कोटा के उद्यमियों ने चीन-हांगकांग यात्रा में सीखे वैश्विक तकनीक व व्यापार बढ़ाने के गुर

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अंतरराष्ट्रीय एक्सपो, बड़े व्यापारिक बाजार और 30 औद्योगिक विजिट से मिली नई दिशा

​कोटा। दी स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, कोटा का 70 सदस्यीय उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल चीन और हांगकांग का अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक दौरा पूरा कर कोटा लौट आया है।

अध्यक्ष दीपक मेहता, सचिव समीर सूद और कोषाध्यक्ष राहुल जैन​ ने गुरुवार को पत्रकारों को यात्रा के संस्मरण सुनाते हुए कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने हांगकांग में ‘ग्लोबल सोर्सेज इलेक्ट्रॉनिक्स फेयर’ तथा ‘रोबोटिक्स एंड एआई फेयर’ का अवलोकन किया।

इसके साथ ही ग्वांगझोउ में आयोजित प्रसिद्ध ‘कैंटन फेयर’ में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की विनिर्माण क्षमता और आपूर्ति नेटवर्क का प्रत्यक्ष अध्ययन किया। यात्रा के दौरान उद्यमियों ने शेनझेन के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार, फोशान के फर्नीचर बाजार और ग्वांगझोउ के व्यापारिक केंद्रों का दौरा किया। साथ ही, 30 से अधिक उन्नत औद्योगिक इकाइयों का भ्रमण कर आधुनिक उत्पादन प्रणाली, ऑटोमेशन और गुणवत्ता नियंत्रण की कार्यप्रणाली को समझा।

​एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक मेहता ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य कोटा के स्थानीय लघु और मध्यम उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक विकास, आधुनिक विनिर्माण तकनीक, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स के वैश्विक नवाचारों से जोड़ना रहा।

सचिव समीर सूद ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में 15 युवा उद्यमी और 2 महिला उद्यमी भी शामिल थीं। यात्रा के मार्गदर्शन के लिए पूर्व अध्यक्ष कमलदीप सिंह व राजकुमार जैन साथ रहे। जबकि संयोजक नितिन अग्रवाल और उनकी टीम ने पूरे कार्यक्रम का सफल समन्वय किया।

​भारतीय उद्योगों के लिए सीख और बिजनेस सर्किल विजन
कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने बताया कि ​इस यात्रा से भारतीय लघु उद्योगों के लिए कईं महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए हैं। प्रतिस्पर्धा में आगे रहने के लिए आधुनिक मशीनरी, ऑटोमेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), गुणवत्ता नियंत्रण और लागत प्रबंधन को अनिवार्य माना गया। ​यह आयोजन एसएसआई एसोसिएशन के ‘मेगा विजन’ के तहत ‘बिजनेस सर्किल’ पहल के तीसरे चरण में’अंतरराष्ट्रीय एक्सपो एवं बिजनेस ग्रोथ’ का हिस्सा था।

इसके प्रथम दो चरण व्यावसायिक नेटवर्किंग और लर्निंग एंड डेवलपमेंट पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक अनुभव का उपयोग कोटा के उद्योगों में नई तकनीक अपनाने और स्थानीय व्यापार का विस्तार करने में किया जाएगा।