डॉ. विमला कोटा यूनिवर्सिटी की एवं सारस्वत राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुलगुरू नियुक्त

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कोटा। कृषि विश्वविद्यालय, कोटा की कुलगुरू डॉ. विमला डूंकवाल ने कोटा शनिवार को कोटा विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलगुरू के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति के निर्देश पर उन्हें कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरू पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह व्यवस्था नियमित कुलगुरू की नियुक्ति होने अथवा राज्य सरकार से इस संबंध में सलाह प्राप्त होने तक जारी रहेगी।

कार्यभार संभालने से पहले निवर्तमान कुलगुरू प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने डॉ. विमला डूंकवाल का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और दुपट्टा ओढ़ाकर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके बाद प्रो. सारस्वत ने विश्वविद्यालय के कुलगुरू पद का कार्यभार औपचारिक रूप से डॉ. डूंकवाल को सौंप दिया। इस अवसर पर आरटीयू के कुलगुरू निमित चौधरी, प्रो.रीना दाधीच, प्रो.घनश्याम शर्मा, प्रो. भवानी सिंह, प्रो. ओपी ऋषि, डॉ.के आर चौधरी एवं परीक्षा नियंत्रक प्रवीण भार्गव सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरू बने प्रो. सारस्वत
उल्लेखनीय है कि प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलगुरू पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्यपाल के आदेश के बाद उन्होंने कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरू पद से कार्यमुक्त होकर जयपुर के लिए प्रस्थान किया। कोटा विश्वविद्यालय में उनका कार्यकाल 13 माह 18 दिन का रहा।

नम आंखों से विश्वविद्यालय से विदा हुए प्रो. सारस्वत
कोटा विश्वविद्यालय में शनिवार का दिन भावुक विदाई का साक्षी बना। कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत के राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलगुरु के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने के लिए रवाना होने से पहले विश्वविद्यालय परिसर में विदाई का माहौल रहा। उनके प्रस्थान के समय अनेक प्रोफेसरों, शिक्षकों और कार्मिकों की आंखें नम थीं। स्वयं प्रो. सारस्वत भी भावुक नजर आए।