Kalonji Price: स्टॉक की कमी से कलौंजी की कीमतों में अधिक मंदे की सम्भावना नहीं

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नई दिल्ली। Kalonji Price: वर्तमान में कलौंजी के भाव नरमी के साथ बोले जा रहे हैं, लेकिन उत्पादक केन्द्रों पर स्टॉक कम रह जाने के कारण कीमतों में अधिक मन्दा नहीं है। उल्लेखनीय है कि गत दिनों कलौंजी की कीमतों में 20/25 रुपए प्रति किलो की तेजी आने के पश्चात बाजार में मुनाफावसूली बिकवाली बढ़ गई है। जबकि ऊंचे भावों पर मांग प्रभावित हुई।

परिणमस्वरूप चालू सप्ताह के दौरान कलौंजी के भाव 3/5 रुपए प्रति किलो तक नरमी के साथ बोले गए। वर्तमान में मध्य प्रदेश की नीमच मंडी में कलौंजी का भाव 210/213 रुपए प्रति किलो बोला जाने लगा है। जोकि गत दिनों 215/218 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा था।

वर्तमान में नीमच मंडी में कलौंजी की आवक 500/550 बोरी की चल रही है जबकि गत दिनों भाव बढ़ने के समय 1200/1300 बोरी की हो रही थी। गुजरात की राजकोट मंडी में कलौंजी का भाव 205/208 रुपए बोला जा रहा है और आवक 500/600 बोरी की रही।

उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान देश में कलौंजी का उत्पादन अधिक होने के कारण नई फसल की आवक शुरू होने के पश्चात कीमतों में लगातर गिरावट रही और फरवरी 2026 में जो भाव 250/260 रुपए प्रति किलो चल रहे थे मई-जून में घटकर 170/175 रुपए पर आ गए।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 के दौरान कलौंजी की कीमतों में अच्छी तेजी आने के कारण उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिला जिस कारण से वर्ष 2026 के लिए किसानों ने कलौंजी की बिजाई अधिक क्षेत्रफल पर की। कलौंजी का मुख्यत: उत्पादन गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में होता है।

इन राज्यों में चालू सीजन के दौरान कलौंजी का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में डेढ़-दो गुणा अधिक रहा। जिस कारण से वर्ष 2026 के दौरान देश में कलौंजी का उत्पादन 6.25 लाख बोरी के स्तर पर पहुंच गया।

जबकि वर्ष 2025 में उत्पादन 3/3.25 लाख बोरी का रहा था। चालू सीजन के दौरान गुजरात में उत्पादन 4/4.25 लाख माना गया जबकि राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में उत्पादन 2 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए गए हैं।

कलौंजी की नई फसल की आवक मार्च-अप्रैल माह में शुरू होती है जबकि बिजाई का कार्य अक्टूबर-नवम्बर माह में होता है। सूत्रों का कहना है कि पानी की कमी के चलते इस वर्ष देश में कलौंजी की बिजाई प्रभावित हो सकती है।

व्यापारिक सूत्रों का मानना है कि आगामी दिनों में कलौंजी के दामों में 10/20 रुपए प्रति किलो की तेजी आने की संभावना है क्योंकि एक ओर जहां उत्पादक केन्द्रों पर स्टॉक कम रह गया है वहीं दूसरी तरफ बिजाई भी घटने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि आगामी दिनों में त्यौहारी सीजन होने के कारण मांग में वृद्धि होगी। इसके अलावा उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर भी स्टॉक कम रह गया है।

वर्तमान में गुजरात की मंडियों में कलौंजी का स्टॉक 1.25/1.30 लाख बोरी माना जा रहा है जबकि राजस्थान एवं आंध्र प्रदेश की मंडियों में स्टॉक 40/50 हजार बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जोकि नई फसल आने तक समाप्त हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में नई फसल के समय कलौंजी का स्टॉक 5/6 हजार बोरी का माना गया था।

जबकि वर्ष 2025 में स्टॉक 30/35 हजार बोरी का था। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2027 में नई फसल के समय स्टॉक समाप्त हो जाएगा और पैदावार भी प्रभावित होगी। जिस कारण से वर्ष 2027 में कलौंजी के भाव तेज रहेंगे।