Saturday, July 18, 2026
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ट्रेड वार के डर से सेंसेक्स 300 अंक गिरा, निफ्टी 10359 अंक पर बंद

नई दिल्ली। दुनिया भर के बाजारों समेत भारतीय शेयर बाजार पर भी ट्रेड वार का डर देखने को मिला। ट्रेड वार के डर से सोमवार के कारोबार में मेटल शेयरों में भारी बिकवाली की वजह से घरेलू शेयर बाजार लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 300 अंक गिरकर 33,747 अंक पर क्लोज हुआ। वहीं निफ्टी 99 अंक टूटकर 10,359 अंक पर बंद हुआ। सेक्टोरल इंडेक्स में सिर्फ आईटी और पीएसयू बैंक में तेजी देखने को मिली।

इसके पहले, सेंसेक्स 13 अंक टूटकर 34,034 अंक और निफ्टी 30 अंक गिरकर 10,428 अंक पर ओपन हुआ था। खुलते ही बाजार में गिरावट बढ़ गई। मेटल, फार्मा, बैंकिंग, ऑटो कमजोरी से कारोबार के दौरान सेंसेक्स 393.53 प्वाइंट्स गिर गया, जबकि निफ्टी 134.45 प्वाइंट्स टूट गया। लेकिन कारोबार के आखिरी घंटे में आईटी और पीएसयू बैंक शेयरों में खरीददारी लौटने से बाजार में निचले स्तर से रिकवरी आई।

क्यों आई बाजार में गिरावट
– ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग के डायरेक्टर संदीप जैन का कहना है कि ट्रम्प द्वारा ग्लोबल ट्रेड वार छेड़े जाने का असर दुनिया भर के बाजारों पर हुआ है।
– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक फैसले का असर ग्लोबल मार्केट समेत भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। मेटल शेयरों में बड़ी गिरावट से मार्केट टूटा है।
– वहीं एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का दबाव है, जिससे घरेलू शेयर बाजार कमजोर हुआ है।
– हैवीवेट शेयरों रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचयूएल, ओएनजीसी, एचडीएफसी, आईटीसी, मारुति, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक में बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ा है।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट बढ़ी
लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.56 फीसदी टूट है।

मिडकैप शेयरों में वक्रांगी, जिंदल स्टील, यूनियन बैंक, सेल, नेशनल एल्युमीनियम, डालमिया भारत, टोरेंट फार्मा, अशोक लेलैंड, ओबेरॉय रियल्टी, नैटको फार्मा, अजंता फार्मा 4.97-1.44 फीसदी तक गिरे। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.51 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरे, फार्मा-मेटल में सबसे ज्यादा गिरावट
कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2.61 फीसदी दर्ज की गई है।

इसके अलावा निफ्टी फार्मा में 1.37 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 1.17 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 0.95 फीसदी, औऱ निफ्टी रियल्टी में 0.92 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.71 फीसदी टूटकर 24725.80 प्वाइंट्स पर ट्रेड कर रहा है।

12:27 PM
LIC ने अशोक लेलैंड में हिस्सेदारी 2.04% घटाई
– लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) ने हिंदुजा ग्रुप की फ्लैगशिप फर्म अशोक लेलैंड में अपनी 2.04 फीसदी कम की है। इसके लिए एलआईसी ने ओपन मार्केट में अशोक लेलैंड के 5.97 करोड़ शेयर बेचे। बीएसई फाइलिंग के मुताबिक, अशोक लेलैंड में पहले एलआईसी की हिस्सेदारी 5.16 फीसदी थी, जो अब घटकर 3.11 फीसदी रह गई है। एलआईसी ने अक्टूबर 2015 और मार्च 2018 के बीच अपनी हिस्सेदारी बेची।

12:11 PM
NBCC को मिला 192 करोड़ का ऑर्डर
सरकारी कंस्ट्रक्शन फर्म एनबीसीसी को रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (आरईसी) की तरफ से गुरूग्राम टाउनशिप में कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट के लिए 192 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत गुरूग्राम के सेक्टर-57 में कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट करना है। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने यह जानकारी दी।

11:47 AM
गीतांजलि जेम्स में लगा 5% का लोअर सर्किट, 13 दिन में 70% टूटा स्टॉक
– गीतांजलि जेम्स के स्टॉक में लगातार 13 दिनों से गिरावट जारी है। अरबपति ज्वैलर्स नीरव मोदी और मेहुल चौकसी द्वारा पीएनबी को 12,636 करोड़ रुपए का चूना लगाए के आरोप में सीबीआई ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई की गिरफ्तारी की खबर से सोमवार को गीतांजलि जेम्स में 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा। स्टॉक में गिरावट से 13 दिनों में निवेशकों के 516.57 करोड़ रुपए डूब गए हैं।

10:10 AM
दिलीप बिल्डकॉन को मिला 4473 करोड़ का प्रोजेक्ट, 1.5% बढ़ा
– रोड एंड हाइवे कंस्ट्रक्शन कंपनी दिलीप बिल्डकॉन को कर्नाटक में 4473 करोड़ रुपए का दो हाइवे प्रोजेक्ट मिला है। इस खबर से सोमवार के कारोबार में दिलीप बिल्डकॉन के स्टॉक में 1.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बीएसई पर स्टॉक ने इंट्रा-डे में 968 रुपए का हाई बनाया।

सीबीआई का 800 से ज्यादा लोन डिफॉल्टर पर कसेगा शिकंजा

नई दिल्ली। 12 हजार करोड़ के पीएनबी फ्रॉड का मामला सामने आने के बाद सरकार जिस तरह से तेजी में आई है। उसे देते हुए 800 से ज्यादा बड़े डिफॉल्टर पर सीबीआई शिकंजा कस सकता है। ये ऐसे डिफॉल्ट हैं जो कि 50 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

ऐसे में बैंक सीबीआई को इस महीने इन डिफॉल्टर्स की लिस्ट सौंप सकते हैं। इसके पहले फाइनेंस मिनिस्ट्री ने बैंकों को निर्देश दे रखा है कि वह 50 करोड़ रुपए से ज्यादा के एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) की जांच 15 दिन में कर उसकी डिटेल सीबीआई को दें।

800 से ज्यादा डिफॉल्टर आएंगे सीबीआई के रडार पर
बैंकिंग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देश के जो बड़े डिफॉल्टर्स हैं उनमें 800 से ज्यादा ऐसे हैं, जिन पर 50 करोड़ रुपए से ज्यादा कि डिफॉल्ट हैं। इसमें सबसे ज्यादा डिफॉल्टर्स पब्लिक सेक्टर बैंकों के हैं।

ऐसे में फाइनेंस मिनिस्ट्री के जो हालिया निर्देश हैं, उनमें ऐसे डिफॉल्टर्स पर सीबीआई का शिकंजा तेजी से कर सकता है। मिनिस्ट्री ने साफ तौर पर बैंकों को कहा है कि वह 50 करोड़ रुपए से ज्यादा के डिफॉल्टर की जांच 15 दिन में कर सीबीआई को सौंपे।

सरकार को ऐसे डिफॉल्टर्स का देश से भागने का डर
जिस तरह से करीब 9600 करोड़ रुपए का डिफॉल्ट कर विजय माल्या और 12600 करोड़ रुपए का डिफॉल्ट कर नीरव मोदी और मेहुल चौकसी विदेश भांग गए हैं। उसे देखते हुए सरकार को इस बात का डर है कि दूसरे डिफॉल्टर्स भी ऐसा कर सकते हैं। इसे देखते हुए सरकार इन पर कानूनी शिकंजा कसना चाहती है।

कैबिनेट ने ऐसे डिफॉल्टर्स पर लगाम कसने के लिए फ्यूगिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स बिल को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद आर्थिक अपराध कर विदेश भागने वाले आरोपियों के खिलाफ कानून बनाना है।

प्रस्तावित कानून में विदेश भागे लोगों की संपत्तियां जब्त करने और उन्हें फटाफट बेचने को आसान बनाया जाएगा। साथ ही, जांच एजेंसियों को ज्यादा अधिकार देने का प्रस्ताव भी है। कैबिनेट की बैठक के बाद फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने इस बात की जानकारी दी है।

डिफॉल्टर्स की प्रॉपर्टी जब्त करना होगा आसान
नए बिल के कानून जाने के बाद नीरव मोदी जैसे मामलों में आरोपी की संपत्ति को इम्‍पाउंड और सेल करने की इजाजत सरकार को मिल जाएगी और स्‍पेशल कोर्ट के माध्‍यम से कॉरपोरेट डिफॉल्‍टर्स के भागने के बाद जल्‍द से जल्‍द रिकवरी हो जाएगी।

7.5 लाख करोड़ रुपए अकेले पीएसयू बैंकों का एनपीए
बैंकों के डूबते कर्ज का आलम यह है कि अकेले 7.5 लाख करोड़ रुपए का एनपीए पब्लिक सेक्टर बैंकों का हो चुका है। जो कि सितंबर 2017 के आंकड़ों के आधार पर है।

इसकी वजह से न केवल बैंकों की सेहत बिगड़ी है बल्कि उनके कर्ज देने की क्षमता पर भी निगेटिव इम्पैक्ट हुआ है। केवल पीएनबी का फ्रॉड आने के बाद निवेशकों के 56 हजार करोड़ रुपए अकेले शेयर मार्केट में डूब चुके हैं।

ग्लोबल मार्केट में मंदी से सेंसेक्स 250 अंक टूटा, निफ्टी 10400 के नीचे फिसला

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में कमजोरी देखने को मिल रही है।

वहीं हैवीवेट शेयरों ओएनजीसी, एसबीआई, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, मारुति, आईटीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज में कमजोरी से बाजार में गिरावट बढ़ गई है और सेंसेक्स 250 अंकों तक टूटा गया है, जबकि निफ्टी 10400 के नीचे फिसल गया है। इसके पहले, सेंसेक्स 13 अंक टूटकर 34,034 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 30 अंक गिरकर 10,428 अंक पर ओपन हुआ।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट बढ़ी
लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.56 फीसदी टूट है।

मिडकैप शेयरों में वक्रांगी, जिंदल स्टील, यूनियन बैंक, सेल, नेशनल एल्युमीनियम, डालमिया भारत, टोरेंट फार्मा, अशोक लेलैंड, ओबेरॉय रियल्टी, नैटको फार्मा, अजंता फार्मा 4.97-1.44 फीसदी तक गिरे।वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.51 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरे, फार्मा-मेटल में सबसे ज्यादा गिरावट
कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2.61 फीसदी दर्ज की गई है।

इसके अलावा निफ्टी फार्मा में 1.37 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 1.17 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 0.95 फीसदी, औऱ निफ्टी रियल्टी में 0.92 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.71 फीसदी टूटकर 24725.80 प्वाइंट्स पर ट्रेड कर रहा है।

अपडेट्स
10:10 AM
दिलीप बिल्डकॉन को मिला 4473 करोड़ का प्रोजेक्ट, 1.5% बढ़ा
– रोड एंड हाइवे कंस्ट्रक्शन कंपनी दिलीप बिल्डकॉन को कर्नाटक में 4473 करोड़ रुपए का दो हाइवे प्रोजेक्ट मिला है। इस खबर से सोमवार के कारोबार में दिलीप बिल्डकॉन के स्टॉक में 1.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बीएसई पर स्टॉक ने इंट्रा-डे में 968 रुपए का हाई बनाया।

09:58 AM
सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरे
– कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2.61 फीसदी दर्ज की गई है। इसके अलावा निफ्टी फार्मा में 1.37 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 1.17 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 0.95 फीसदी, औऱ निफ्टी रियल्टी में 0.92 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.71 फीसदी टूटकर 24725.80 प्वाइंट्स पर ट्रेड कर रहा है।

09:09 AM
आज डिलिस्‍ट होंगी ये 36 कंपनियां
– देश के सबसे पुराने स्‍टॉक एक्‍सचेंज बीएसई ने 36 कंपनियों को डिलिस्‍ट करने का फैसला किया है। इन कंपनियों में 5 मार्च से ट्रेडिंग बंद हो जाएगी। हालांकि इन कंपनियों के शेयरों को ट्रेडिंग के लिए बीएसई ने पहले सस्‍पेंड कर रखा था।

यह कंपनियां टैक्‍सटाइल्‍स से लेकर फार्मा सेक्‍टर तक की हैं। यह जानकारी बीएसई ने अपने एक सर्कुलर में दी है। इसके बाद सेबी और स्‍टॉक एक्‍सचेंज इन कंपनियों के शेयरों की फेयर वैल्‍यू निकालेंगे, जिसके आधार पर निवेशकों को पैसा मिलेगा। लेकिन यह एक कठिन काम है।

09:07 AM
रुपया 7 पैसे की बढ़त के साथ खुला
– सप्ताह के पहले ट्रेडिंग सेशन में रुपए की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसा बढ़कर 65.10 के स्तर पर खुला। गुरूवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 1 पैसे की हल्की बढ़त के साथ 65.17 के स्तर पर बंद हुआ था।

09:00 AM
DII ने की बिकवाली, FII रहे खरीददारी
गुरूवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 3.29 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 241.85 करोड़ रुपए की खरीदारी की।

08:58 AM
एशियाई बाजारों में कमजोरी, एजसीएक्स निफ्टी 0.23% मजबूत
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान का बाजार निक्केई 138 अंक टूटकर 21,044 अंक पर कारोबार कर रहा है।

हालांकि सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.23 फीसदी की बढ़त के साथ 10,377 अंक पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 414 अंक की गिरावट के साथ 30,171 अंक पर कारोबार कर रहा है।

 कोरियाई बाजार का कोस्पी इंडेक्स आज बंद है, जबकि ताइवान इंडेक्स 28 अंक टूटकर 10,668 अंक पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट में 0.31 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.82 फीसदी की गिरावट के साथ 3451 अंक पर कारोबार कर रहा है।

संसद में बजट सत्र का दूसरा चरण आज से : PNB फ्रॉड पर हंगामे के आसार

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान पंजाब नेशनल बैंक में फ्रॉड, नीरव मोदी, राफेल डील जैसे मुद्दों पर हंगामा होने के आसार है।

साथ ही पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र भी देखने को मिल सकता है। इनमें मजबूत होकर उभरी बीजेपी विपक्ष पर हावी होने की कोशिश कर सकती है। लोकसभा में 28 में से 21 बिल इस सत्र के लिए पेंडिंग हैं। बाकी 7 बिल स्थायी समितियों या संयुक्त समितियों के पास हैं। राज्यसभा में 39 बिल सदन के पास हैं।

कार्ति का मुद्दा भी उठा सकती है कांग्रेस
– कांग्रेस पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति की आईएनएक्स मीडिया घोटाले में गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठा सकती है। कांग्रेस इसे बदले की भावना से उठाया गया कदम बता रही है।
– दरअसल, पंजाब नेशनल बैंक घोटाले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।
– कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह संसद में इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरेगी। पार्टी ने सरकार से बैंकों की स्थिति पर संसद में श्वेत-पत्र लाने की मांग की है। वह इस घोटाले के आरोपी नीरव मोदी तथा मेहुल चौकसी के विदेश फरार होने को भी बड़ा मुद्दा बना रही है।
– हालांकि नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली ने बैंक घोटाले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
– मोदी ने भी कहा है कि किसी को बख्शा नहीं किया जाएगा। लेकिन कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार मामले की लीपा-पोती में लगी है और प्रधानमंत्री को संसद में इस पर बयान देना होगा।

संसद में 67 बिल
– दोनों सदनों के सामने सरकारी कामकाज निपटाने के लिए भारी भरकम एजेंडा मौजूद है।
– तीन तलाक का बिल राज्यसभा में आएगा तो विपक्ष बैकफुट पर होगा। लेकिन जब सरकार भगोड़े आर्थिक अपराधियों की भारत में संपत्ति कुर्क करने का विधेयक लाएगी तो नीरव मोदी पर विपक्ष सरकार को घेरेगा। एक नया बिल नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी कायम करने के लिए लाया जा रहा है।
– पुराने 67 बिल संसद में जमा हो चुके हैं। इनमें से 39 बिल राज्यसभा के पास हैं। इन 39 में से 12 बिल ऐसे हैं जो लोकसभा से पारित भी हो चुके हैं।
– लोकसभा के पास एक भी ऐसा बिल नहीं है जो राज्यसभा में पारित हो चुका हो और उसे निचले सदन की मंजूरी का इंतजार हो। लोकसभा में दस बिल स्थायी समितियों का रास्ता पार कर आए हैं जबकि राज्यसभा में ऐसे बिलों की संख्या 24 है।

ये बिल राज्यसभा से मुहर लगते ही बनेंगे कानून
– मुस्लिम महिला विवाह के मामले में अधिकारों के संरक्षण अधिकार का बिल
– इंडियन मेडिकल काउंसिल (संशोधन) बिल
– अचल संपत्ति अधिग्रहण (संशोधन)
– भूमि अधिग्रहण पुनर्वास मामलों में निष्पक्ष मुआवजा और पारदर्शिता (संशोधन)
– व्हिसिल ब्लोअर संरक्षण (संशोधन)
– मोटर वाहन (संशोधन) बिल
– भ्रष्टाचार निवारक (संशोधन) बिल 2013

चने की पैदावार 1.11 करोड़ टन होने का अनुमान, पिछले साल से 18 % अधिक

जयपुर। देश में रिकॉर्ड पैदावार होने की संभावना के चलते मंडियों में चने के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ गए हैं। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के मुताबिक चने का रिकार्ड 1.11 करोड़ टन उत्पादन होने की संभावना है, जो पिछले साल से लगभग 18 फीसदी अधिक होगा।

इसके चलते चने के भाव एमएसपी से करीब 800 रुपए प्रति क्विंटल नीचे है। सरकार ने चने का एमएसपी 4400 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। वहीं सरकार ने चने पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 60% कर दिया है।

राजस्थान में उत्पादन कम
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता का कहना है कि देश में चने की पैदावार पिछले साल से अधिक होने का पूर्वानुमान है, लेकिन राजस्थान में उत्पादन कम होगा।

वहीं, खपत को देखते हुए अगले चार-पांच माह में चना 20 फीसदी महंगा होने की संभावना है।एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू होने के बाद चने में लंबी मंदी के आसार नहीं हैं। कोटा व छबड़ा मंडी में चने की आवक शुरू हो गई है। 

सरसों पैदावार में 20% कमी संभव
रकबा घटने से इस साल प्रदेश में सरसों उत्पादन 20 फीसदी घटकर 24.50 लाख टन रह जाने की आशंका है। इसके बावजूद मंडियों में नई सरसों एमएसपी से नीचे बिक रही है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया एवं मस्टर्ड ऑयल प्रोड्यूशर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (मोपा) की संयुक्त बैठक में जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल प्रदेश में 29.50 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ था, जबकि इस साल 24.50 लाख टन सरसों पैदा होने की उम्मीद है।

एसईए के निदेशक डाॅ.बी.वी मेहता के अनुसार इस साल देश में 63.30 लाख टन सरसों उत्पादन का अनुमान है, जबकि बीते वर्ष 69.25 लाख टन उत्पादन हुआ था। मोपा के अध्यक्ष बाबूलाल डाटा ने बताया कि देश की मंडियों में इन दिनों दो लाख बोरी से ज्यादा नई सरसों आवक हो रही है।

कोटा में 26 कोच का होगा प्लेटफार्म नंबर 3, मुंबई वाली ट्रेनें चार नंबर पर रुकेगी

कोटा। शहर का प्लेटफार्म नंबर 3 अब 26 कोच के बराबर लंबा होगा। अभी ये प्लेटफार्म केवल 15 कोच का है। प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ने से लंबी दूरी की 24 व 26 कोच की ट्रेनों को इस प्लेटफार्म पर लिया जा सकेगा।
प्लेटफार्म नंबर चार पर भी कुछ ही दिनों बाद मुंबई की तरफ जाने वाली ट्रेनें रुक सकेगी।

इसके लिए यार्ड रिमॉडलिंग का काम अंतिम चरण में हैं। वहीं सेंट्रल पैनल सिस्टम लगाया जा रहा है। अब रेलवे स्टेशन क्षेत्र में सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग का काम होगा। इसके तहत पूरा स्टेशन नॉन इंटरलॉकिंग होगा। पायलट कर ट्रेनों को प्लेटफार्म पर लाया जाएगा। इस कार्य को मार्च के अंत व अप्रैल में किया जाना संभावित हैं।

काम के चलते कारण ट्रेनों को गुड़ला से कोटा लाकर डकनिया की तरफ रवाना करने में समय लगेगा। अभी ट्रेन को डकनिया पहुंचने में 10 मिनट लगते हैं, लेकिन काम शुरू होने पर 50 मिनट से अधिक समय लगने की संभावना है। कार्य के दौरान प्लेटफार्म चार को सीधे रेलवे यार्ड से जोड़ दिया जाएगा।

साथ ही मुंबई की तरफ जाने वाली लाइन भी जोड़ी जाएगी। सेंट्रल पैनल सिस्टम लगाने के लिए रेलवे ड्राइवर-गार्ड लॉबी के पास भवन बनाया जा चुका है। उसमें उपकरण लगाए गए हैं। कार्य के लिए 28 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया था। मार्च के अंतिम सप्ताह व अप्रैल के शुरू में होने वाले सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग के कार्य के लिए रेलवे प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है।

कार्य के दौरान बीना की तरफ से आने वाली साप्ताहिक ट्रेनों को सोगरिया रेलवे स्टेशन, गुड़ला होकर निकाला जा सकता है। दिल्ली की तरफ से आने वाली ट्रेनों को गुड़ला होकर लाया जाएगा, लेकिन इसके लिए रेलकर्मी को ट्रेन को पायलट करके लाना होगा। इस काम में समय अधिक लगेगा।

साथ ही कई ट्रेनों को रद्‌द भी किया जा सकता है तथा कुछ ट्रेनों को सवाईमाधोपुर से ही वापस लौटाया जा सकता है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि एसएसआई वर्क के लिए तैयारियां की जा रही है। कार्य के दौरान ट्रेनों को पायलट कर प्लेटफार्म तक लाना होगा।

अभी की स्थिति: कोटा में अभी प्लेटफार्म 1, 2 व 4 पर ही 24 कोच की ट्रेन खड़ी हो सकती हैं। प्लेटफार्म तीन छोटा होने के कारण इस प्लेटफार्म पर लंबी दूरी की कोटा से पास होने वाली ट्रेनों को नहीं लिया जाता है।

इसके चलते ट्रेनों को आउटर या आसपास के छोटे स्टेशनों पर खड़ा करना पड़ता है। इससे यात्री समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते। ट्रेन संचालन में परेशानी आती है। दिल्ली-मुंबई रूट पर स्थित कोटा मंडल के मुख्यालय पर गिनती के प्लेटफार्म होने से नई ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ता है।

इन ट्रेनों को रोकना पड़ता है: दिल्ली, गंगानगर, गोरखपुर, अमृतसर, पटना, जोधपुर, मुंबई, अजमेर, जबलपुर, इंदौर की तरफ से आने-जाने वाली ट्रेनों को आसपास के छोटे रेलवे स्टेशनों व आउटर पर रोकना पड़ता है।

ये होगा लाभ: प्लेटफार्म के लिए ट्रेनों को आउटर पर नहीं रोकना पड़ेगा, एक प्लेटफार्म अलग से मिलेगा। ट्रेनों समय में सुधार होगा। ऐसे में यात्री समय पर अपने घरों को पहुंच सकेंगे।

चार केबिन हटेंगे : यार्ड रिमॉडलिंग के तहत चार केबिन हटेंगे। केवल साउथ केबिन ही रह जाएगा। सिग्नल आपरेशन सेंट्रल ऑपरेटेड होगा। सिग्नल बदलने के कारण लंबी प्रक्रिया नहीं होगी।

बैंकों ने पहली छमाही में 516 करोड़ का लोन बट्टे खाते में डाला

नई दिल्‍ली। देश के सरकारी बैंकों ने कर्जा लेकर जानबूझ कर न चुकाने वाले लोगों का करीब 516 करोड़ रुपए का लोन बट्टे खाते (जिसे वसूलना कठिन) में डाल दिया है। यह डाटा चालू वित्‍तीय वर्ष की पहली छमाही का है। वित्‍त मंत्रालय ने जो डाटा एकत्र किया है उसके अनुसार ऐसे विलफुल डिफाल्‍टरों की संख्‍या 38 है।

एनपीए कम हो जाएगा
बैंकों की इस कार्रवाई से उनकी बैलेंसशीट पर एनपीए की राशि कम हो जाएगी, लेकिन यह पैसा बैंक अपनी कमाई से भरता है। इससे बैंकों का आपरेटिंग प्रॉफिट कम हो जाता है।

फंड का डायवर्जन भी होता है
विलफुल डिफाल्‍टर वह हैं जो बैंक से पैसा लेकर जानबूझ कर कर्ज नहीं चुकाते हैं। ऐसे लोग कई बार जिस काम के लिए बैंक से पैसा लेते हैं उस काम में नहीं लगाते हैं। कई बार ऐसे लोग फंड का डावर्जन करते हैं और गलते तरीके से इस्‍तेमाल करते हैं। इसके अलावा कई बार ऐसे लोग जिस प्रॉपर्टी के बदले लोन लेते हैं उसे चुपचाप बेच देते हैं, जिससे बैंक कार्रवाई नहीं कर पाता है।

ऐसे लोगों से वसूली कठिन
एक बैंक अधिकारी के अनुसार जानबू्झ कर कर्ज न चुकाने वालों को एनपीए मान कर कार्रवाई का ठोस नतीजा नहीं निकलता है। इन लोगों की जो भी आसेट जानकारी में होती है उससे कर्ज की वसूली कठिन होती है। इससे पूरी कार्रवाई के बाद भी मामूली रकम ही वसूल हो पाती है।

रिजर्व बैंक के निर्देश
रिजर्व बैंक ने 2015 में बैंकों को निर्देश जारी कर कहा था विलफुल डिफाल्‍टरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसमें लोन लेने वालों के अलावा गारंटी लेने वालों पर भी कार्रवाई की बात कही गई थी। आरबीआई के अनुसार अगर जरूरत पड़े तो कानूनी कार्रवाई भी शुरू करें।

PNB फ्रॉड: 60 से अधिक इकाइयों की एसेट्स बेचने पर रोक

नई दिल्ली। पीएनबी फ्रॉड मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल(एनसीएलटी) ने 60 से अधिक इकाइयों को अपने एसेट्स बेचने से रोक दिया है। जिन्हें एसेट्स बेचने से रोका गया है उनमें नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, कई इनडिविजुअल्स, कंपनियां और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म्स शामिल हैं।

कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री ने जारी की सूचना
इस बारे में कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री द्वारा सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। सूचना के अनुसार एनसीएलटी ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी, उनकी फर्म्स और रिश्तेदारों सहित अन्य इकाइयों के खिलाफ निर्देश जारी किए हैं।

मिनिस्ट्री ने इस बारे में कंपनी एक्ट 2013 के अलग-अलग सेक्शन के तहत पेटीशन दाखिल की थी। एनसीएलटी ने उसपर दूसरे पक्षों को सुने बिना ही यह आदेश जारी किया है।

12600 करोड़ के फ्रॉड का मामला
पीएनबी में लगभग 12,600 करोड़ रुपए के फ्रॉड के मामले में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी मुख्य आरोपी हैं। जिन कंपनियों और इकाइयों पर रोक लगाई गई है उनमें पंजाब नेशनल बैंक स्कैम से जुड़ी कुछ इकाइयां, गीतांजलि जेम्स, गिल्ली इंडिया, नक्षत्र ब्रांड और फायरस्टार डायमंड शामिल है।

ज्‍वैलरी घूस में दी थी
पीएनबी फ्रॉड केस में सीबीआई ने खुलासा कि‍या है कि‍ नीरव मोदी ने पंजाब नैशनल बैंक के अधिकारियों को अपने साथ घोटाले में शामिल करने के लिए सोने और हीरे की ज्‍वैलरी घूस में दी थी। सीबीआई कोर्ट ने शनिवार को यह जानकारी मुंबई कोर्ट को देते हुए बताया कि‍ पीएनबी अधिकारि‍यों को घूस पिछले साल अक्टूबर में ही दी गई है।

नीरव के कहने पर जारी कि‍या गलत एलओयू
सीबीआई का दावा है कि यशवंत ने नीरव मोदी के कहने पर गलत एलओयू जारी किए। जांच एजेंसी ने बताया कि घोटाले में गिरफ्तार किए गए एक और आरोपी पीएनबी के स्केल 1 ऑफिसर प्रफुल सावंत ने जानबूझ के SWIFT मैसेज को नजरअंदाज किया था।

देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पीएनबी ने मुख्य रूप से 2 निम्न स्तर के कर्मचारियों पर LoU जारी कर नीरव को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। हालांकि सीबीआई ने इससे आगे बढ़ते हुए 2 आंतरिक ऑडिटर्स को भी गिरफ्तार किया है।

ट्रेन में पैसेंजर्स की परेशानियां दूर करेंगे ‘सर्विस कैप्टन’

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नई दिल्ली। ट्रेन में सफर के दौरान पैसेंजर्स की बुनियादी परेशानियां दूर करने के लिए रेलवे सर्विस कैप्टन (सुपरवाइजर) तैनात करने की योजना बना रहा है। इसके लिए पिछले साल दिसंबर में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सभी जोन हेड से मीटिंग में सुझाव मांगे थे।

इस पर कमेटी ने कहा है कि सर्विस कैप्टन को अलग तरह की यूनिफॉर्म दी जाए, ताकि पैसेंजर उन्हें आसानी से पहचान सकें। वहीं, उन्हें टूल किट और बेहतर ट्रेनिंग देकर पहले 10 ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तैनात किया जाए। हालांकि, कमेटी के सुझावों पर अभी रेलवे बोर्ड की मुहर लगना बाकी है।

सर्विस कैप्टन की जरूरत क्यों जरूरी?
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रेलवे कमेटी ने कहा है कि रेलवे सफर के दौरान पैसेंजर्स को कई तरह की फैसिलिटी दे रहा है। अभी पैसेंजर्स को हर सर्विस के लिए अलग-अलग अफसरों से कॉन्टैक्ट करना होता है। सुपरवाइजर के तौर पर ट्रेन में सिंगल इंचार्ज होने पर यात्रियों को सहूलियत होगी।
– सर्विस कैप्टन या सुपरवाइजर ट्रेन में दी जा रही सभी फैसिलिटीज से जुड़े लोगों से को-ऑर्डिनेट करेगा। ऐसे में पैसेंजर्स को सभी बुनियादी परेशानियों का हल सिंगल विंडो पर मिलेगा।

इन समस्याओं को दूर करेगा सर्विस कैप्टन
– सफर के दौरान सामान चोरी या गुम होने, बर्थ, विंडो, दरवाजों को लेकर परेशानी या कोच में कॉकरोच, चूहे होने पर आप सविर्स कैप्टन से शिकायत कर सकेंगे।
– इसके अलावा सर्विस कैप्टन की जिम्मेदारी होगी कि वह ट्रेन में सफाई का निरीक्षक करे। अगर मरम्मत या ऑपरेशन में कोई दिक्कत है, तो संबंधित डिपार्टमेंट से को-ऑडिनेट कर दूर कराएगा।

रेलवे कमेटी ने और क्या सुझाव दिए?
– रेलवे कमेटी ने आगे सुझाव दिया है कि सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए डिवीजन ऑन बोर्ड सुपरवाइजर्स का एक पूल बनाया जाए। 2 साल के अनुभव वाले जूनियर इंजीनियर या मास्टर क्राफ्ट्समैन लेवल के कर्मचारियों को सर्विस कैप्टन तैनात किया जाए।
– सर्विस कैप्टन सर्विस को शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर 4 जोन की 10 ट्रेनों में तैनात करें, इसके बाद जरूरत के मुताबिक इसमें बदलाव किया जाए।

5G स्पेक्ट्रम नीलामी की सिफारिशें जल्द ही : ट्राई प्रमुख

बार्सिलोना। दूरसंचार नियामक ट्राई को उम्मीद है कि 5G स्पेक्ट्रम नीलामी के बारे में अपनी सिफारिशों को तिमाही के भीतर दे देगा। ट्राई के चेयरमैन आर. एस. शर्मा ने रविवार को कहा, ‘हमने स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए कंसल्टेशन प्रोसेस पूरा कर लिया है। सिफारिशों का मसौदा तैयार किया जा रहा है।’

सिफारिशों के लिए समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘बहुत ही जल्द, संभवत: एक तिमाही के अंदर।’ देश में 5G सेवाओं की शुरुआत के लिए स्पेक्ट्रम मुख्य तत्व है। सरकार दूरसंचार कंपनियों को स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिए करेगी और यह नीलामी मुख्य रूप से भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकार की सिफारिशों पर होगी।

शर्मा ने कहा, ‘हमें यह समझना होगा कि दूरसंचार कंपनियों के लिए कारोबारी मामला होना चाहिए। मौजूदा प्रयोगों और परीक्षणों से तय होगा कि हमारे देश में 5G के लिए उचित ऐप्लिकेशन क्या होगा। गौरतलब है कि सरकार आगामी नीलामी में कुल 3000 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी करेगी जो कि रेडियो वेव्स की सबसे बड़ी नीलामी होगी।