Friday, July 10, 2026
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गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी

नई दिल्ली।सेंसेक्स सोमवार को 53 अंकों की गिरावट के बाद 33,213 पर जबकि निफ्टी 28 अंक गिरकर 10,335 पर बंद हुआ। मिडकैप शेयरों में भी सुस्ती ही रही, लेकिन स्मॉलकैप शेयरों में थोड़ी खरीदारी देखने को मिली।

बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.15 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ है। निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी तक मजबूत होकर बंद हुआ है।

सोमवार को शानदार तेजी से खुला बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ खुला। वैश्विक संकेतों के कमजोर रहने के कारण भारत के बाजारों में भी दबाव देखा गया। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट रही।

सेंसेक्स करीब 53 अंकों की गिरावट के साथ खुला और निफ्टी 10,350 के करीब खुला । आईटी, मेटल, पीएसयू बैंक, रियल्टी और ऑइल ऐंड गैस शेयरों में बिकवाली दिखी। फार्मा, कैपिटल गुड्स और कन्ज्यूमर ड्युरेबल्स शेयरों में खरीदारी देखने को मिली है।

करदाताओं को तगड़ा झटका, IT डिपार्टमेंट खोलेगा बंद पुराने केस

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नई दिल्ली। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जल्द ही छोटे करदाताओं पर अपनी गाज गिराने जा रहा है, जिनके पुराने लंबित मामलों को बंद कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा डिपार्टमेंट को दिए गए आदेश के बाद अब ऐसा होगा। 

ये मामले खुलेंगे दुबारा डिपार्टमेंट अब उन मामलों को खोलेगा, जिनको कई साल पहले लिमिट से नीचे टैक्स डिमांड होने के कारण बंद कर दिया गया था। इसके लिए तर्क दिया गया था कि राशि छोटी होने के कारण इनको कोर्ट में नहीं ले जाएगा।

डिपार्टमेंट ने फरवरी 2011 और दिसंबर 2015 टैक्स लीमिट फिक्सड की थी। चार लाख से लेकर के 10 लाख रुपये तक के बीच टैक्स डिमांड को फिक्स कर दिया था। 

सुप्रीम कोर्ट ने किया सर्कुलर को खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) द्वारा जारी उस सर्कुलर को रद्द कर दिया है, जिसमें छोटी राशि वाले लंबित केसों को बंद करने की बात कही गई थी।

इस आदेश के बाद अब डिपार्टमेंट फिर से उन बंद हुए केसों को ट्रिब्यूनल के पास भेजेगा, जिनको खारिज कर दिया गया था। इससे टैक्सपेयर का कानूनी खर्चा काफी बढ़ जाएगा। 

इन नोटिफिकेशंस से टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ अपने विवादों को लेकर पिछली तारीख से राहत मिली थी, लेकिन अब उनके मामले दोबारा खुल सकते हैं।

आशंका है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ऑर्डर को लागू करने के लिए कोर्ट में बड़ी संख्या में अपील दायर कर सकता है।

आईआईटी खड़गपुर और आर्का रीन्यूएबल खोलेंगे वाणिज्यिक ई-चार्जिंग स्टेशन

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कोलकाता। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खडग़पुर और आर्का रीन्यूएबल एनर्जी कॉलेज की राज्य में वाणिज्यिक स्तर का एक ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन खोलने की योजना है। इस संबंध में दोनों ने एक प्रस्ताव विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के पास जमा कराया है।

बंगाल नैशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (बीएनसीसीआई) के एक कार्यक्रम से अलग आर्का कॉलेज के प्रमुख एसपी गनचौधरी ने कहा कि देश में इस स्तर की यह पहली परियोजना होगी। उन्होंने कहा, इस परियोजना की लागत 80 लाख से एक करोड़ रुपये के बीच होगी। हम इसके लिए एक उपयुक्त स्थान की तलाश कर रहे हैं।

आईआईटी खडग़पुर इसके लिए हमें तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगा। गनचौधरी ने कहा कि इस स्टेशन की क्षमता 250 किलोवाट घंटा होगी जो एक दिन में 500 कारों तक चार्ज करने में सक्षम होगा। अभी खड़पुर में ई-रिक्शा के लिए एक प्रायोगिक छोटा ई-चार्जिंग स्टेशन तैयार किया गया है। यह दिखाता है कि इस प्रक्रिया का वाणिज्यिक तौर पर दोहन किया जा सकता है।

कोई भी मुकाम हासिल करने के लिए रियाज जरूरी, देखिए वीडियो

सिंगर मनीषा करंदीकर से लेन देन चैनल की बातचीत

कोटा। फिल्म इंडस्ट्रीज में अपना मुकाम बनाना और उस मुकाम को बनाये रखना आसान नहीं है। चाहे वह सिंगर हों या फिर अन्य आर्टिस्ट। यह मानना है सिंगर मनीषा करंदीकर का। पिछले दिनों वह मुंबई से एक कार्यकम में भाग लेने कोटा आई थी।

इस दौरान हमारे चैनल LEN DEN NEWS ने उनसे बात कर उनके गायकी के सफर के बारे में जाना। उनका कहना है कोई भी मुकाम हासिल करने के लिए रियाज बहुत जरूरी है। वह प्रमुख रूप से स्टेज परफॉर्मर है। बात जब फिल्मों की आई तो वह बोली उन्हें इनसे ही फुरसत नहीं। लीजिये देखिये वीडियो –

फोर्ड ईकोस्पोर्ट की फेसलिस्ट की बुकिंग शुरू

नई दिल्ली। फोर्ड के चुनिंदा डीलरों ने फेसलिफ्ट ईकोस्पोर्ट की बुकिंग शुरू कर दी है। इसे 50,000 रूपए में बुक किया जा सकता है। नई ईकोस्पोर्ट को नवंबर की शुरूआत में उतारा जाएगा। इसका मुकाबला टाटा नेक्सन, होंडा डब्ल्यूआर-वी और मारूति विटारा ब्रेजा से होगा।

कीमत के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, कयास लगाए जा रहे हैं कि यह पहले से महंगी हो सकती है। फेसलिफ्ट ईकोस्पोर्ट में कई कॉस्मेटिक बदलाव नजर आएंगे। आगे का डिजायन नया होगा, यहां प्रोजेक्टर हैडलैंप्स के साथ डे-टाइम रनिंग एलईडी लाइटें मिलेंगी।

इसके अलावा फॉग लैंप्स, अलॉय व्हील, स्पेयर व्हील कवर और टेललाइटों में भी बदलाव नजर आएगा। फेसलिफ्ट ईकोस्पोर्ट का केबिन पहले से ज्यादा प्रीमियम होगा, इस में एपल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो कनेक्टिविटी सपोर्ट करने वाला 8.0 इंच फ्लोटिंग टचस्क्रीन सिस्टम समेत कई फीचर मिलेंगे।

 सबसे बड़ा बदलाव इंजन में नजर आएगा। फोर्ड ईकोस्पोर्ट फेसलिफ्ट में नया 1.5 लीटर का 3-सिलेंडर टीआई-वीसीटी पेट्रोल इंजन मिलेगा। इसकी पावर 123 पीएस और टॉर्क 150 एनएम होगा।

कयास लगाए जा रहे हैं कि नए इंजन के अलावा इस में मौजूदा मॉडल वाला 1.0 लीटर ईकोबूस्ट और 1.5 लीटर डीजल इंजन का विकल्प भी दिया जा सकता है। फेसलिफ्ट ईकोस्पोर्ट में 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स स्टैंडर्ड आएगा। इसके अलावा 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प भी मिलेगा।

आप भी जलाते हैं LED बल्ब तो, जरूर पढ़ें ये खबर

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नई दिल्ली।  भारत में एलईडी बल्ब का कारोबार बड़ी तेजी से फल फूल रहा है लेकिन एक सवेर्क्षण से यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि बाजार में बिकने वाले करीब तीन चौथाई यानी 76 फीसदी बल्ब सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हैं।

सवेर्क्षण एजेंसी नील्सन द्वारा जारी रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि देश में बिकने वाले अधिकतर एलईडी बल्ब खतरनाक और नकली हैं और सबसे अधिक मामले राष्ट्रीय राजधानी नयी दिल्ली से जुड़े हैं। इ

सके साथ यह भी बात सामने आयी है कि करीब 48 फीसदी एलईडी बल्ब पर निमार्ता का पता नहीं है और 31 फीसदी पर नाम ही नहीं है।

मुम्बई, नयी दिल्ली, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों के 200 इलेक्ट्रिक खुदरा आउटलेट पर गत जुलाई के दौरान सवेर्क्षण करके यह रिपोर्ट तैयार की गयी है।

रिपोर्ट के मुताबिक जाली और बिना ब्रांड वाले एलईडी बल्ब न सिर्फ संगठित बाजार के लिए खतरा हैं बल्कि इनसे सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ पहल पर भी खतरा मंडरा रहा है।

गत अगस्त में भारतीय मानक ब्यूरो ने एलईडी बल्ब निमार्ताओं को उनके उत्पाद के सुरक्षा जांच के लिए बीआईएस से पंजीकृत करने का आदेश जारी किया था।

भारतीय बाजार में चीन से तस्करी के रास्ते लाये गये उत्पादों का काफी बोलबाला है और इसी कारण एलईडी निमार्ताओं को बीआईएस पंजीकरण के आदेश जारी किये गये थे। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि जाली उत्पादों से सरकार खजाने को काफी चूना लगता है। जाली उत्पाद निवेश लक्ष्य के उद्देश्य के प्रतिकूल  हैं और इज ऑफ डूइंग बिजनेस के खिलाफ हैं।

मुंबई समेत 6 टॉप शहरों में 100 फीसदी बढ़ा रियल इस्टेट में निवेश

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नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद भी देश भर के 6 बड़े शहरों में रियल इस्टेट सेक्टर में इन्वेस्टमेंट 100 फीसदी तक बढ़ गया है। इसमें भी मुंबई पहले स्थान पर है, जहां पर देश के साथ-साथ विदेशी निवेशकों ने भी काफी पैसा प्रॉपर्टी खरीदने में लगाया है।

रियल इस्टेट बाजार पर निगाह रखने वाली कुशमैन एंड वेकफील्ड की तरफ से जारी की गई एक सर्वे रिपोर्ट में सामने आई है, जिसने पूरे विश्व में इसे किया था। 

भारत में हुआ एक साल में 2.87 बिलियन डॉलर का निवेश
रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई 2016 से लेकर के जून 2017 के बीच भारत के मुंबई, चेन्नई, बंगलूरू, पुणे, हैदराबाद और दिल्ली में करीब 2.87 बिलियन डॉलर का निवेश केवल रियल इस्टेट सेक्टर में हुआ है। अकेले मुंबई में करीब 1.75 बिलियन डॉलर का निवेश पिछले एक साल में हुआ है। 

149 से 81वें स्थान पर आया मुंबई
रिपोर्ट के अनुसार विश्व रैंकिंग में 149 से 81वें स्थान पर आ गया है। इस रैंकिंग में अभी भी पहला स्थान न्यूयॉर्क का है जहां पर 51 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया। दूसरे स्थान पर लोस एंजेलिस, तीसरे स्थान पर सैनफ्रांसिस्को और चौथे स्थान पर लंदन है।

वहीं भारत की बात करें तो फिर मुंबई के बाद बेंगलुरु का नंबर है जहां 300 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया। इसके बाद चेन्नई और नई दिल्ली का नंबर है। 

दिसंबर में कम हो सकती है आपके लोन की किश्त

नई दिल्ली। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) ने एक रिसर्च नोट में कहा कि हम आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति से छह दिसंबर को नीतिगत दर में 25 आधार अंकों की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं।  

मुख्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति को सातवें वेतन आयोग के बाद मकान किराया भत्ते (एचआरए) के लिए समायोजित किया गया था, जो अब नीचे आ रहा है और एचआरए का प्रभाव काफी हद तक सांख्यिकीय दृष्टि से ही रह गया है।  

अक्तूबर में यथावत रहेगा सीपीआई मुद्रास्फीति का आंकड़ा
बोफाएमएल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अक्तूबर में सीपीआई मुद्रास्फीति दर सितंबर की तरह ही 3.3 फीसदी पर ही रहेगी। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि विकास दर के आंकड़े के कम होने की वजह से नीतिगत दर में कटौती संभव है।  

दिसंबर माह में नीतिगत दर में कटौती व्यस्त सीजन से पहले बैंकों के लिए कर्ज की दरों में कटौती का संकेत होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, छह दिसंबर को नीतिगत दर में कटौती मार्च तिमाही में काफी तेज होने वाले व्यस्त औद्योगिक सीजन से पहले बैंकों के लिए कर्ज की दर में कटौती का संकेत देगा, खासकर तब जब सरकार बैंकों द्वारा कर्ज बढ़ाने के लिए सार्वजनिक बैंकों में पूंजी डालने वाली है।

इस महीने की शुरुआत में आरबीआई ने मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका को लेकर नीतिगत दर को यथावत रखा और मौजूदा वित्त वर्ष के लिए विकास दर अनुमान को घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष की बाकी अवधि के लिए मुद्रास्फीति दर अनुमान को बढ़ाकर 4.2-4.6 फीसदी पर रखा, जबकि पहले इसे 4-4.5 फीसदी पर रखा गया था। 

सरकारी बैंकों का विलय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी

नई दिल्ली । सरकारी बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज की घोषणा के बाद सरकार उनके विलय की प्रक्रिया को अब ज्यादा दिनों तक नहीं रोकना चाहती है।

ऐसे में सरकार ने सोमवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में उस व्यवस्था के गठन की इजाजत दी है जिसे कुछ ही दिन पहले कैबिनेट से मंजूरी मिली थी।

सरकार ने इसे वैकल्पिक व्यवस्था (आल्टरनेट मैकेनिज्म) का नाम दिया था जो बैंकों में विलय से जुड़े मुद्दों पर फैसला करेगी। लेकिन यह एक तरह की समिति ही होगी जिसमें रेल व कोयला मंत्री पीयूष गोयल और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को भी शामिल किया गया है।

सरकार का कहना है कि मंत्रियों की सदस्यता वाली यह समिति बैंक विलय का प्रस्ताव नहीं लाएगी बल्कि जो प्रस्ताव बैंकों की तरफ से आएंगे, उसे आगे बढ़ाने का काम करेगी। किस बैंक का विलय करना है, यह फैसला बैंकों के निदेशक बोर्ड के स्तर पर ही होगा।

उदाहरण के तौर पर अगर दो बैंक विलय का फैसला करते हैं तो उनके बोर्ड से प्रस्ताव पारित होगा और उसे इस समिति के पास भेजा जाएगा। इसकी मंजूरी के बाद आरबीआइ और सेबी वगैरह विलय प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे।

सूत्रों का कहना है कि तीन सरकारी बैंकों के बीच विलय की प्रक्रिया को लेकर बात काफी आगे बढ़ चुकी है। सरकार दिसंबर, 2017 तक कम से कम एक बड़े विलय प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाने की मंशा रखती है।

यह इसलिए किया जाएगा ताकि बैंकों के लिए जारी होने वाले बांड के प्रति घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। विलय संबंधी एक बड़े प्रस्ताव के आगे बढ़ने से निवेशक समुदाय को एक बड़ा संदेश जाएगा कि सरकार सुधारों को लेकर काफी गंभीर है।

टाटा स्टील को 1018 करोड़ रुपये का मुनाफा

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नई दिल्ली । टाटा स्टील ने चालू वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही के लिए अपने वित्तीय नजीजे को घोषित कर दिए हैं। जुलाई-सितंबर की इस तिमाही ने देश की दिग्गज स्टील कंपनी ने 1,018 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है।

बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही के दौरान इस कंपनी को 49.48 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा लगा था। मुनाफा बढ़ने की खबर से कंपनी का शेयर बीएसई में एक फीसद से ज्यादा चढ़कर 718.80 रुपये पर बंद हुआ।

मौजूदा वित्त वर्ष की समीक्षाधीन तिमाही में टाटा स्टील की कुल आय भी बढ़कर 32,717.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वर्ष 2016-17 की सितंबर में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आमदनी का आंकड़ा 27,228.50 करोड़ रुपये था।

कंपनी के खर्चो में भी चालू वर्ष की दूसरी तिमाही में इजाफा हुआ है। इस दौरान कुल खर्च 30,566.68 करोड़ रुपये रहा। बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में खर्च का यह आंकड़ा 26,866.49 करोड़ रुपये था।

एचडीएफसी का लाभ 17 फीसद बढ़ा
देश की दिग्गज हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी ने मौजूदा वित्त वर्ष की 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में 2,869 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट अर्जित किया है। मुनाफे का यह आंकड़ा बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 17 फीसद ज्यादा है।

कंपनी के वाइस चेयरमैन एवं सीईओ केकी मिस्त्री ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की लोनबुक में 18 फीसद की वृद्धि दर्ज हुई है। फंसे कर्जो के हिसाब से देखें कि कंपनी का ग्रॉस एनपीए लोन पोर्टफोलियो के 1.14 फीसद के स्तर पर है।

एलआइसी हाउसिंग का प्रॉफिट घटा
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान एलआइसी हाउसिंग फाइनेंस का शुद्ध लाभ 1.13 फीसद की मामूली गिरावट के साथ 489.12 करोड़ रुपये हो गया। एलआइसी की सहयोगी कंपनी ने दूसरी तिमाही के दौरान अपने कुल रेवेन्यू में 6.5 फीसद की वृद्धि हासिल की। कमाई का यह आंकड़ा 3,716.63 करोड़ रुपये रहा।

सेंट्रल बैंक का घाटा और बढ़ा
सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने भी तिमाही नतीजे घोषित कर दिए। बैंक ने चालू वर्ष की दूसरी तिमाही में 750 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दिखाया है। फंसे कर्जो यानी एनपीए के लिए ज्यादा राशि का प्रावधान करने की वजह से घाटे में यह बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान बैंक का सकल कर्ज के मुकाबले ग्रॉस एनपीए का अनुपात बढ़कर 17.27 फीसद हो गया।

ल्यूपिन के लाभ में तेज गिरावट
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान दवा कंपनी ल्यूपिन का शुद्ध लाभ 31.3 फीसद गिरकर 455 करोड़ रुपये रह गया। बीते साल कंपनी ने 662 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल बिक्री भी आठ फीसद घटकर 3,874 करोड़ रुपये रही।