नई दिल्ली। NEET UG Round 2 Counselling: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी 2026 के सेकेंड राउंड का शेड्यूल जारी कर दिया है। शेड्यूल के मुताबिक, राउंड 2 काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन और फीस भुगतान 3 से 8 सितंबर 2026 तक होगा। व
हीं, च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया 3 सितंबर से शुरू होकर 9 सितंबर तक चलेगी। सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया 9 और 10 सितंबर को होगी, जबकि सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 11 सितंबर 2026 को जारी किया जाएगा।
ऐसे में अब उन स्टूडेंट्स की तैयारी तेज हो गई है, जिन्हें पहले राउंड में सीट नहीं मिल पाई थी या बेहतर कॉलेज और कोर्स की उम्मीद में दूसरे राउंड में शामिल होना चाहते हैं।
राउंड 2 काउंसलिंग की महत्वपूर्ण तारीखें
- रजिस्ट्रेशन और फीस भुगतान- 3 से 8 सितंबर 2026
- च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग- 3 से 9 सितंबर 2026
- सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया- 9 से 10 सितंबर 2026
- सीट अलॉटमेंट रिजल्ट- 11 सितंबर 2026
- रिपोर्टिंग और ज्वाइनिंग- 12 से 18 सितंबर 2026
- ज्वाइन करने वाले उम्मीदवारों का वेरिफिकेशन- 19 सितंबर 2026
NEET UG राउंड 2 के लिए ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
- सबसे पहले MCC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- NEET UG काउंसलिंग राउंड 2 के रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
- फिर मांगी गई जरूरी जानकारी दर्ज करें।
- आवेदन फॉर्म पूरा भरें और फीस का भुगतान करें।
- इसके बाद अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन करें।
- भरी गई च्वाइस को ध्यान से चेक करके सबमिट करें।
- निर्धारित समय सीमा के भीतर च्वाइस लॉक कर दें।
च्वाइस फिलिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान
बता दें कि उम्मीदवारों को कॉलेज और कोर्स चुनने से पहले राउंड 2 की सीट मैट्रिक्स अच्छी तरह से देख लें। इसके बाद अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का सिलेक्शन अपनी प्रायोरिटी से करें। इसके अलावा समय सीमा के भीतर च्वाइस लॉक भी कर लें।
अगर कोई उम्मीदवार च्वाइस लॉक नहीं करता है, तो च्वाइस लॉकिंग विंडो बंद होने के बाद उसकी च्वाइस अपने आप लॉक हो जाएगी। एक बार च्वाइस लॉकिंग की आखिरी तारीख खत्म हो जाने के बाद उम्मीदवार अपनी च्वाइस में बदलाव या उनका क्रम बदल नहीं सकेंगे। इसलिए लॉक करने से पहले सभी विकल्पों को अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है।
किन आधारों पर होगी सीट अलॉटमेंट
राउंड 2 में अंतिम सीट अलॉटमेंट उम्मीदवारों द्वारा भरी गई च्वाइस, उपलब्ध सीटों और काउंसलिंग के लिए लागू अन्य निर्धारित मानदंडों के आधार पर किया जाएगा। सीट अलॉट होने के बाद उम्मीदवारों को तय समय के भीतर संबंधित संस्थान में रिपोर्ट करके एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

