सरकार के दबाव में चीनी के दाम 20 फीसदी गिरे, खुदरा बाज़ार में भी आई कमी

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नई दिल्ली। देश में चीनी की कीमतों को लेकर आम लोगों के लिए राहत की खबर है। सरकार के मुताबिक, चीनी के एक्स-मिल यानी मिल से निकलने के बाद के दाम करीब 20 फीसदी तक घट चुके हैं। इसके साथ ही खुदरा बाजार में भी चीनी की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है। सरकार का कहना है कि सप्लाई चेन में कीमतों में बदलाव का असर आने वाले समय में खुदरा बाजार में भी पूरी तरह दिखाई देगा।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि सरकार देशभर में चीनी की कीमतों, स्टॉक और बाजार में इसकी आवाजाही पर लगातार नजर रख रही है। पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद हाल में कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई थी। सरकार के अनुसार, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से जमाखोरी और सट्टेबाजी की वजह से हुई थी।

स्टॉक जांच में नहीं मिली कोई कमी
सरकार ने देशभर की चीनी मिलों में उपलब्ध स्टॉक की भौतिक जांच के लिए अभियान चलाया। इस जांच से पता चला कि देश में चीनी की उपलब्धता आरामदायक स्थिति में है। कई मामलों में मिलों के पास सरकार को मासिक रिटर्न में घोषित स्टॉक से ज्यादा चीनी मिली।

सरकार ने कहा कि इस जांच से साफ हो गया है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है। ऐसे में लोगों को घबराकर ज्यादा चीनी खरीदने या जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करने की कोई जरूरत नहीं है।

सट्टेबाजी और शॉर्ट सेलिंग पर नकेल

  1. सरकार ने जांच में यह भी पाया कि कुछ चीनी मिलें शॉर्ट सेलिंग का सहारा ले रही थीं। इसका मतलब है कि मिलों ने उन्हें दिए गए मासिक कोटे के मुकाबले कम चीनी बाजार में बेची।
  2. सरकार के मुताबिक, पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद इस तरह की गतिविधियों से बाजार में उपलब्धता कृत्रिम रूप से कम हो सकती है और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
  3. कुछ मामलों में यह भी पाया गया कि महीने की शुरुआत में मिलों से चीनी बेच दी गई, लेकिन खरीदारों ने उसे उठाया या बाजार में भेजा महीने के आखिरी हिस्से में। सरकार के मुताबिक, इससे भी बाजार में कृत्रिम कमी जैसी स्थिति बनी।

सितंबर से बदलेगा चीनी का कोटा सिस्टम
बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सितंबर से 15 दिन के आधार पर चीनी आवंटन व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अभी मिलों के लिए मासिक कोटा सिस्टम लागू है।