किसानों की समस्याओं को देखते हुए राज्य सरकार का बड़ा फैसला
कोटा। FFFS Kisan App 2026: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से खाद बिक्री के लिए तैयार की गई ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स’ एप्लीकेशन के इस्तेमाल पर राजस्थान सरकार ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
राज्य सरकार के कृषि विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इस ऐप के प्रयोग को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है।
27 अगस्त को राज्य के 18 जिलों में लॉन्च की गई इस एप्लीकेशन के स्थगित होने के बाद अब किसान पूर्व की भांति अपने आधार कार्ड और दुकानों पर उपलब्ध पीओएस मशीनों के माध्यम से सुगमता से खाद खरीद सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि भारतीय किसान संघ इस एप्लीकेशन के कारण धरातल पर आ रही व्यावहारिक समस्याओं को लेकर लगातार सुधार करने की मांग कर रहा था। इस संबंध में किसान संघ के प्रतिनिधियों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात कर अपनी चिंताओं से अवगत कराया था। जिसके बाद अब सरकार ने औपचारिक आदेश जारी कर किसानों को राहत प्रदान की है।
भारतीय किसान संघ के मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने सरकार की पारदर्शी खाद वितरण की मंशा की सराहना करते हुए कहा कि ऐप के जरिए वितरण का उद्देश्य भले ही अच्छा था, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
गांवों में नेटवर्क की समस्या, सर्वर ठप रहने और अनिवार्य पंजीयन प्रक्रिया के चलते किसान खाद के लिए भटकने को मजबूर थे। किसान संघ का मानना है कि पूर्ण रूप से डिजिटल व्यवस्था लागू करने से पहले ऑनलाइन के साथ-साथ पारंपरिक ऑफलाइन वितरण प्रणाली को भी चालू रखा जाना चाहिए था, ताकि शत-प्रतिशत डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट होने तक किसी भी किसान का काम न रुके।
किसानों के हित में भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि खाद विक्रेताओं की दुकानों के बाहर उपलब्ध स्टॉक और निर्धारित दरों की सूची चस्पा करना अनिवार्य किया जाए, तथा त्वरित सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन व शिकायत निवारण पोर्टल शुरू किया जाए।
इसके साथ ही जमीन के रकबे और फसल की वास्तविक मांग के अनुसार खाद की निर्धारित मात्रा बढ़ाई जाए और लीज या बटाई पर खेती करने वाले किसानों के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
भारतीय किसान संघ ने डीलरों की मार्जिन मनी बढ़ाने तथा खाद के साथ जबरन अन्य उत्पाद थोपने वाली कंपनियों और धांधली करने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

