कोटा। दिगंबर जैन मंदिर विज्ञान नगर में आयोजित चातुर्मासिक प्रवचनमाला में जैन संत मुनि विवर्धन सागर ने परस्परोपग्रहो जीवानाम के सिद्धांत की व्याख्या करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में बेटी केवल परिवार का सदस्य नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच प्रेम, संस्कार और समन्वय का सशक्त सेतु होती है।
उन्होंने कहा कि बेटी नदी के दो तटों की तरह दोनों परिवारों का पोषण करती है तथा देहरी के दीपक की भांति दोनों कुलों को प्रकाशमान बनाती है।
मुनि श्री ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में ज्ञान के साथ संस्कारों का समावेश कम होता जा रहा है। प्राचीन भारतीय गुरुकुल परंपरा, जहां शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों का विकास था, आज लगभग समाप्त होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा प्रणाली युवाओं को केवल रोजगार और नौकरी की ओर प्रेरित कर रही है, जबकि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य श्रेष्ठ नागरिक और संस्कारित समाज का निर्माण होना चाहिए।
महामंत्री अनिल ठौरा ने बताया कि कार्यक्रम का मंगलाचरण आशा अजमेरा ने किया, जबकि पाद-प्रक्षालन का पुण्यार्जन पदमजी एवं अनुजजी बाकलीवाल परिवार ने किया।
सकल दिगंबर जैन समाज, कोटा के अध्यक्ष प्रकाश बज ने आगामी धार्मिक आयोजनों की जानकारी देते हुए बताया कि 23 अगस्त को मुनि श्री विज्ञान नगर से विहार कर रिवर फ्रंट पर रात्रि विश्राम करेंगे।
रिद्धि सिद्धी मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा व पंकज खटोड ने बताया कि गुरू देव के सानिध्य में सकल दिगम्बर जैन समाज के पदाधिकारियो ने पोस्टर का विमोचन किया।
24 अगस्त को उनका रिद्धि-सिद्धि नगर में भव्य मंगल प्रवेश होगा, जहां दीक्षार्थियों की बिनौली एवं गोद-भराई समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 29 अगस्त को गुरु पूर्णिमा महोत्सव, 30 अगस्त को वीर शासन जयंती तथा 31 अगस्त को चातुर्मास कलश स्थापना का भव्य आयोजन होगा।
इस अवसर पर रिद्धि-सिद्धि नगर मंगल प्रवेश पत्रिका का विमोचन भी किया गया। विमोचन समारोह में राजू गोधा, पदम बड़ला, ताराचंद बड़ला, पारस जैन, पंकज खटौड़, जे.के. जैन, प्रकाश बज, विमल नाता, मनोज जैसवाल, आशीष जैन, राजमल पाटौदी एवं दीपक डीसीएम सहित समाज के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रवचन सभा में राजमल पाटौदी, पारस जैन, इंद्र कुमार जैन, बाबूलाल जैन, अनिल ठौरा, सीताराम जैन, देवेंद्र गंगवाल, अरविंद कुमार जैन, दिनेश धनोपिया एवं संजय गोधा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन अनिल जैन ठौरा ने किया।

