कोटा। शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों और नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा दिए जा रहे धरने की गूंज अब कोटा की सड़कों पर साफ सुनाई देने लगी है।
दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे बेकसूर छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज से गुस्साए कोटा के हजारों कोचिंग विद्यार्थी गुरुवार देर रात अचानक सड़कों पर उतर आए।
गुरुवार रात को कोटा में स्टूडेंट ने पैदल मार्च निकाला. गुस्साए छात्र जवाहर नगर इलाके में कोचिंग बिल्डिंग्स के पास मुख्य सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे इलाके में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
जहां पर बाद में जवाहर नगर थाना अधिकारी मुकेश मीणा सहित जाप्ता पहुंचा था। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित विद्यार्थियों से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की।
कोटा में कोचिंग छात्रों के लिए प्लेटफार्म संचालित करने वाले अंशु महाराज का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन राजीव गांधी नगर से शुरू हुआ था। शुरुआत में कुछ छात्र हाथों में तिरंगा झंडा और सरकार विरोधी तख्तियां लेकर निकले थे। वे देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था में जल्द से जल्द बदलाव और नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे।
जैसे-जैसे यह पैदल मार्च आगे बढ़ा, अलग-अलग कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में रहने वाले सैकड़ों छात्र इसमें जुड़ते चले गए। यह सभी स्टूडेंट जब जवाहर नगर पहुंचे तो संख्या काफी ज्यादा हो गई थी। यह कोचिंग संस्थान की बिल्डिंग के नजदीक सड़क पर बैठ भी गए थे।
इस दौरान सड़क पर आवागमन बंद हो गया था। देर रात पुलिस अधिकारियों के कड़े रुख और समझाइश के बाद छात्र धीरे-धीरे सड़क से हटने को राजी हुए और अपने-अपने हॉस्टलों की ओर लौट गए, जिसके बाद यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी।

