Soybean crop: देश भर में सोयाबीन की फसल सामान्य से अच्छी, सोपा की रिपोर्ट

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इंदौर। Soybean crop: सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) ने 16 से 22 अगस्त 2026 के बीच महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक क्षेत्रों में फसल का मैदानी सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के लिए दो टीमों ने करीब 4,852 किलोमीटर की दूरी तय की।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खरीफ 2026 में देश में सोयाबीन की बुवाई 121.350 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले वर्ष यह क्षेत्रफल 123.461 लाख हेक्टेयर था।

SOPA के अनुसार वास्तविक क्षेत्रफल करीब 117.941 लाख हेक्टेयर है। इसमें महाराष्ट्र में अंतरवर्तीय फसल और कुछ किसानों द्वारा अधिक क्षेत्रफल बताए जाने का असर शामिल है।

SOPA की सर्वेक्षण टीमों के अनुसार, तीनों प्रमुख उत्पादक राज्यों में सोयाबीन की फसल सामान्य से अच्छी स्थिति में है। अधिकांश क्षेत्रों में फसल की वनस्पतिक वृद्धि अच्छी रही है और फसल संतोषजनक गति से आगे बढ़ रही है। फसल का एक बड़ा हिस्सा अब फूल आने और फलियां बनने की अवस्था में पहुंच गया है।

सर्वेक्षण के दौरान खरपतवार, कीट या रोग का कोई व्यापक या गंभीर प्रकोप नहीं मिला। हालांकि, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में देर से बुवाई, नमी की कमी, लंबे समय तक बादल/कोहरे जैसी स्थिति और येलो मोजेक के हल्के लक्षण देखने को मिले।

कुल मिलाकर, मौजूदा मैदानी परिस्थितियों को देखते हुए खरीफ 2026 सोयाबीन फसल का परिदृश्य अनुकूल बना हुआ है। हालांकि, आने वाले सप्ताहों में समय पर पर्याप्त बारिश महत्वपूर्ण होगी, खासकर देर से बोई गई और नमी की कमी वाले क्षेत्रों के लिए।