आध्यात्म से जुड़े परिवार ही होते हैं वास्तव में सुखी: स्वस्ती भूषण माताजी
कोटा। तलवंडी स्थित जैन मंदिर में विराजमान गणिनी आर्यिका स्वस्ती भूषण माताजी के सान्निध्य में आयोजित ‘स्मार्ट परिवार कार्यशाला’ में आध्यात्म, पारिवारिक मूल्यों, बाल संस्कार और मानसिक स्वास्थ्य पर विस्तृत मंथन हुआ।
माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि परिवार का सुख उसके आकार से नहीं, बल्कि उसके आध्यात्मिक संस्कारों से तय होता है। छोटा या बड़ा परिवार खुशहाली की पहचान नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक वातावरण वाला परिवार ही वास्तविक अर्थों में सुखी और समृद्ध होता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण व्यक्ति संयुक्त परिवारों और आध्यात्मिक जीवन से दूर होता जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि समाज में अवसाद, चिंता (एंग्जायटी), तनाव और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
आज का अधिकांश समय मोबाइल पर व्यतीत हो रहा है, जहां सही और गलत दोनों प्रकार की सामग्री उपलब्ध है, जबकि धर्मग्रंथ और शास्त्र केवल सत्य, सकारात्मकता और जीवन के शाश्वत मूल्यों का मार्गदर्शन करते हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार खिलौने खरीदने के लिए खिलौनों की दुकान और वस्त्र खरीदने के लिए कपड़ों की दुकान पर जाते हैं, उसी प्रकार मन की शांति और आत्मिक संतुलन के लिए मंदिरों एवं आध्यात्मिक स्थलों की ओर लौटना आवश्यक है।
आर्यिका माताजी ने कहा कि आज ‘स्मार्ट’ होने की परिभाषा केवल बाहरी व्यक्तित्व तक सीमित होकर रह गई है। आधुनिक पहनावा, बड़ा मोबाइल, आकर्षक व्यक्तित्व अथवा सिक्स पैक शरीर किसी व्यक्ति को स्मार्ट नहीं बनाते।
वास्तविक स्मार्ट वही है, जिसमें सही निर्णय लेने की क्षमता, विवेक, ज्ञान, व्यवहार-कुशलता और जीवन मूल्यों की समझ हो। यही गुण व्यक्ति को जीवनभर सफलता और सम्मान दिलाते हैं।
उन्होंने रविवार को आयोजित स्मार्ट परिवार कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाएं परिवारों को संवाद, संस्कार और आत्मविश्वास से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
मंदिर समिति अध्यक्ष अशोक पहड़िया ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों से लेकर अभिभावकों तक सभी आयु वर्गों को जीवन प्रबंधन, संस्कार और पारिवारिक समरसता के व्यावहारिक सूत्र प्रदान करना है। कार्यशाला के संचालन की जिम्मेदारी नरेश जैन वेद, पारस सोगानी, अनिल ठोरा एवं राजकुमार लुहाड़िया ने संभाली। प्रातः 7:30 बजे से सायं 4 बजे तक विभिन्न आयु वर्गों के लिए अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए।
कार्यशाला में जेएनयू, नई दिल्ली के प्रोफेसर एवं मोटिवेशनल स्पीकर प्रो. अनिकेत कुमार जैन, भारतीय विद्या परिषद की डॉ. नील प्रभा नाहर तथा सामाजिक कार्यकर्ता, बीजेएस (महिला एवं युवा प्रकोष्ठ) की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं स्मार्ट गर्ल ट्रेनर अनिता जैन ने विशेषज्ञ सत्रों को संबोधित किया। सत्रों का विभाजन 12-15 वर्ष, 15-18 वर्ष एवं वयस्क वर्ग के अनुसार किया गया।
प्रो. अनिकेत कुमार जैन ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में केवल यह तय करना पर्याप्त नहीं है कि क्या बनना है, बल्कि यह अधिक महत्वपूर्ण है कि क्या करना है। उन्होंने मस्तिष्क की कार्यक्षमता, मानसिक संतुलन, अनेकांतवाद, स्याद्वाद, सहनशीलता और चरित्र निर्माण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि शरीर की सीमाओं के बावजूद व्यक्ति आगे बढ़ सकता है, लेकिन यदि विचार और मस्तिष्क कमजोर पड़ जाएं तो जीवन की दिशा बदल जाती है। उन्होंने बच्चों के साथ एंग्जायटी, तनाव, डिप्रेशन, आत्मविश्वास, भावनात्मक संतुलन और चरित्र निर्माण पर खुला संवाद भी किया।
डॉ. नील प्रभा नाहर ने अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद की नई पद्धति समझाते हुए कहा कि माता-पिता बच्चों से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की खबरों पर उनकी राय जानें, ताकि उनकी सोच और दृष्टिकोण को समझा जा सके।
उन्होंने कहा कि यदि बच्चे गुस्से में अनुचित व्यवहार करते हैं तो उसके पीछे परिवार का व्यवहार भी जिम्मेदार हो सकता है। यदि माता-पिता बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखना चाहते हैं तो उन्हें स्वयं भी मोबाइल का सीमित उपयोग करना होगा।
उन्होंने बच्चों को संस्कारों का सुरक्षा कवच प्रदान करने तथा पंचकोशीय व्यक्तित्व विकास पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऊंची उड़ान भरने की स्वतंत्रता दें, लेकिन संस्कारों की डोर से जोड़े रखें।
रिश्तों में समझौते से अधिक आपसी समझ, सामंजस्य और संतुलन आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में प्री-वेडिंग शूट पर जितना ध्यान दिया जाता है, उतना प्री-वेडिंग काउंसिलिंग पर नहीं दिया जाता, जबकि स्वस्थ वैवाहिक जीवन के लिए यह अत्यंत आवश्यक है।
अनिता जैन ने छोटे बच्चों के लिए आयोजित ‘स्मार्ट कक्षा’ में उनकी मानसिकता, व्यवहार, व्यक्तित्व विकास और सकारात्मक सोच के निर्माण पर संवादात्मक सत्र लिया तथा अभिभावकों को बाल मनोविज्ञान के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
प्रचार संयोजक राजकुमार लुहाड़िया ने बताया कि कार्यशाला के आयोजन में महावीर युवा मंडल विज्ञान नगर एवं युवा शक्ति तलवंडी का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन मड़िया, अध्यक्ष प्रकाश बज, परम संरक्षक विमल नांता, विनोद टोरडी, राजमल पाटौदी, महामंत्री पदम बड़ला, मनोज जैसवाल, राजेश बरमूंडा, मनोज पाटनी, अशोक पहाड़िया,राजेश मंगलमय, राकेश पाटौदी, रविन्द्र लुहाड़िया, यथार्थ जैन सहित सकल जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

