मुख्य उपवन संरक्षक टी. मोहन राज एवं डीएफओ एस. मुथु ने किया आश्वस्त
कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्य उपवन संरक्षक टी. मोहन राज एवं डीएफओ एस. मुथु से भेंट कर कोटा के वाइल्ड लाइफ एवं पर्यटन स्थलों के विस्तार और विकास को लेकर चर्चा की।
फेडरेशन के सम्भागीय अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने अधिकारियों को बताया कि वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटकों के ग्रुप कोटा आ रहे हैं। कोटा के प्रमुख वाइल्ड लाइफ पर्यटन स्थल मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व एवं चंबल सफारी पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं।
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में लगातार बढ़ रही बुकिंग के कारण कई पर्यटकों को सफारी की बुकिंग नहीं मिल पा रही है। ऐसे में जिप्सी एवं कैंटर की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी शुरू की जानी चाहिए।
माहेश्वरी ने कहा कि मुकुंदरा में बाघों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित है। अतः यहां चार से पांच बाघ और लाए जाएं तथा धीरे-धीरे इसके अन्य प्रवेश द्वार भी पर्यटकों के लिए खोले जाएं।
उन्होंने कहा कि आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए चंबल सफारी को और अधिक आकर्षक एवं सुविधाजनक बनाया जाना आवश्यक है। किशोर सागर स्थित जेटी स्थल पर पर्यटकों के लिए छाया हेतु शेड, कैफेटेरिया एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। चंबल सफारी की प्रस्तावित रियायती दरों को शीघ्र लागू कर ऑनलाइन बुकिंग शुरू की जाए।
माहेश्वरी ने कहा कि वर्तमान में नावों की संख्या कम होने के कारण बड़े पर्यटक समूहों को एक साथ चंबल सफारी करवाने में परेशानी होती है। इसलिए नावों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ क्रूज संचालन की दिशा में भी प्रयास किए जाएं, ताकि किफायती दरों पर हाड़ौती की जनता एवं पर्यटक चंबल सफारी का आनंद ले सकें।
उन्होंने कहा कि कोटा के पास अभेड़ा महल एवं गडरिया महादेव जैसे अत्यंत सुंदर पर्यटन स्थल हैं, जिन्हें और अधिक विकसित किया जाना चाहिए। गडरिया महादेव पर कैफेटेरिया की सुविधा शुरू करने के साथ पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित कराई जाए। इसी प्रकार स्नेक पार्क को पूर्ण रूप से विकसित कर पर्यटकों के लिए खोला जाए, जिससे कोटा को पर्यटन का एक नया आकर्षण मिल सके।
माहेश्वरी ने कहा कि कोटा में चंबल रिवर फ्रंट, सिटी पार्क, गढ़ पैलेस, किशोर सागर तालाब, सेवन वंडर्स एवं मां त्रिकुटा मंदिर सहित अनेक पर्यटन स्थल मौजूद हैं। इन सभी स्थलों को जोड़कर बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए तीन दिवसीय कोटा पर्यटन पैकेज तैयार किया जा सकता है। इससे पर्यटक कोटा के विभिन्न पर्यटन स्थलों का समग्र रूप से आनंद ले सकेंगे और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि होगी।
मुख्य उपवन संरक्षक टी. मोहन राज एवं डीएफओ एस. मुथु ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वाइल्ड लाइफ पर्यटन स्थलों को और अधिक विकसित एवं आकर्षक बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
एक और बाघ मुकुंदरा में लाया जाएगा।
टी. मोहन राज ने बताया कि बरसात का सीजन समाप्त होते ही एक और बाघ मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में लाया जाएगा। विजिटर्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए दीपावली तक 7 और कैंटर एवं जिप्सी बढ़ाने की योजना है।
ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा जल्द ही
चंबल सफारी के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए ऑनलाइन बुकिंग के साथ-साथ प्रस्तावित रियायती दरों को लागू करने का प्रस्ताव जयपुर मुख्यालय को भेजा जा चुका है, जिसकी शीघ्र अनुमति मिलने की संभावना है। जिससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को आसानी से सफारी की बुकिंग मिल सके। उन्होंने बताया कि दौलतगंज की ओर से मुकुंदरा के लिए नया रास्ता खोलने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
बायोलॉजिकल पार्क में नए वन्यजीव लाएंगे
टी. मोहन राज ने बताया कि अभेड़ा महल को और अधिक विकसित करने के लिए वहां स्थित बायोलॉजिकल पार्क में नए वन्यजीव लाए जा रहे हैं। वहीं गडरिया महादेव को अधिक सुविधायुक्त बनाने तथा चंबल सफारी के जेटी स्थल को विकसित करने का कार्य भी चल रहा है।
पर्यटकों के लिए स्नेक पार्क खोला जाएगा
जेटी स्थल पर पर्यटकों के बैठने के लिए शेड, कैफेटेरिया एवं सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चंबल सफारी में नावों की संख्या बढ़ाने तथा क्रूज संचालन की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। वहीं स्नेक पार्क को पूर्ण रूप से विकसित कर पर्यटकों के लिए खोला जाएगा, जो कोटा के पर्यटन में एक नया आकर्षण साबित होगा।
वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों के साथ बैठक होगी
मुख्य उपवन संरक्षक ने कहा कि शीघ्र ही होटल फेडरेशन एवं वाइल्ड लाइफ से जुड़े विशेषज्ञों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कोटा के वाइल्ड लाइफ पर्यटन को और अधिक विकसित करने, पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने तथा नए पर्यटन अवसरों को विकसित करने पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

