न फलों के रस से सुसज्जित कर सहस्रघट महारुद्राभिषेक प्रारंभ किया गया।

1008 छिद्रों वाली जलेरी से हुआ महारुद्राभिषेक
महामंत्री जागेश्वर पाल गौड़ ने बताया कि प्रातः 11 बजे विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ सहस्रघट महारुद्राभिषेक का शुभारंभ हुआ। शिव परिवार के पूजन के उपरांत 1008 छिद्रों वाली जलेरी में शुद्ध जल भरकर निरंतर सहस्रबार अभिषेक किया गया। इस अनुष्ठान में बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों ने कतार बनाकर घट-पूजन स्थल तक जल पहुँचाया और घंटों तक इस पुण्य-कार्य में सहभागी बने। अंत में उपस्थित जनसमुदाय ने सामूहिक महाआरती में भाग लिया।

भजनों की बयार में झूमे श्रद्धालु
कोषाध्यक्ष कुलदीप माहेश्वरी ने बताया कि सायंकाल श्री पिप्पलेश्वर वाटिका में भजन गायिका आरुषी गंभीर ने रसमय भजनों की सरिता प्रवाहित की। ‘श्याम सलोना रूप है तेरा, घुंघराले हैं बाल’, ‘तू न संभाले तो कौन संभाले’, ‘श्यामा सुंदर मदन मोहन बाँसुरीवाले’, ‘मेरा सोया भाग जगा दे’, ‘हे श्यामा मोहे श्याम से मिला दे’, ‘श्यामा प्यारी भानु दुलारी, सुन लो मेरी पुकार’ तथा ‘आ जा साँवरे, मैं गिरधर की, गिरधर मेरे’ जैसे भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया और वे थिरकने पर विवश हो गए। मंदिर परिसर में राधा-कृष्ण की सुंदर झाँकी भी सजाई गई, जिसने समारोह की आध्यात्मिक छटा को और अधिक मनोरम बना दिया।

JEE Main Motion Result: टॉप 100 में 4 और दो हजार में से 71 विद्यार्थी मोशन के

कोटा। JEE Main 2026 Motion Result जेईई-मेन (बीई-बीटेक) के परिणाम में मोशन एजुकेशन के विद्यार्थियों ने एक बार फिर शानदार सफलता हासिल की है। मोशन के 66.73 प्रतिशत विद्यार्थी जेईई- एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई हुए हैं। इस उपलक्ष्य में मंगलवार शाम मोशन के द्रोणा-2 कैम्पस में जमकर जश्न मनाया गया।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि साल 2026 में मोशन के 10 हजार 124 विद्यार्थियों ने जेईई मेन एग्जाम दिया था। इसमें से 6 हजार 756 का चयन जेईई एडवांस्ड के लिए हुआ है। इस प्रकार मोशन का सलेक्शन रेशियो 66.73 प्रतिशत रहा। यह सफलता राष्ट्रीय औसत से 4.10 गुना अधिक है। आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्तर पर सलेक्शन रशियो केवल 16.26 प्रतिशत रहा है।

टॉप सौ में 4 और दो हजार में से 71 विद्यार्थी मोशन के आए हैं। टॉप 100 में में हर्ष बाजपेयी ने आल इंडिया रैंक 44, सुशांत अग्रवाल ने 57, लक्षित सिनसिनवार ने 73 और दिव्य यादव ने 79वीं रैंक हासिल की है। इसके अलावा ध्रुव बोर्डिंग स्कूल के विद्यार्थी रक्षक सरय्याम ने एसटी केटेगिरी में ऑल इंडिया 13वीं रैंक हासिल की है। नितिन विजय ने कहा कि यह सफलता को विद्यार्थियों की मेहनत और अभिभावकों के भरोसे का परिणाम है।

उत्साह से मनाया कामयाबी का जश्न
शानदार परिणाम की खुशी में मोशन के द्रोणा-2 कैम्पस में मंगलवार शाम सफलता का जश्न मनाया गया। इस दौरान स्टूडेंट्स खूब थिरके। जॉइंट डायरेक्टर और जेईई डिवीजन के हेड रामरतन द्विवेदी, डिप्टी डायरेक्टर निखिल श्रीवास्तव और अन्य सीनियर फेकल्टी ने चयनित विद्यार्थियों और टॉपर्स का अभिनंदन किया। वक्ताओं ने कहा कि देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन के परिणाम में मोशन के सितारों ने अपनी और फेकल्टीज की मेहनत के दम पर शानदार कामयाबी हासिल की है।

टॉपर्स ने इस दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी सफलता का आधार नियमित प्रैक्टिस, टॉपिक-वाइज शॉर्ट नोट्स और लगातार रिवीजन रहा। उनका कहना था कि अंतिम एक-दो महीने की पढ़ाई से जेईई जैसी परीक्षा में सफलता संभव नहीं है। यह एक लंबी प्रक्रिया है जिसमें अनुशासन और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण हैं। कोटा का माहौल, यहां की प्रतिस्पर्धा और शानदार सिस्टम छात्रों को एक अलग ही मानसिकता देते हैं। यहां सिर्फ पढ़ाई ही नहीं होती, बल्कि एक सिस्टम के तहत लक्ष्य की ओर बढ़ने की आदत विकसित की जाती है। अनुभवी और सपोर्टिव फैकल्टी इस प्रक्रिया को दिशा देते हैं, लेकिन अंततः सफलता छात्र की स्वयं की प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है।

17 मई को होगी जेईई एडवांस्ड
जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा 17 मई 2026 (रविवार) को होगी। यह परीक्षा दो पारियों (पेपर 1 और 2) में होगी। यह पूरी तरह कम्प्यूटर आधारित होगी। इसके जरिए 23 आईआईटी की 18 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश मिलेगा। पहली पारी सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। दूसरी पारी दोपहर 2.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक होगी। परीक्षा के बाद उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट 21 मई को वेबसाइट पर जारी होगी। प्रोविजनल आंसर-की 25 मई को आएगी। इस पर 25 और 26 मई को शाम 5 बजे तक आपत्तियां दर्ज होंगी। फाइनल आंसर-की और रिजल्ट 1 जून को जारी होगा। जनवरी और अप्रैल में होने वाली जेईई मेन परीक्षाओं से चुने गए शीर्ष करीब 2.50 लाख छात्र जेईई एडवांस्ड देने के पात्र होंगे। जेईई मेन 2026 क्वालीफाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 23 अप्रैल से शुरू होगा।

परिणाम के बाद अब आगे क्या
जेईई-मेन (बीई-बीटेक) का परिणाम आ चुका है। अब असली परीक्षा शुरू होती है-निर्णय लेने की। यही वह समय है जब जल्दबाजी में लिया गया एक गलत फैसला करियर की दिशा बदल सकता है, जबकि सोच-समझकर लिया गया निर्णय भविष्य मजबूत बना सकता है।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि सबसे पहले अपनी रैंक को सही नजरिए से समझें। सिर्फ ऑल इंडिया रैंक देखकर उत्साहित या निराश होने की जरूरत नहीं है। अगर आपने जेईई- एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई किया है, तो बिना समय गंवाए पूरी ताकत एडवांस्ड की तैयारी में लगाएं। आगामी दिन निर्णायक हैं। यहां गहराई से पढ़ाई और लगातार प्रैक्टिस ही आपको आगे ले जाएगी।

जिन छात्रों का स्कोर उम्मीद के अनुसार नहीं आया, वे निराश न हों। करियर के रास्ते सिर्फ आईआईटी तक सीमित नहीं हैं। एनआईटी, ट्रिपल आईटी, जीएफटीआई के साथ-साथ कई अच्छे स्टेट इंजीनियरिंग कॉलेज और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज भी बेहतरीन अवसर देते हैं। यहां एक महत्वपूर्ण बात समझें-सिर्फ कॉलेज का नाम नहीं, बल्कि ब्रांच का चयन ज्यादा अहम होता है। कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन इन्हें सिर्फ ट्रेंड देखकर नहीं, अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार चुनें।

काउंसलिंग प्रक्रिया को बिल्कुल हल्के में न लें। जोसा और अन्य काउंसलिंग में सही चॉइस फिलिंग ही सफलता की कुंजी है। पिछले वर्षों के कटऑफ, सीट मैट्रिक्स और अपनी रैंक के आधार पर ड्रीम, रियलिस्टिक और सेफ विकल्पों की एक संतुलित सूची तैयार करें।

सबसे जरूरी बात-मेंटल बैलेंस बनाए रखें। यह परिणाम आपके जीवन का अंतिम सच नहीं है। कई ऐसे उदाहरण हैं जहां औसत रैंक वाले छात्रों ने आगे चलकर बड़ी सफलता हासिल की है। याद रखें, रैंक सिर्फ एक नंबर है, असली फर्क आपके फैसले और मेहनत से पड़ेगा।

होर्मुज खुलवाने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस समेत 30 से ज्यादा देशों ने बनाई योजना

नई दिल्ली। Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनातनी जारी है। दोनों देश इस रास्ते पर अपना कंट्रोल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और दो देशों की लड़ाई का खामियाजा पूरी दुनिया को भुगतना पड़ रहा है।

होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होने की वजह से कई देशों में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। ऐसे में इस रास्ते को खुलवाने के लिए अब 30 से ज्यादा देश साथ आए हैं।

जानकारी के मुताबिक होर्मुज में जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू कराने के लिए बुधवार से 30 से अधिक देशों के सैन्य योजनाकार यानी मिलिट्री प्लानर्स लंदन में एक अहम बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। यह बैठक ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की अगुवाई में की जा रही है, जिसका उद्देश्य एक ठोस सैन्य रणनीति बनाना है, ताकि हालात सामान्य होने पर समुद्री रास्तों को सुरक्षित किया जा सके।

क्या है योजना
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने बताया है कि लंदन में होने वाली बैठक का मुख्य उद्देश्य इस कूटनीतिक सहमति को जमीनी कार्रवाई में बदलना है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य इस सहमति को एक संयुक्त योजना में बदलना है, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित हो सके और स्थायी युद्धविराम को समर्थन मिल सके।” अधिकारियों के मुताबिक बैठक में सैन्य क्षमताओं, कमांड और कंट्रोल इन्फ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती की संभावित रणनीतियों पर चर्चा होगी। हालांकि यह मिशन तभी शुरू किया जाएगा जब क्षेत्र में स्थायी युद्धविराम लागू हो जाएगा।

ब्रिटेन और फ्रांस कर रहे अगुवाई
रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि इससे पहले एक दर्जन से ज्यादा देशों ने इस प्रस्तावित मिशन में शामिल होने की इच्छा जताई है। यह मिशन ब्रिटेन और फ्रांस के नेतृत्व में चलाया जाएगा, जिसका मकसद इस अहम जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वहीं योजना को उस समय और गति मिली जब पिछले हफ्ते यूरोप, एशिया और मिडल ईस्ट के करीब 50 देशों ने एक वर्चुअल बैठक में हिस्सा लिया। इसे वैश्विक स्तर पर सामूहिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका ने नहीं हटाई नाकेबंदी
इस बीच अमेरिका ने ईरान संग सीजफायर की अवधि को बढ़ाने का ऐलान किया है। हालांकि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी नाकेबंदी हटाने की कोई घोषणा नहीं की। बता दें कि इससे पहले दोनों देशों के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम हुआ था। हालांकि युद्धविराम के बीच भी होर्मुज को लेकर तनातनी बनी रही। ईरान द्वारा यह रास्ता बंद करने के बाद अमेरिका ने भी यहां नाकेबंदी की घोषणा कर दी, जिससे हालात और बिगड़ गए।

कार में 100% इथेनॉल वाले पेट्रोल का होगा इस्तेमाल: नितिन गडकरी

नई दिल्ली। 100% Ethanol Mix Petrol: देश के अंदर अब E20 यानी 20% इथेनॉल मिक्स पेट्रोल मिलने लगा है। सरकार पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को धीरे-धीरे करके बढ़ाएगी। हालांकि, अब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत से पेट्रोल में “100% इथेनॉल ब्लेंडिंग” की तरफ बढ़ने का एक अपील की है।

उन्होंने इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में बोलते हुए कहा कि ऊर्जा के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर होना अब सिर्फ एक पर्यावरणीय लक्ष्य नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है।

गडकरी का ये बयान ऐसे समय में आया हैं जब ग्लोबल एनर्जी मार्केट पश्चिम एशिया में चल रहे लंबे संघर्ष से जूझ रहे हैं, जिसने पारंपरिक तेल सप्लाई चेन को काफी हद तक बाधित कर दिया है। साथ ही, आयात बिलों को बढ़ा दिया है।

उनके इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य का मुख्य कारण जीवाश्म ईंधन के आयात पर भारत की भारी निर्भरता है। वर्तमान में देश अपनी तेल जरूरतों का लगभग 87% आयात के जरिए पूरा करता है, जिससे सरकारी खजाने से सालाना लगभग 22 लाख करोड़ रुपए खर्च हो जाते हैं।

गडकरी ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे “संकट” ने इस व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर दिया है, जिससे भारत के लिए अपने ट्रांसपोर्ट सेक्टर को इंटरनेशनल कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से अलग करना जरूरी हो गया है।

अधिकारियों का कहना है कि 100% इथेनॉल (E100) मॉडल की तरफ बढ़कर (जैसा ब्राजील में सफलतापूर्वक लागू किया गया है) भारत अपने विशाल कृषि अधिशेष का लाभ उठा सकता है। यह बदलाव न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि किसानों को “अन्नदाता” से “ऊर्जादाता” में बदलकर उन्हें सीधा आर्थिक बढ़ावा भी देगा।

ICE इंजन में बदलाव की जरूरत
भारत ने पिछले तीन सालों में अपने बायोफ्यूल प्रोग्राम में तेजी से प्रगति की है। 1 अप्रैल, 2026 को पूरे देश में E20 (20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल) को लागू करने के बाद, सरकार अब अगले लक्ष्य की ओर देख रही है। जहां E20 का उपयोग मौजूदा इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) में मामूली बदलावों के साथ किया जा सकता है। वहीं E100 या E85 की ओर बढ़ने के लिए फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल (FFVs) की तरफ एक मजबूत बदलाव की आवश्यकता है।

गडकरी ने बताया कि आने वाले CAFE III (कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता) स्टैंडर्ड, जो 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले हैं, ये इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देंगे। बताया जा रहा है कि E85 फ्यूल के लिए एक मसौदा अधिसूचना पहले से ही अंतिम चरण में है, जो इस बात का संकेत है कि हाी ब्लेंडिंग स्तरों के लिए बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जा रही है।

अल्टरनेटिव फ्यूल को बढ़ावा
गडकरी ने साफ किया कि जहां एक तरफ सरकार अल्टरनेटिव फ्यूल को बढ़ावा दे रही है। वहीं, ग्राहकों को इस बदलाव के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके बजाय, ध्यान टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट की क्वालिटी को बेहतर बनाने पर होगा, ताकि ग्रीन गाड़ियां ज्यादा आकर्षक लगें। मैन्युफैक्चरर्स के लिए चुनौती ऐसे इंजन बनाने में है जो ज्यादा इथेनॉल कंसंट्रेशन को संभाल सकें, क्योंकि यह आम पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा कोरोसिव होता है।

ग्रीन हाइड्रोजन में भी संभावनाएं
इथेनॉल के अलावा, गडकरी ने ग्रीन हाइड्रोजन की संभावनाओं को भी “फ्यूचर फ्यूल” के तौर पर खास तौर पर बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर प्रोडक्शन लागत को घटाकर लगभग $1 प्रति किलोग्राम तक लाया जा सके, तो यह भारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर में क्रांति ला सकता है। हालांकि, अभी के लिए, इथेनॉल ही “जहरीले” फॉसिल फ्यूल का सबसे ज्यादा मुमकिन और तुरंत मिलने वाला ऑप्शन बना हुआ है। यह एक ऐसा सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल पेश करता है जो खेती के कचरे को भारत के भविष्य की तरक्की के लिए ईंधन में बदल देता है।

MCX पर 4700 रुपये महंगी हुई चांदी, सोना 2000 रुपये उछला, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Rate Update 22 April: भारतीय बाजार में सोने-चांदी के भाव में जोरदार उछाल आया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव ₹2,000 (1.3%) से अधिक चढ़कर ₹1,53,699 प्रति 10 ग्राम हो गए।

वहीं, चांदी के रेट में ₹4,700 (2%) की तेजी आई और यह ₹2,49,423 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतें बढ़ीं। स्पॉट गोल्ड 0.8% चढ़कर 4,755 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गया। इससे पिछले सत्र में इसमें 2% से अधिक की गिरावट आई थी।

सीजफायर का असर
सोने-चांदी के भाव में आज की उछाल के पीछे कई कारण हैं। इनमें से एक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संघर्ष विराम को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान कोई नया प्रस्ताव नहीं लाता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक और हमले नहीं किए जाएंगे।

हालांकि, होर्मूज स्ट्रेट अब भी व्यापार के लिए बंद है। ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका उसके जहाजों पर अपनी नाकाबंदी जारी रखेगा, वह इस जलमार्ग को नहीं खोलेगा। यह जलडमरूमध्य दुनिया के 20% तेल की सप्लाई का रास्ता है।

सर्राफा बाजारों में सोना-चांदी के भाव गिरे
शादियों के सीजन के बीच सोने-चांदी के जेवर खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। सर्राफा बाजारों में सोना-चांदी के भाव में गिरावट आई है। आज बुधवार 22 अप्रैल को सोने का भाव में जहां 105 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई वहीं, चांदी 836 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है। अब चांदी के रेट 249677 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं। जबकि, 24 कैरेट सोने का भाव 152250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।

22 कैरेट गोल्ड और 18 कैरेट के रेट
आईबीजेए के मुताबिक आज 10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड के भाव 96 रुपये गिरकर 139461 रुपये पर आ गया है। इस पर जीएसटी नहीं लगा है। 18 कैरेट गोल्ड का रेट भी आज 78 रुपये सस्ता हुआ है। अब 10 ग्राम 18 कैरेट गोल्ड की कीमत 114188 रुपये हो गई है। इस पर भी जीएसटी नहीं लगा है।

डॉलर में कमजोरी का असर
क्रूड तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बने हुए हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। वहीं, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.1% की गिरावट आई, जिससे सोना दूसरी मुद्राओं वालों के लिए सस्ता हो गया। कमजोर डॉलर से सोने की कीमतों को आमतौर पर सपोर्ट मिलता है।