किसानों को दिवाली का तोहफा, गेहूं समेत 6 रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा

0
9

नई दिल्ली। Rabi Crops MSP : देश के करोड़ों किसानों के लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्केटिंग ईयर 2027-28 के लिए गेहूं समेत रबी की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 25 रुपये बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। कैबिनेट ने साथ ही कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति यानी CCEA ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि MSP बढ़ाने का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य देना और खेती को ज्यादा लाभकारी बनाना है। इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम के MSP में की गई है।

मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए कुसुम के MSP में 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद सरसों और रेपसीड का MSP 413 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है।मसूर के MSP में 390 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, जौ का MSP 136 रुपये और चने का MSP 83 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

लागत से कितना ज्यादा मिलेगा भाव
सरकार के मुताबिक रबी फसलों का MSP उनकी अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुना स्तर पर तय किया गया है। यह फैसला केंद्रीय बजट 2018-19 में की गई घोषणा के अनुरूप है। सरकार का अनुमान है कि गेहूं के MSP पर किसानों को उत्पादन लागत के मुकाबले 106 फीसदी का लाभ मिलेगा। सरसों और रेपसीड पर यह फायदा 96 फीसदी और मसूर पर 92 फीसदी रहने का अनुमान है। इसी तरह चने पर उत्पादन लागत से 59 फीसदी, जौ पर 58 फीसदी और कुसुम पर 50 फीसदी ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

दलहन और तिलहन की खेती को मिलेगा बढ़ावा
सरकार पिछले कुछ सालों से गेहूं और दूसरे अनाज के अलावा दलहन तथा तिलहन की खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए इन फसलों के MSP में अनुमान में ज्यादा बढ़ोतरी की जा रही है। सरकार का मानना है कि बेहतर कीमत मिलने से किसान अलग-अलग फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित होंगे। इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ दलहन और खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।

नई MSP दरें

फसलअनुमानित उत्पादन लागत (₹/क्विंटल)MSP (₹/क्विंटल)लागत पर मार्जिन
गेहूं₹1,264₹2,610106%
जौ₹1,447₹2,28658%
चना₹3,751₹5,95859%
मसूर₹3,854₹7,39092%
रेपसीड/सरसों₹3,367₹6,61396%
कुसुम₹4,810₹7,21550%

गेहूं की सरकारी खरीद में बढ़ोतरी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान 3,715 लाख टन गेहूं की खरीद हुई। इसके मुकाबले 2004-05 से 2013-14 के दौरान 2,254 लाख टन गेहूं खरीदा गया था।छह रबी फसलों की कुल सरकारी खरीद भी 2004-05 से 2013-14 के 2,302 लाख टन से बढ़कर 2014-15 से 2025-26 के दौरान 3,921 लाख टन हो गई।

किसानों को कितना MSP भुगतान मिला
वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच गेहूं उत्पादक किसानों को MSP के रूप में कुल 7.31 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इससे पहले 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह रकम 2.56 लाख करोड़ रुपये थी। इसी तरह छह रबी फसलों के किसानों को 2014-15 से 2025-26 के दौरान कुल 8.36 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह आंकड़ा 2.65 लाख करोड़ रुपये था।

पीएम धारा योजना
वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने PM DHARA को मंजूरी दे दी है और इसके लिए 1,86,405 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह प्रोग्राम रिन्यूएबल एनर्जी तक पहुंच बढ़ाने और उसे तेजी से विकसित करने पर केंद्रित है। यह क्लीन-एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की दिशा में सरकार की व्यापक पहल का हिस्सा है।