Wednesday, July 8, 2026
Home Blog Page 5744

22 की हड़ताल के समर्थन में बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन किया

आईबीए एवं यूनियनों के मध्य हड़ताल टालने हेतु बुलाई बैठक भी बेनतीजा समाप्त

कोटा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा 22अगस्त को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के क्रम में बुधवार को बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों ने यूको बैंक रामपुरा बाजार शाखा के सामने प्रदर्शन किया।

बैंक कर्मियों ने सरकार द्वारा जन विरोधी बैंकिंग सुधार लागू करने, कॉर्पोरेट घरानों क एनपीए माफ करने तथा अनावश्यक बैंक प्रभार बढ़ाने के विरोध में नारेबाजी की। बैंक कर्मी राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजी करण एवं विलय न करने बैंक बोर्ड ब्यूरो भँग करने,नई भर्ती करने,कर्मचारी एवं अधिकारियों के मुद्दे तुरंत हल करने की मांग के समर्थन में भी नारे लगा रहे थे।

बुधवार को दोपहर बाद आईबीए एवं यूनियनों के मध्य हड़ताल टालने हेतु बुलाई बैठक भी बेनतीजा समाप्त हो गई।  18 अगस्त को केंद्रीय श्रमायुक्त ने भी दोनों पक्षों को बुलाया है। प्रदर्शन में बैंक कर्मी एवं अधिकारी नेताओं ललित गुप्ता, वी पी जोशी, सुरेश खंडेलवाल, गजानंद मीना, पदम पाटोदी, संजीव झा, रमेश सिंह, अनिल ऐरन, देवनारायण,डी के गुप्ता, डी एस साहू, हेमराज सिंह गौड़, आरबी मालव, मुरली गुप्ता आदि ने अपने संबोधन में 22 अगस्त की हड़ताल को सफल बनाने का आव्हान किया ।

चुपचाप ग्राहकों की जेब काट रहीं तेल कंपनियां

तेल कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल के दाम पिछले डेढ़ महीने में पांच रुपये तक बढ़ा दिए हैं।

नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं डेढ़ महीने में पेट्रोल, डीजल की कीमत बढ़ने से आपकी जेब पर कितना असर पड़ा है? नहीं, क्योंकि शायद आप ये भी नहीं जानते होंगे कि तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमत में कितना इजाफा कर दिया है?

जी हां, तेल कंपनियां पिछले कुछ समय से चुपचाप ग्राहकों की जेब पर वार कर रही हैं और पेट्रोल, डीजल के दाम पिछले डेढ़ महीने में पांच रुपये तक बढ़ा दिए हैं। खास बात ये है कि पहले जहां तेल के दाम दो-तीन रुपये बढ़ने पर हल्ला मच जाता था वहीं तेल कंपनियों के इस कारनामे पर किसी को कानो कान खबर नहीं हुई। 

पिछले एक महीने में तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में 12 फीसदी का इजाफा कर दिया है। केंद्र सरकार के रोज तेल कीमतों में बदलाव को हरी झंडी देने के निर्णय के बाद तेल कंपनियां चुपचाप कीमतों में वृद्धि करने में लगी हैं।

मोदी सरकार के इस कदम का न तो कोई विरोध कर रहा है, न ही इस पर किसी तरह की कोई चर्चा देखने या फिर सुनने को मिली है। तेल कंपनियों ने 16 जून से पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना बदलने की घोषणा की थी। जिसके बाद से शुरुआती एकआध मौके को छोड़कर तेल की कीमतों में लगातार इजाफा ही हुआ है।

शुरुआत के दिनों में गिरे थे पेट्रोल-डीजल के दाम
16 जून से तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम बदलने की घोषणा की थी। शुरू के एक महीने तक पेट्रोल-डीजल के दामों में रोजाना कुछ पैसों की कमी होने लगी थी, जिससे ग्राहकों को फायदा हुआ।

हालांकि पिछले एक महीने (15 जुलाई से 15 अगस्त) के बीच रोजाना पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। दिल्ली में पेट्रोल के दाम 15 अगस्त को 68 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए थे, जो कि 25 जून को 63.71 रुपये प्रति लीटर था। इस हिसाब से अकेले दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो गया है। 

वहीं अगर डीजल की बात करें तो दिल्ली में यह 25 जून को 53.61 रुपये प्रति लीटर था, जो कि बढ़कर के 15 अगस्त को 57.30 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस हिसाब से इसमें करीब चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। 

2019 तक पूर्णत: एलईडी इस्तेमाल करने वाला भारत पहला देश होगा

एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट तथा पंखे बेचने के लिए तेल विपणन कंपनियों से इस मौके पर करार किया।

नयी दिल्ली। भारत संभवत: 2019 तक सभी लाइटिंग जरूरतों के लिए एलईडी का इस्तेमाल करने वाला पहला देश बन जाएगा और इससे सालाना 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पियुष गोयल ने आज एक कार्यक््रुम में यह बात कही। सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी एफिसिएंशी सर्वसिेज लिमिटेड ने देश भर में 54500 पेट्रोल पंपों पर अपने एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट तथा पंखे बेचने के लिए तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से इस मौके पर करार किया। गोयल ने कहा, इस प्रयास से हमें मदद मिलेगी।

भारत 2019 तक संभवत: एकमात्र ऐसा देश बन जाएगा जो सभी लाइटिंग जरूरतों के लिए एलईडी का इस्तेमाल करेगा। यह संदेश होगा कि भारत बड़े वादे करने की बजाय काम करने में यकीन रखता है।

इस मौके पर केंद्रीय तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर जल्दी ही सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आम सेवा केंद्र शुरू किये जाएंगे। इन केंद्रों में आधार निबंधन और अद्दतन तथा बिजली और फोन बिलों के भुगतान जैसी आधारभूत ऑनलाइन सेवाएं एक ही जगह पर मुहैया करायी जाएंगी।

विदेश में रिलीज होने वाली पहली राजस्थानी फिल्म, देखिए वीडियो

फिल्म “बद्रीनाथ की दुल्हनिया “के बाद से कोटा की खूबसूरत लोकेशन की चर्चा बॉलीवुड में 

पत्रकार वार्ता – राजस्थान की संस्कृति बहुत समृद्ध है, किन्तु राजस्थान फिल्मों के लिहाज से साऊथ और अन्य राज्यों के मुकाबले बहुत पीछे है: सुरेंद्रपाल

कोटा। फिल्म ” बद्रीनाथ की दुल्हनिया ” के बाद से कोटा की खूबसूरती का चर्चे बॉलीवुड में अब खूब होने लगे हैं। हाल ही में नई राजस्थानी फिल्म “नानी बाई रो मायरो”  के कोटा में रिलीज होने से कुछ पहले कोटा आये फिल्म अभिनेता सुरेंद्रपाल एवं महाभारत के द्रोणाचार्य ने भी यहाँ की खूबसूरत लोकेशन की तारीफ की।

उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि राजस्थान की संस्कृति बहुत समृद्ध है, किन्तु राजस्थान फिल्मों के लिहाज से साऊथ और अन्य राज्यों के मुकाबले बहुत पीछे है। निर्माता राजेंद्र गुप्ता ने इस दिशा में सराहनीय प्रयास किये हैं। उनकी यह फिल्म :नानी बाई रो मायरो” यहाँ के दर्शकों को पसंद आएगी।

गुप्ता ने कहा कि यह पहली राजस्थानी फिल्म है जो विदेश में रिलीज हुई है। कोटा के दर्शकों के लिए यह फिल्म 18 अगस्त से एक सिनेमाघर में लगाई जा रही है।  फिल्म के बारे में अधिक जानकारी के लिए निर्माता – निर्देशक राजेंद्र गुप्ता की पत्रकार वार्ता का यह वीडियो जरूर देखिए. .

सेंसेक्स 322 अंक बढ़कर 31771 पर बंद

नई दिल्ली। बुधवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला और बंद भी हुआ। सेंसेक्स में जहां करीब 322 पॉइंट की बढ़त दर्ज हुई वहीं निफ्टी करीब 103 पॉइंट बढ़त के साथ बंद हुआ।

कारोबार बंद होने पर सेंसेक्स करीब 31771 और निफ्टी 9897 पॉइंट पर रहा। मेटल, फॉर्मा, ऑटो और एफएमसीजी के अच्छे कारोबार की वजह से सेंसेक्स और निफ्टी दिन में क्रमशः 31806 और 9904 पॉइंट तक पहुंचे।

निफ्टी में टेक महिंद्रा, सिप्ला, टाटा मोटर्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, टाटा पावर, सन फार्मा, आईटीसी, वेदांता, हिंदुस्तान लीवर, हिंडाल्को और इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस ने अच्छा मुनाफा कमाया।

इन सबने 2 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की। हालांकि पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, यस बैंक, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, ल्यूपिन और लारसन ऐंड टूब्रो को झटका लगा।

रिलायंस पर लगाया 1700 करोड़ का जुर्माना

सरकार ने लक्ष्य से कम नेचुरल गैस का उत्पादन करने पर लगाया जुर्माना 

नई दिल्ली। सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और उसके साझेदारों पर 264 मिलियन (करीब 1700 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है। सरकार ने यह जुर्माना वर्ष 2015-16 में पूर्वी ऑफश्योर केजी (कृष्णा-गोदावरी बेसिन के फील्ड) डी6 से लक्ष्य से कम नेचुरल गैस का उत्पादन करने पर लगाया है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि कंपनी पर कुल जुर्माना, जो कि अप्रैल 2010 से छह वर्ष में इस परियोजना में उत्पादन लक्ष्य से पीछे रहने के कारण, 3.02 अरब डॉलर का लगाया जा चुका है।

प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट (पीएससी) आरआईएल और उसके साझेदारों ब्रिटिश कंपनी बीपी और कनाडा की निको रिसोर्सेज को सरकार के साथ लाभ साझा करने से पहले गैस की बिक्री से हुई कमाई और परिचालन खर्चे डिडक्ट करने की अनुमति देता है।

इस परिेयोजना का विकास और परिचालन वसूलने पर रोक से उत्पादन लाभ में सरकार का हिस्सा बढ़ेगा। अधिकारी ने बताया है कि सरकार ने दावा किया है कि परियोजना विकास और परिचालन वसूलने पर रोक से उसे 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त लाभ हुआ है।

इस परियोजना के धीरूभाई अंबानी-1 और 3 गैस फील्ड में दैनिक 8 करोड़ क्यूबिक मीटर के उत्पादन के लक्ष्य से साथ परियोजना खर्च की मंजूरी दी गई थी।

शुद्ध गोल्ड के निर्यात पर सरकार ने लगाई रोक

नई दिल्ली । भारत ने ट्रेड में हो रही अनियमितओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से गोल्ड प्रोडक्ट्स, जिनकी शुद्धता 22 कैरेट से ऊपर है, के निर्यात को तुरंत प्रभाव से बैन कर दिया है। डाइरेक्टरट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने एक नोटिस जारी किया है जिसमें 22 कैरेट से ऊपर की गोल्ड ज्वैलरी, कॉइन या मैडेलियन (पदक) के शिपमेंट को बैन कर दिया है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के ज्वाइंट सेक्रेटरी केतन श्रॉफ ने कहा, “सरकार ने यह फैसला सोने के ट्रेड में अनियमितओं को कम करने के लिए लिया है।  कुछ ट्रेडर्स भारत के कुछ देशों के साथ हुए व्यापार समझौते के आधार पर सोने का आयात कम टैक्स पर करते थे।

इसके बाद इस सोने को दूसरे देशों को एक्सपोर्ट कर देते थे। इसी तरह गहनों और सिक्कों की राउंड ट्रिपिंग गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।”  उन्होंने यह भी बताया कि इससे निर्यातकों को फायदा होगा। उन्हें मौजूदा गोल्ड पर लगने वाला 10 फीसद इंपोर्ट टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

माना जा रहा है कि सोने का भारतीय आयात बीते वर्ष की तुलना से दोगुना हो गया है। इसकी एक वजह दक्षिण कोरिया से सोने की खरीद में आई तेजी भी है।  भारत और दक्षिण कोरिया के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है। मार्च में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में गोल्ड मैडेलियन और कॉइन देश के कुल गेम्स एंड ज्वैलरी के निर्यात का 15 फीसद हिस्सा था।

एनसीडीईएक्स के MD शाह का कार्यकाल बढ़ाने की मंजूरी

0

नयी दिल्ली। बाजार नियामक सेबी ने एनसीडीईएक्स के सीईओ तथा प्रबंध निदेशक समीर शाह का कार्यकाल छह महीने बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस बीच, जिंस बाजार से नये उम्मीदवार के चयन के लिये विग्यापन जारी किया है।

शाह को 2013 में पूर्व वायदा बाजार आयोग एफएमसी के नियामकीय मसौदे के तहत तीन साल के लिये 2016 में किया गया। बाद में उनका कार्यकाल 20 अगस्त 2017 तक के लिये बढ़ा दिया गया।

शाह ने कहा, सेबी ने दो साल के बजाए केवल छह महीने के लिये कार्यकाल बढ़ाया है क्योंकि नियामक चाहता है कि बोर्ड सेबी की मंजूरी वाली पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिये मेरी नियुक्ति को मंजूरी दे।

बोर्ड ने पिछले साल शाह का कार्यकाल तीन साल के लिये बढ़ाया था। हालांकि अरंडी वायदा मामले में संदिग्ध गड़बड़ी के कारण एनसीडीईएक्स के निदेशक मंडल ने शेष दो साल के कार्यकाल पर शर्त लगा दी थी।

शाह ने कहा, अरंडी मामला अब सुलझा गया है। अगर बोर्ड चयन करता है तो सेबी शेष दो साल के लिये मंजूरी देने में खुश होगा। इस बीच, एनसीडीईएक्स ने नये प्रबंध निदेशक, सीईओ के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 28 अगस्त तक उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गये हैं। शाह इसमें आवेदन कर सकते हैं।

बढ़ सकती है खुदरा, थोक मुद्रास्फीति : मोर्गन

नयी दिल्ली। खुदरा एवं थोक मुद्रास्फीति में जुलाई माह में वृद्धि हुई और आने वाले महीनों में इसमें वृद्धि बनी रह सकती है। इससे आगे मौद्रिक नीति में नरमी की गुंजाइश सीमित है। मार्गन स्टेनले ने एक रिपोर्ट में यह कहा।

वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी के अनुसार खुदरा एवं थोक मुद्रास्फीति जून में नरमी रही और आने वाले महीनों में इसमें वृद्धि की संभावना है। उल्लेखनीय है कि थोक मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 1.88 प्रतिशत हो गयी जो जून 2017 में 0.90 प्रतिशत थी।

मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं खासकर सब्जियों के दाम बढ़ने से मुद्रास्फीति में तेजी आयी। चीनी और कनफेक्शनरी पदार्थों, पान, तंबाकू आदि के दाम बढ़ने से खुदरा मुद्रास्फीति भी आलोच्य महीने में बढ़कर 2.36 प्रतिशत हो गयी।

मोर्गन स्टेनले ने एक शोध रिपोर्ट में कहा, हमारा अनुमान है कि अगस्त में खुदरा मूल्य सूचकांक और थोक मूल्य सूचकांक अधारित मुद्रास्फीति अगस्त में बढ़कर क्रमशः  3.0 प्रतिशत और 2.1 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है।

खाद्य पदार्थों की कीमतों तथा वैश्विक जिंसों के दाम की प्रवृत्ति को देखते हुए यह अनुमान लगाया गया है। रिजर्व बैंक इस महीने की शुरूआत में मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद मुद्रास्फीति दबाव के कमजोर बने रहने की उम्मीद में नीतिगत दरों में कटौती को लेकर चर्चा जारी है।

मुद्रास्फीति के कम होने से केंद्रीय बैंक के पास नीतिगत दर में कटौती की गुंजाइश बनती है। हालांकि मोर्गन स्टेनले ने कहा कि मुद्रास्फीति के धीरे-धीरे 4 प्रतिशत के लक्ष्य की ओर बढ़ने की आशंका है, ऐसे में रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती की संभावना कम है।

एटीएम की जगह ले रही है नई टेक्नोलॉजी

0

कभी बैंकिंग उद्योग का महत्वपूर्ण घटक माने जाने वाले एटीएम अब मार्जिन नहीं होने से बंद हो रहे हैं।

मुंबई। कभी उदारीकरण का चेहरा रहे एटीएम की संख्या लगातार कम होती जा रही है। बीते पांच सालों में जहां एटीएम लगाने की संख्या तेजी से बढ़ रही थी, वहीं बीते छह महीने में इसमें कोई वृद्धि नहीं देखी जा रही है।

जहां साल 2012-13 में देश में 1.1 लाख एटीएम थे, वहीं साल 2016-17 में इनकी संख्या 2.2 लाख तक पहुंच गई थी। हिताची पेमेंट सर्विस भारत में मनी स्पॉट के नाम से ऑपरेट करती है और देश में कैश निकालने के काम आती है।

कई सालों से इस सर्विस में रहने के बावजूद पिछले एक साल में इसके आधे से अधिक यानी करीब 700 मनी स्पॉट आउटलेट्स बंद हो गए हैं। ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) का बिजनेस संकट में है। कभी बैंकिंग उद्योग का महत्वपूर्ण घटक माने जाने वाले एटीएम अब मार्जिन नहीं होने से बंद हो रहे हैं।

एचडीएफसी बैंक के चीफ एक्जिक्यूटिव आदित्य पुरी के अनुसार जैसे-जैसे हम डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ते हैं, हम एटीएम से होने वाले लेन-देन में कमी देखते हैं। शुरुआती दिनों में एटीएम के जरिये एचडीएफसी बैंक ग्राहकों को अधिक संख्या में खुद से जोड़कर सबसे मूल्यवान बैंक बन गया था।

एटीएम की संख्या साल 2012 में करीब एक लाख थी, जो साल 2015 तक दोगुनी होकर करीब 2 लाख तक पहुंच गई। मगर, पिछले छह महीनों में इसमें कोई वृद्धि नहीं देखी गई है। एटीएम से डेबिट कार्ड लेन-देन की संख्या 75 करोड़ प्रतिमाह से गिरकर 66 करोड़ लेनदेन प्रतिमाह तक पहुंच गई है।

एटीएम लगाने वाले आठ वाइट लेबल ऑपरेटर्स (गैर-बैंकिंग संस्थान) में से महज तीन ही उचित संख्या में मशीनों को स्थापित किया है, जो करीब 10,000 के आस-पास हैं। उन में सक्रिय कई एटीएम घाटे का सौदा बन रहे हैं। सबसे बड़ी चुनौती पेमेंट्स और स्मार्टफोन्स के टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट्स की वजह से मिल रही है।

इसके अलावा रेगुलेटरी इश्यू भी एटीएम के लिए घातक साबित हो रहे हैं। नोटबंदी के फैसले के बाद से ज्यादातर यूजर्स डिजिटल ट्रांजेक्शन्स कर रहे हैं। ऐक्सिस बैंक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजीव आनंद ने बताया कि मोबाइल फोन पर होने वाला लेन-देन, अब एटीएम से होने वाले लेन-देने से अधिक हो गया है।