कोटा। JEE Main 2026 Motion Result जेईई-मेन (बीई-बीटेक) के परिणाम में मोशन एजुकेशन के विद्यार्थियों ने एक बार फिर शानदार सफलता हासिल की है। मोशन के 66.73 प्रतिशत विद्यार्थी जेईई- एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई हुए हैं। इस उपलक्ष्य में मंगलवार शाम मोशन के द्रोणा-2 कैम्पस में जमकर जश्न मनाया गया।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि साल 2026 में मोशन के 10 हजार 124 विद्यार्थियों ने जेईई मेन एग्जाम दिया था। इसमें से 6 हजार 756 का चयन जेईई एडवांस्ड के लिए हुआ है। इस प्रकार मोशन का सलेक्शन रेशियो 66.73 प्रतिशत रहा। यह सफलता राष्ट्रीय औसत से 4.10 गुना अधिक है। आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्तर पर सलेक्शन रशियो केवल 16.26 प्रतिशत रहा है।
टॉप सौ में 4 और दो हजार में से 71 विद्यार्थी मोशन के आए हैं। टॉप 100 में में हर्ष बाजपेयी ने आल इंडिया रैंक 44, सुशांत अग्रवाल ने 57, लक्षित सिनसिनवार ने 73 और दिव्य यादव ने 79वीं रैंक हासिल की है। इसके अलावा ध्रुव बोर्डिंग स्कूल के विद्यार्थी रक्षक सरय्याम ने एसटी केटेगिरी में ऑल इंडिया 13वीं रैंक हासिल की है। नितिन विजय ने कहा कि यह सफलता को विद्यार्थियों की मेहनत और अभिभावकों के भरोसे का परिणाम है।
उत्साह से मनाया कामयाबी का जश्न
शानदार परिणाम की खुशी में मोशन के द्रोणा-2 कैम्पस में मंगलवार शाम सफलता का जश्न मनाया गया। इस दौरान स्टूडेंट्स खूब थिरके। जॉइंट डायरेक्टर और जेईई डिवीजन के हेड रामरतन द्विवेदी, डिप्टी डायरेक्टर निखिल श्रीवास्तव और अन्य सीनियर फेकल्टी ने चयनित विद्यार्थियों और टॉपर्स का अभिनंदन किया। वक्ताओं ने कहा कि देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन के परिणाम में मोशन के सितारों ने अपनी और फेकल्टीज की मेहनत के दम पर शानदार कामयाबी हासिल की है।
टॉपर्स ने इस दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी सफलता का आधार नियमित प्रैक्टिस, टॉपिक-वाइज शॉर्ट नोट्स और लगातार रिवीजन रहा। उनका कहना था कि अंतिम एक-दो महीने की पढ़ाई से जेईई जैसी परीक्षा में सफलता संभव नहीं है। यह एक लंबी प्रक्रिया है जिसमें अनुशासन और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण हैं। कोटा का माहौल, यहां की प्रतिस्पर्धा और शानदार सिस्टम छात्रों को एक अलग ही मानसिकता देते हैं। यहां सिर्फ पढ़ाई ही नहीं होती, बल्कि एक सिस्टम के तहत लक्ष्य की ओर बढ़ने की आदत विकसित की जाती है। अनुभवी और सपोर्टिव फैकल्टी इस प्रक्रिया को दिशा देते हैं, लेकिन अंततः सफलता छात्र की स्वयं की प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है।
17 मई को होगी जेईई एडवांस्ड
जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा 17 मई 2026 (रविवार) को होगी। यह परीक्षा दो पारियों (पेपर 1 और 2) में होगी। यह पूरी तरह कम्प्यूटर आधारित होगी। इसके जरिए 23 आईआईटी की 18 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश मिलेगा। पहली पारी सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। दूसरी पारी दोपहर 2.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक होगी। परीक्षा के बाद उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट 21 मई को वेबसाइट पर जारी होगी। प्रोविजनल आंसर-की 25 मई को आएगी। इस पर 25 और 26 मई को शाम 5 बजे तक आपत्तियां दर्ज होंगी। फाइनल आंसर-की और रिजल्ट 1 जून को जारी होगा। जनवरी और अप्रैल में होने वाली जेईई मेन परीक्षाओं से चुने गए शीर्ष करीब 2.50 लाख छात्र जेईई एडवांस्ड देने के पात्र होंगे। जेईई मेन 2026 क्वालीफाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 23 अप्रैल से शुरू होगा।
परिणाम के बाद अब आगे क्या
जेईई-मेन (बीई-बीटेक) का परिणाम आ चुका है। अब असली परीक्षा शुरू होती है-निर्णय लेने की। यही वह समय है जब जल्दबाजी में लिया गया एक गलत फैसला करियर की दिशा बदल सकता है, जबकि सोच-समझकर लिया गया निर्णय भविष्य मजबूत बना सकता है।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि सबसे पहले अपनी रैंक को सही नजरिए से समझें। सिर्फ ऑल इंडिया रैंक देखकर उत्साहित या निराश होने की जरूरत नहीं है। अगर आपने जेईई- एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई किया है, तो बिना समय गंवाए पूरी ताकत एडवांस्ड की तैयारी में लगाएं। आगामी दिन निर्णायक हैं। यहां गहराई से पढ़ाई और लगातार प्रैक्टिस ही आपको आगे ले जाएगी।
जिन छात्रों का स्कोर उम्मीद के अनुसार नहीं आया, वे निराश न हों। करियर के रास्ते सिर्फ आईआईटी तक सीमित नहीं हैं। एनआईटी, ट्रिपल आईटी, जीएफटीआई के साथ-साथ कई अच्छे स्टेट इंजीनियरिंग कॉलेज और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज भी बेहतरीन अवसर देते हैं। यहां एक महत्वपूर्ण बात समझें-सिर्फ कॉलेज का नाम नहीं, बल्कि ब्रांच का चयन ज्यादा अहम होता है। कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन इन्हें सिर्फ ट्रेंड देखकर नहीं, अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार चुनें।
काउंसलिंग प्रक्रिया को बिल्कुल हल्के में न लें। जोसा और अन्य काउंसलिंग में सही चॉइस फिलिंग ही सफलता की कुंजी है। पिछले वर्षों के कटऑफ, सीट मैट्रिक्स और अपनी रैंक के आधार पर ड्रीम, रियलिस्टिक और सेफ विकल्पों की एक संतुलित सूची तैयार करें।
सबसे जरूरी बात-मेंटल बैलेंस बनाए रखें। यह परिणाम आपके जीवन का अंतिम सच नहीं है। कई ऐसे उदाहरण हैं जहां औसत रैंक वाले छात्रों ने आगे चलकर बड़ी सफलता हासिल की है। याद रखें, रैंक सिर्फ एक नंबर है, असली फर्क आपके फैसले और मेहनत से पड़ेगा।

