Friday, July 10, 2026
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‘पद्मावती’ को लेकर राजस्थान में संग्राम, चित्तौड़गढ़ में बंद का ऐलान

जयपुर। बॉलिवुड डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ पर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रानी ‘पद्मावती’ का अलाउद्दीन खिलजी संग प्रेम प्रसंग की कहानी का विरोध कर रहे राजपूत संगठनों ने फिल्म रिलीज के मौके पर 1 दिसंबर को चित्तौड़गढ़ बंद का ऐलान कर दिया है।

कथित रूप से रानी ‘पद्मावती’ की कहानी 13वीं और 14वीं सदी की है जो चित्तौड़ की रानी थीं। फिल्म निर्माण शुरू होने से लेकर रिलीज तक विवाद खत्म नहीं हो रहा है।

‘पद्मावती’ की रिलीस का समय नजदीक आने के साथ ही इसका विरोध भी बढ़ता जा रहा है। राजस्थान के उदयपुर संभाग के चित्तौड़गढ़ जिले में फिल्म के विरोध में शुक्रवार को निजी स्कूल बंद रहे। गैर अनुदानित शिक्षण संस्था संचालक समिति के आह्वान पर यह बंद किया गया।

सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल
इधर एक दिसंबर को भी चित्तौड़गढ़ में बंद का ऐलान जौहर स्मृति संस्थान (जेएसएस) ने किया है। इस संगठन की स्थापना 1950 में मेवाड़ के शासकों के गौरव गाथा को फिर से जीवित करने के उद्देश्य से की गई थी।

इस बंद का प्रचार-प्रसार करने के लिए संगठन सोशल मीडिया, मोबाइल मेसेज और अन्य तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। इस बंद में राजपूत संगठन करणी सेना भी शामिल है। इसके चलते स्कूल, कॉलेज, बाजार और सिनेमाघर बंद रखे जाएंगे।

राजपूत संगठन और जेएसएस का कहना है कि अलाउद्दीन खिलजी ने 1303 इसवी में चित्तौड़गढ़ पर हमला किया था। मगर इसकी वजह रानी नहीं थीं। जेएसएस का यह भी दावा है कि रानी पद्मावती का असली नाम पद्मिनी है।

जैन पुस्तक में रानी पद्मावती के पति रावल रतन सिंह का जिक्र है लेकिन खिलजी संग उसके किसी भी संबंध की कोई चर्चा नहीं है। जैन धर्म की यह पुस्तक 14 से 16वीं ईसा पूर्व लिखी गई है।

जीएसटी की विसंगतियों का समाधान करे सरकार

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जीएसटी मंथन: कोटा व्यापार संघ की विशेष बैठक में विसंगतियों पर चर्चा, जीएसटी की खामियों को दूर करवाने के लिए काउंसिल वित्त मंत्री को भेजा ज्ञापन

कोटा। केंद्र सरकार ने चार माह पहले लागू की जीएसटी पर शुक्रवार को शहर में कोटा व्यापार महासंघ ने विशेष बैठक बुलाकर उस पर मंथन किया है। जिसमें करीब 50 ट्रेड के व्यापारी शामिल हुए।

महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि जीएसटी में भारी विसंगतियां सामने आई है। इसमें सुधार के लिए महासंघ की ओर से जीएसटी काउंसिल वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा है। वहीं, जीएसटी आयुक्त ने व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए भरोसा दिलाया है।

वहीं, व्यापार महासंघ ने चेतावनी दी है कि विसंगतियों में तत्काल व्यापारियों को राहत नहीं दी गई तो वह आंदोलन करेंगे। महासंघ के कर सलाहकार अनिल काला ने कहा कि 10 नवंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में लेने वाले निर्णयों के चिंतन के लिए व्यापार महासंघ के साथ एक बैठक की जाएगी, जिसमें दोबारा विचार-विमर्श किया जाए।

इधर, महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन ने मंथन में आई विसंगतियों के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि जीएसटी के रिटर्न को संशोधन करने का ऑप्शन दिया जाए। अभी पोर्टल पर इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

रिटर्न फाइलिंग के दौरान डाटा लॉक हो जाता है। गलत हेड में जमा कराए गए टैक्स में एडजस्टमेंट की सुविधा होनी चाहिए। जुलाई, अगस्त सितंबर की लेट फीस जिन करदाताओं ने जमा कराई है वह उनके कैश लेजर में हस्तांतरित की जाए।

रिटर्न फाइलिंग से संबंधित समस्याओं को हल किया जाना चाहिए। जैसे कि साइट पर डाले गए डाटा का तुरंत अपडेट होना वर्तमान में पोर्टल पर डाला गया डेटा 1 दिन बाद अपडेट हो रहा है। रजिस्ट्रेशन के समय दिए गए मोबाइल मेल आईडी चेंज करने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

कम्पोजीशन स्कीम लेने के लिए टर्नओवर सीमा 1 करोड़ से 5 करोड़ कराना और सेवाओं को कम्पोजीशन स्कीम में लेना जैसे सिविल कॉन्ट्रेक्टर, मेन पावर सप्लाई टेंट, डेकोरेटर्स आउट डोर केटर्स वर्तमान में रेस्टोरेंट सेवा प्रदाताओं को कम्पोजीशन का लाभ दिया जाता है।

कम्पोजीशन डीलर को इंटर स्टेट सप्लाई की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। रिवर्स चार्ज को समाप्त किया जाना चाहिए। अभी 31 मार्च 2018 तक के लिए इस समाप्त कर दिया है। कर मुक्त सेवा या माल बेचने वालों को कम्पल्सरी रिवर्स चार्ज धारा 9 (3) से छूट देना जैसे की लीगल फीस, माल भाड़ा।

एक्सपोट्रर्स को रिफंड तुरंत भुगतान की व्यवस्था होनी चाहिए। 5 करोड़ तक के टर्न ओवर करदाताओं को के लिए रिटर्न फाइलिंग को मासिक से तिमाही करना चाहिए। वर्तमान में यह सीमा अक्टूबर माह से 1.5 करोड़ तक के टर्नओवर वालों के लिए ही है।

टर्न 1 में दिए गए स्टॉक की डीम्ड क्रेडिट को बेनीफिट टर्न 1 की फाइलिंग की तारीख से 6 माह तक देना चाहिए की 1 जुलाई से 6 माह टर्न 1 की अंतिम तिथि 30 सितंबर थी। इस तरह की विसंगतियों महासंघ ने मंथन में सामने रखी है। इनमें संशोधन की मांग की है।  बैठक में सेंट्रल जीएसटी के उपायुक्त नरेश बुदेल और अधीक्षक संजय गुप्ता भी मौजूद रहे।

राजस्थान में अब सरकार 30 की जगह 60 हजार टन खरीदेगी उड़द

जयपुर। राज्यमें उड़द की बम्पर फसल को देखते हुए समर्थन मूल्य पर इसकी खरीद के लक्ष्यों में 30 हजार मैट्रिक टन की वृद्धि की गई है।

अब उड़द की 60 हजार मैट्रिक टन की खरीद की जाएगी। मूंग खरीद के लक्ष्यों में वृद्धि करने के लिए भारत सरकार से आग्रह किया गया है। यह जानकारी सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक ने दी।

किलक ने बताया कि अब तक राज्य में 38 हजार से अधिक किसानों से 351 करोड़ 54 लाख रुपए से अधिक की मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद की जा चुकी है।

किसानों को खरीद की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है और 13 हजार 400 किसानों के खातों में 111 करोड़ 58 लाख रुपए से अधिक की राशि को ऑनलाइन ट्रांसफर की जा चुकी है।

प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता अभय कुमार ने बताया कि अब तक 2 लाख 16 हजार 135 किसानों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। लगभग 1 लाख 10 हजार किसानों को तिथि आवंटित कर दी गई है।

जनवरी से सोने की जूलरी में अनिवार्य होगा हॉलमार्क टैग

नई दिल्ली। सरकार अगले साल से सोने के आभूषणों की ब्रिकी के लिए हॉलमार्क प्रमाणन अनिवार्य करने वाली है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। पासवान ने कहा, ‘सभी सोने के उत्पादों पर जनवरी से हॉलमार्क प्रमाणन होना चाहिए।

ज्यादातर भारतीय लोग सोने की शुद्धता को कैरट के हिसाब से समझते हैं, इसलिए सोने के आभूषणों पर 916 मार्क के साथ कैरट वैल्यू भी दर्ज होगी।’ उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने ये बातें ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स द्वारा आयोजित कॉन्फ्रेंस ऑन वर्ल्ड स्टैंडर्ड्स डे के मौके पर कहीं।

उन्होंने कहा कि देश में बिकने वाला सोना 14, 18 और 22 कैरट का होगा। पासवास के मुताबिक, अभी लोग जो सोने के आभूषण खरीदते हैं, उनकी गुणवत्ता नहीं जान पाते। पासवान ने बताया कि कुछ जूलरी में हॉलमार्क प्रयोग किया जाता है, लेकिन इससे उपभोक्ताओं को साफ तौर पर जूलरी की गुणवत्ता पता नहीं चलती।

इसके अलावा उपभोक्ता मामलों के मंत्री पासवान ने बताया कि प्रस्तावित नियमों के तहत हॉलमार्क में जूलरी में प्रयोग हुए सोने का कैरट भी दर्ज होगा।

ऐसे पहचानें असली हॉलमार्क
हॉलमार्किंग में किसी उत्पाद को तय मापदंडों पर प्रमाणित किया जाता है। भारत में बीआईएस वह संस्था है, जो उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा रहे गुणवत्ता स्तर की जांच करती है। यदि सोना-चांदी हॉलमार्क है तो इसका मतलब है कि उसकी शुद्धता प्रमाणित है। लेकिन कई ज्वैलर्स बिना जांच प्रकिया पूरी किए ही हॉलमार्क लगा रहे हैं।

ऐसे में यह देखना जरूरी है कि हॉलमार्क ओरिजनल है या नहीं? असली हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होता है। उस पर हॉलमार्किंग सेंटर के लोगो के साथ सोने की शुद्धता भी लिखी होती है। उसी में ज्वैलरी निर्माण का वर्ष और उत्पादक का लोगो भी होता है।

किस आधार पर तय किए जाते हैं ये नंबर
इन तीन अंकों के आधार पर सोने की शुद्धता पता करने के लिए आपको इस तरह की कोई सीरीज याद रखने की जरुरत नहीं है। इसको निकालने का सूत्र बड़ा ही साधारण है।

मान लीजिए आपको 22 कैरेट सोने पर पड़ा नंबर ज्ञात करना है तो आप 22 को 24 से भाग देकर उसको 100 से गुणा कर दें। इससे आपको 22 कैरेट सोने पर पड़ने वाला अंक ज्ञात हो जाएगा। 22/24×100 = 916 । इसी नियम का प्रयोग करके आप सोने की शुद्धता के आधार पर पड़ा नंबर जान सकते हैं।

कैसे तय कर सकते हैं गोल्ड की कीमत
अब आप हालमार्क का निशान और नंबर देखकर आप यह ज्ञात कर सकते हैं कि आपकी ज्वैलरी में कितने फीसदी शुद्ध सोना इस्तेमाल हुआ। सोने की कीमत का निर्धारण भी उसी हिसाब से करें। जैसे 24 कैरेट सोने का रेट अखबार पर 29000 है।

अब अगर आप बाजार में सोने की ज्वैलरी खरीदने जाते हैं तो मेकिंग चार्ज हटाकर आपकी ज्वैलरी की असली कीमत (29000/24)x22=265830 रुपए होगी। जबकि सुनार कई बार आपको 22 कैरेट सोना 29000 में ही देता है। यानी आप 22 कैरेट सोना 24 कैरेट सोने के दाम पर खरीद रहे हैं।

इसी 18 कैरेट सोने की कीमत 29000/24X18=27150 होगी। कई बार ज्वैलर्स 18 कैरेट वाली ज्वैलरी पर 22 या 24 कैरेट के भाव लगाकर साथ में बड़े बड़े ऑफर्स का लालच देते हैं।

हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की पहचान
भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार भारत में आमतौर पर 22 कैरट सोने के आभूषण इस्तेमाल होते हैं। 22 कैरट सोने के आभूषण पर 916 अंक अंकित होता है। इसमें 91,6 प्रतिशत सोना होता है। इसी प्रकार सोने आभूषण पर अन्य अंकों का अर्थ लगाया जा सकता है।
375 का अर्थ 37.5 % शुद्ध सोना
585 का अर्थ 58.5 % शुद्ध सोना
750 का अर्थ 75.0 % शुद्ध सोना
916 का अर्थ 91.6 % शुद्ध सोना
990 का अर्थ 99.0 % शुद्ध सोना
999 का अर्थ 99.9 % शुद्ध सोना

पत्राचार से इंजीनियरिंग करने वालों को सुप्रीम का झटका

नई दिल्ली। डीम्ड यूनिवर्सिटीज से पिछले 16 साल में पत्राचार से पत्राचार से इंजीनियरिंग करने वालों को सुप्रीम का झटका की डिग्री हासिल करने वाले हजारों छात्रों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। शुक्रवार को अपने फैसले में कोर्ट ने इन डिग्रियों को अमान्य घोषित कर दिया है।

इसके बाद इन सर्टिफिकेट्स के दम पर नौकरी हासिल करने वालों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की बेंच ने पाया कि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पत्राचार की पढ़ाई को मान्यता नहीं दी थी।

इसके अलावा डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल द्वारा ऐसे कोर्सेज को दी गई मान्यता गैरकानूनी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कुछ हद तक इस बात से भी पर्दा उठा है कि कैसे बिना किसी गहन जांच के इस तरह के कोर्स करवाए जा रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से डीम्ड यूनिवर्सिटीज पर नजर रखने के लिए तंत्र बनाने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यूजीसी शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोक पाने में पूरी तरह असफल रही है। कोर्ट ने डीम्ड यूनिवर्सिटीज की कई स्तर पर जांच करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख : कोर्ट ने चार डीम्ड यूनिवर्सिटीज- जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ, इंस्टिट्यूट ऑफ अडवांस स्टीज इन एजुकेशन, राजस्थान, इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टिट्यूट और विनायक मिशन रिसर्च फाउंडेशन, तमिलनाडु में करवाए जा रहे पत्राचार कोर्सेज की मान्यता को लेकर दाखिल हुईं कई याचिकाओं पर यह फैसला दिया।

ये विश्वविद्यालय एआईसीटीई से मान्यता न होने के बावजूद 2001 से पत्राचार के जरिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवा रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने सभी डीम्ड विश्वविद्यालयों को एआईसीटीई की अनुमति के बिना पत्राचार से इंजिनियरिंग की पढ़ाई करवाने पर रोक लगा दी है।

इसके साथ ही सीबीआई को उन अधिकारियों के खिलाफ जांच करने को कहा है जिन्होंने 2001 से इन विश्वविद्यालयों को इंजिनियरिंग की पढ़ाई करवाने की इजाजत दी थी।

इस बीच कोर्ट ने 2001 से 2005 के बीच इन विश्वविद्यालयों में इंजीनियरिंग के लिए दाखिला लेने वाले छात्रों को थोड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा है कि वे छात्र AICTE द्वारा करवायी जा रही परीक्षाओं को पास कर अपनी पुरानी डिग्री को मान्य करवा सकते हैं।

कोर्ट ने कहा कि इन छात्रों का मानना था कि डीईसी की मान्यता के बाद यह कोर्स मान्य होगा। कोर्ट ने हालांकि 2005 के बाद दाखिला लेने वाले छात्रों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखायी क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि ये कोर्स मान्यता प्राप्त नहीं हैं।

डेंगू से हुई मौतें हमारे माथे पर कलंक- राजावत

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डेंगू का डंक : समीक्षा बैठक में भाजपा विधायकों ने सरकारी अस्पतालों की बदइंतजामी पर चिकित्सा मंत्री को घेरा। कहा, हाडौती में लोग रोज डेंगू से मर रहे हैं, आप सदन में गलत आंकडे़ पढ रहे हैं।

अरविंद, कोटा। कोटा में डेंगू से हो रही मौतों को लेकर भाजपा विधायक भवानीसिंह राजावत का गुस्सा अपनी ही सरकार के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री पर फूट पड़ा।

उन्होंने गुरूवार को समीक्षा बैठक में राज्य के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ से कहा कि आपसे विधानसभा में गलत बयान पढवाया गया। ऐसे अफसरों को निलम्बित करो। ये अफसर हमारा सत्यानाश कर देंगे। हम कौन सा मुंह लेकर जनता के बीच जाएंगे। यहां लोग रोज डेंगू से मर रहे हैं और आपसे विधानसभा में गलत आंकडे़ पढवा रहे हैं।

मेडिकल कॉलेज में मौसमी बीमारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक में शहर के सभी भाजपा विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री को घेर लिया। विधायक भवानी सिंह ने जनआक्रोश को देखते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया।

विधायक राजावत ने मंत्री से दो टूक कहा कि पहले हमारी रिपोर्ट लीजिए, उसके बाद अधिकारियों से फीडबेक लेना। ये तो आपको पहले भी फीडबेक दे चुके। बिना पडताल किए 3 मौतों का फीडबेक आपने विधानसभा के पटल पर पढ़ भी दिया। हकीकत यह है कि डेंगू हाडौती में महामारी की तरह फैला हुआ है।

अब तक हाडौती में 165 तथा कोटा में 100 मौतें हो चुकी हैं। फिर कोटा का चिकित्सा विभाग आपको कौन से आंकडे़ दे रहा है। उन्हांने कहा कि सच जानने के लिए कोई स्पेशल टीम कोटा भेजिए।

एमबीएस अस्पताल में 700 बेड हों
कोटा उत्तर से भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि आपका विभाग नाकारा हो चुका है, ये आपको
गलत रिपोर्ट भेज रहे हैं। इनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। इतनी विकराल रूप से मौतें हो
रही है, फिर भी अफसर झूठ बोल रहे हैं।

एमबीएस अस्पताल में 700 बैठक स्वीकृत कर सुविधाओं का विस्तार किया जाए। बैठक में प्रभारी मंत्री प्रभूलाल सैनी, विधायक संदीप शर्मा, विद्याशंकर नंदवाना, हीरालाल नागर, चंद्रकांता मेघवाल ने हालात से निबटने के लिए कई सुझाव दिए। बैठक में चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर भी मौजूद रहे।

चिकित्सा मंत्री ने तत्काल दिए निर्देश
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने जिले के सभी डॉक्टर्स की प्रतिनियुक्तियां समाप्त की तथा चिकित्सा अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त कर मुख्यालय पर रात्रि ठहराव अनिवार्य किया। जिले में 19 फोगिंग मशीन हैं, 8 निदेशालय से भेजी गई।

5 मशीने खरीदने के लिए यूआईटी 40 लाख रूपये देगी। एलाइजा की जांच के लिए 3 नई मशीनें व एक ब्लड कॉम्पोनेन्ट मशीन खरीदने के निर्देष दिए। जिले में मौतों के कारणों की जांच के लिए पुणे स्थित सेन्ट्रल लैब से सेम्पलों की जांच करवाई जायेगी।

प्रशासनिक जांच के लिए नगर निगम आयुक्त डॉ.विक्रम जिन्दल की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति का गठित की। एमबीएस अस्पताल में 10 लैब टेक्निशियन की नियुक्ति तथा जिले में 17 डॉक्टर्स की नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद केवल 7 ने ज्वाइन किया, शेष को भी पाबंद किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में 50 एवं एमबीएस अस्पताल में 30
अतिरिक्त बिस्तर लगाने के निर्देश दिए।

एनईएमएल और आईएमई  के बीच कमोडिटीज व्यापार के लिए ईरान में एमओयू

बिट्यूमेन(डामर) का स्पॉट ट्रेडिंग जल्द ही शुरू होगा 

• नया प्लेटफार्म भारत और ईरान के बीच व्यापारिक  सुविधा का निर्माण करेगा

• सोयाबीन, मकई और चावल जैसे कमोडिटीज  में द्विपक्षीय  व्यापार की बड़ी गुंजाईश  है 

 कीश द्वीप। भारत और ईरान के बीच कमोडिटीज व्यापार के लिए संयुक्त व्यापार मंच विकसित करने के लिए ईरान मर्केंटाइल एक्सचेंज (आईएमई) ने एनसीडीईएक्स ग्रुप कंपनी,एनसीडीईएक्स ई-मार्केट्स लिमिटेड (एनएमएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

  नैशनल कमोडिटीज एण्ड डेरिवेटिव्ज एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स)यह  भारत का सबसे बड़ा कृषि कमोडिटी बाजार है, जिसमें कृषि वस्तुओं के व्यापार की 85% से अधिक बाजार हिस्सेदारी है।

भारत में प्रमुख ई-मार्केट और सर्विसेज कंपनी, एनईएमएल के साथ यह समझौता, ईरान और भारत के बीच वस्तुओं के कारोबार के लिए एक संयुक्त ई-ट्रेडिंग मंच तैयार करेगा। 

यह व्यापार मंच ईरान से भारत तक बिट्यूमेन(डामर)   के व्यापार के साथ अपने कार्य को शुरू करने की संभावना है । इसका इस्तेमाल ईरान के सभी अग्रणी बिटुमेन निर्माताओं और भारत के कमोडिटी के अग्रणी उपयोगकर्ताओं द्वारा किया जाएगा ।

एनईएमएल और आईएमई इस व्यापारिक मंच को संयुक्त रूप से विकसित करेंगे और चलाएंगे । हालांकि इसकी शुरुआत बिटुमेन के स्पॉट ट्रेडिंग के साथ की जाएगी, फिर भी बिटुमैन का वायदा अनुबंध यह एक लक्ष्य है। 

उसके लिए एनसीडीईएक्स और आईएमई संयुक्त रूप से एक अनुबंध विकसित करेंगे. इसी तरह से सोयाबीन, मकई और चावल जैसी कृषि वस्तुओं का व्यापार भी जल्द ही शुरू हो जाएगा। 

आईएमई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. हमेद सोलटनीनजाद ने कहा,”  दोनों देशों के बीच कमोडिटीज के व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए एनसीडीईएक्स ई-मार्केट्स के साथ हमारा समझौता, एक और कदम है। 

एनईएमएल के प्रबंध निदेशक और सीईओ राजेश सिन्हा ने कहा,” दोनों एक्सचेंज दोनों देशों के बीच एक मजबूत संयुक्त व्यापार मंच बनाने की दिशा में पहला कदम उठा रहे हैं और इससे दोनों देशों के उत्पादकों और उपभोक्ताओं को लाभ होगा। 

एसआरएम में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू

कोटा। एसआरएम यूनिवर्सिटी ने अपने समूह के सभी विश्वविद्यालयों में इंजीनियरिंग और टेक्नालॉजी फैकल्टी में बीटेक डिग्री प्रोग्राम के लिए ऑनलाइन आवेदन दाखिल किए जाने की घोषणा कर दी है।

दाखिले की प्रक्रिया एसआरएम यूनिवर्सिटी, एसआरएम यूनिवर्सिटी एपी अमरावती, एसआरएम यूनिवर्सिटी हरियाणा सोनीपत के कट्टनकुलाथुर, रामापुरम, वड़ापलानी और एनसीआर दिल्ली कैम्पस के लिए एक होगी। बीटेक में सभी दाखिले इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा एसआरएमजेईईई के जरिए होंगे।

यह कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी जो देश भर के 130 केंद्रों तथा मध्य पूर्व के देशों में अप्रैल 2018 में आयोजित की जाएगी। एसआरएमजेईईई 2018 के दोनों तरह के, अनिवासी और निवासी भारतीय आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन मार्च 2018 तक प्राप्त किए जा सकेंगे।

एसआरएम यूनिवर्सिटी योग्य और प्रतिभाशाली छात्रों को कई छात्रवृत्ति, फीस में छूट, पढ़ाई और अनुसंधान में सहायता देता है। इनमें संस्थापक छात्रवृत्ति शामिल है। इसमें ट्यूशन और हॉस्टल फीस 100ः माफ रहती है और यह एसआरएमजेईईई, जेईईई, सीबीएसई , राज्य बोर्ड फाइनल में टॉप करने वालों के साथ खेल में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वालों के लिए है।

अब आप 65 वर्ष की उम्र में भी NPS का फायदा मिलेगा

नई दिल्ली। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने निजी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में शामिल होने की अधिकतम आयु में इजाफा कर दिया है।अब आप 65 वर्ष की उम्र में भी इस योजना का फायदा ले सकते हैं। पहले इसके लिए 60 वर्ष की उम्र निर्धारित थी।

क्या होगा इसका फायदा: इससे ज्यादा संख्या में लोग पेंशन के दायरे में आ पाएंगे। साथ ही एनपीएस अकाउंट खोलने की प्रक्रिया को और आसान बना दिया गया है। इसे आप ऑनलाइन माध्यम से भी खोल सकते हैं।

हाल ही में हुए ताजा बदलावों के बाद कोई भी भारतीय नागरिक 60 से लेकर 65 वर्ष की उम्र तक यह खाता खुलवा सकता है। यह खाता 70 वर्ष की उम्र तक चालू रह सकता है।

वित्त मंत्रालय ने एनपीएस में शामिल होने के लिए उम्र सीमा को बढ़ाए जाने के पीछे का तर्क समझाते हुए कहा, “बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और बढ़ती फिटनेस, अवसरों के साथ निजी क्षेत्र में उपलब्ध विकल्पों एवं स्व-रोजगार की क्षमता में इजाफे के कारण, 50 या 60 के दशक में अधिक से अधिक लोग अब एक सक्रिय जीवन जी रहे हैं जिससे उन्हें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिल रही है।”

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में होगा 65,000 करोड़ का निवेश-हरसिमरत कौर

नई दिल्ली। देश दुनिया के उद्यमियों ने भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में 65,000 करोड़ रुपये (दस अरब डॉलर) के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इससे क्षेत्र में दस लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

तीन नवंबर से राजधानी में शुरू होने वाली मेगा खाद्य प्रदर्शनी एवं सम्मेलन से पहले ही निवेशकों ने यह प्रतिब्रद्धता जता दी है जिसके सम्मेलन की समाप्ति तक और बढ़ने की उम्मीद है।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने यह जानकारी देते हुये कहा, ‘विगत तीन वर्षो में किये गये कायाकल्प और कारोबार सुगमता बढ़ाने के उपायों से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भारी निवेश की उम्मीद है।’

भारत को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में दुनियाभर में सबसे बेहतर और आकर्षक निवेश स्थल बनाने और किसानों की आय को दोगुना करने के सरकार के सपने को पूरा करने के लिये यहां पहली बार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े मेगा कार्यक्रम वर्ल्ड फूड इंडिया का आयोजन किया जा रहा है।

यह आयोजन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्धारा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ मिलकर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन नवंबर को इसका उद्घाटन करेंगे।

हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आवेदनों व निधियों के अनुदान संबंधी कामकाज को तेजी से निपटाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की गई है। निवेशकों के लाभ के लिए एक पोर्टल निवेश बंधू तैयार किया गया है जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।

इस मौके पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकार (एफएसएसएआई) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) पवन कुमार अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षो में चीजों को व्यवस्थित किया गया है ताकि और अधिक निवेश हो सके।

60 से अधिक देशों और पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों सहित 27 राज्यों के 5,000 से अधिक उद्यमी और कंपनियों के सीईओ तीन दिन तक चलने वाले इस महाआयोजन में भाग लेंगे।

इस दौरान सरकार और उद्यमियों व व्यासायियों के बीच होने वाली बैठकों में भाग लेने के लिये 15 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधमंडल प्रदर्शनी एवं सम्मेलन में आएंगे।

आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों और 18 राज्यों के मंत्रियों ने आयोजन में भाग लेने की स्वीकृति दी है। जर्मनी, डेनमार्क और जापान इसमें भागीदार देश हैं जबकी इटली और नीदरलैंड फोकस देश के तौर पर भाग ले रहे हैं।

हरसिमरत ने कहा कि ‘देश दुनिया के 5,000 से अधिक सरकारी अधिकारी, उद्यमी, और विभिन्न क्षेत्रों के लोग जब एक स्थान पर मिलेंगे और बातचीत करेंगे तो खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र व भारतीय खाद्य अर्थव्यवव्स्था में बदलाव आयेगा।

जिन निवेश प्रस्तावों के लिये प्रतिबद्धता जताई गई है उनके लिये सहमति ज्ञापन दस्तावेज तैयार कर लिये गये हैं।

देश में किसानों की आय दोगुनी करने के लिये विदेशी पैसे का सहारा लेना होगा। हम खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और बेहतर कार्य प्रणाली लाना चाहते हैं।’प्रदर्शनी का आयोजन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय कर रहा है।

इंडिया गेट के नजदीक 40 हजार वर्गफुट क्षेत्र में आयोजित होने वाला यह आयोजन वैश्विक कारोबारियों के लिये एक मंच उपलब्ध करायेगा जिसमें भारतीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की पूरी श्रंखला में कारोबार के अवसर तलाशे जा सकेंगे।

पीएम मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारियों का विशेष सत्र आयोजित होगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद विश्व खाद्य भारत के समापन सत्र को संबोधित करेंगे।