Friday, July 10, 2026
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बाजार में पुरानी रौनक लौटी , निफ्टी ने फिर तोड़ा रेकॉर्ड

नई दिल्ली। मंगलवार को बाजार भले ही गिरावट के साथ बंद हुआ हो, लेकिन बुधवार को बाजार में पुरानी रौनक लौट आई। बुधवार को सेंसेक्स 130 अंकों की बढ़त के साथ 33,360 और निफ्टी 60 अंकों की बढ़त के साथ 10,400 पर खुला।

यह पहली बार है जब निफ्टी इस ऊंचाई पर पहुंचा हो। मंगलवार को मिडकैप शेयरों में रही सुस्ती बुधवार को शुरुआती दौर में बेहद सामान्य रही। निफ्टी की तेजर में भारती एयरटेल और आरआईएल का 8 अंकों का योगदान रहा। वहीं स्पाइसजेट के शेयर भी काफी ऊपर ट्रेंड कर रहे थे।

एसबीआई, आईसीआईसीआई के शेयर भी काफी ऊपर ट्रेंड कर रहे थे। एक्सिस बैंक, डीएलएफ और जस्ट डायल का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। वहीं अडाणी ट्रांसमिशन, आईडीबीआई, यूनियन बैंक, सन फार्मा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई।

बुधवार को बाजार में आई बढ़त के पीछे कहीं न कहीं वर्ल्ड बैंक की उस रिपोर्ट का भी योगदान है, जिसमें बताया गया है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनस में भारत ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। भारत ने इस रैंकिंग में सीधे 30 अंकों की छलांग लगाई है।

रेलवे का नया टाइम टेबल आज से लागू , कोटा-बड़ोदरा सुबह 9.45 बजे चलेगी

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 कोटा । रेलवे में 1 नवंबर से नई समय सारणी लागू हो जाएगी। कोटा-बड़ोदरा पैसेंजर ट्रेन कोटा से अब सुबह 9.45 बजे रवाना होगी। अभी तक ये ट्रेन 9.30 बजे रवाना होती थी। इंदौर-जोधपुर रणथम्भौर एक्सप्रेस अब कोटा 12.30 बजे आएगी और 12.40 बजे रवाना होगी।

बांद्रा-देहरादून देहरादून एक्सप्रेस का कोटा में ठहराव 35 मिनट रहेगा। अभी तक ये ट्रेन कोटा में 40 मिनट रुकती थी। देहरादून-बांद्रा देहरादून एक्सप्रेस का कोटा में ठहराव 15 मिनट का ही होगा।

अभी तक ये ट्रेन 20 मिनट कोटा में रुकती थी। अहमदाबाद-वैष्णो देवी जम्मू साप्ताहिक ट्रेन का रामगंजमंडी शामगढ़ में ठहराव 1 मिनट होगा। अभी तक ये ट्रेन दोनों स्टेशनों पर 2-2 मिनट रुकती थी।

सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश ने बताया कि बांद्रा से गोरखपुर के बीच चलाई जा चुकी ट्रेन को टाइम टेबल में शामिल किया गया है। कोटा से इंदौर के बीच वाया अंता, बारां होकर चलाई जा चुकी ट्रेन सुपरफास्ट हो चुकी है।

  • इनकी स्पीड बढ़ाई
  •  इंदौर-कोटा एक्सप्रेस रेलवे जोन को पार करने में 40 मिनट कम लेगी।
  • बीना-कोटा पैसेंजर डब्ल्यूसीआर जोन पार करने में 10 मिनट कम लेगी।
  •  नीमच-कोटा पैसेंजर मंडल को पार करने में 15 मिनट कम समय लेगी।

ठहराव कम किया
कोटा से निजामुद्दीन जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस का बयाना भरतपुर में ठहराव कम किया गया है। बयाना में अब ट्रेन 1 मिनट रुकेगी। पहले 2 मिनट रुकती थी। भरतपुर में ट्रेन का ठहराव 3 मिनट कर दिया गया है। अभी तक ट्रेन यहां 5 मिनट रुकती थी। निजामुद्दीन-कोटा जनशताब्दी बयाना में 2 के स्थान पर 1 मिनट सवाईमाधोपुर में 4 मिनट के स्थान पर 3 मिनट रुकेगी।

रिटेलरों, शॉपिंग मॉल्स को दिसंबर तक देना होगा बंपर डिस्काउंट

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मुंबई। रिटेल चेन और शॉपिंग मॉल इस बार दिसंबर में ‘ईयर एंड’ सेल की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान ब्रैंडेड कपड़ों, गैजेट्स, किचन अप्लायंसेज और खिलौनों पर 50 पर्सेंट तक डिस्काउंट दिया जा सकता है। ऐसा जीएसटी के कारण होगा।

समस्या यह है कि पहली जुलाई से पहले खरीदे गए माल की अगर रसीदें नहीं होंगी तो उन पर चुकाए गए टैक्स के लिए छह महीने के बाद ट्रांजिशनल क्रेडिट सुविधा नहीं मिलेगी।

इसका अर्थ यह है कि जिन रिटेलरों के पास ऐसा स्टॉक होगा, वे पहली जुलाई से पहले खरीदे गए माल पर चुकाए गए सेल्स, एक्साइज आदि टैक्सेज को 31 दिसंबर के बाद इन वस्तुओं को बेचने पर बनने वाली जीएसटी लायबिलिटी से अजस्ट नहीं कर सकेंगे।

एक बड़े शॉपिंग मॉल के सीईओ ने कहा, ‘हमें उम्मीद थी कि जीएसटी से पहले वाला स्टॉक दिवाली में बिक जाएगा, लेकिन इस बार बिक्री कमजोर रही। अगर दिसंबर से पहले यह माल नहीं बिका तो हम फंस जाएंगे।’

मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि ग्राहकों को इस साल ‘मेगा स्टॉक क्लियरेंस’ सेल का मौका मिल सकता है, जिसमें रिटेलर्स हो सकता है कि असल लागत या मामूली मार्जिन पर सामान बेचें।

सीईओ ने कहा कि अगर यह मुद्दा नहीं सुलझा तो दिसंबर अंत तक किसी भी तरह माल बेचने पर उन्हें मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘ब्रांडेड शर्ट्स, किचन अप्लायंसेज और छोटे सेलर्स से खरीदे गए हैंडीक्राफ्ट्स पर बड़ा डिस्काउंट होगा।’

हमारे चैनल लेनदेन न्यूज़ ने चार प्रमुख सिंगल ब्रांड रिटेल चेंस और शॉपिंग मॉल्स के प्रतिनिधियों से बात की, जिन्होंने कहा कि दिसंबर तक डिस्काउंट्स दिए जाएंगे। अधिकतर मामलों में छोटे दुकानदारों को भी अगले महीने तक डिस्काउंट देना पड़ सकता है।

अभी बड़ी रिटेलर्स ने इस उम्मीद में नवंबर तक स्टॉक होल्ड करने का निर्णय किया है कि इस बीच मसले का कोई हल निकल आएगा।

देश की दो टॉप रिटेल चेंस तो इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में दिल्ली हाई कोर्ट में रिट पिटीशन दाखिल करने पर विचार कर रही हैं। कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि जीएसटी लॉ में ऐसे प्रावधान से कारोबारियों के कुछ बुनियादी अधिकारों पर चोट लग सकती है।

खेतान ऐंड कंपनी के पार्टनर अभिषेक ए रस्तोगी ने कहा, ‘बड़ा सवाल यह है कि क्या कानून यह तय कर सकता है कि कारोबार कैसे चलाया जाए और क्या यह प्रॉडक्ट्स की बिक्री की कोई समय सीमा तय कर सकता है?

कई रिटेलरों को उन वस्तुओं को इस साल का अंत होने से पहले डिस्पोज करना पड़ेगा, जिन पर उन्होंने सेल्स टैक्स, एक्साइज आदि चुकाया था। अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो वे ट्रांजिशनल क्रेडिट नहीं ले पाएंगे।’

कारोबारी रैंकिंग में भारत की लंबी छलांग, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में 100वां स्थान

नई दिल्ली। मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे आर्थिक सुधारों का असर अब दिखने लगा है। जैसा कि सरकार को उम्मीद थी, मंगलवार को वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी रिपोर्ट में भारत ने ईज ऑफ डूइंग बिजनस रैकिंग्स में लंबी छलांग लगाई है। पिछले साल के 130वें स्थान से 30 अंकों की छलांग लगाते हुए भारत अब 100वें नंबर पर पहुंच गया है।

खुद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी और कहा कि वर्ल्ड बैंक ने भारत के प्रदर्शन की सराहना की है। जीएसटी और नोटबंदी जैसे आर्थिक सुधारों को लेकर विपक्ष की आलोचना झेल रही मोदी सरकार के लिए इसे राहत की खबर माना जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत बेहतर करने वाले टॉप 10 देशों में शामिल है। वित्त मंत्री ने अलग-अलग क्षेत्रों में भारत के प्रदर्शन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होने बताया, ‘छोटे शेयरधारकों की सुरक्षा के मामले में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

बिजनस के लिए क्रेडिट उपलब्ध कराने के मामले में भारत को 29वां स्थान मिला है, वहीं बिजनस के लिए इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन दिए जाने के मामले में भारत की रैंकिंग 29वीं है। जबकि टैक्स भरने में भारत की रैकिंग 119वें स्थान पर पहुंची है।’

उन्होंने बताया, ‘हमने स्थिति में सुधार किया है। टैक्स देने में हम 172वें स्थान पर थे, टैक्स सुधारों के कारण अब हमने इसमें 53 अंकों की छलांग लगाई है। इन्सॉल्वंसी को निपटाने के मामले में 33 स्थान की छलांग लगाकर भारत 103वें नंबर पर पहुंचा है।

कुछ और सुधारों का असर आने वाले साल में दिखने लगेगा। हम अपनी स्थिति में लगातार सुधार करेंगे। कंस्ट्रक्शन परमिट के मामले में हम 181वें स्थान पर हैं, हमने 8 अंको की छलांग लगाई है।’ गौरतलब है कि इन्सॉल्वंसी और बैंकरप्सी कोड, 2016 के जरिए सरकार ने एक बड़ा सुधार किया, जिसे पिछले साल की रैंकिंग में जगह नहीं मिल पाई थी।

जेटली ने बताया, ‘कॉन्ट्रैक्ट लागू करने के मामले में अभी और सुधार होने की उम्मीद हैं। रजिस्ट्रेशन ऑफ प्रॉपर्टी में भारत 154वें स्थान पर पहुंचा है। ट्रेडिंग अक्रॉस बॉर्डर आदि क्षेत्रों को ऑनलाइन किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में काफी काम किया जा रहा, आने वाले कुछ महीनों में इसका परिणाम दिखने लगेगा।

हम ईज ऑफ डूइंग बिजनस में 50वें स्थान पर पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।’ बता दें कि कुल 190 देशों में भारत पिछली साल की रैंकिंग में 130वें स्थान पर था। मोदी सरकार को उम्मीद थी कि जीएसटी के लागू होनेे के बाद इस रैंकिंग में सुधार आएगा और हुआ भी वैसा ही।

कमजोर उठाव से धान, उड़द, चना, मूंग और धनिया में गिरावट

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को लहसुन की आवक 5000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 65 हजार बोरी की रहीं। धान की आवक 35 हजार बोरी की रहीं । कमजोर उठाव से धान 50 से 100, चना, मूंग और धनिया,200 -200 उड़द 100 रुपए प्रति क्विंटल मंदा रहा। 

गेहूं 20 रुपए प्रति क्विंटल तेज बोलै गया।‌ गेहूं मिल 1550से 1625 लोकवान 1600से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600से 1850 रुपए प्रति क्विंटल ।

धान सुगंधा 1800 से 2300 पूसा -1 2000 से 2500 पूसा-4 (1121) 2000 से 2850 धान (1509) 2000 से 2700 रुपए प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2200 से 2700 सरसो 3200 से 3550 तिल्ली 5000 से 6600रुपए प्रति क्विंटल। 

मैथी 2000 से 2400 धनिया बादामी 3400 से 3700 ईगल 3600 से 3900 रंगदार 4000 से 5000 रुपए प्रति क्विंटल। मूंग 3500 से 3800 उडद 2400 से 3700 चना 4000से 4500 रुपए प्रति क्विंटल।

चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4500 से 4800 चना मौसमी 4500 से 5000 रुपए प्रति क्विंटल। मसूर 3000 से 3300 ग्वार 2500से 3050 मक्का नई 800 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल।  लहसुन 1000 से 4100 रुपए प्रति क्विंटल।

देश का सबसे बड़ा एमएसएमई इण्डिया इंडस्ट्रीयल फेयर जनवरी में

जयपुर। सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्योगों का देश का सबसे बड़ा इण्डिया इंडस्ट्रीयल फेयर जनवरी, 2018 में जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी प्रांगण में आयोजित होगा।

प्रमुख शासन सचिव एमएसएमई डॉ. सुबोध अग्रवाल ने मंगलवार को उद्योग भवन में यह जानकारी देते हुए बताया कि इण्डिया इंडस्ट्रीयल फेयर का आयोजन राजस्थान सरकार के एमएसएमई विभाग और लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि फेयर का मुख्य फोकस देश के एमएसएमई उद्योगों के उत्पादों को सामने लाने, देशी-विदेशी उपभोक्ताओं को उत्पादों से रुबरु कराने, बाजार में आ रहे बदलाव को समझने, अनुभवाें का आदान प्रदान करना है। 

नई तकनीक को साझा करने, उत्पादकों और उपभोक्ताओंं के बीच साझा मंच उपलब्ध कराना, स्टार्ट अप्स को प्रोत्साहित करने, निर्यात को बढ़ावा देने और देश के एमएसएमई उद्योग को आगे बढ़ाने के समन्वित प्रयास करने का अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि देश के आर्थिक विकास में एमएसएमई उद्योगों की भूमिका को भी इस फेयर के माध्यम से रेखांकित किया जा सकेगा। 

प्रमुख सचिव एमएसएमई डॉ. सुबोध अग्रवाल, आयुक्त उद्योग कुंजीलाल मीणा, लघु उद्योग भारती के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष ओ.पी. मित्तल और फेयर संयोजन  महेन्द्र खुराना के साथ संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि इण्डिया इंडस्ट्रीयल फेयर 8 कोर सेक्टरों पर आधारित होगा और प्रत्येक कोर सेक्टर की 100-100 स्टॉल्स होंगी।

8 कोर सेक्टरों में टेक्सटाइल्स व होम डेकोर, फर्नीचर, शिल्प ग्राम और हैण्डीक्राफ्ट, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग और माइनिंग, एनर्जी और इलेक्ट्रोनिक्स, प्लास्टिक, रबर और पैकेजिंग एवं बिल्डिंग व हार्डवेयर उद्योग अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।

 डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस फेयर की खास बात यह होगी इसमें देश के जाने माने राजकीय उपक्रम, केन्द्र सरकार की डिफेंस मिनिस्ट्री के साथ ही एक दर्जन सेे अधिक प्रदेशों के औद्योगिक प्रतिष्ठान हिस्सा लेेंगे।

उन्होंने बताया कि फेयर के दौरान प्रमोशनल गतिविधियों का भी आयोजन होगा जिसमें वेंडर डव्लपमेंट प्रोग्राम, बी2बी और बी2सी मीट, फैशन शो, तकनीकी सेमिनार, एक्सपोर्ट प्रमोशनल सेमिनार, राजस्थानी कला संस्कृृति से जुड़े कार्यक्रम सहित प्रतिदिन इस तरह की प्रमोशनल गतिविधियों का भी आयोजन होगा।

उन्होंने बताया कि फेयर में करीब 600 उद्योगाें के भाग लेने की संभावना है।  इण्डिया इंडस्ट्रीयल फेयर के जयपुर में आयोजित होने से प्रदेश क एमएसएमई उद्योगों व युवा एंटरप्रोन्योर को समझने और अपने उत्पादों को प्रदेशवासियों के साथ ही अन्य प्रदेशों के उद्योगों के सामने रखने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इससे उद्यमियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार भी मिल सकेगा। लघु उद्योग भारती के निवर्तमान अध्यक्ष  ओम प्रकाश मित्तल ने बताया कि फेयर के दौरान ब्रिक्स देशोें के उद्यमियों के साथ भी परस्पर संवाद प्रस्तावित है। इसके अलावा फेयर में अन्य देशों के उद्यमों की भागीदारी तय करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक पीके जैन, लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद गोयल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष योगेश गौतम और मीडिया प्रभारी  विमल कटियार भी उपस्थित थे।

प्रदेश में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद् का गठन

 जयपुर। राज्य सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अन्तर्गत उपभोक्ताओं के अधिकारों की प्रोन्नति और संरक्षण के उद्देश्य से प्रदेश के समस्त जिलों के लिए जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद् का गठन किया है।

राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत जिलों में गठित परिषद् के अध्यक्ष जिला कलक्टर एवं उपाध्यक्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद् के साथ-साथ नामित सदस्य होंगे तथा संभागीय जिला मुख्यालय हेतु संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी एवं अन्य जिला मुख्यालय हेतु जिला रसद अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।

नामित सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। परिषद् के अधिवेशन का समय और स्थान अध्यक्ष निर्धारित करेंगे, किन्तु कम से कम दो अधिवेशन प्रतिवर्ष होंगे।

कोल और रिफायनरी के बल पर, कोर सेक्टर ग्रोथ 6 माह के उच्चतम स्तर पर

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नई दिल्ली। सितंबर महीने में देश के आठ प्रमुख कोर सेक्टर ने छह महीने का उच्चतम स्तर छुआ है। सितंबर महीने में कोर सेक्टर आउटपुट 5.2 फीसद रहा है।

कोर सेक्टर में मजबूती कोल, नैचुरल गैस और रिफायनरी सेगमेंट में हुए बेहतर प्रदर्शन के चलते देखने को मिली है। इन आठ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में कोल, क्रूड ऑयल, नैचुरल गैस, रिफायनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी शामिल हैं।

आपको बता दें कि कोर सेक्टर के आकड़ें वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी किये जाते हैं। सितंबर में कोर सेक्टर आउटपुट 5.2 फीसद के स्तर पर रहा है। जबकि बीते महीने अगस्त में यह 4.4 फीसद रहा था।

साल दर साल के आधार पर बीते वर्ष की तुलना में अप्रैल से सितंबर तक कोर सेक्टर ग्रोथ 3.3 फीसद रहा है। वहीं, कोल आउटपुट ग्रोथ 10.6 फीसद के स्तर पर रही है। सितंबर में फर्टिलाइजर्स ग्रोथ में गिरावट दर्ज की गई है।

यह साल दर साल के आधार पर 7.7 फीसद कमजोर हुई है। इस दौरान सीमेंट आउटपुट में 0.1 फीसद का इजाफा देखने को मिला है। साथ ही सितंबर महीने में स्टील आउटपुट 3.7 फीसद की दर से बढ़ा है।

इसी तरह सितंबर में क्रूड आइटपुट में 0.1 फीसद की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस दौरान पेट्रोलियम रिफायनरी प्रोडक्ट्स का आउटपुट 8.1 फीसद की दर से बढ़ा है। साथ ही इलेक्ट्रिसिटी आउटपुट में 5.2 फीसद की तेजी देखने को मिली है। वहीं, नैचुरल गैस में 6.3 फीसद की बढ़ोतरी हुई है

जियो इफैक्ट: 76% घटा एयरटेल का मुनाफा

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नई दिल्ली। दिग्गज टेलिकॉम  कंपनी भारती एयरटेल ने अपने तिमाही नतीजे जारी किये हैं। जुलाई से सितंबर तिमाही में कंपनी को 343.1 करोड़ रूपए का मुनाफा हुआ है, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 76 फीसद कम है।

पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 1461 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इसके अलावा जुलाई से सितंबर के दौरान कंपनी ने महज 14 लाख नए ग्राहक जोड़े हैं।

एक्सपर्ट मान रहे हैं कि रिलायंस जियो की एंट्री के बाद टेेलिकॉम सेक्टर के बदले समीकरण ने कंपनी के मुनाफे और नए ग्राहक जोड़ने की रफ्तार को कम किया है।

जियो के कारण नए ग्राहक जोड़ने में एयरटेल को हुई परेशानी: टेलिकॉम मार्केट में जियो फोन की एंट्री के बाद से ही प्रमुख टेलिकॉम कंपनियों की स्थिति खराब हो गई है। जियो के कारण ही एयरटेल को नए ग्राहक जोड़ने में परेशानी का सामना करना पड़ा है। 

इस साल सितंबर तक जियो के ग्राहकों की संख्या 13 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। इसके उलट एयरटेल इस एक साल में सिर्फ 2.21 करोड़ ग्राहक ही जोड़ पाई है।

नए ग्राहक जोड़ने के मामले में सितंबर महीने के दौरान एयरटेल की स्थिति काफी खराब रही। जुलाई से सितंबर के दौरान एयरटेल सिर्फ 14 लाख नए ग्राहक ही जोड़ पाई है।

सोना 105, चांदी 250 रुपये उछली, जानिए क्या हैं नए दाम

नई दिल्ली / कोटा। दिल्ली के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। सोने की कीमतें 105 रुपये की बढ़कर 30,380 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। कीमतों में यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी बैठक से ठीक पहले देखने को मिली है।

अमेरिका में ब्याज दरों में इजाफे में देरी डॉलर को बैक फुट पर ले आएगी और इससे निवेशकों के बीच सोने में निवेश के प्रति रुझान बढ़ जाएगा। फेडरल बैंक की दो दिवसीय बैठक आज से शुरू हो गई है।

चांदी भी हुई मजबूत: चांदी भी इसी तरह 250 रुपये बढ़कर 40,250 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। कीमतों में तेजी इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान के चलते देखने को मिली है।

व्यापारियों का मानना है कि घरेलू हाजिर बाजार में शादी के सीजन में सोने की मांग को पूरा करने के लिए घरेलू ज्वैलर्स की ओर से खरीदारी बढ़ी है। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.22 फीसद की बढ़त के साथ 1276 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 105 रुपये की बढ़त के साथ क्रमश: 30380 रुपये और 30230 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते सत्र में सोने में 75 रुपये की कमजोरी दर्ज की गई है। गिन्नी के भाव, हालांकि, 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

चांदी तैयार 250 रुपये बढ़कर 40250 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 220 रुपये बढ़कर 39295 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। चांदी के सिक्कों के भाव 74000 लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 39800 रुपए प्रति किलो।
सोना केटबरी 30300 रुपए प्रति दस ग्राम, 35340 रुपए प्रति तोला।
सोना शुद्ध 30450 रुपए प्रति दस ग्राम,  35520 रुपए प्रति तोला।