Friday, July 10, 2026
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अमेरिका की नजर भारत के कृषि बाजार पर

नई दिल्ली। भारत के साथ रणनीतिक रिश्तों को तेजी से प्रगाढ़ करने में जुटे अमेरिका की नजर यहां के कृषि बाजार पर भी है। वैसे अमेरिका काफी लंबे समय से भारत को अपने घरेलू कृषि बाजार को खोलने का दबाव बना रहा है लेकिन आने वाले दिनों में यह और बढ़ सकता है।

अमेरिका के व्यापार व विदेशी कृषि कारोबार सचिव टेड मैकिनी सोमवार को भारत पहुंच चुके हैं। अगले तीन दिनों के दौरान वह सरकार से लेकर निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। पूरी यात्रा का मकसद यही है कि भारत ज्यादा से ज्यादा खाद्य उत्पादों का आयात अमेरिका से होने दे।

इस बात का खुलासा स्वयं मैकिनी ने यहां से आने से पहले दिए गए बयान में किया है। उन्होंने कहा है, ‘वैसे तो भारत को अमेरिका से होने वाले कृषि उत्पादों के निर्यात में 250 फीसद का इजाफा पिछले एक दशक में हुआ है लेकिन भारत अभी भी हमारे कई तरह के कृषि उत्पादों के आयात पर पाबंदी लगाये हुए है।

इस यात्रा के दौरान मैं अमेरिका के खाद्य उत्पादों के आयात को बढ़ाने के लिए बात करूंगा।’ इसके अलावा दोनो देशों के बीच व्यापार में रुकावट से जुड़े कई मुद्दों पर बात होगी। विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के तहत आने वाले दिनों में होने वाली व्यापार संबंधी से जुड़े मुद्दों पर भी उनकी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के दौरान बात होगी।

मैकिनी के साथ अमेरिका में खाद्य व कृषि से जुड़े तकरीबन 50 बड़ी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी आ रहे हैं। यहां नई दिल्ली और मुंबई में उनकी 150 से ज्यादा भारतीय कंपनियों के साथ मुलाकातें होंगी। अमेरिकी सरकार भारत के खाद्य बाजार को कितना महत्व देती है।

इसे इस तथ्य से समझा जा सकता है कि मैकिनी पहली बार किसी दूसरे देश की यात्र पर निकले हैं और इसके लिए उन्होंने भारत का ही चयन किया है। पिछले वर्ष अमेरिकी कृषि विभाग की तरफ से जारी एक रिपोर्ट में भारत को दुनिया के सबसे आकर्षक कृषि बाजार के तौर पर चिन्हित किया गया था।

इसमें कहा गया था कि वर्ष 2020 से वर्ष 2030 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो जाएगी और मध्यम वर्ग का काफी विस्तार होगा। ऐसे में अमेरिकी खाद्य उत्पादों के लिए वहां काफी बड़ा बाजार पैदा होगा। अमेरिका भारत को तमाम तरह के फल, सूखे मेवों के साथ ही एथनॉल के निर्यात को भी बढ़ावा देने को इच्छुक है।

वैसे इन सभी का आयात भारत करता है लेकिन अमेरिका चाहता है कि यहां से आयात बढ़ाया जाए और इनके कारोबार में जो स्थानीय अड़चनें हैं, उन्हें दूर किया जाए। वर्ष 2016 में अमेरिका से भारत को 1.3 अरब डॉलर मूल्य के खाद्य उत्पादों की सप्लाई हुई थी इसके अलावा 17.6 करोड़ डॉलर का एथनोल भेजा गया था।

वैश्विक संकेतों के कमजोर रहने से गिरावट के साथ खुला बाजार

नई दिल्ली। सोमवार को शानदार तेजी से खुला बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ खुला। वैश्विक संकेतों के कमजोर रहने के कारण भारत के बाजारों में भी दबाव देखा जा रहा है।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट है। सेंसेक्स करीब 53 अंकों की गिरावट के साथ 33,213 पर खुला और निफ्टी 10,350 के करीब है।

सेंसेक्स और निफ्टी 0.15 प्रतिशत गिरकर कारोबार कर रहे हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में थोड़ी खरीदारी देखने को मिल रही है।

बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.25 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2 फीसदी की मामूली बढ़त दिख रही है।

आईटी, मेटल, पीएसयू बैंक, रियल्टी और ऑयल ऐंड गैस शेयरों में बिकवाली दिख रही है। बैंक निफ्टी सपाट होकर 25,000 के आसपास करीब है। हालांकि फार्मा, कैपिटल गुड्स और कन्ज्यूमर ड्युरेबल्स शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है।

सातवें वेतनमान की अधिसूचना जारी, एक अक्टूबर से मिलेगा लाभ

करीब 12 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, 10500 करोड़ का वित्तीय भार प्रतिवर्ष

जयपुर । राज्य सरकार ने सोमवार को कर्मचारियों,पेंशनर्स, वर्कचार्ज कर्मियों को सातवां वेतनमान देने से संबंधित विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी है। केन्द्र की ही तर्ज पर बेसिक पे का 2.57 गुना करके लाभ दिया जा रहा है।

विभिन्न पे स्केल्स में करीब 14.22 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। बढ़ा हुआ वेतन एक अक्टूबर 2017 से दिया जाएगा।
इसके चलते कर्मचारियों को जहां एरियर नहीं दिया जा रहा है, वहीं नोशनल फिक्सेशन भी नहीं किया गया है।

वहीं पांचवीं अनुसूची के तहत गलत फिक्सेशन वाले कर्मचारियों का री-फिक्सेशन किया गया। ऐसा करने से सातवें वेतनमान में वेतन कटौती की गई, लेकिन सरकार ने इनको राहत देते हुए कम हुए वेतन को पर्सनल पे से भुगतान करने के आदेश भी जारी किए।

नए वेतनमान में न्यूनतम वेतन 17700 तथा अधिकतम वेतन 218600 प्रति माह रहेगा। वित्त विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना में ग्रेड पे को समाप्त कर अब पे मेट्रिक्स लागू की है। इसके तहत चार पे बेंड को लेवल-1 से 24 में विभाजित किया है।
 
दो स्लैब में एचआरए
जयपुर, कोटा , अजमेर , जोधपुर को उच्च श्रेणी स्लैब में रखते हुए वहां के कर्मचारी-अफसरों को 16 फीसदी एचआरए मिलेगा। जबकि बाकी शहरों में 8 फीसदी लागू होगा।
 
13 दिन से था इंतजार
17 अक्टूबर को धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सातवें वेतनमान की घोषणा का तोहफा दिया था। 13 दिन बाद वित्त विभाग ने पूरी एक्सरसाइज करके नोटिफिकेशन जारी किया है।

कोषालय में राशि जमा कराने के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया

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कोटा। कोषालय के अधीन आहरण वितरण अधिकारी ई-ग्रास पर अॉनलाइन भुगतान के लिए मोबाइल एप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे। इस पर चालान जनरेट कर अॉनलाइन राशि जमा कराई जा सकती है।

आमजन समस्त विभागों द्वारा राजकोष में जमा कराए जाने वाली सरकारी राशि ई-ग्रास वेबसाइट पर लाॅग इन करके वेबसाइट से चालान जनरेट कर राशि बैंकों द्वारा राजकोष में जमा कराई जाती है।

इसे सुगम बनाने के लिए एक मोबाइल एप डेवलप किया है, जो प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इस एप को जमाकर्ताओं द्वारा अपने मोबाइल में डाउनलोड कर, एप से चालान जनरेट कर राजस्व राशि ऑनलाइन राजकोष में जमा कराई जा सकती है। साथ ही वर्तमान ई-ग्राम की व्यवस्था भी कार्यरत रहेगी।

एमआरपी में जीएसटी शामिल करने को अनिवार्य करें, मंत्री समूह की सिफारिश

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रेस्त्रां और मॉल में एमआरपी से अधिक पैसा वसूलने की शिकायत

नई दिल्ली।  कई दुकानदार, रेस्त्रां मॉल लोगों से प्रोडक्ट की एमआरपी के ऊपर जीएसटी ले रहे हैं, जो गलत है। इसलिए सरकार को यह बात साफ करनी चाहिए कि एमआरपी के ऊपर जीएसटी लेने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

जीएसटी पर असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह ने सिफारिश की है कि एमआरपी में जीएसटी शामिल करने को अनिवार्य बनाया जाए। गुवाहाटी में 10 नवंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन सिफारिशों पर विचार हो सकता है।

  •  रिटर्न फाइलिंग में देरी पर जुर्माना 200 रुपए से घटाकर 100 रु. प्रति दिन किया जाए।
  • जुर्माने में आधा सेंट्रल जीएसटी और आधा स्टेट जीएसटी मद में जाता है।
  • सभी कारोबारियों के लिए तिमाही रिटर्न फाइलिंग की सुविधा हो।
  • अभी सालाना 1.5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले ही तिमाही रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
  • इससे ज्यादा बिजनेस वालों को हर महीने रिटर्न फाइल करना पड़ता है।
  •  रिटर्न फाइलिंग में एचएसएन कोड और इनवॉयस मैचिंग को भी आसान बनाने का सुझाव है।
  • तिमाही रिटर्न सबके लिए हो, जुर्माना भी आधा किया जाए

टाटा के वाहनों के लिए आज और मुफ्त जांच शिविर

कोटा। टाटा मोटर्स ने ग्राहक सेवा महोत्सव के तौर पर सभी वाणिज्यिक वाहनों के मालिकों के लिए 23 से 31 अक्टूबर तक भारत भर में सभी 1500 वर्कशॉप्स पर वाहनों की मुफ्त जांच शिविर का आयोजन किया गया है।

ग्राहक सेवा महोत्सव का शुभारंभ 23 अक्टूबर को राष्ट्रीय ग्राहक सेवा दिवस के जश्न के तौर पर किया गया था और इस महोत्सव में प्रतिदिन 16,000 से ज्यादा ग्राहक आ रहे हैं।

ग्राहकों को उन्नत अनुभव प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कंपनी ने हाल ही में ग्राहक संवाद अभियान भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य वाणिज्यिक वाहन के ग्राहकों और वाहन बेड़े के मालिकों को इनोवेटिव उत्पादों के बारे में शिक्षित करना है।

9 अक्टूबर, 2017 को शुरू किए गए इस अभियान के माध्यम से 10 दिनों के अंदर ही 8,000 से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचा जा चुका है। ग्राहक-केंद्रित सालाना पहल, टाटा मोटर्स के मजबूत उत्पाद पाइपलाइन और सुदृढ़ आकांक्षा के मूूल्यों से प्रेरित है।

इस अवसर पर टाटा मोटर्स लिमिटेड में सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट, कस्टमर केयर सीवीबीयू श्री आर रामाकृष्णन ने कहा, ”टाटा मोटर्स में ग्राहक संवाद महोत्सव ग्राहकों और चैनल पार्टनर्स के साथ जुडऩे की एक विशेष पहल है, जिसमें उन्हें विशिष्ट सुविधाएं एवं सेवाएं प्रदान की जाती है।

स्पेयर पाट्र्स वितरण के संदर्भ में, हमारा ध्यान दक्षता और सर्विस के स्तर पर सुधार करने पर है। कुछ खास क्षेत्रों में हम कंटेनर वर्कशॉप्स और साइट्स पर मोबाइल वैन्स भी मुहैया करा रहे हैं।

सर्वश्रेष्ठ स्तर की सेवाएं मुहैया कराने की अपनी प्र्रतिबद्धता को जारी रखते हुए टाटा मोटर्स ने स्पेयर पाट्र्स, लेबर, ल्यूब्रिकेंट्स और प्रोफाइल इंजन की खरीद पर आकर्षक छूट की भी पेषकष की है।

कंपोजीशन स्कीम वाली कंपनियों के लिए रिटर्न फाइलिंग की सुविधा जल्द ही

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नई दिल्ली । वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अंतर्गत जिन व्यवसायों ने जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपोजीशन स्कीम का विकल्प चुना है, वो अपना पहला जीएसटी रिटर्न जल्द ही दाखिल कर पाएंगे। गौरतलब है कि 1 जुलाई 2017 से लागू हुए जीएसटी के अंतर्गत 15 लाख व्यवसायों ने कंपोजीशन स्कीम का चयन किया था।

जीएसटी नेटवर्क के सीईओ प्रकाश कुमार ने बताया, “हम जीएसटीआर-4 के साथ तैयार हैं, जिसका इस्तेमाल कंपोजीशन स्कीम लेने वाले रिटर्न दाखिल करने के लिए करेंगे। इसकी सुविधा जल्द ही जीएसटीएन पोर्टल पर उपलब्ध होगी।”

जीएसटी के नियमों के मुताबिक 75 लाख रुपए के सालाना टर्नओवर वाले ऐसे कारोबारी जिन्होंने कंपोजीशन स्कीम के विकल्प को चुना है जुलाई-सितंबर महीने के लिए तिमाही रिटर्न जल्द ही दाखिल कर पाएंगे और कर का भुगतान कर पाएंगे।

किनके लिए है कंपोजीशन स्कीम:
कंपोजीशन स्कीम की सुविधा सिर्फ व्यापारियों, मैन्यूफैक्चरिंग यूनिटों और रेस्तरां सेवा प्रदाताओं को ही प्राप्त है। इसके तहत पंजीकृत व्यापारियों को अपने टर्नओवर का मात्र एक प्रतिशत और मैन्यूफैक्चरर को दो प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करना होता है।

वही रेस्तरां सेवा प्रदान करने वाले व्यवसायियों को इस स्कीम के तहत पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी अदा करना होता है। कंपोजीशन स्कीम में पंजीकृत व्यापारियों को सबसे बड़ी सुविधा यह है कि उन्हें हर माह जीएसटी का रिटर्न दाखिल नहीं करना पड़ता।

वे तीन माह में सिर्फ एक बार जीएसटी रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि कंपोजीशन स्कीम के तहत पंजीकृत व्यापारी अंतरराज्यीय बिक्री नहीं कर सकते। वैसे तंबाकू उत्पाद बनाने वाली यूनिटों को कंपोजीशन स्कीम की सुविधा नहीं मिल सकती है।

राजस्थान पेवेलियन होगा आकर्षण का केन्द्र, बनेगा निवेश का माध्यम

जयपुर। प्रमुख शासन सचिव एमएसएमई डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा है कि वर्ल्ड फूड इण्डिया में राजस्थान पेवेलियन आकर्षण का केन्द्र होने के साथ ही प्रदेश में निवेश आकर्षित करने का प्रमुख माध्यम बनेगा। डॉ. अग्रवाल सोमवार को उद्योग भवन में वर्ल्ड फूड इण्डिया की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि रीको, बीआईपी, कृृषि, बागवानी, डेयरी, कृृषि विपणन आदि विभागों द्वारा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सारगर्भित सूचनाओं का समावेश करते हुए राजस्थान पेवेलियन में प्रदर्शन के साथ ही निवेशकों से समन्वय स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कृृषि, बागवानी और डेयरी आधारित उद्योग धंधों व इनके भण्डारण और कोल्ड स्टोरेज चैन स्थापना की राजस्थान में विपुल संभावनाओं को वर्ल्ड फूड इण्डिया में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा ताकि देश और देश के बाहर के निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित हो सके।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अतिरिक्त निदेशक एल सी जैन जहां समग्र समन्वयक रहेंगे वहीं पीके जैन और पीआर शर्मा के दो दल संबंधित विभागों के अघिकारियों के साथ समन्वय बनाते हुए निवेशकों से आरंभिक संवाद कायम करेंगे।

उन्होंने बताया कि राजस्थान से संबंधित जरूरी सूचनाओं का समावेश करते हुए लिटरेचर तैयार करवाया गया है जिससे राजस्थान पेवेलियन में सभी जानकारी उपलब्ध रह सके।

उन्होंने बताया कि वर्ल्ड फूड इण्डिया के लिए संयुक्त निदेशक संजीव सक्सैना को कन्ट्रोल रुम प्रभारी बनाते हुए कन्ट्रोल रुम भी नई दिल्ली में बनाया गया है। इसमें कैलाश सेठी व आशिष को जोड़ा गया है।

उन्होंने बीआईपी की निधि सेन से राजस्थान पेवेलियन के गेटअप, स्टॉलों व समग्र प्रजेन्टेशन की विस्तार से जानकारी लेते हुए राजस्थान पेवेलियन में राजस्थान के पक्ष को बहुआयामी व उपादेय बनाते हुए प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

रेलवे आरक्षण फॉर्म में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए होगा ‘T’ विकल्प

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नई दिल्ली। रेलवे आरक्षण फॉर्म में जल्द ही आपको एक बदलाव देखने को मिलेगा। रेलवे बोर्ड आरक्षण फॉर्म में पुरुषों के लिए M और महिलाओं के लिए F के साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए T का विकल्प जोड़ने जा रहा है जिससे इस समुदाय को तीसरे लिंग के रूप में खुद की पहचान बताने का विकल्प उपलब्ध होगा।

बोर्ड ने सभी रेलवे मंडलों को लिखे पत्र में कहा है कि टिकट आरक्षण और रद्दीकरण फॉर्म में अब ट्रांसजेंडर के लिए केवल T का विकल्प होगा जो पहले ट्रांसजेंडर (महिला/पुरुष) होता था।

पत्र के मुताबिक सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय फिलहाल ट्रांसजेंडर और किन्नर समुदाय के अनेक मामलों को देख रहा है। उधर, संसद की स्थायी समिति प्रस्तावित ट्रांसजेंडर जन (अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2016 की समीक्षा कर रही है।

17 अक्टूबर को भेजे पत्र के मुताबिक, ‘इस मामले की समीक्षा करने के बाद फैसला लिया गया है कि इस संदर्भ में सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा विस्तृत तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिये जाने तक प्रणाली में एक प्रावधान किया जा सकता है और T (M/F) की जगह केवल T का विकल्प दिया जा सकता है।

2014 में एक ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर्स के लिए ‘तीसरे जेंडर’ का दर्जा दे दिया था। इससे पहले उन्हें जेंडर कॉलम में पुरुष या महिला लिखना पड़ता था। आदेश के बाद कई सरकारी दस्तावेजों जैसे- पासपोर्ट, राशन कार्ड, बैंक फॉर्म्स और मतदाता पहचान पत्रों के लिए तीसरे जेंडर के लिए TG, Other या T का विकल्प देना शुरू कर दिया गया था।

2016 में रेलवे ने भी एक आदेश के जरिए T (M/F) का विकल्प शुरू किया था पर कार्यकर्ताओं ने कहा था कि अब भी ट्रांसजेंडरों को अपनी पहचान बताने के लिए पुरुष या महिला के विकल्प पर ही निर्भर रहना पड़ता है। अब रेलवे के इस कदम से ट्रांसजेंडर समुदाय को तीसरे लिंग के रूप में खुद की पहचान बताने का विकल्प उपलब्ध होगा।

भामाशाह मंडी में पहली बार माल की आवक एक लाख बोरी रही

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को लहसुन की आवक 8000 हजार कट्टे की रही । इस सीजन में पहली बार माल की कुल आवक एक लाख बोरी की रहीं । धान की आवक 50 हजार बोरी की रहीं । धान 150 रुपए प्रति क्विंटल मन्दा, चना 100,रुपए प्रति क्विंटल मंदा। गेहूं 20 रुपए प्रति क्विंटल तेज ‌रहा। 

गेहूं मिल 1550 से 1605 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1850 रुपए प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 1800 से 2350 पूसा 1 2000 से 2500 पूसा4 (1121) 2000 से 2950 धान (1509) 2000 से 2700 रुपए प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2200 से 2720 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 5000 से 6600 रुपए प्रति क्विंटल। मैथी 2000 से 2400 धनिया बादामी 3400 से 3900 ईगल 3600 से 4000 रंगदार 4000 से 5000 रुपए प्रति क्विंटल।

मूंग 3500 से 4000 उडद 2400 से 3900 चना 4500से 4700 चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4800 से 5000 चना मौसमी 4800 से 5200 मसूर 3300 से 3600 रुपए प्रति क्विंटल।

ग्वार 2500से 3050 मक्का नई 800 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल।   लहसुन 1000 से 4100 रुपए प्रति क्विंटल।