Monday, June 29, 2026
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इंजीनियरिंग कोर्स में पढ़ाया जायेगा हैंगिंग ब्रिज का केस

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इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए हैंगिंग ब्रिज में उपयोग की गई टेक्निक बहुत बड़ी लर्निंग होगी – प्रो. एनपी कौशिक

कोटा। कोटा के हैंगिंग ब्रिज के निर्माण के बाद अब लोगों की जिज्ञासा इसके हर पहलू को जानने की है। इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए हैंगिंग ब्रिज में उपयोग की गई टेक्निक बहुत बड़ी लर्निंग होगी। इसको देखते हुए हुए आरटीयू सिविल इंजीनियरिंग के कोर्स में इसकी केस स्टडी शामिल करेगी।

वीसी प्रो. एनपी कौशिक ने बताया कि हैंगिंग ब्रिज उपयोगिता के साथ इंजीनियरिंग के इनोवेशन के रूप में भी अहम है। इस ब्रिज को बनने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यह इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल लर्निंग के लिए भी आवश्यक है।

इस ब्रिज की सक्सेस स्टोरी के साथ जब भी फेल्योर हुआ है, वह भी स्टूडेंट्स को बताया जाएगा। यहां तक कि इसकी साइट को विजिट करवाएगा जाएगा।

अपडेट रखना मकसद
प्रो.कौशिक ने बताया कि स्टूडेंट्स को अपडेट रखने के लिए इस इनोवेशन को शामिल किया जा रहा है। लाइव प्रोजेक्ट्स से बच्चे जल्दी सीख सकते हैं। यूनिवर्सिटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि स्टूडेंट्स बाहर साइट्स पर जाकर अधिक से अधिक नॉलेज हासिल करें।

एटीएम से तीन महीने बाद मिलेंगे 200 रुपये के नए नोट

मशीनों को नए नोटों के लिए पूरी तरह तैयार करने में 90 दिनों का समय लगेगा, हालांकि इस दौरान एटीएम को बंद नहीं किया जाएगा

नई दिल्ली। आरबीआई ने करीब एक हफ्ता पहले 200 रुपये का नया नोट लॉन्च कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस नोट को एटीएम तक पहुंचने में तीन महीने तक का समय लग सकता है। एटीएम को नए नोट के लिए तैयार किया जा रहा है।

कुछ बैंकों ने अपनी एटीएम कंपनियों मशीनों में नए नोट के लिए टेस्टिंग करने का निर्देश दिया है, हालांकि उनके पास नए नोट की खेप अभी तक नहीं पहुंची है। बता दें कि इससे पहले नोटबंदी के बाद 500 और 2000 रुपये के नए नोटों के लिए एटीएम में बदलाव कर उन्हें नए नोटों के लिए तैयार किया गया था।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यह कहते हुए एक बयान जारी किया कि 200 रुपये के नए नोट की सप्लाई जल्द शुरू हो जाएगी। लेकिन, रिजर्व बैंक की तरफ से इसे लेकर अभी तक कोई खास जानकारी नहीं दी गई है।

एटीएम मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों का कहना है कि उन्हें अभी तक आरबीआई की तरफ से नए नोट के लिए एटीएम में बदलाव करने के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है।

उन्होंने बताया कि कुछ बैंकों ने शुरुआती जानकारी के आधार पर अपनी एटीएम कंपनियों से नए नोटों के टेस्टिंग करने के लिए कहा है, 200 रुपये के नोटों का साइज काफी अलग है। देश भर में करीब 2.25 लाख एटीएम में नए नोट के लिए बदलाव किए जाने हैं।

एजीएस ट्रांजेक्ट टेक्नॉलजीज लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी रवि बी गोयल ने कहा, ‘आरबीआई से निर्देश मिलने के बाद देश भर की मशीनों में बदलाव कर दिए जाएंगे।

नए नोट का साइज बाकी नोटों से थोड़ा अलग है, ऐसे में जैसे ही हमें नए नोट मिलेंगे, हमें उनका साइज समझना होगा और मशीनों को उनके मुताबिक तैयार करना होगा। इसके अलावा हमें यह भी देखना होगा कि नए नोटों की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में हो रही है या नहीं।’

उन्होंने कहा, ‘ मशीनों को नए नोटों के लिए पूरी तरह तैयार करने में 90 दिनों का समय लगेगा, हालांकि इस दौरान एटीएम को बंद नहीं किया जाएगा, लोगों के लिए एटीएम उसी तरह चलते रहेंगे जैसे कि अभी चल रहे हैं। एटीएम इस दौरान पूरी तरह ऑपरेशनल होंगे।’

शेयर बाजार में कारोबार का समय बढ़ाने पर विचार

अगर इस पर सहमति बन जाती है तो शेयर मार्केट में कारोबार का समय 2 घंटे बढ़ जाएगा, यानी शेयर कारोबार का समय सुबह 9.15 से शाम 5.30 बजे तक हो जाएगा।

नई दिल्ली। मोदी सरकार नए आइडिया और सोच के साथ काम कर रही है। इसी क्रम में सरकार ने अब शेयर मार्केट की ट्रेडिंग टाइमिंग यानी कारोबार का समय बढ़ाने पर विचार करना शुरू कर दिया है। इस संबंध में बीएसई और एनएसई अपने सदस्यों और ब्रोकर्स से बात कर रहे हैं।

अगर इस पर सहमति बन जाती है तो शेयर मार्केट में कारोबार का समय 2 घंटे बढ़ जाएगा, यानी शेयर कारोबार का समय सुबह 9.15 से शाम 5.30 बजे तक हो जाएगा। मौजूदा समय में शेयर मार्केट में कारोबार का समय सुबह 9.15 से शाम 3.30 बजे तक है।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार अभी इस बारे में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके दो फायदे होंगे। पहला विदेशी शेयर मार्केट के कारोबार के साथ सामंजस्य बिठाने में भारतीय शेयर मार्केट को काफी आसानी होगी। दूसरा कंपनियों के वित्तीय परिणाम का असर उसी दिन देखने को मिलेगा।

कई कंपनियां दोपहर 2 बजे के बाद ही अपनी वित्तीय परिणामों की घोषणा करती है। सरकार चाहती है कि ऐसा घटनाओं का असर उसी दिन उसी समय देखने को मिले, ताकि बाद में सटोरियों को किसी तरह का खेल करने का मौका न मिले।

रेरा : बिल्डर बचने के लिए बैक डेट में करा रहे पजेशन लेटर साइन

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जयपुर। प्रदेश में एक मई से पहले के प्रोजेक्ट्स का रियल एस्टेट रेग्यूलेरेटी अथॉरिटी (रेरा) में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए समय सीमा में दी गई छूट खत्म हो चुकी है। रेरा के प्रावधानों के मुताबिक ऐसे प्रोजेक्ट्स पर उसकी लागत की 10 प्रतिशत तक पेनल्टी लगाई जा सकती है। यानी 10 करोड़ का कोई प्रोजेक्ट है तो उस पर एक करोड़ रुपए की पेनल्टी लगाई जा सकती है।

एक मई से पहले के प्रोजेक्ट को रेरा में रजिस्ट्रेशन से एक ही शर्त पर छूट मिल सकती है कि या तो उसने एक मई से पहले कंप्लीशन सर्टिफिकेट ले लिया हो और या उसके 60 फीसदी फ्लैट्स के पजेशन बायर को दे दिए गए हों। ऐसे में अब डवलपर रेरा से बचने के लिए फ्लैट ऑनर्स को एक मई से पहले की तारीख में पजेशन लेटर जारी कर रहे हैं।

पेनल्टी पर फैसला सोमवार को होगा
रेरा में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए पेनल्टी क्या हो इसका फैसला सोमवार को होगा। डवलपर्स एसोसिएशन क्रेडाई रेरा रजिस्ट्रेशन में सितंबर तक छूट की मांग कर रही है।

लेकिन अथॉरिटी की तरफ से समय सीमा में छूट दिए जाने से मना कर दिया है। ऐसे में अब उन डवलपर्स पर कार्रवाई शुरू होगी जो रेरा के दायरे में आते हैं लेकिन अब तक रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन नहीं किया है।

अब तक 560 प्रोजेक्ट्स ने किए आवेदन
हालांकि प्रदेश के ज्यादातर बड़े प्रोजेक्ट्स रेरा में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर चुके हैं। अब तक 560 प्रोजेक्ट्स रेरा में रजिस्ट्रेशन के लिए अपने दस्तावेज ऑनलाइन जमा करवा चुके हैं।

इनमें से इसमें से 129 को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा 85 प्रोजेक्ट जयपुर से रजिस्टर हुए हैं। इनके अलावा अलवर, बीकानेर, गंगानगर, अजमेर से भी प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

पजेशन लेटर पर साइन से पहले तारीख जरूर देखें
रेरा चेयरमैन तथा यूडीएच के एसीएस मुकेश शर्मा का कहना है कि रेरा बिना शिकायत के कार्रवाई नहीं कर सकता। कोई भी डवलपर अगर बैक डेट में पजेशन लेटर साइन करवा रहा है तो उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए ।बायर भी साइन करके अपने अधिकार खो देगा। कहीं परेशानी है तो इसकी शिकायत करनी चाहिए। रेरा इस मामले में डवलपर पर कार्रवाई करेगा।

निर्मला सीतारमण देश की नई रक्षा मंत्री, पीयूष को रेल मंत्रालय

पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के बाद निर्मला देश की दूसरी महिला रक्षा मंत्री होंगी। इंदिरा गांधी ने पीएम रहते हुए रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थीं। 

नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल के बाद जहां आज कई मंत्रियों का प्रमोशन हुआ वहीं कुछ नए चेहरों को भी कैबिनेट में जगह मिली। पीयूष गोयल को प्रभु की जगह रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। मंत्रिमंडल में हुए विस्तार के बाद अब विभागों का भी बटवारा हो गया है।

निर्मला सीतारमण को देश का नया रक्षा मंत्री बनाया गया है। पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के बाद निर्मला देश की दूसरी महिला रक्षा मंत्री होंगी। इंदिरा गांधी ने पीएम रहते हुए रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थीं। 

वहीं कई मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया गया है। वहीं लगातार हो रहे रेल हादसों के बाद रेलमंत्री के पद से इस्तीफे की पेशकश करने वाले सुरेश प्रभु को अब वाणिज्य मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है।

मंत्री और उनके विभाग
निर्मला सीतारमण- रक्षा मंत्री (पूर्व में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार था)।
पीयूष गोयल– रेल मंत्री (पूर्व में बिजली, कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय)।
सुरेश प्रभु– वाणिज्य मंत्रालय (पूर्व में रेल मंत्री)।
नरेंद्र सिंह तोमर-  खान मंत्रालय (पूर्व में पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय)
धर्मेंद्र प्रधान- पेट्रोलियम मंत्री के अलावा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय  की अतिरिक्त जिम्मेदारी।
उमा भारती- पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय (पूर्व में नदी विकास, गंगा संरक्षण मंत्री)।
नितिन गडकरी – सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अलावा जल संसाधन मंत्रालय, नदी विकास गंगा कायाकल्प का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
विजय गोयल– संसदीय कार्य राज्यमंत्री, और सांख्यिकी तथा कार्यान्वयन मंत्री (पूर्व में खेल राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार)।
राज्यवर्धन सिंह राठौर– खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (पूर्व में सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री)।
आरके सिंह- ऊर्जा और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)।
अश्विनी कुमार चौबे– स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री।
अनंत कुमार हेगड़े- कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री।
अल्फ़ोंस कन्ननथानम– पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार) और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री।
हरदीप पुरी– शहरी विकास राज्य मंत्री।
शिव प्रकाश शुक्ला– वित्त राज्य मंत्री।
गजेंद्र सिंह शेखावत- कृषि राज्य मंत्री।
गिरिराज सिंह– सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)।
संतोष गंगवार – श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार)
 इससे पहले सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर शपथ लेने वाले नए मंत्रियों को दी बधाई। उन्होंने कहा, ‘सहयोग और प्यार के लिए सभी 13 लाख रेलवे के सहयोगियों को धन्यवाद। मैं हमेशा इन यादों को अपने साथ रखूँगा ‘

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपनी कैबिनेट का विस्तार किया। 3 साल के कार्यकाल में मोदी कैबिनेट का यह तीसरा विस्तार है, जिसमें 9 नए चेहरों को शामिल किया गया। इसके अलावा 4 मौजूदा मंत्रियों- धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण और नकवी का प्रमोशन हुआ है।

नोटबंदी से होने वाले नुकसान से सरकार को चेताया था

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने माना कि नोटबंदी के पीछे इरादा काफी अच्छा था, लेकिन इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। 

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि उन्होंने सरकार को नोटबंदी से दीर्घावधि के फायदों पर निकट भविष्य के नुकसान के हावी होने को लेकर चेतावनी दी थी। राजन ने कहा कि उन्होंने काले धन को सिस्टम में लाने का मकसद पूरा करने के दूसरे तरीके भी सुझाए थे।

राजन ने कहा कि उन्होंने फरवरी 2016 में मौखिक तौर पर अपनी सलाह दी और बाद में आरबीआई ने सरकार को एक नोट सौंपा जिसमें उठाए जाने वाले जरूरी कदमों और इसकी समय सीमा का पूरा खाका पेश किया गया था।

राजन ने ये सारी बातें अगले सप्ताह आनेवाली अपनी पुस्तक ‘I Do What I Do: On Reforms Rhetoric and Resolve’ (मुझे जो करना होता है, वह मैं करता हूं, सुधारों का शोरगुल और संकल्प) में लिखी हैं।

वह लिखते हैं, ‘आरबीआई ने इस ओर इंगित किया कि अपर्याप्त तैयारी के अभाव में क्या हो सकता है।’ उन्होंने आरबीआई गवर्नर का अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद बतौर फैकल्टी शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनस में वापसी कर ली।

राजन ने यह भी स्पष्ट किया कि आरबीआई से संपर्क तो किया गया था, लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान कभी भी नोटबंदी पर फैसला लेने को नहीं कहा गया। राजन का कार्यकाल 5 सितंबर 2016 को पूरा हो गया था जबकि नोटबंदी की घोषणा 8 नवंबर 2016 को की गई।

तब प्रधानमंत्री ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बंद करने का ऐलान किया था। इसी सप्ताह आरबीआई की ओर से जारी आंकड़ों में कहा गया है कि पुराने बंद किए गए 500 और 1000 रुपये के 99 प्रतिशत नोट बैंकों में जमा हो गए।

सरकार ने नोटबंदी के फैसले का यह कहते हुए बचाव किया कि इससे टैक्स बेस बढ़ने से लेकर डिजिटल ट्रांजैक्शन में इजाफे तक कई दूसरे फायदे हुए हैं। राजन ने माना कि नोटबंदी के पीछे इरादा काफी अच्छा था, लेकिन इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। 

एसयूवी जीप कम्पस ने छुआ नया माइलस्टोन

सॉलिड लुक्स वाली यह एसयूवी जीप की सेल्स न सिर्फ कस्टमर्स को चौंकाने वाली है, बल्कि साथ ही जीप के कॉम्पिटीटर्स के लिए भी आंकड़ें चौंकाने वाले आ सकते हैं।

नई दिल्ली/कोटा । फाएट क्रिज्लर आॅटोमोबाइल्स यानी FCA India ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि उसकी नई एसयूवी ‘कम्पस’ को लेकर लोगों में जबर्दस्त क्रेज हैं। इस एसयूवी ने 10 हजार बुकिंग्स का नया माइलस्टोन छू लिया है।

19 जून से इस एसयूवी की प्री-बुकिंंग्स चालू थीं लेकिन इसका आॅफिशल लॉन्च 31 जुलाई को भारत में किया गया। इसकी भारत में एक्स शोरूम कीमत 14.95 लाख रुपये है। अमेरिकन एसयूवी निर्माता कंपनी जीप ने लॉन्चिंग के महज एक महीने में ही यह आंकड़ा छू दिखाया है।

टाटा मोटर्स और एफसीए का जॉइंट वेंचर, फाएट इंडिया आॅटोमोबाइल्स का पुणे में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है। जीप कम्पस को कंपनी यहीं बना सकती है। मेड इन इंडिया होने की वजह से इसकी डिमांड और भी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

सॉलिड लुक्स वाली यह एसयूवी जीप के लिए बड़ी खुशखबरी ला सकती है। इसकी सेल्स न सिर्फ कस्टमर्स को चौंकाने वाली है, बल्कि साथ ही जीप के कॉम्पिटीटर्स के लिए भी आंकड़ें चौंकाने वाले आ सकते हैं।

भारत में आने वाली कम्पस में 1.4 मल्टी एयर टर्बो पेट्रोल ‘स्पॉर्ट’ 4×2 इंजन के साथ आएगी, जो कि 6 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस है। इसके टॉप मॉडल में 2.0L मल्टीजेट टर्बो डीजल इंजन दिया गया है।

यह भी 6 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन सिस्टम से लैस है। यह तीन ट्रिम्स, स्पॉर्ट, लॉन्गिट्यूड और लिमिटेड में अवेलेबल होगी। इसका एक 7 स्पीड आॅटोमैटिक ट्रांसमिशन वैरिअंट भी आएगा। कोटा में मूंदड़ा ऑटोमोबाइल के डायरेक्टर अनिल मूंदड़ा ने बताया कि उन्होंने 17  गाड़ियां पिछले दिनों बेची हैं। 

देश के 800 इंजीनियरिंग कॉलेजों में लगेगा ताला

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AICTE के मुताबिक जिन इंजीनियरिंग कॉलेजों में 30 फीसदी से कम एडमिशन हुए हैं उन्हें आने वाले शिक्षण सत्र  2018 से बंद कर दिया जाएगा।

नई दिल्ली। देश के करीब 800 इंजीनियरिंग कॉलेज साल 2018 तक बंद कर दिए जाएंगे। खबर है कि बहुत कम एडमिशन के चलते इन इंजीनियरिंग कॉलेजों में ताला लगा दिया जाएगा।

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने ये फैसला लिया है कि पिछले कुछ समय से देश के जिन इंजीनियरिंग कॉलेजों में काफी कम संख्या में एडमिशन हुए हैं उन्हें बंद कर दिया जाएगा।

इसके अलावा AICTE इन कॉलेजों से सितंबर के दूसरे सप्ताह तक इनकी खराब स्थिति की एक रिपोर्ट भी जमा करने को कहा है। AICTE के मुताबिक जिन इंजीनियरिंग कॉलेजों में 30 फीसदी से कम एडमिशन हुए हैं उन्हें आने वाले शिक्षण सत्र  2018 से बंद कर दिया जाएगा।  कर्नाटक में ऐसे 600 कॉलेज हैं। सरकार इन्हें जल्द बंद करवाने वाली है। 

GSTR देर से फाइल करने वालों को पेनल्टी से छूट, ब्याज में नहीं

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वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया, ‘जुलाई महीने का रिटर्न देर से दाखिल करने वाले जुर्माने को हटा लिया गया है लेकिन बकाए पर ब्याज लगेगा।

नई दिल्ली।जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों को मानते हुए केंद्र सरकार ने डेडलाइन के अंदर जीएसटी रिटर्न न भर पाने पर लगने वाली पेनल्टी हटा ली है। जीएसटी रिटर्न भरने की अंतिम तिथि के बाद रोजाना 200 रुपये जुर्माने का प्रावधान था। हालांकि, करदाताओं को बचे पर ब्याज देना ही होगा।

1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद सरकार ने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 25 अगस्त रखी थी।वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया, ‘जुलाई महीने का रिटर्न देर से दाखिल करने वाले जुर्माने को हटा लिया गया है लेकिन बकाए पर ब्याज लगेगा।

जिन्होंने 25 अगस्त तक जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं किया था उन पर लेट फी नहीं लेकिन इंट्रेस्ट लगेगा।’ इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि डेडलाइन तक अगर जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया तो उसके बाद 200 रुपये प्रतिदिन की दर से पेनल्टी लगेगी। इसमें 100 रुपये केंद्रीय जीएसटी के और 100 रुपये राज्य जीएसटी के होंगे।

अरुण जेटली ने बताया था कि जुलाई महीने के लिए 59.5 लाख करदाताओं को जीएसटी रिटर्न फाइल करना था लेकिन 29 अगस्त तक केवल 38.3 लाख ने ही रिटर्न फाइल किया। बचे हुए 21 लाख लोगों पर पेनल्टी लगने वाली थी जिसे वित्त मंत्रालय ने जीएसटी काउंसिल की सिफारिश के बाद हटा लिया।

वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि वे लोग जिन्होंने पहले जीएसटी रिटर्न फाइल करने में गलतियां की हैं वे GSTR-1 और GSTR-2 फाइल करते समय इस सुधार भी सकते हैं। GSTR-1 बिजनस सेल्स के लिए फाइल करना है और GSTR-2 बिजनस पर्चेज के लिए। जुलाई के लिए इन्हें फाइल करने का समय 1 से 5 सितंबर और 6 से 10 सितंबर है।

एटीएम से नकली नोट निकले तो घबराएं नहीं

  • अगर ATM से नकली नोट निकलता है तो उसे एटीएम के सीसीटीवी कैमरा में दिखाना न भूलें।

  • साथ ही एटीएम गार्ड, उस बैंक को, आरबीआई और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाना मत भूलें।

अगर आपको लगता है कि आपके पर्स में नकली नोट होने की कोई संभावना नहीं है तो आप अंधेरे में हैं। आरबीआई ने अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया कि 7,62,072 नकली नोटों का पता लगाया गया जिसमें से 96 प्रतिशत कमर्शल बैंकों को मिले। जानिए, अगर आपका नोट बैंक नकली बता कर जब्त करे या एटीएम से नकली नोट निकले तो क्या करें…

बैंक नकली नोट जब्त करे तो?
कैश डिपॉजिट करते समय अगर बैंक नकली नोटों का पता लगा लेता है तो वे आपके अकाउंट में नहीं जाएंगे। यही नहीं नोट आपको वापस भी नहीं किया जाएगा। आरबीआई के नियमों मुताबिक बैंक नकली नोटों के ट्रांजैक्शन के बारे में रसीद भी काटेगा।

एटीएम से नकली नोट निकले तो?
आरबीआई ने बैंकों को कड़े निर्देश दिए हुए हैं कि एटीएम में कैश डालने से पहले यह चेक किया जाए कि कोई नकली नोट लोड न हो। लेकिन अगर फिर भी नकली नोट निकलता है तो आप कुछ खास नहीं कर सकते। कस्टमर के लिए ऐसी स्थिति की कोई गाइडलाइंस नहीं हैं।

यह जरूर करें
अगर ATM से नकली नोट निकलता है तो उसे एटीएम के सीसीटीवी कैमरा में दिखाना न भूलें। साथ ही एटीएम गार्ड, उस बैंक को, आरबीआई और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाना मत भूलें।

ATM से निकली पर्ची संभाल कर जरूर रखें।अगर दर्ज शिकायत की जांच के दौरान आप यह साबित करने में सफल हो जाते हैं कि नकली नोट उसी एटीएम से निकले हैं तो आपको पैसे वापस मिलने की पूरी संभावना है।