Monday, June 29, 2026
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आयात से देसी प्याज के दाम 50% तक गिरे

थोक बाजार में 25 रुपये किलो बिकने वाले प्याज के दाम गिरकर 8 से 20 रुपये तक पहुंच गए

मुंबई। महज दो सप्ताह पहले तक महंगा प्याज लोगों को रुला रहा था। प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार ने आयात का सहारा लिया। आयातित प्याज की आवक शुरू होते ही इसके दाम तेजी से गिरने शुरू हो गए।

थोक बाजार में 25 रुपये किलो बिकने वाले प्याज के दाम गिरकर 8 से 20 रुपये तक पहुंच गए। मुंबई के खुदरा बाजार में 50 से 60 रुपये किलो बिकने वाले प्याज के दाम अब गिरकर 20-25 रुपये और दिल्ली में दाम घटकर 30 से 35 रुपये किलो रह गए हैं।
 
प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने प्याज के आयात को जो हरी झंडी दिखाई थी, इसके परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। निजी कारोबारियों ने मिस्र से 2,500 टन प्याज का आयात किया है, जो घरेलू बाजार में पहुंचना शुरू हो गया।

इसके  बाद भी जरूरत पडऩे पर प्याज का और आयात करने की अनुमति दी जाएगी। प्याज की पहली खेप 2,500 टन मुंबई पहुंच चुकी है और प्याज की दूसरी खेप 9,000 टन जल्द ही पहुंच जाएगी।

सरकार ने निजी कारोबारियों से कहा है कि जरूरत पडऩे पर पड़ोसी देशों से प्याज का और आयात कर सकते हैं। घरेलू बाजार में विदेशी प्याज की आवक की खबर से प्याज के दाम टूटने लगे हैं। एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी में इसके दाम गिरकर 18 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए।

लासलगांव मंडी में सोमवार को प्याज की न्यूनतम कीमत 800 रुपये और अधिकतम कीमत 2,003 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई। मंडी समिति के लोगों का कहना है कि बारिश थमने के साथ ही आपूर्ति में इजाफा होने से कीमतें गिरी हैं। 
 
थोक बाजार में दाम गिरने का असर खुदरा बाजार पर भी पड़ा। महज दो सप्ताह पहले मुंबई में 50 से 60 रुपये किलो बिकने वाले प्याज के दाम गिरकर 20 से 25 रुपये क्विंटल तक पहुंच गए। दिल्ली में प्याज 30-35 रुपये प्रति किलो बिक रहा। 

खान विभाग के कार्यों को ऑनलाइन किया जाएगा

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समस्त खनन पट्टों को 10 अक्टूबर 2017 से ई-रवन्ना सिस्टम चालू किया जायेगा, जिसके पश्चात् सभी खनन पट्टों से खनिज ई-रवन्नाओं से निर्गमित किया जायेगा तथा मेन्युअल रवन्ना पूर्णतया बंद कर दी जायेगी 

जयपुर। खान राज्य मंत्री सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी ने कहा कि विभाग के कार्यों को पूरी तरह से ऑनलाइन किया जा रहा है इसके तहत राज्य में समस्त खनन पट्टों को 10 अक्टूबर 2017 से ई-रवन्ना सिस्टम चालू किया जायेगा, जिसके पश्चात् सभी खनन पट्टों से खनिज ई-रवन्नाओं से निर्गमित किया जायेगा तथा मेन्युअल रवन्ना पूर्णतया बंद कर दी जायेगी। टीटी सोमवार को यहां विधायक सलाहकार समिति एवं खान एवं भू-विज्ञान विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होेंने कहा कि खनन क्षेत्रों में तुलायंत्रों को ऑथोराइजेशन का कार्य आगामी पन्द्रह दिवस में किया जायेगा। तुलायंत्र पर वाहनों का वजन रीयल टाईम बेसिस पर किया जायेगा, इसके लिए प्रत्येक जिले में पट्टेधारियों व अन्य संबंधितों को प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा अनुसार राज्य में इस वर्ष अप्रधान खनिज के 1000 प्लॉट तैयार कर ई-ऑक्शन किया जायेेगा। अब तक 180 प्लॉट नोटिफाइड किये जा चुके हैं, शेष 300 प्लॉट आगामी एक माह में तैयार कर लिये जायेगे। माह सितम्बर अंत तक मिनरल इन्क्लुजन के बकाया प्रकरण तथा लीज ट्रांसफर के बकाया प्रकरणों को निल कर दिया जावेगा।

उन्होंने ने बताया कि ई-रवन्ना जारी करने से विभाग में पट्टेधारियों को सुविधा होगी तथा अवैध खनन/निर्गमन पर अंकुश लगेगा, साथ ही विभाग की आय में वृद्धि होगी। टी.टी. ने कहा कि विभाग को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति सिस्टम को लागू किया जायेगा। 

उन्होेंने बताया कि विभाग को कम्प्युटराइज्ड किया जाकर आम जनता/पट्टेधारियों को सुविधा प्रदान की जायेगी। साथ ही विभागीय राजस्व लक्ष्यों को पूर्ण किया जायेगा। बैठक में विभागीय आय-लक्ष्य प्राप्ति, पुरानी एवं चालू बकाया वसूली, अप्रधान खनिज के सेव्ड़ प्रकरण, ई-ऑक्शन से खनन पट्टों की नीलामी, रॉयल्टी असेसमेंट एवं अवैध खनन आदि बिन्दुओं पर विस्तार से जिलेवार समीक्षा की गई।

जीएसटी रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख अब 10 तक बढ़ी

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अब जुलाई के लिये बिक्री रिटर्न या जीएसटीआर-1, 10 सितंबर तक और  जीएसटीआर-2 को 25 सितंबर तक भरा जा सकेगा।

नयी दिल्ली। कंपनियों के पास जीएसटी रिटर्न भरने के लिये अब और समय होगा। सरकार ने जुलाई और अगस्त के लिये बिक्री और खरीद आंकड़े फाइल करने के साथ-साथ कर के भुगतान के लिये अंतिम तारीख आज बढ़ा दी।

अब जुलाई के लिये बिक्री रिटर्न या जीएसटीआर-1, 10 सितंबर तक भरा जा सकेगा। पहले यह समय सीमा पांच सितंबर थी। वहीं खरीद रिटर्न या जीएसटीआर-2 को 25 सितंबर तक भरा जा सकेगा। पहले यह सीमा 10 सितंबर थी।

जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-2 का मिलान जीएसटीआर-3 के साथ 30 सितंबर तक भरना होगा। पहले इसके लिये अंतिम तारीख 15 सितंबर थी।

सरकार ने ट्विटर के जरिये दी जानकारी में कहा, जीएसटी क्रियान्वयन समिति (जीआईसी) ने जीएसटीआर-1, जीएसटी-2 और जीएसटीआर-3 भरने की तारीख बढ़ाकर क्रमशः: 10, 25, और 30 सितंबर 2017 कर दी है।

अगस्त के संदर्भ में जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 भरने की समय सीमा बढ़ाकर पांच अक्तूबर, 10 अक्तूबर और 15 अक्तूबर कर दी गयी है। पहले यह समय सीमा क्रमशः 20 सितंबर, 25 सितंबर और 30 सितंबर थी।

उद्योग कई इनवायस अपलोड करने के मद्देनजर अंतिम जीएसटी रिटर्न भरने की समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रहा था। सरकार जल्दी ही रिटर्न फाइल करने के लिये अधिसूचना जारी करेगी।

फार्म जीएसटीआर-3बी में भरे गये जुलाई के शुरुआती रिटर्न के तहत 92,283 करोड़ रुपये संग्रह किये गये। यह राशि कुल करदाताओं के 64.42 प्रतिशत से ही प्राप्त हुई है।

जुलाई में पंजीकृत कुल 59.97 लाख कंपनियों में से 38.38 लाख करदाताओं ने जीएसटी रिटर्न फाइल किया। यह कुल संख्या का 64.42 प्रतिशत है।

अगस्त में तीन गुना बढ़ा सोने का आयात, जीएसटी का असर नहीं

वर्तमान में सोने की कीमतें वर्ष 2017 के उच्चतम स्तर पर हैं। साथ ही यह दक्षिण एशिया के व्यापार घाटे को भी बढ़ा सकता है।

नई दिल्ली । एक जुलाई को देशभर में लागू हुए वस्तु एवं सेवा कर कानून (जीएसटी) के बावजूद बीते वर्ष की तुलना में अगस्त 2017 में सोने का आयात तीन गुना बढ़ गया। आयातकों को दक्षिण कोरिया से पीली धातु बिना कस्टम ड्यूटी का भुगतान किये शिप (जहाज से इंपोर्ट) करने की अनुमति थी, इसलिए आयातकों ने इस देश से भारी मात्रा में सोना खरीदा।

यह जानकारी कंसंलटेंसी जीएफएमएस के प्रोविजनल डेटा से मिली है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का आयातक है। भारत की ओर से ज्यादा आयात वैश्विक कीमतों का समर्थन कर सकता है। वर्तमान में सोने की कीमतें वर्ष 2017 के उच्चतम स्तर पर हैं। साथ ही यह दक्षिण एशिया के व्यापार घाटे को भी बढ़ा सकता है।

भारत का अगस्त महीने सोने का आयात बीते वर्ष के 22.3 टन से बढ़कर 60 टन हो गया है। यह जानकारी जीएफएमएस ने दी है। वर्ष 2017 के शुरुआती आठ महीनों में देश का आयात बढ़कर 617.5 टन हो गया है। जो कि बीते वर्ष कि तलना में 158 फीसद ज्यादा है।

भारत सोने के आयात पर 10 फीसद इंपोर्ट ड्यूटी लगाता है, लेकिन उन देशों से आयात पर लागू नहीं होता जिन देशों से उसका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ है। इनमें दक्षिण कोरिया भी शामिल है। इन देशों से ड्यूटी फ्री सोने के आयात पर अंकुश लगाने के लिए भारत ने पहले 12.5 फीसद की दर से एक्साइज ड्यूटी लगाई थी।

गरीब बच्चों को निःशुल्क पढ़ाने की ‘कोशिश’ सफल

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बेमिसाल : शिक्षा नगरी में 67 गरीब बच्चों को स्वयंसेवी संस्था ‘कोशिश’ दे रही निशुल्क शिक्षा 

अरविंद, कोटा। एक छोटी सी ‘कोशिश’ हमारे नेक इरादों को सफल कर सकती है। मन में गरीब की मदद करने का जुनून हो तो कोशिश करके देखिए, सफलता अवश्य मिलेगी। पुलिस लाइन के सरकारी स्कूल में बच्चों को रोज 2 घंटे निशुल्क साइंस पढ़ा रही शिक्षका वंदना गुप्ता ने यह कर दिखाया।

उन्होंने एक छोटी सी ‘कोशिश’ से नवाचार का खुला आंगन सजा दिया। पूर्व जुलाई,2016 में गोपाल विहार स्थित घर से 8 गरीब बच्चों को निःशुल्क पढ़ाना शुरू किया। एक वर्ष की मेहनत से अच्छे परिणाम सामने आए तो गरीब बच्चों की संख्या 67 तक पहुंच गई।

‘कोशिश’ में आसपास की बस्तियों में रहने वाले बेलदार, दिहाड़ी मजदूर, कारीगर, प्लम्बर, ड्राइवर, ऑटोचालक, पेंटर व सब्जी बेचने वाले परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूल के बाद रोज शाम को ढाई घंटे निशुल्क पढ़ने आते हैं।

बेमिसाल गुदड़ी के लाल
बोरखेड़ा में एक इंर्ंट मजदूर का 5 वर्षीय बेटा रोहित बडे़ बच्चों से दिमागी मुकाबले में एक कदम आगे है। उसके माता-पिता अनपढ़ हैं लेकिन उसे नर्सरी में 15 तक पहाडे़ याद है।

कॉपी में 100 अंकों तक वह इंग्लिश में स्पेलिंग लिख देता है। बांये हाथ से लिखते हुए वह प्राइवेट स्कूल के बच्चों को पीछे छोडता है। मोबाइल नहीं देखा लेकिन कविताएं-कहानियां सुनाकर चकित कर देता है। वह अच्छा इंजीनियर बनना चाहता है।

अटवाल नगर की एक झौंपड़ी में गुजारा कर रहे बेलदार गब्बू पारगी का बेटा विनीत सरकारी स्कूल में कक्षा-7 का छात्र है। वह रोज 2 घंटे ‘कोशिश’ में इंग्लिश व गणित पढ़ रहा है।

मां कांता ने बताया कि छोटे बेटे आदित्य और आजाद हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए वे यहां मजदूरी कर रहे हैं। इसी बस्ती की टापरी में रहने वाले सुरेश सिगाड़ व पत्नी हीराबाई दोनों दिहाड़ी मजदूर हैं।

बेटे श्रवण कक्षा-7 एवं करण कक्षा-8 में सरकारी स्कूल से ‘कोशिश’ में पढ़ने जाते हैं। चूल्हे पर रोटी बनाने वाली हीरा को भरोसा है कि कोशिश संस्था की बदौलत उनके बच्चे पढ़कर कुछ बन जाएंगे।

गरीबी की रेखा से भविष्य के सपने बुन रहे
सहरिया क्षेत्र के एक कारीगर की तीन बेटियां यहां पढ़ने आती हैं। भारती व खुशबू जुड़वां बहन हैं, जबकि दिव्या कक्षा-7 में हैं। तीनों मेहनत से पढ़ते हुए बहुत खुश हैं। एक नेपाली चौकीदार विक्रमराव के पास मकान नहीं है, वह एक मकान के अहाते में रहता है।

दोनों बेटे हेमंत व कुलदीप कोशिश में हिंदी, इंग्लिश व मैथ्स लगन से पढ़ते हैं। वे आगे पढ़कर पायलट बनने का ख्वाब देखते हैं। बोरखेड़ा में बेलदार की बेटी जया सरकारी स्कूल में कक्षा-4 में है।

उसमें आगे पढ़ने का आत्मविश्वास जाग उठा। ड्राइवर का बेटा पंकज, सेल्समेन कैलाश अग्रवाल के बच्चे कर्तव्य और छवि यहां पढाई कर कक्षा-10 में अव्वल हो गए। प्लम्बर हेमराज मीणा के बेटे कमल ने कक्षा-10 मे ए ग्रेड हासिल की, वह खुद छोटे गरीब बच्चों को पढ़ाएगा।

छुट्टियों में अपने जैसों को पढाएंगे
पेंटर अमृतलाल का बेटा इंग्लिश व मैथ्स में इतना कमजोर था कि कक्षा-6 की बुक्स नहीं पढ सकता था लेकिन एक साल कोशिश में आकर उसने खूब मेहनत की। एक पार्क में कोशिश के बच्चों ने मिलकर प्ले ग्राउंड विकसित किया, वे बेडमिंटन और क्रिकेट खेलते हैं।

वह पुलिस अधिकारी बनना चाहता है। बेलदार जमनालाल का बेटा सुनील कक्षा-8 में है लेकिन डॉ. कलाम की जीवनी से इतना प्रभावित हुआ कि वह वैज्ञानिक बनने के लिए मेहनत कर रहा है। मोनू कक्षा-7 में है, वह कोशिश में आकर इंग्लिश सीख गया। पिता रामनिवास बेलदार हैं।

बेलदार शिवनारायण का बेटा बबलू मेवाड़ा यहां दोस्त बनकर उसे पढ़ाता है। यहां इंग्लिश व वैदिक मैथ्स सीख चुके बेलदार के बेटे विष्णु छोटे बच्चों को इंग्लिश पढाएगा।

नींव खोदने वाले कालू भील की बेटी कृष्णा यहां अपने जैसे बच्चों को देख खुश होती है। मां झौपडी में रहती है। प्लम्बर की बेटी दीपिका कक्षा-10 के बाद बच्चों को मैथ्स पढ़ाएगी। जयहिंद नगर के मजदूर बद्रीलाल की बेटी हेमा और बेलदार रोडूलाल की बेटी करण कक्षा-8 में हैं। बोरखेड़ा के अबरार व वहाब यहां रोज पढ़ने आते हैं।

पढ़ाने का जज्बा हो तो ऐसा..
शहर के गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की तरह पर निशुल्क क्वालिटी एजुकेशन देने से ‘कोशिश’ में 67 बच्चे जुड़ गए। उन्हें निशुल्क पढ़ाने के लिए अनुभवी शिक्षक आगे आए। आर्मी स्कूल से रिटायर्ड 61 वर्षीया स्नेहलता शर्मा यहां इंग्लिश और मैथ्स की क्लास लेती है।

रंगतालाब के गवर्नमेंट स्कूल में 10वीं का 100 प्रतिशत रिजल्ट देने वाले शिक्षक रमेश जैन 9वीं व 10वीं के बच्चों को इंग्लिश में दक्ष बना रहे हैं।एक हादसे में पत्नी की मौत हो जाने से बेटी हर्षिता बीएड करने के साथ यहां बच्चों को पढ़ाती है।

प्रतापनगर में ऑटोचालक की पत्नी आशा सिंह के 2 बच्चे यहां पढ़ते हैं, गरीब बच्चों की लगन देख इतनी खुशी मिली कि रोज डेढ़ किमी दूर पैदल चलकर वे बच्चों को पढ़ा रही हैं।

प्राइवेट स्कूल टीचर शशि शर्मा कक्षा-1 से 5 तक के बच्चों को निशुल्क मैथ्स पढ़ाती है। व्यवसायी संजय सिंह हफ्ते में 2 दिन यहां आकर बच्चों की एक्टिविटी क्लास में योगा, स्पोर्ट्स और कैम्प करते हैं।

लाइब्रेरी में 700 किताबों से मदद
सोशल मीडिया पर ‘कोशिश’ के मिशन से प्रभावित होकर नागरिक लाइब्रेरी के लिए उपयोगी बुक्स दे रहे हैं। बच्चों को यहां 700 से अधिक साइंस, इंग्लिश, मैथ्स, डिक्शनरी, कहानी, जीवनियां व प्रेरक किताबें निशुल्क पढ़ने के लिए दी जाती हैं।

कुछ परिवार अपने बच्चों के जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ या अन्य अवसर पर बच्चों को कपडे़, स्कूल बैग, बॉक्स व अन्य वस्तुएं वितरित करते हैं। इस मदद से गरीब बच्चे प्राइवेट स्कूल की तरह दिखने लगे हैं।

 

नार्थ कोरिया के साथ कारोबार करने वाले देशों से संबंध खत्म होंगे

संयुक्त राज्य अमेरिका अन्य विकल्पों के अलावा, उत्तर कोरिया के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश के साथ सभी तरह के व्यापार को रोकने का विचार कर रहा है -डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली । अमेरिका, नार्थ कोरिया के साथ व्यापार करने वाले देशों के साथ “सभी तरह के व्यापार” को रोकने पर विचार कर रहा है। यह जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट के जरिए दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में नार्थ कोरिया ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर जानकारी दी थी कि जिसे एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) की ओर से प्रक्षेपित किया जा सकता है।

इसके पिछले ट्वीट में ट्रंप ने नार्थ कोरिया के शब्दों और कार्यों को “बहुत ही शत्रुतापूर्ण और खतरनाक” कहा था। संयुक्त राज्य अमेरिका अन्य विकल्पों के अलावा, उत्तर कोरिया के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश के साथ सभी तरह के व्यापार को रोकने का विचार कर रहा है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि वो व्हाईट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ जॉन केली, रक्षा सचिव जेम्स मैटीज और व्हाइट हाउस के अन्य सैन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे ताकि उत्तरी कोरिया के मुद्दे पर चर्चा हो सके।

चीनी विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक बयान जारी किया, जिसमें उसने उत्तर कोरिया की ओर से किए गए परमाणु परीक्षण के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया और उसके इस कदम की कठोर निंदा भी की।

मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के व्यापक विपक्ष को नजरअंदाज कर दिया है और एक बार फिर से न्यूक्लियर टेस्ट किया है। चीन की सरकार इस पर अपनी निंदा व्यक्त करती है।”

नॉर्थ कोरिया के परमाणु परीक्षण से सहमा बाजार

सेंसेक्स 189 अंकों की गिरावट के साथ 31702 पर और निफ्टी 70 अंक टूटकर 9903 पर बंद हुआ

नई दिल्ली। हफ्ते का पहला दिन बाजार के लिए अच्छा नहीं रहा। कहीं न कहीं वैश्विक बाजारों का असर भारत के बाजार पर भी पड़ा। सोमवार को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेंसेक्स 189 अंकों की गिरावट के साथ 31702 पर बंद हुआ और निफ्टी 70 अंकी की गिरावट के साथ 9903 पर बंद हुआ। नॉर्थ कोरिया के परमाणु परीक्षण के बाद वैश्विक बाजारों पर इसका असर देखने को मिला, वहीं भारत भी इस असर से अछूता नहीं रहा।

बता दें कि सोमवार को शेयर बाजार में नए सप्ताह की शुरुआत गिरावट के साथ ही हुई थी। शेयर बाजार का बीएसई सूचकांक 52 अंकों की गिरावट के साथ 31,838 के स्तर पर खुला। निफ्टी भी 14 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 9,960 के स्तर पर खुला है।

उत्तर कोरिया की ओर से हाइड्रोजन बम का परीक्षण किए जाने के बाद एशियाई बाजारों में गिरावट का दौर देखने को मिल रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि एशियाई शेयर मार्केट्स में गिरावट का ही असर भारत के शेयर बाजार पर भी दिख सकता है।

हालांकि भारत पर यह असर कम रहेगा। इसकी वजह यह भी है कि मोदी सरकार ने कैबिनेट में बड़ा विस्तार और फेरबदल किया है। इससे कुछ सेक्टर्स में उत्साह देखने को मिल सकता है और निवेश में इजाफा होने की संभावना है।

वित्त मंत्रालय ने कालाधन पर संसदीय समिति को रपट भेजी

अमेरिका स्थित शोध समूह ग्लोबल फाइनेंस इंटेग्रिटी ने अपने आकलन में कहा था कि 2005 से 2014 के दौरान भारत में अनुमानित तौर पर 770 अरब डॉलर के कालेधन ने प्रवेश किया है।

नयी दिल्ली । देश और विदेश में भारतीयों द्वारा रखे गए कालेधन पर तैयार की गई तीन अध्ययन रपटें सरकार ने तीन साल बाद वित्त पर संसद की स्थायी समिति को भेज दी हैं। वित्त मंत्रालय ने यह रपटें भेजी हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यह अध्ययन पिछली संप्रग सरकार के कार्यकाल में शुरु हुए थे। इन्हें दिल्ली आधारित राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी), राष्ट्रीय एप्लाइड आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) और फरीदाबाद स्थित राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एनआईएफएम) ने किया था।

एनआईपीएफपी ने सरकार को अपनी रपट 30 दिसंबर 2013, एनसीएईआर ने 18 जुलाई 2014 और एनआईएफएम ने 21 अगस्त 2014 को जमा की थी। अधिकारियों ने कहा कि एक बार समिति से मंजूरी मिल जाने के बाद इन रपटों को संसद में पेश किया जा सकता है। मौजूदा वक्त में भारत और विदेश में कितना कालाधन मौजूद है इसे लेकर कोई आधिकारिक आकलन नहीं हैं।

हाल ही में अमेरिका स्थित शोध समूह ग्लोबल फाइनेंस इंटेग्रिटी (जीएफआई) ने अपने आकलन में कहा था कि 2005 से 2014 के दौरान भारत में अनुमानित तौर पर 770 अरब डॉलर के कालेधन ने प्रवेश किया है। इसी अवधि में करीब 165 अरब डॉलर की अवैध राशि देश से बाहर गई है।

पेट्रोल, डीजल की कीमतों में रोजाना परिवर्तन की व्यवस्था जारी रहेगी

नयी दिल्ली। दो माह के भीतर पेट्रोल के दाम में 6.60 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बावजूद सरकार दैनिक आधार पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन की व्यवस्था जारी रखेगी। यह जानकारी आज पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दी।

प्रधान को कल पदोन्नत करके काबीना मंत्री बनाया गया है साथ ही उन्हें कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। पहले प्रधान के पास पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का राज्यमंत्री के तौर पर स्वतंत्र प्रभार था।

उन्होंने कहा कि कीमतों में रोजाना परिवर्तन की व्यवस्था से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत कम होने का ग्राहकों को तत्काल फायदा मिलता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई अचानक वृद्धि के तत्काल असर से भी यह ग्राहकों को बचाता है क्योंकि इसके तहत घरेलू स्तर पर कीमतों में कई बार में क्रमवार वृद्धि की जाती है।

कौशल विकास मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, यह रोजाना कीमत परिवर्तन ग्राहकों के हित में है और मुझे नहीं लगता कि इसमें बदलाव की जरूरत है।

प्रधान ने कहा कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को कुशल बनाने और उनमें उद्यमिता कौशल विकसित करने की अपनी मुहिमों को तेज करेगी। उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए पारिस्थितिकी का निर्माण उनकी प्राथमिकता होगी।

उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने जून में 15 साल पुरानी उस व्यवस्था को अलविदा कह दिया था जिसमें हर माह की पहली और 16 तारीख को ईंधन की कीमतों में बदलाव किया जाता था। इसके स्थान पर उन्होंने प्रतिदिन कीमत बदलाव की गतिशील व्यवस्था को अपनाया था।

इसके बाद पहले पखवाड़े में कीमतें घटी थीं लेकिन तीन जुलाई के बाद इसमें वृद्धि हुई और दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 6.6 रुपये बढ़कर 69.66 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 4.02 रुपये बढ़कर 57.38 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यह अगस्त 2014 के बाद हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।

शांति और विकास के लिए सहयोग जरूरी, ब्रिक्स में बोले पीएम

शियामीन। चीन में ब्रिक्स देशों का सम्मेलन शुरू हो गया है। सोमवार को इसके स्वागत समारोह के बाद हुए प्लेनरी सेशन में बोलेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शांति और विकास के लिए सहयोग जरूरी है।

उन्होंने मेक इन इंडिया के अलावा सरकार की कोशिशों का जिक्र करते हुए कहा कि हम मिशन मोड में ताकि देश से देश में गरीबी खत्म की जा सके, स्वास्थ्य बेहतर हो, स्वच्छता, लिंगानुपात जैसी चीजें बेहतर की जा सकें। उन्होंने ब्रिक्स देशों के बैंक को लेकर कहा कि इसने अब लोन देना शुरू कर दिया है।

इससे पहले सम्मेलन में पहुंचे पीएम मोदी का स्वागत चीनी राष्ट्रपति ने किया। इसके बाद सभी सदस्य देशों के प्रमुखों ने साथ में तस्वीर खिंचवाई। इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में आज इस सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन होगा और इसके बाद प्लेनरी सेशन होगा।

मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर नजर
डोकलाम विवाद के बाद इस बात पर दुनिया की नजर है कि पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात होगी या नहीं। वैसे उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों सम्मेलन के इतर मुलाकात कर सकते हैं।

भारत उठा सकता है पाक आतंकवाद का मुद्दा
इस सम्मेलन में एक बार फिर पीएम मोदी पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा सीमापार से फैलाए जा रहे आतंक का मुद्दा उठा सकते हैं। हालांकि, इससे पहले खबर आई थी कि चीन ने पीएम मोदी से ऐसा ना करने की अपील की है।

आतंकवाद पर यह बोले जिनपिंग
इससे पहले चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रविवार को ब्रिक्स देशों से सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समग्र दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए उसके ‘लक्षण और मूल कारणों’ से निपटा जाना चाहिए ताकि आतंकियों के छिपने की कोई जगह न हो।

ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और द. अफ्रीका) बिजनेस फोरम के उद्घाटन भाषण में चिनफिंग ने कहा कि ब्रिक्स देशों को भू-राजनीतिक हॉटस्पॉट मुद्दों को सुलझाने की प्रक्रिया में रचनात्मक हिस्सा लेकर उचित योगदान करना चाहिए।

उन्होंने भारत के साथ डोकलाम गतिरोध का सीधे जिक्र किए बिना कहा कि शांति और विकास के लिए ऐसे मुद्दों का हल किया जाना चाहिए। दुनिया संघर्ष और टकराव नहीं चाहती।

उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से आश्वस्त हूं कि जब हम सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समग्र दृृष्टिकोण अपनाएंगे और इसके लक्षण तथा मूल कारणों से निपटेंगे तब आतंकियों के छिपने की जगह नहीं होगी।’