Thursday, July 23, 2026
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विंटेज कारें: पहले शायद ही कभी देखीं होंगी, जानिए इनके बारे में

क्लासिक कारों की बात हो तो लोगों में एक अलग तरह का उत्साह देखने को मिलता है। यूं तो क्लासिक कारों की कीमतें बहुत ज्यादा होती है लेकिन अमेरिका के फ्लोरिडा शहर में एक आॅटो शो में कुछ और ही देखने को मिला। यहां के अमीलिया आईलैंड पर आयोजित हुए इस शो में एक से बढ़कर एक विंटेज कारें बिकीं।

गजब बात यह रही कि हाई क्वॉलिटी वाली ये कारें उम्मीद से काफी कम दाम पर बिक गईं। देखें, किन विंटेज कारों की हुई क्लासिक डील और कितनी लगी इनकी कीमत…इस साल के शो में Harry Yeaggy की Duesenberg J/SJ Convertible कार को विनर ट्रोफी मिली। यह कार 1929 में बनी थी। ‘बेस्ट इन शो’ का अवॉर्ड 1963 में बनी Ferrari 250/275P कार को गया।

इसे जेएसएल मोटरस्पोर्ट्स कलेक्शन नामक फर्म ने तैयार किया था। इन दोनों कारों को टॉप अवॉर्ड कारों के मेटल की चमक-दमक बरकरार रखने, इनके रेयर होने, इनकी शानदार रेसिंग हिस्ट्री और लीक से हटकर यूनीक डिजाइन और परफॉर्मेंस क्षमताओं के लिए दिया गया है। ये अपने जमाने की सबसे धाकड़ कारों में शुमार रही हैं।

इस तस्वीर में जो कार आप देख रहे हैं वह अमेरिका में कभी टॉप सेलिंग कार थी। 1966 में बनी इस कार का नाम Ferrari 275 GTB है। यह अलॉय वील्ज वी कूपे है और इसको आॅटो शो में महज 2.53 मिलियन डॉलर यानी लगभग 16 करोड़ रुपए में बिकी। इस कार का रेसिंग इतिहास बहुत ही शानदार रहा है। इसे कई सालों से चलाया नहीं गया है।

आॅटो शो में यह दूसरी सबसे ज्यादा बोली वाली कार रही। यह फरारी की एंजो कूपे है जो कि 2003 मॉडल है। इसे 2.36 मिलियन डॉलर यानी लगभग 15 करोड़ रुपए में खरीदा गया। ओवरआल देखें तो इस बार के आॅटो शो में एक कार का एवरेज सेल प्राइस 240,794 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 1.5 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी आॅटो शो में यह प्राइस 333,218 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 2 करोड़ 16 लाख रुपए था।

पोर्शे 911 टर्बो एस Leichtbau Coupe जो कि 1993 का मॉडल है। यह टॉप सेलिंग पोर्शे कार बनी। इसकी कीमत 1.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 11 करोड़ 42 लाख रुपए है। यह भी पोर्शे की कार है। Porsche 911 Carrera RS 3.8 कूपे है और यह 1993 मॉडल है। यह दूसरी सबसे महंगी बिकने वाली पोर्शे कार बनी। इसकी कीमत 1.65 मिलियन डॉलर लगी।

Isotta Fraschini Tipo 8A S Boattail कैब्रियोले विंटेज कारों में से इस क्लासिक कार ने भी बेहतरीन परफॉर्म किया। यह 1930 का मॉडल है। इसकी कीमत 1.27 मिलियन डॉलर यानी लगभग 8 करोड़ 24 लाख रुपए लगी।

अमेरिकी कंपनी फोर्ड की कूपे Ford GT40 Mk IV 1967 का मॉडल है। इसे 1.925 मिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा गया। यह फोर्ड की पहली कम्प्लीट कार थी जो कि केवल रेसिंग के लिहाज से ही डिजाइन की गई थी। यह शो में चौथी सबसे महंगी बिकने वाली कार बनी।

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर: ब्रिज और टनल के डिजाइन का 80% काम पूरा

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नई दिल्ली। देश की पहली हाई स्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है। यह ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच 508 किलोमीटर की दूरी में चलेगी। प्रोजेक्ट के कामकाज का जिम्मा नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (एनएचएसआरसी) के पास है।

कंपनी के एमडी अचल खरे के मुताबिक, हाई स्पीड कॉरिडोर के ब्रिज और टनल के डिजाइन का काम 80% पूरा हो चुका है। साथ ही महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बता दें कि पिछले साल नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अाबे ने इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। 2022 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है।

1) महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण का काम शुरू
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अचल खरे ने बताया कि हाई स्पीड कॉरिडोर के ब्रिज और टनल के डिजाइन दिल्ली, मुंबई और जापान की कंपनियों ने तैयार किए हैं। इसके लिए सर्वे और मिट्टी का टेस्ट चल रहा है। प्रस्तावित कॉरिडोर मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स से शुरू होगा और अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन पर खत्म होगा।
– शुरुआती तौर पर महाराष्ट्र और गुजरात में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बुलेट ट्रेन का रूट महाराष्ट्र के 108 गांवों से गुजरेगा। अधिग्रहण के लिए पालघर जिले के 17 गांव के किसानों को नोटिस दिया है। उन्हें मौजूदा मार्केट रेट के मुताबिक मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान है।
2) भूकंप और हवा की गति जानने के लिए मीटर लगेंगे
– कंपनी के मुताबिक, बुलेट ट्रेन का पूरा रूट भूकंपरोधी होगा। इसके लिए सीस्मोमीटर लगाए जाएंगे। साथ ही हवा का रूख और गति जानने के लिए विंड मीटर सिस्टम भी लगेंगे। ट्रेन की स्पीड हवा की गति पर निर्भर करेगी। अगर हवा 30 मीटर/सेकंड की रफ्तार से चलेगी तो ट्रेन रोक दी जाएगी।
3) अनहोनी होने पर 10 मिनट के अंदर राहत मिलेगी
– 508 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बेहद आसान बनाया जाएगा। हालांकि, अनहोनी की स्थिति में लोगों को बाहर निकलने के लिए सिस्टम बनेगा। साथ ही ऐसे इंतजाम भी होंगे कि कॉल मिलने के बाद 10 मिनट के अंदर पैसेंजरों तक राहत पहुंचाई जा सके।

4) 320 Kmph होगी बुलेट ट्रेन की स्पीड
– बुलेट ट्रेन की अधिकतम स्पीड 320 Kmph होगी। साथ हर 320 सेकंड में यह 18 किलोमीटर दूरी तय करेगी। बांद्रा कॉम्प्लेक्स से ठाणे पहुंचने में ट्रेन को 10 और पालघर पहुंचने में 24 मिनट का वक्त लगेगा।
– फिलहाल, पीक ऑवर में 3 और नॉन पीक ऑवर में 2 ट्रेन चलाने की योजना है। दो तरह से ट्रेन ऑपरेशन होगा। एक तरह की ट्रेन कुछ स्टेशनों (बांद्रा कॉम्प्लेक्स, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती) पर रुकेंगी और दूसरी मुंबई से साबरमती के बीच हर स्टेशन पर स्टॉप लेंगी।

5) रोजाना कुल बुलेट ट्रेन के 70 फेरे लगेंगे
– अचल खरे ने बताया कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच अप-डाउन ट्रैक पर बुलेट ट्रेन रोजाना 35-35 (कुल 70) फेरे लगाएगी। इस दौरान 40 हजार पैसेंजरों के सफर करने का अनुमान है।
– लॉन्चिंग से पहले कंपनी खाली बुलेट ट्रेन का 10 किलोमीटर तक ट्रायल रन करेगी। इसमें यात्रियों के लिए 10 कोच बिजनेस और 9 स्टैंडर्ड क्लास के होंगे।

6) क्या है बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट?

– पिछले साल नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अाबे ने इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। 2022 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है।
– बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलेगी। इसके शुरू होने पर दोनों शहरों के बीच की दूरी 7 घंटे से घटकर 3 रह जाएगी।
– 508 किलोमीटर लंबे हाई स्पीड कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से 4 महाराष्ट्र और 8 गुजरात में बनेंगे।

बैंकिंग स्टॉक में तेजी से सेंसेक्स 470 अंक बढ़ा, निफ्टी 10131 पर बंद

नई दिल्ली। बाजार में जारी गिरावट पर सोमवार को ब्रेक लग गया। बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीददारी से बाजार भारी उछाल के साथ बंद हुए। बाजार की शुरुआत आज कमजोरी के साथ हुई थी। लेकिन बैंकिंग शेयरों के साथ ऑटो, मेटल औऱ रियल्टी शेयरों में खरीददारी से सेंसेक्स 470 अंक बढ़कर 33,066 अंक पर क्लोज हुआ। वहीं निफ्टी 133 अंक की बढ़त के साथ 10,131 अंक पर बंद हुआ। आज के कारोबार में सेक्टोरल इंडेक्स में सिर्फ निफ्टी आईटी इंडेक्स में कमजोरी रही, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 5.15 फीसदी बढ़ा।

इसके पहले, एशियाई बाजारों से मिले संकेतों से सोमावर को भारतीय शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत हुई। सेंसेक्स 60 अंक टूटकर 32,536 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी की शुरुआत 9 अंकों की गिरावट के साथ 9,989 के स्तर पर हुई थी। आज के कारोबार में निफ्टी ने 10,143.5 तक दस्तक दी थी जबकि सेंसेक्स 33,115.4 तक पहुंचा था। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रैरिफ ड्यूटी लगाए जाने के बाद अमेरिका और चीन ने चीनी मार्केट में अमेरिकी पहुंच को बेहतर बनाने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। इससे ट्रेड वार में नरमी आने की उम्मीद से बाजार में तेजी आई है।

निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 4% से ज्यादा बढ़ा
इंडेक्स में शामिल सभी 12 बैंकों के शेयरों में तेजी से निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.12 फीसदी बढ़ा है। सबसे ज्यादा तेजी कैनरा बैंक में 5.60 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, आंध्रा बैंक, ओरियंट बैंक, पीएनबी और आईडीबीआई में 0.77-5.33 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में खरीददारी बढ़ी
शुरुआती कमजोरी के बाद लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में खरीददारी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.61 फीसदी, जबकि बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.48% मजबूत हुआ ।

मिडकैप शेयरों में कैनरा बैंक, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, एबीएफआरएल, यूनियन बैंक, पेज इंडस्ट्रीज, पीएनबी हाउसिंग, बजाज होल्डिंग, सेंट्रल बैंक, अडानी एंटरप्राइजेज, सेंट्रल बैंक, एमएंडएम फाइनेंस, एयूबैंक, बैंक ऑफ इंडिया 2.82-5.43 फीसदी तक बढ़े। हालांकि वक्रांगी, क्रॉम्पटन, अडानी पावर, पेट्रोनेट, क्रिसिल, ब्लू डार्ट, एंडुरेंस, जिटेल, ग्लैस्को 4.98-1.20 फीसदी तक गिरे।

बैंक, रियल्टी, इंडेक्स में बढ़त, आईटी में दबाव
एनएसई पर सेक्टोरल इंडेक्स में बैंक, रियल्टी में तेजी देखने को मिल रही है, जबकि आईटी इंडेक्स में गिरावट है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.39 फीसदी बढ़ा है। वहीं निफ्टी रियल्टी में 0.79 फीसदी, मेटल में 0.16 फीसदी और फार्मा में 0.27फीसदी की बढ़त दिख रही है। हालांकि निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.85 फीसदी कमजोर हुआ है।

FPI ने मार्च में 8400 करोड़ किए इन्वेस्ट
फॉरेन इन्वेस्टर्स ने विदेशी निवेशकों ने भारतीय स्टॉक मार्केट में मार्च महीने में अब तक 8,400 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यह निवेश ग्लोबल क्रूड प्राइस में नरमी और कंपनियों की आय बेहतर रहने की उम्मीद के बीच किया गया है।

शेयर बाजार पांच महीने के निचले स्तर पर
अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार शुरू होने पर ग्लोबल इकोनॉमिक के प्रभावित होने की आशंका में दुनिया भर के शेयर बाजारों में हुई बिकवाली का असर बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार भी दिखा जहां देश का प्रमुख शेयर बाजार बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी पांच महीने से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गया।

सेंसेक्स 1.75 फीसदी यानी 579.46 अंक गिरकर 23 अक्टूबर 2017 के बाद के निचले स्तर 32596.54 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 1.93 फीसदी यानी 197.10 अंक लुढ़कर 11 अक्टूबर 2017 के बाद के निचले स्तर पर आ गया।

बाजार में रिकवरी, सेंसेक्स 100 अंक मजबूत, निफ्टी 10,000 के पार

नई दिल्ली। कमजोर शुरुआत के बाद घरेलू शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता दिख रहा है। दोपहर को आईटी को छोड़ सभी सेक्टर के शेयरों में मजबूती देखने को मिल रही है। जिससे सेंसेक्स निचले स्तर से 162.77 प्वाइंट्स सुधरा है। वहीं निफ्टी में 52 प्वाइंट सुधार हुआ है।

हैवीवेट एसबीआई, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, मारुति, एचयूएल, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक शेयरों में खरीददारी से बाजार को सपोर्ट मिला है। हालांकि रुपए में कमजोरी से आईटी शेयरों इंफोसिस, विप्रो औऱ टीसीएस में कमजोरी दिख रही है। फिलहाल सेंसेक्स 113 अंक चढ़कर 32,709 औऱ निफ्टी 19 अंक बढ़कर 10,017 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

इसके पहले, एशियाई बाजारों से मिले संकेतों से सोमावर को भारतीय शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत हुई। सेंसेक्स 60 अंक टूटकर 32,536 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी की शुरुआत 9 अंकों की गिरावट के साथ 9,989 के स्तर पर हुई।

शुरुआती तेजी के बाद मिडकैप, स्मॉलकैप शेयर गिरे
शुरुआती तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली देखने को मिल रही है। इससे बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.32 फीसदी टूट गया है, जबकि बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.44 फीसदी की गिरावट आई है।

मिडकैप शेयरों में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, सेंट्रल बैंक, ओबेरॉय रियल्टी, एमफैसिस, एयू स्मॉल बैंक, एबीएफआरएल, एमएंडएम फाइनेंस, बजाज होल्डिंग, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस, बीईएल 0.97-2.62 फीसदी तक उछले है।

हालांकि वक्रांगी, आईडीबीआई बैंक, क्रॉमप्टन, टोरेंट पावर, अडानी पावर, यूबीएल, आईजीएल, पेट्रोनेट, नैटको फार्मा, आरपावर 4.98-2.03 फीसदी तक गिरे।बैंक, रियल्टी, इंडेक्स में बढ़त, आईटी में दबाव
एनएसई पर सेक्टोरल इंडेक्स में बैंक, रियल्टी में तेजी देखने को मिल रही है, जबकि आईटी इंडेक्स में गिरावट है।

बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.39 फीसदी बढ़ा है। वहीं निफ्टी रियल्टी में 0.79 फीसदी, मेटल में 0.16 फीसदी और फार्मा में 0.27 फीसदी की बढ़त दिख रही है। हालांकि निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.85 फीसदी कमजोर हुआ है।

FPI ने मार्च में 8400 करोड़ किए इन्वेस्ट
फॉरेन इन्वेस्टर्स ने विदेशी निवेशकों ने भारतीय स्टॉक मार्केट में मार्च महीने में अब तक 8,400 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यह निवेश ग्लोबल क्रूड प्राइस में नरमी और कंपनियों की आय बेहतर रहने की उम्मीद के बीच किया गया है।

शेयर बाजार पांच महीने के निचले स्तर पर
अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार शुरू होने पर ग्लोबल इकोनॉमिक के प्रभावित होने की आशंका में दुनिया भर के शेयर बाजारों में हुई बिकवाली का असर बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार भी दिखा जहां देश का प्रमुख शेयर बाजार बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी पांच महीने से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गया। सेंसेक्स 1.75 फीसदी यानी 579.46 अंक गिरकर 23 अक्टूबर 2017 के बाद के निचले स्तर 32596.54 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 1.93 फीसदी यानी 197.10 अंक लुढ़कर 11 अक्टूबर 2017 के बाद के निचले स्तर पर आ गया।

80 किमी/घंटे से ज्यादा रफ्तार पर चलाई कार तो बजेगा अलार्म

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नई दिल्‍ली। आने वाले दिनों में जब आपकी कार 80 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार पकड़ेगी तो कार में लगा आटोमैटिक अलार्म बजने लगेगा और जब तक आप कार की स्‍पीड कम नहीं करेंगे, तब तक अलार्म बजता रहेगा। रोड एक्‍सीडेंट्स पर अंकुश लगाने के लिए मोदी सरकार ऐसे नियम बना रही है, जिनका पालन कार मैन्‍युफैक्‍चरर्स को करना होगा।

1) तीन से छह महीने में लागू हो सकते हैं नियम
– सरकार ने इन नियमों का फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
– सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के एक अफसर के मुताबिक, तीन से छह महीने में ये नियम लागू किए जा सकते हैं। इन नियमों में एक्‍सीडेंट्स रोकने के लिए कई और प्रावधान किए जाएंगे।
2) नए सुरक्षा फीचर्स जोड़े गए
– सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने आटोमोटिव इं‍डस्‍ट्री स्‍टैंडर्ड का फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया है।
– इसमें कैटेगिरी एम और एन व्‍हीकल के लिए नए सुरक्षा फीचर्स जोड़े गए हैं।
3) क्‍या होंगे नए सुरक्षा फीचर्स?
स्‍पीड अलर्ट सिस्‍टम: एम-1 कैटेगिरी यानी पैसेंजर व्‍हीकल्स में स्‍पीड अलर्ट सिस्‍टम लगाया जाएगा। जो ओवर स्‍पीड होने पर ड्राइवर को अलर्ट करेगा। पुलिस व्‍हीकल्स, एंबुलेंस समेत कुछ वाहनों को छूट दी जाएगी।
सेफ्टी बेल्‍ट: ड्राइवर या उसके बाजू वाली सीट पर बैठा शख्स सीट बेल्ट नहीं लगाता तो उसे अलर्ट करने का इंतजाम होगा। वाहनों में यह वॉर्निंग लाइटिंग, ब्लिंकिंग या विजुअल डिस्‍पले के रूप में हो सकती है। इसके अलावा सेकेंड लेवल वॉर्निंग के तौर पर ऑडियो वार्निंग की व्‍यवस्‍था होगी।
एयरबैग: सभी कारों में कम से कम ड्राइवर एयरबैग लगाना जरूरी होगा।
रिवर्स पार्किंग अलर्ट: सभी वाहनों में व्‍हील रिवर्स पार्किंग अलर्ट भी लगाना अनिवार्य होगा। इसमें कार के पीछे सेंसर होगा, जो एक निर्धारित रेंज में किसी भी चीज या व्‍यक्ति के आने पर बजने लगेगा।

4) क्‍या है एम और एन कैटेगिरी?
एम कैटेगिरी: कम से कम चार पहिया पैसेंजर व्‍हीकल को एम कैटेगिरी में रखा गया है। इसमें स्‍टैंडर्ड कार ( 2, 3, 4 डोर) को शामिल किया गया है।
एम-1 कैटेगिरी: ऐसे पैसेंजर व्‍हीकल, जिसमें 8 सीट से ज्यादा न हों (इसमें एसयूवी, कार, वैन, जीप शामिल हैं।)
एन कैटेगिरी: कम से कम चार पहिया गुड्स व्‍हीकल (पिकअप ट्रक, वैन, कॉमर्शियल ट्रक शामिल हैं।)

5) लोगों से मांगे सुझाव
– मिनिस्‍ट्री ने एडिशनल सेफ्टी फीचर्स का फाइनल ड्राफ्ट मिनिस्‍ट्री की वेबसाइट पर अपलोड किया है। इस पर 19 अप्रैल तक सुझाव मांगे गए हैं।

6) साल में 5 लाख से ज्यादा सड़क हादसे होते हैं
– 2015 से 2016 के बीच सड़क हादसों में कमी आई है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार की कोशिशों से ऐसा संभव हुआ है। हालांकि, अभी भी सालभर में करीब 5 लाख एक्‍सीडेंट हो रहे हैं।
– 2015 में 5 लाख 1423 एक्‍सीडेंट्स हुए, जो 2016 में घटकर 4 लाख 80 हजार 652 हो गए।
– हादसे कम हुए, लेकिन एक्‍सीडेंट में मरने वालों की तादाद बढ़ी है। 2015 में सड़क हादसों में 1 लाख 46 हजार 133 लोगों की मौत हुई, जबकि 2016 में 1 लाख 50 हजार 785 लोग मारे गए। इसमें करीब 35% मौतें नेशनल हाईवे पर हुईं।

ज्यादा क्रेडिट क्लेम पर रीयल्टी डिवेलपर्स को नोटिस

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मुंबई। करीब 400 रियल एस्टेट डिवेलपर्स को इनडायरेक्ट टैक्स डिपार्टमेंट ने नोटिस भेजे हैं। नोटिस पाने वालों में लिस्टेड कंपनियां भी शामिल हैं। मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने बताया कि ये नोटिस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के तहत क्रेडिट क्लेम बढ़ाचढ़ाकर पेश करने के लिए दिए गए हैं।

नोटिसों में इन डिवेलपर्स से 100 पर्सेंट फाइन और गलत ढंग से क्लेम किए गए क्रेडिट पर करीब 18 पर्सेंट ब्याज चुकाने को कहा गया है। टैक्स अधिकारियों ने बताया कि कमर्शियल प्रॉपर्टी और रिटेल मॉल्स सेगमेंट में अच्छी मौजूदगी वाले कई डिवेलपर्स को भी ये नोटिस दिए गए हैं।

एक टैक्स ऑफिशियल ने बताया, ‘कुछ लिस्टेड कंपनियों सहित मुंबई के करीब 20 डिवेलपर्स ने ऐसे कच्चे माल के लिए इनपुट क्रेडिट क्लेम्स दाखिल किए हैं, जिसका इस्तेमाल जीएसटी लागू होने से पहले किया जा चुका था। इन कंपनियों को अब तगड़ा जुर्माना चुकाना होगा।’

अधिकारियों ने बताया कि आगे की जीएसटी देनदारी ऑफसेट करने के लिए इन कंपनियों ने स्टील, सीमेंट और बालू जैसे इनपुट्स की कॉस्ट पर क्रेडिट क्लेम किया था। हालांकि इनडायरेक्ट टैक्स डिपार्टमेंट का दावा है कि कुछ डिवेलपर्स ने ऐसे मामलों में भी क्रेडिट क्लेम किया है, जिनमें बिल्डिंग्स पहली जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने से पहले पूरी की जा चुकी थीं।

मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य व्यक्ति ने बताया, ‘एक डिवेलपर ने पहली जुलाई 2017 तक एक बिल्डिंग के दस फ्लोर बना लिए थे, लेकिन क्रेडिट क्लेम करते वक्त उसने दावा किया कि केवल दो फ्लोर तब तक पूरे हुए थे। उसने आठ फ्लोर के लिए अतिरिक्त क्रेडिट ले लिया।’ इस मामले में टैक्स डिपार्टमेंट ने 100 करोड़ रुपये के क्रेडिट की इजाजत नहीं दी और इतनी ही रकम के जुर्माने की मांग की है।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने कहा कि टैक्स क्रेडिट्स लेने के नियम काफी पारदर्शी हैं। रियल एस्टेट डिवेलपर्स के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट्स के योग्य होने की बात इस पर निर्भर करती है कि अपार्टमेंट्स को ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट्स मिलने के पहले बेचा गया था या नहीं और किसी प्रोजेक्ट में काम पहली जुलाई के पहले पूरा हुआ था या बाद में।

डेलॉयट इंडिया के पार्टनर एम एस मणि ने कहा, ‘वैध इनपुट टैक्स क्रेडिट की गणना सटीक ढंग से करना महत्वपूर्ण है। अगर ऐसा हो तो बाद में इन्हें खारिज नहीं किया जाएगा। खारिज होने पर यह प्रोजेक्ट की लागत में जुड़ जाएगा और भविष्य में इसे बायर्स से रिकवर नहीं किया जा सकेगा।’

अधिकतर बड़े डिवेलपर्स के मामले में 25 से 100 करोड़ रुपये तक का क्रेडिट खारिज किया गया है। छोटी कंपनियों के मामले में आंकड़ा एक लाख से 5 करोड़ रुपये के बीच है। 400 डिवेलपर्स में से करीब 20 बड़ी कंपनियां मुंबई, एनसीआर, बेंगलुरु और हैदराबाद की हैं।

टैक्स अधिकारियों के अनुसार, रुनवाल डिवेलपर्स, यूनिटेक और इंडियाबुल्स रियल एस्टेट को भी नोटिस भेजे गए हैं। इन कंपनियों को 22 मार्च को भेजी गई ईमेल्स का जवाब नहीं मिला। इंडियाबुल्स के एक प्रवक्ता ने ईटी से फोन पर कहा कि उन्हें ऐसे किसी नोटिस की जानकारी नहीं है। ओबरॉय रियल्टी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।’

रेडिएशन के दुष्प्रभाव से नपुंसकता व कैंसर संभव

कोटा। सोसायटी आॅफ राजस्थान रेडियोग्राफर्स एंड रेडिएशन टेक्नोलॉजिस्ट राजस्थान की ओर से विकिरण सुरक्षा तथा एमआरआई सेफ्टी पर एक दिवसीय सम्मेलन रविवार को आईएमए हाॅल में आयोजित किया गया।

एक्सरे के जनक डब्ल्यूसी रोंजन के जन्मदिन पर आयोजित होने वाले इस सेमिनार में देशभर के रेडियोग्राफर तथा टेक्नीशियन जुटे। सेमिनार में विशेषज्ञों ने कहा कि रेडिएशन के दुष्प्रभाव से नपुंसकता हो सकती है, कैंसर हो सकता है साथ ही बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं। त्वचा रोग हो जाते हैं।

सेमिनार में नाइजीरिया से भी 13 लोगों को प्रतिनिधि मंडल कोटा पहुंचा। वहीं, 25 सेवानिवृत रेडियोग्राफर्स को ‘रेडियोग्राफर रत्न’ से सम्मानित किया गया तथा 5 स्टूडेंट्स को विद्यार्थी रत्न से व 7 संस्थाओं को चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोगी की भूमिका निभाने के लिए सम्मान किया। भ्रूण हत्या विरोधी पोस्टर का विमोचन भी किया गया।

सेमिनार में नेशनल प्रेसीडेंट सेलवा कुमार ने कहा कि रेडियोग्राफर को लोगों की चिकित्सा करने के लिए अपने जीवन को दांव पर लगाना पड़ता है। डेनियल ने कहा कि रेडियोग्राफी में नई तकनीक और सॉफ्टवेयर आ रहे हैं। रेडियोग्राफर्स और टेक्नीशियन को भी इन नई तकनीक में पारंगत होने की आवश्यकता है।

सेमिनार में प्रदेशाध्यक्ष तथा आयोजन समिति के अध्यक्ष वकी अहमद, महासचिव अनिल कुमावत, उजागर सिंह, मुकेश सामरिया, सुरेश मीणा, लालचंद मौजूद रहे।  कार्यक्रम में समाजसेवा से जुड़े यूथ एक्शन फोर सोसायटी के चंदू पांचाल, विमल आजाद, कोमल वर्मा, शाहिस्ता, विकास शर्मा, रामेश्वर सिंह को रक्तदान के क्षेत्र में बेहतर काम करने पर सम्मानित किया गया।

इंदौर के रेडियोग्राफर शिवकांत वाजपेयी ने कहा कि रेडिएशन से नपुंसकता, कैंसर व बाल झड़ने जैसी बीमारी हो सकती है। कई बार डेंटल स्पेशलिस्ट रूट कैनाल करते समय बार-बार एक्सरे करवाते हैं। ऐसा किया जाना घातक है। मुख्य सड़क से दूर ही एक्स रे केन्द्र बनाए जाने चाहिए। मुंबई के टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में टेक्निकल ऑफिसर एचसी योगानंद ने कहा कि सिटी स्कैन से पहले मरीज को दी जाने वाली दवा से यदि उसे एलर्जी होती है तो उसे टेक्नीशियन व डॉक्टर को अवश्य बताना चाहिए।

हॉस्टल में मोबाइल एप से होगी कोचिंग छात्रों की मोनेटरिंग

कोटा। अब कोचिंग स्टूडेंट्स के हॉस्टल में आने व जाने के साथ उनके इनएक्टिव रहने का नोटिफिकेशन भी पेरेंट्स तक पहुंचेगा। एक निजी कंपनी ने रियल टाइम हॉस्टल मैनेजमेंट एप विकसित किया है। अब तक एसएमएस के जरिए ही स्टूडेंट्स के आने व जाने की सूचना पेरेंट्स तक पहुंचती थी।

वहीं, पेरेंट्स भी नोटिफिकेशन के लिए टाइमर सेट कर सकेंगे। इस दौरान स्टूडेंट कितनी बार हॉस्टल आया व गया, इसकी जानकारी उनको मिलेगी। अगर इस दौरान स्टूडेंट की कोई एक्टिविटी नहीं हुई तो पेरेंट्स के साथ वार्डन को नोटिफिकेशन मिलेगा। इनएक्टिव रहने की स्थिति में सबसे पहले वार्डन की जिम्मेदारी होगी कि वह स्टूडेंट से मिले। इस अवधि में पेरेंट्स भी स्टूडेंट, उसके वार्डन व हॉस्टल संचालक से संपर्क कर पाएंगे।

उधर, हॉस्टल एसोसिएशन की गाइडलाइन के बावजूद अब तक कोटा के 20 प्रतिशत हॉस्टल में भी हैंगिंग फ्री डिवाइस नहीं लगे हैं। नए सेशन में हैंगिंग फ्री डिवाइस पर भी ध्यान नहीं दिया रहा है। जिला प्रशासन व हॉस्टल एसोसिएशन भी इस पर चुप ही बैठे हैं।

ऐसे काम करेगा एप :बायोमैट्रिक्स मशीन को इंटरनेट से जोड़ा गया है। इसके सर्वर में माता-पिता और वार्डन के मोबाइल नंबर रहेंगे। वार्डन व पेरेंट्स को एंड्रायड एप डाउनलोड करना होगा। जैसे ही बच्चा हॉस्टल से निकलेगा या आएगा नोटिफिकेशन पहुंच जाएगा। इसकी कीमत अन्य बायोमैट्रिक्स के जितनी ही है। कंपनी के प्रतिनिधि गुलजार हुसैन ने बताया कि इसको खासतौर पर कोटा के स्टूडेंट्स के लिए तैयार किया गया है।

नई टीवीएस अपाचे आरटीआर 160 4वी बाइक, जानें, क्या है खूबियां

टीवीएस अपाचे आरटीआर रेसिंग बाइक्स के शौकीनों के लिए टॉप पसंदों में से एक रही है। यह स्पॉर्टी मोटरसाइकल अपने लेटेस्ट अवतार, अपाचे आरटीआर 160 की शक्ल में आई है। चेन्नै बेस्ड कंपनी टीवीएस ने हाल ही इस बाइक को लॉन्च किया है। यह अपाचे का लेटेस्ट अवतार है। इसमें कॉस्मेटिक से लेकर मैकेनिकल तक, कई अपडेट्स देखने को मिलेंगे। रेसिंग वर्ल्ड में 35 साल पूरे करने वाली टीवीएस की नई बाइक में क्या कुछ है स्पेशल, जानिए इस बाइक रिव्यू में…

हमने इस बाइक को टीवीएस के होसुर प्लांट में टीवीएस ट्रैक पर टेस्ट किया। नई आरटीआर 160 4वी बाइक के डिजाइन की बात करें तो इसमें नया डबल क्रैडल स्प्लिट फ्रेम दिया गया है जो कि अपाचे आरटीआर 200 4वी में भी देखने को मिल जाएगा। सिर्फ फ्रेम ही नहीं, इसका स्टाइल भी काफी हद तक 200सीसी अपाचे जैसा ही है।

अग्रेसिव लुकिंग बाइक में हेडलैम्प को नीचे प्लेस किया गया है। एलईडी टेल लैम्प से लैस इस बाइक के साइड पैनल्स में ड्यूल टोन ट्रीटमेंट देखने को मिलता है। पुराने मॉडल से तुलना करें तो कंपनी ने इसे तकरीबन एकदम से बदल दिया है।

बाइक के इंजन में कोई खास बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, इंजन की क्षमता और परफॉर्मेंस को रिफाइन किया गया है। टीवीएस ने नई बाइक के इंजन में 4 वाल्व सिस्टम लगाया है जो कि एयर कूल्ड मोटर को हाई कंप्रेशन पर रन करने में मदद करता है। इसमें लंबी दूरी के लिए आॅइल कूलर भी दिया गया है।

इससे बाइक के इंजन का पावर आउटपुट बेहतर हुआ है। स्टैंडर्ड कार्ब्युरेटर वर्जन 16.5 पीएस तक का पावर देता है तो वहीं फ्यूल इंजेक्शन वर्जन 16.8 पीएस का पावर जेनरेट करता है।  नए वर्जन में टॉर्क भी 13 न्यूटन मीटर से बढ़कर 14.8 न्यूटन मीटर टॉर्क जेनरेट करता है। नई अपाचे आरटीआर 160 4वी में 5 स्पीड गियरबॉक्स बरकरार है। नया मॉडल पुराने मॉडल के मुकाबले ज्यादा तेजी से स्पीड पकड़ता है।

टीवीएस Apache RTR 160 4V में नया सस्पेंशन सेट—अप है। इसको रेसिंग के लिहाज से तैयार किया गया है। बाइक के अलॉय वील्ज का साइज और ब्रेक्स को सेम रखा गया है। टीवीएस ने नए मॉडल में बेहतर क्वॉलिटी वाले Remora टायर्स के इस्तेमाल किया है जो कि अच्छी ग्रिप के लिए जाने जाते हैं। इसमें फुली डिजिटल एलसीडी इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है जो कि 200 सीसी बाइक से लिया गया है।

नए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के साथ ड्राइव करना एक बेहतरीन अनुभव रहा। एग्जॉस्ट की बात करें तो यह बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं है। सीट आरामदायक है और इसकी कुशनिंग बहुत ही सलीके से की गई है। हैंडलबार और फुटपेग्स को सही जगह प्लेस किया गया है। इसपर बैठेंगे तो स्पॉर्टी बाइक का फील स्वत: ही आ जाएगा।

इसमें लंबे कद के राइडर्स को छोटे कद वालों के मुकाबले ज्यादा आराम मिलेगा। बाइक की टॉप स्पीड हमें 121 किलोमीटर प्रति घंटा तक मिली। बाइक में आपको एबीएस की कमी खलेगी और इसे आॅप्शन के तौर पर भी नहीं दिया जा रहा है।

टीवीएस अपाचे आरटीआर 160 का नया मॉडल 4 वाल्व, आॅइल कूल्ड इंजन के साथ आता है जो कि एक अडवांस फीचर है। क्लास लीडिंग परफॉर्मेंस के लिहाज से यह बाइक को बेहतर बनाता है। प्रीमियम डिजाइन, फीचर्स और तकनीक के नाम पर भी इसमें कुछ इजाफा हुआ है।

इसकी नई दिल्ली में एक्स शोरूम कीमत 81,490 रुपए है। 3,000 रुपए अतिरिक्त देकर आप रियर डिस्क ब्रेक भी लगवा सकते हैं।  इसमें सबसे खास बात यह है कि टीवीएस ने अपनी पॉप्युलर बाइक के इस नए मॉडल के कई वेरिएंट्स रखे हैं। इनकी शुरुआती कीमत भी कॉम्पिटीटर्स के आसपास ही है। कुल मिलाकर देखें तो टीवीएस की यह नई बाइक खरीदना आपके लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है।

Mission E: इलेक्ट्रिक कार फुल चार्ज पर जाएगी 500 किलोमीटर!

नई दिल्ली। जर्मन स्पोर्ट्सकार मेकर पोर्शे ने कंफर्म किया है कि वह अपनी मिशन ई कॉन्सेप्ट का प्रॉडक्शन वर्जन लाएगी। इस कार के जरिए कंपनी टेस्ला से मुकाबला करने को तैयार है। एक मीडिया इंटरव्यू में पोर्शे के सीईओ ओलिवर ब्लूम ने बताया कि प्रॉडक्शन मॉडल का एक्सटीरियर लगभग कॉन्सेप्ट मॉडल जैसा ही होगा। यह पोर्शे की पहली बैटरी-इलेक्ट्रिक कार होगी और ऐसी उम्मीद की जा रही है कि यह पोर्शे पनामेरा से थोड़ी छोटी होगी।

Mission E के जरिए इलेक्ट्रिक कार मार्केट में पोर्शे अग्रेसिव एंट्री करने की कोशिश करेगी। ग्लोबल मार्केट में इसे 2019 में और भारत में इसको 2020 में लॉन्च किया जा सकता है। पोर्शे के मुताबिक, प्रॉडक्शन मॉडल 600 हॉर्सपावर की ताकत जेनरेट करेगा। यह 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड लगभग 3.5 सेकंड्स में पकड़ सकती है। सिंगल चार्ज पर इस कार की रेंज 500 किलोमीटर की है।

Porsche Mission-E की हर साल लगभग 20,000 यूनिट्स बनाने का लक्ष्य है। पोर्शे भारत में इसे पूरी तरह से बाहर से ही बनवाकर इंपोर्ट करेगी। भविष्य को देखते हुए पोर्शे की नजर एलन मस्क की कंपनी टेस्ला पर है। टेस्ला ने इलेक्ट्रिक कारों में क्रांति ला दी है। अच्छी क्वॉलिटी और हाई परफॉर्मेंस वाली इलेक्ट्रिक कारों के मामले में अभी टेस्ला का कोई सानी नजर नहीं आता। अब ऐसा लग रहा है कि पोर्शे टेस्ला को टक्कर देने की पूरी तैयारी कर चुकी है।