नई दिल्ली। E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रित) को लेकर किए गए लोकल सर्कल्स के सर्वे में बड़ी संख्या में पेट्रोल गाड़ी मालिकों ने इसकी मौजूदा व्यवस्था पर नाराजगी जताई है।
सर्वे के अनुसार, 53% पेट्रोल गाड़ी मालिकों ने सड़क परिवहन और पेट्रोलियम मंत्रालय की E20 पेट्रोल लागू करने की प्रक्रिया को बेहद खराब या अप्रभावी बताया है। इनमें 42% ने इसे बेहद खराब करार दिया, जबकि केवल 13% लोगों ने ही इसकी व्यवस्था को सकारात्मक बताया।
यह सर्वे जून 2026 में देश के 316 जिलों के 22,567 पेट्रोल गाड़ी मालिकों के बीच किया गया। सर्वे के मुताबिक, 66% ने माइलेज 10% से अधिक घटने की बात कही।
22,567 लोगों ने हिस्सा लिया सर्वे में
- 42% लोगों ने E20 रोलआउट खराब को बेहद रेटिंग दी
- 5% ने इसे बहुत अप्रभावी बताया 6% ने इसे काफी अप्रभावी माना
- 19% लोगों ने सरकार की व्यवस्था को औसत बताया
- 66% प्री-2023 गाड़ी मालिकों ने बताया कि E20 से माइलेज 10% से अधिक घटा
- 45% प्री-2023 गाड़ी मालिकों ने मरम्मत बढ़ने की शिकायत की
- 31% गाड़ी मालिको ने कहा, उन्हें मिले EO या EIO पेट्रोल का विकल्प
वहीं तेजी से लागू हो रहे E20 (20% एथेनॉल मिश्रित) ईंधन ने देश के फ्यूल मार्केट में एक नया ट्रेंड पैदा कर दिया है। सामान्य पेट्रोल की तुलना में भारी-भरकम कीमत होने के बावजूद, देश के कई हिस्सों में 160 रुपये प्रति लीटर बिकने वाले प्रीमियम पेट्रोल की मांग में अचानक तेजी देखी जा रही है।
प्रीमियम पेट्रोल की ओर बढ़ रहा वाहन चालकों का रुख
इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार वाहन चालकों के बीच यह डर घर कर गया है कि नया E20 पेट्रोल उनके वाहनों के माइलेज को कम कर सकता है और इंजन को लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है। इसी डर के चलते लोग अब महंगे, हाई-ऑक्टेन विकल्प की ओर भाग रहे हैं। हालांकि, ग्राहकों की जेब पर 160 रुपये का भारी बोझ डालने वाला यह ईंधन बाजार में हर जगह उपलब्ध नहीं है। कम बिक्री और हाई इन्वेस्टमेंट के कारण पेट्रोल पंप डीलर इसे अपने यहां स्टॉक करने से बच रहे हैं।

