IDBI बैंक बेचने का कैबिनेट का हो गया फैसला, मैनेजमेंट कंट्रोल भी होगा ट्रांसफर

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नई दिल्ली। सरकार ने IDBI बैंक लिमिटेड में रणनीतिक विनिवेश और मैनेजमेंट के ट्रान्सफर को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को इस मामले में सैद्धांतिक मंजूरी दी। आईडीबीआई बैंक पर एलआईसी का नियंत्रण है। सरकार द्वारा आईडीबीआई बैंक में कितनी हिस्सेदारी बेची जाएगी इसका फैसला एलआईसी, भारतीय रिजर्व बैंक के साथ विचार विमर्श करके ट्रांजेक्शन की स्ट्रक्चरिंग के वक्त करेगी।

आईडीबीआई बैंक में भारत सरकार और एलआईसी दोनों की मिलाकर 94 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। इसमें से भारत सरकार की हिस्सेदारी 45.48% और LIC की 49.24% है। LIC अभी IDBI Bank की प्रमोटर है और उसी के पास बैंक के प्रबंधन का नियंत्रण है। वहीं सरकार को-प्रमोटर है। LIC के बोर्ड ने एक रिजॉल्यूशन पास किया है कि LIC, आईडीबीआई बैंक लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी विनिवेश के जरिए घटा सकती है। साथ ही सरकार भी अपनी हिस्सेदारी रणनीतिक विनिवेश के जरिए बेच सकती है।

विनिवेश से क्या उम्मीदें
उम्मीद की जा रही है कि रणनीतिक खरीदार आईडीबीआई बैंक की कारोबारी क्षमता को बढ़ाने और इसकी ग्रोथ के लिए बैंक में पैसा लगाएंगे, नई टेक्नोलॉजी और सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन प्रणालियों की मदद लेंगे। साथ ही LIC व सरकार की मदद या फंड पर किसी भी तरह की निर्भरता के बिना ज्यादा बिजनेस जनरेट करेंगे। सरकारी हिस्सेदारी के रणनीतिक विनिवेश के जरिए आने वाली रकम का इस्तेमाल डेवलपमेंटल प्रोग्राम्स को फाइनेंस करने के लिए किया जाएगा।