Friday, July 10, 2026
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एसबीआई रिसर्च ने दूसरी तिमाही में बढ़ाया जीडीपी अनुमान 

नई दिल्ली । चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था के छह फीसद होने की संभावना है। यह बढ़त व्यापार, ट्रांसपोर्ट और दूरसंचार क्षेत्र में आई तेजी के चलते देखने को मिल सकती है। यह जानकारी एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.7 फीसद की दर से बढ़ी थी, हमें उम्मीद है कि दूसरी तिमाही में इस बढ़त के साथ जीडीपी 6 से 6.5 फीसद के बीच रह सकती है।

सितंबर महीने के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (आईआईपी) के आंकड़ें पांच फीसद के स्तर पर रह सकते हैं। त्यौहारी सीजन के दौरान स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की ओर से पावर की अच्छी खरीद के चलते माइनिंग और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर आईआईपी के अच्छे नंबरों का समर्थन कर सकते हैं।

साथ ही इसके प्रमुख सूचकांक जैसे कि विदेशी पर्यटक की आवाजाही, अंतरराष्ट्रीय यात्री और एयर फ्रेट ट्रैफिक, रेलवे ट्रैफिक और टेलिफोन सब्सक्राइबर्स ने हाल ही के महीनों में अच्छी तेजी दर्ज की है।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में उपभोग क्षेत्र में निवेश अवसर बढ़ रहे हैं। हालांकि, कृषि क्षेत्र में विकास दर की रफ्तार एक चिंता का विषय है। मानसून के शुरुआती तीन महीनों में निराशाजनक ग्रोथ देखने को मिली है।

ऐसा इसलिए क्योंकि खाद्यान्न उत्पादन राज्य जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में बारिश में भारी कमी देखने को मिली है।

नकारात्मक वैश्विक संकेत से सोना- चांदी टूटे, जानिए क्या रहे भाव

नई दिल्ली/कोटा । दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। नकारात्मक वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से घटी मांग के चलते सोना 75 रुपये कमजोर होकर 30275 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

इसी तरह चांदी की कीमतें भी 200 रुपये गिरकर 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। कम मांग और इंडिस्ट्रियल यूनिट्स व सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान के चलते यह गिरावट देखने को मिली है।

व्यापारियों का मानना है कि कीमतों में गिरावट मुख्य रूप से कमजोर वैश्विक संकेत, अमेरिकी फेड बैठक से पहले निवेशकों का सतर्क होना और दो दिवसीय ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) बैठक के चलते देखने को मिली है।

वैश्विक स्तर पर सोना 0.32 फीसद की कमजोरी के साथ 1269 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.77 फीसद की गिरावट के साथ 16.71 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 75 रुपये गिरकर क्रमश: 30275 रुपये और 30125 रुपये के स्तर पर आ गया है। बीते शनिवार के सत्र में सोने में 75 रुपये की तेजी दर्ज की गई थी।

सोने की तरह चांदी तैयार 200 रुपये की गिरावट के साथ 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम और  डिलिवरी 39075 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। 

कोटा सर्राफा 
चांदी 39800 रुपए प्रति किलो। 
सोना केटबरी 30300 रुपए प्रति दस ग्राम, 35340 रुपए प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 30450 रुपए प्रति दस ग्राम, 35520 रुपए प्रति तोला। 

27 महीनों के उच्चतम स्तर पर कच्चा तेल, सरकार की चिंताएं बढ़ी

नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश और गुजरात में होने वाले प्रमुख विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कच्चे तेल ने 27 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचकर भारत सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। क्रूड अब 60 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है।

आपको बता दें कि कच्चे तेल में होने वाले उतार चढ़ाव से भारतीय बाजारों में तेल की कीमतों पर असर पड़ता है। कच्चे तेल के इस उच्चतम स्तर ने सरकार के सामने फिलहाल कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

चुनौती नंबर 1: चुनावों से पहले तेल की कीमतों पर लगाम
दो राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कच्चे तेल का उच्चतम स्तर पर पहुंच जाना काफी गंभीर है क्योंकि इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों को काबू में रखना सरकार के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। साथ ही यहां पर अब उत्पाद शुल्क में कटौती का विकल्प भारी पड़ सकता है।

क्या है वजह: अंतरराष्ट्रीय जानकारों के मुताबिक आने वाले दिनों में क्रूड की कीमत और बढ़ेगी। इसके लिए दो प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं। पहली वजह यह है कि सर्दियों में आम तौर पर क्रूड महंगा होता है। सर्दियों में मांग बढ़ने की वजह से इसकी कीमतों में सामान्य तौर पर 10 से 30 फीसद तक की बढ़ोतरी देखी गई है।

दूसरी वजह यह है कि हाल ही में बड़े तेल उत्पादक देशों के बीच यह सहमति बनी है कि क्रूड उत्पादन में बड़ी कटौती की जाए। रुस की अगुवाई में कुछ देश क्रूड को महंगा करने का हरसंभव उपाय कर रहे हैं। इससे भविष्य में होने वाले सौदों पर असर पड़ा है।

इंडस्ट्री का क्या मानना है?
प्रमुख उद्योगपित और कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ उदय कोटक ने कहा है कि 60 के स्तर पर क्रूड के चले जाने से ब्याज दरों में और कटौती की गुंजाइश भी कम होगी। ऐसे में आर्थिक विकास दर को तेज करने के लिए और मेहनत करनी पड़ेगी।

प्रमुख तथ्य: केद्र सरकार ने हाल ही में पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में दो रुपये की कटौती की थी।
भारत अपनी जरुरत का 82 फीसद कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। इसकी कीमतों में इजाफे से पूरी अर्थव्यवस्था पर असर होता है।

सरकार के डाटा के मुताबिक जून, 2017 में औसत 46.56 डॉलर की दर से क्रूड खरीदा गया था जो सितंबर, 2017 में बढ़ कर 54.52/ डॉलर हो गया।

GSTR-2 और GSTR-3 फाइल करने की डेडलाइन बढ़ी

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नई दिल्ली । सरकार ने GSTR-2 और GSTR-3 फाइल करने की आखिरी तारीख में इजाफा कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही एक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

 31 अक्टूबर को करीब 30.81 लाख करदाताओं को जुलाई महीने के लिए GSTR-2 फाइल करना था लेकिन अब इसमें थोड़ा विस्तार दे दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले जीएसटीआर-1 फाइलिंग की आखिरी तारीख में विस्तार दिया गया था।

क्या है नई तारीख:अब जिन करदाताओं को जुलाई महीने के लिए 31 अक्टूबर 2017 तक GSTR-2 फाइल करना था वो अब 30 नवंबर 2017 तक इसे फाइल करेंगे। ये ऐसे सभी करदाताओं के लिए राहत भरी बात है जिन्होंने अभी तक इसे फाइल नहीं किया था।

वहीं जीएसटीआर-3 की फाइलिंग के लिए भी अंतिम तारीख में विस्तार दिया गया है। अब जुलाई महीने के लिए GSTR-3 फाइलिंग की आखिरी तारीख 11 दिसंबर 2017 होगी। पहले यह तारीख 10 नवंबर निर्धारित थी।

GSTR के बारे में जानें
-GSTR-1: इसमें हमें अपनी सेल्स यानी बिक्री का ब्यौरा देना होता है।
-GSTR-2: इसमें पर्चेज की डिटेल को अप्रूव करना होता है। यानी हमने अगर किसी को सेल की है और सामने वाले ने –पर्चेजिंग की है तो दोनों के डेटा को मिलान कर इसे अप्रूव किया जाता।
-GSTR-3: ये एक तरह से फाइनल रिटर्न होता है जिसमें कुल बिक्री (सेल) और खरीद (पर्चेज) के डेटा को सबमिट करना होता है।

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों रेकॉर्ड बढ़त बनाकर बंद

नई दिल्ली। शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने आज रेकॉर्ड बनाया।

सोमवार को शेयर बाजार 109 अंको की बढ़त के साथ 33,266 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 40 अंको की बढ़त के साथ 10,363 की बढ़त बनाने में कामयाब रहा।

सोमवार को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों ने भरोसा जताया। ऑटो, मेटल, कन्ज्यूमर ड्युरेबल्स, कैपिटल गुड्स, ऑइल एंड गैस और पावर शेयरों में खरीदारी का माहौल दिखा।

इससे पहले बाजार के लिए सोमवार की शुरुआत भी रेकॉर्ड बढ़त के साथ हुई और सेंसेक्स, निफ्टी नए शिखर पर पहुंचने पर कामयाब रहे।

सेंसेक्स ने 100 अंकों से भी ज्यादा की बढ़त बनाते हुए 33,293 का स्तर छुआ वहीं निफ्टी 10,369 अंकों के साथ नया रेकॉर्ड बनाने में कामयाब रहा।

JEE ADVANCED 2018 के लिए पात्रता शर्तें जारी, चेक करें

नई दिल्ली।आईआईटी कानपुर ने जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) अडवांस्ड 2018 के लिए पात्रता मापदंड जारी कर दिया है। इस साल जेईई अडवांस्ड 2018 में बैठने वाले कैंडिडेट्स की संख्या बढ़ाकर 2,24,000 कर दी गई है। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर जेईई अडवांस्ड का आयोजन 20 मई को करेगा।

एग्जाम अथॉरिटी ने जीएसटी के कारण आवेदन शुल्क को बढ़ा दिया है। अब जनरल कैटिगरी के छात्रों को जीएसटी के साथ 2600 रुपये जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग कैंडिडेट्स को जीएसटी के साथ 1300 रुपये शुल्क देना होगा। पात्रता से जुड़ीं शर्तें इस प्रकार हैं…

प्रयासों की संख्या: एक कैंडिडेट लगातार सालों में ज्यादा से ज्यादा दो बार जेईई (अडवांस्ड) की परीक्षा दे सकता है। अगर बोर्ड ने ऐकडेमिक इयर 2015-16 के लिए जून 2016 के बाद रिजल्ट जारी किया है तो कैंडिडेट जेईई 2018 में बैठ सकता है।

प्रतिशतता: कैंडिडेट को 12वीं क्लास के बोर्ड एग्जाम्स में कुल 75 फीसदी मार्क्स होना जरूरी है। एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी कैंडिडेट्स को मार्क्स में पांच फीसदी की छूट है। भौतिक, रसायन शास्त्र, गणित, कोई भाषा एवं अन्य किसी विषय के अंकों को कुल अंक की गणना करते समय शामिल किया जाएगा।

एनआरआई बनने पर पीपीएफ बंद होगा, एनएससी का पैसा मिल जाएगा 

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नई दिल्ली। सरकार ने पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम्स के नियमों में बदलाव किए हैं। इसका असर नैशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) जैसी स्कीम्स के धारकों पर पड़ेगा।

अगर कोई व्यक्ति अपना निजी दर्जा बदल कर एनआरआई हो जाता है तो मैच्यॉरिटी से पहले ही उसके एनएससी और पीपीएफ खाते बंद कर दिए जाएंगे।

यह संशोधन पीपीएफ योजना, 1968 में किया गया है। इस संबंध में इस महीने जारी अधिसूचना के मुताबिक, ‘पीपीएफ में खाता खोलने वाला कोई व्यक्ति अगर मैच्यॉरिटी अवधि से पहले एनआरआई बन जाता है, तो उसका अकाउंट तत्काल प्रभाव से बंद हो जाएगा। खाताधारक को खाता बंद होने की तारीख तक का ब्याज मिलेगा।’

एनएससी पर भी ऐसी ही अलग अधिसूचना जारी कर बताया गया कि अगर खाताधारक के दर्ज में बदलाव होता है और वह मैच्यॉरिटी से पहले एनआरआई बन जाता है तो खाता बंद कर दिया जाएगा और ब्याज उसी मुताबिक दिया जाएगा।

पोस्ट ऑफिस द्वारा चलाई जा रही योजनाएं जैसे एनएससी, पीपीएफ, मासिक आय योजना और अन्य समय से जमा वाली योजनाएं अनिवासी भारतीयों के लिए नहीं हैं। पिछले महीने सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर के लिए पीपीएफ को बिना बदले 7.8 प्रतिशत पर रखा था।

आधार लिंकिंग मामला : सुप्रीम कोर्ट ने लगाई ममता सरकार को फटकार

नई दिल्ली। मोबाइल नंबर व सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं से आधार कार्ड को लिंक करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को कड़ी फटकार लगाई।

ममता सरकार ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। 

शीर्ष कोर्ट ने इस संबंध में ममता सरकार से कई सवाल पूछे। कोर्ट ने कहा कि हम समझते हैं कि यह विचारणीय मुद्दा है, लेकिन आप हमें समझाएं कि एक राज्य, केंद्र द्वारा बनाए गए कानून को कैसे चुनौती दे सकता है।

संघीय व्यवस्था में एक राज्य कैसे संसद के जनादेश को चुनौती देने वाली याचिका दायर कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी से कहा कि अगर सरकार के फैसले पर आपत्ति है तो व्यक्तिगत रूप से याचिका दायर करें। 

मोबाइल फोन नंबर को आधार से जोड़े जाने को चुनौती देने वाली एक अन्य याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र को नोटिस भेजा है और चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायालय को बताया कि यह अपील राज्य के श्रम विभाग ने दायर की है क्योंकि इन योजनाओं के तहत सब्सिडी वही वितरित करता है।

तिमाही नतीजों व आर्थिक आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

नई दिल्ली। पिछले हफ्ते जबर्दस्त तेजी दिखाने वाली दलाल स्ट्रीट में इस सप्ताह भी रौनक बनी रह सकती है।

निवेशकों की नजर इस हफ्ते मुख्य रूप से दूसरी तिमाही के कंपनी नतीजों, प्रमुख आर्थिक आंकड़ों व बैंकों में पूंजी डालने की सरकार की घोषणा के क्रियान्वयन पर रहेगी।

बाजर की दिशा तय करने में इस कारकों की अहम भूमिका रहेगी। पिछले हफ्ते बंबई शेयर बाजार (बीएसई) के सेंसेक्स में 767.26 अंक या 2.37 फीसद की तेजी आई।

27 जनवरी के बाद यह सेंसेक्स की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त रही। इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी में 177 अंक की बढ़त दर्ज हुई।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ‘इस सप्ताह दूसरी तिमाही के नतीजों का कुछ कंपनियों के शेयरों पर असर दिखेगा। बैंकों में पूंजी डाले जाने की सरकार की योजना पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी।

इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर से जुड़े फैसले पर भी बाजार की निगाह होगी।’ इस हफ्ते मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र से जुड़े पीएमआइ आंकड़े भी आने हैं।

कोटक सिक्योरिटीज के संजीव जारबादे ने कहा, ‘सकारात्मक वैश्विक रुख, बैंकों में पूंजी डालने की घोषणा तथा नकदी समर्थन से अक्टूबर में बाजार में जोरदार तेजी आई।

अनुमान है कि नवंबर में भी बाजार मजबूत होगा। जो शेयर अच्छा मुनाफा दे रहे हैं, उसे निवेशक आगे भी पसंद करेंगे।’ इस हफ्ते ल्यूपिन, टाटा स्टील और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत कई कंपनियों के तिमाही नतीजे आने हैं।

इस दौरान वाहनों की बिक्री के आंकड़े भी आएंगे। इसलिए ऑटो सेक्टर के शेयरों पर भी निगाह रहेगी।

जियो के पास 14 करोड़ ग्राहक, डेटा मार्केट में देश की सबसे बड़ी कंपनी

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मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि वह देश की अर्थव्यवस्था के अभी के 2.5 लाख करोड़ डॉलर से तीन गुना बड़ा होकर 7 लाख करोड़ डॉलर के होने की उम्मीद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दुनिया में अभी भारत में निवेश का सबसे बड़ा अवसर है। बिजनस लीडर ऑफ द इयर से सम्मानित होने के बाद उन्होंने कहा कि रिलायंस ने देश में 3.5 लाख करोड़ का कॉन्ट्रेरियन दांव लगाया था, जिसका कंपनी को अच्छा इनाम मिला है।

उन्होंने कहा, ‘कुछ साल पहले यहां की कंपनियों के लिए विदेश में निवेश करना फैशन हो गया था। कहा जा रहा था कि अगर आप विदेश में निवेश नहीं कर रहे हैं तो आप मौका गंवा रहे हैं। तब हमने भीड़ से अलग चलने का फैसला किया और भारत में 3.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसला किया। इसका बड़ा हिस्सा जियो में लगाया गया।’

रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने पिछले साल सितंबर में सर्विस लॉन्च की थी। उसने पहली बार लाइफटाइम फ्री वॉइस और कम कीमत पर डेटा ऑफर करके मार्केट में खलबली मचा दी। अंबानी ने जियो की एंट्री के बाद पुरानी टेलिकॉम कंपनियों के साथ शुरू हुई जबरदस्त प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए उनसे दोस्ताना रिश्ते का संकेत दिया।

अंबानी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के विजन को खुले, पारदर्शी और निष्पक्ष नीतियों से समर्थन मिल रहा है। अगर कुछ पुरानी टेलिकॉम कंपनियों ने हो-हल्ला मचाया तो वह मजेदार और बर्दाश्त करने लायक है। हम इन सबके बावजूद दोस्त बने रह सकते हैं।’

जब अंबानी ने यह बात कही तो दर्शकों में भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील मित्तल, आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और वोडाफोन इंडिया के सीईओ सुनील सूद भी थे। जियो के पास 14 करोड़ ग्राहक हैं और देश के डेटा मार्केट में यह सबसे बड़ी कंपनी बन गई है।