Thursday, July 23, 2026
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बीएल गुप्ता एसएसआई एसोसिएशन के अध्यक्ष, अमित बंसल सचिव मनोनीत

कोटा। दी एसएसआई एसोसिएशन के साल 2018-19 के चुनाव शनिवार को संपन्न हुए। इसमें निर्विरोध रुप से अध्यक्ष बीएल गुप्ता और सचिव अमित बंसल निर्वाचित हुए। मुख्य चुनाव अधिकारी डीएन नैनानी ने परिणामों की घोषणा करते हुए कमलदीप सिंह को वर्ष 2019-20 के लिए अध्यक्ष निर्वाचित किया।

वर्ष 2018-19 की कार्यकारिणी में मदन अग्रवाल को कोषाध्यक्ष, अमित सिंघल, महेंद्र चौधरी, जंबू जैन, जितेंद्र एवं समीर सूद उपाध्यक्ष, कुमार विकास जैन, केपी सिंह, मनीष बंसल को सहसचिव घोषित किया गया। इसके अलावा 21 सदस्यों को कार्यकारिणी में शामिल किया गया।

संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल के नेतृत्व में एक सलाहकार बोर्ड का भी गठन किया गया। इसमें पूर्व अध्यक्ष अचल पोदार, यशपाल भाटिया, अनिल अग्रवाल, पवन लालपुरिया को सलाहकार बोर्ड के सदस्य मनोनीत किए गए हैं। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र जैन को वर्ष 2018-19 के लिए ट्रस्ट के अध्यक्ष, सुरेश बंसल को सचिव व विपिन सूद को कोषाध्यक्ष चुना गया।

संस्थापक अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल ने कहा कि इस एसोसिएशन ने 33 साल से निर्विरोध अध्यक्ष बनाए है। यह कोटा के उद्यमियों के आपसी सौहार्द की मिसाल है। कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि औद्योगिक व व्यापारिक इकाइयों के सामूहिक होने से समस्या से निजात दिलाने में आसानी रहती है।

नव निर्वाचित अध्यक्ष बीएल गुप्ता ने कहा कि कोटा में औद्योगिक वातावरण में आई शिथिलता पर ठोस काम करने का प्रयास करेंगे। जीएसटी कानून में आ रही दिक्कतों को भी दूर करवाया जाएगा। इस अवसर पर एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष प्रेम भाटिया, देवेंद्र जैन, पवन लालपुरिया मौजूद रहे।

PNB फ्रॉड: नीरव मोदी के घर से 26 करोड़ का सामान जब्त

मुंबई। एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने पीएनबी फ्रॉड के आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी के मुंबई स्थित घर पर छापेमारी की। जांच एजेंसियों ने यहां से 10 करोड़ रुपए कीमत की हीरे की अंगूठी, एमएफ हुसैन की पेंटिंग समेत 26 करोड़ का सामान जब्त किया। बता दें कि 12,672 करोड़ रुपए के पीएनबी फ्रॉड में नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप के मालिक मेहुल चौकसी आरोपी हैं। दाेनों फरवरी में फ्रॉड के खुलासे से पहले ही देश छोड़कर भाग गए थे।

कहां हुई कार्रवाई?
– अफसरों के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत ईडी और सीबाआई ने नीरव मोदी के मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित समुद्र महल के फ्लैट में कार्रवाई की। कार्रवाई गुरुवार से शुरू होकर शनिवार सुबह तक चली।
– जांच एजेंसी ने यहां से 15 रुपए की एंटीक ज्वैलरी, 1.40 करोड़ रुपए कीमत की घड़ियां और करीब 10 करोड़ रुपए की अमृता शेरगिल, एमएफ हुसैन, केके हेब्बार की पेंटिंग्स जब्त की हैं।
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
– ईडी देश भर में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के ठिकानों पर 251 छापे मार चुकी है। इसमें करीब 7,638 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अटैच की गई है।
– ईडी और सीबीआई नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियों के अधिकारियों के साथ ही पीएनबी के ऑडिटर्स से पूछताछ कर चुकी है।
– नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ लुकआउट/ब्लू कॉर्नर नोटिस के साथ गैरजमानती वारंट भी जारी हो चुके हैं। दोनों के पासपाेर्ट रद्द कर दिए गए हैं।
आगे क्या कार्रवाई होगी?
– ईडी नीरव मोदी को तीन समन भेज चुकी है, लेकिन वह एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ। अब ईडी नीरव के प्रत्यर्पण के प्रयास कर रही है।
– वहीं, ईडी दोनों आरोपियों की विदेशों में मौजूद प्राॅपर्टी की जांच कर उसे जब्त करने की कोशिश कर रही है।

नीरव मोदी के यहाँ से जब्त हीरे की अंगूठी, जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपए है।

कब और कैसे हुआ फ्रॉड?
– फ्रॉड की शुरुआत पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में 2011 से हुई।
– फ्रॉड फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए किया गया।
– फर्जी एलओयू तैयार कर 2011 से 2018 तक हजारों करोड़ की रकम विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।
– फ्रॉड का खुलासा फरवरी के पहले हफ्ते में हुआ। पंजाब नेशनल बैंक ने सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले की जानकारी दी।
– बाद में पीएनबी ने सीबीआई को बैंक में 1300 करोड़ के नए फ्रॉड की जानकारी दी। इस तरह पीएनबी फ्रॉड 11,421 से बढ़कर 12,672 करोड़ हो गया।
क्या होता है एलओयू? – एलओयू एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। यदि अकाउंटहोल्डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाये का भुगतान करे।

कमजोर उठाव से मैथी, सोयाबीन और सरसों ढीली

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को माल की कुल आवक 55 हजार बोरी और लहसुन की आवक 6000 कट्टे की रही।  आवक की कमी से धनिया 150 रुपये प्रति क्विंटल उछल गया।  कमजोर उठाव से मैथी 100 रुपये, सोयाबीन 40 रुपये और सरसो 50 प्रति क्विंटल रुपये ढीली रही। 

गेहूं मिल 1480 से 1565 लोकवान नया 1600 से 1700 पीडी नया 1600 से 1750 टुकडी 1600 से 1700 गेहूं नया 1500 से 1850 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2600 से 2921 पूसा-1 2500 से 2750 पूसा 4 (1121) 2500 से 3400 धान (1509) 2000 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2400 से 3591 सरसो 3400 से 3600 तिल्ली 6000 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 2000 से 2800 मैथी नई 3100 से 3250 धनिया बादामी नया 3400 से 425 ईगल 3800 से 4500 रंगदार 5000 से 7500 धनिया पुराना 3000 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3301 चना 3200 से 3325 चना काबुली 5000 से 6000 चना पेपसी 3300 से 3650 चना मौसमी 3000 से 3350 मसूर 3000 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 3000 से 3600 मक्का 1000 से 1250 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 500 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल रहा। 

देश भर के रेडियोग्राफर कल कोटा में जुटेंगे

कोटा। सोसायटी आॅफ राजस्थान रेडियोग्राफर्स एण्ड रेडिएशन टेक्नोलोजिस्ट राजस्थान की ओर से विकिरण सुरक्षा तथा एमआरआई सेफ्टी पर एकदिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन रविवार को आईएमए हाॅल में प्रातः 11 बजे से आयोजित किया जाएगा।

आयोजन समिति के अध्यक्ष वकी अहमद तथा महासचिव अनिल कुमावत ने बताया कि एक्सरे के जनक डब्ल्यूसी रोंजन के जन्मदिन पर आयोजित होने वाले सेमिनार में देशभर के रेडियोग्राफर तथा तकनीकशियन जुटेंगे। जो विकिरण सुरक्षा और एमआरआई सेफ्टी पर विभिन्न व्याख्यान देंगे।

सेमीनार में राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश से तकनीशियन आएंगे। वहीं, नाइजीरिया से भी 13 लोगों को प्रतिनिधिमण्डल कोटा पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि सेमीनार का उद्घाटन सत्र 11 बजे से होगा।

जिसमें इण्डियन सोसायटी आॅफ रेडियोग्राफर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. सेलवा तथा महासचिव कमाण्डर डेनियल के साथ कोटा के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। वहीं, द्वितीय सत्र 1 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें तकनीशियन अपने व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद समापन सत्र दोपहर 3 बजे से आयोजित किया जाएगा।

जिसमें राजस्थान भर में सेवानिवृत हुए रेडियोग्राफर्स और तकनीशियन के साथ समाजसेवी संस्थाओं को सम्मान किया जाएगा। इस दौरान विकिरण के फायदे और नुकसान के बारे में मंथन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सेमिनार में विकिरण सुरक्षा में मीडिया का योगदान के विषय पर इन्दौर के शिवकांत वाजपेयी, टाटा मेमोरियल मुम्बई के एचसी योगानन्द के द्वारा सीटी स्केन पर, दिल्ली के ए सेलवा द्वारा विकिरण दुष्प्रभाव पर, विकिरण सुरक्षा के उपाय पर केरल के कमाण्डर डेनियल, एमआरआई सेफ्टी पर कोटा मेडिकल काॅलेज के वकी अहमद, रोंजन की जीवनी पर एसएमएस जयपुर के मुकेश जैन तथा विकिरण मापक यंत्र पर अजय प्रजापति व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान भ्रूण हत्या विरोधी पोस्टर का विमोचन भी किया जाएगा। 

सोना एक महीने की ऊंचाई पर, दाम 31,835 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंचे

नई दिल्ली। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने कीमतों में तेजी जारी है। शनिवार के कारोबार में सोना 85 रुपए और महंगा होकर 31,835 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। यह सोने का एक महीने का उच्चतम स्तर है। शुक्रवार को सोना 250 रुपए चढ़कर बंद हुआ था।

सोने की कीमतों में इस तेजी की प्रमुख वजह मजबूत वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से तेज खरीदारी को माना जा रहा है।  वहीं सोने के साथ ही आज चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी रही। चांदी आज 50 रुपए चढ़कर 39,600 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।

शुक्रवार को चांदी में 500 रुपए की तेजी देखने को मिली थी। चांदी की कीमतों में इस तेजी की प्रमुख वजह औद्योगिक इकाईयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से मिली-जुली उठान रही है।

व्यापारियों का मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच जारी तनातनी के चलते वैश्विक स्तर पर ट्रेड वार की संभावनाओं के मद्देनजर विदेशों में मजबूती के रुख के चलते सोने के भाव में तेजी आई है। साथ ही कमजोर होते डॉलर के कारण लोगों ने सेफ हैवेन के रूप में सोने का रुख किया है।

वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 1.37 फीसद के उछाल के साथ 1,345.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.13 फीसद के उछाल के साथ 16.53 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई है। हालांकि स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से जारी खरीदारी ने सोने की कीमतों को बढ़ाया है।

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 85 रुपए की तेजी के साथ क्रमश: 31,835 रुपए प्रति 10 ग्राम और 31,685 रुपए प्रति 10 ग्राम पर रहा है। हालांकि गिन्नी के भाव 24,800 रुपए 8 ग्राम प्रति पीस पर बरकरार रहे हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 39300 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 31500 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36740 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 31650 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36920 रुपये प्रति तोला।

कार्लमन किंग: दुनिया की सबसे महंगी एसयूवी, जानिए इसके फीचर्स

तस्वीर में जो गाड़ी देख रहे हैं वह कोई आम गाड़ी नहीं है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया की सबसे महंगी एसयूवी है। डायमंड कट के शेप वाली इस गाड़ी की एक नहीं, कई खूबियां हैं। इसका नाम कार्लमन किंग है। इसकी कीमत से लेकर फीचर्स तक के बारे में जानें –

यूनीक डिजाइन वाली इस गाड़ी की कीमत जानने से पहले इसका वजन जान लेते है। इसका वजन लगभग 6 टन यानी 6,000 किलोग्राम है। इतनी वजनीली इस एसयूवी को हर कोई नहीं खरीद सकेगा क्योंकि कंपनी ने इसकी केवल 12 यूनिट्स ही बनाई हैं। ऐसे में यह सिर्फ 12 लोगों को हो मिलेगी। 

यह एक हाइटेक एसयूवी है और एक कस्टम मॉडल है। कार्मलन किंग एसयूवी के फ्रंट लुक्स बहुत ही मस्क्युलर हैं। इसमें केवल चार लोग ही बैठ सकते हैं। फ्रंट का डिस्प्ले काफी चौड़ा है और बीच में कंपनी ने ग्रिल पर अपना लोगो दिया है।

इस लग्जरी गाड़ी में इंटीरियर भी काफी लग्जूरिअस है। हाई-फाई साउंड, प्राइवेट सेफ्स, वाइडस्क्रीन टीवी, फोन्स और रेफ्रिजरेटर अादि सुविधाएं दी गई हैं। इसमें एक कॉफी मेकर और प्लेस्टेशन4 गेमिंग सिस्टम भी दिया गया है। सीधे शब्दों में कह लें तो यह एक चलता फिरता घर है।

यह Ford F-550 कमर्शल ट्रक पर बेस्ड है और इसे एक चीनी कंपनी ने कस्टमाइज किया है। यह एसयूवी बुलेटप्रूफ है और यह -40 डिग्री से लेकर 200 डिग्री तक के तापमान पर आसानी से खड़ी हो सकती है। इसमें 4 वील ड्राइव सिस्टम भी दिया गया है।

इंजन के लिहाज से देखें तो इस गाड़ी में 6.8 लीटर का वी10 इंजन दिया गया है। यह इंजन 400 बीएचपी का पावर जेनरेट करता है। इस गाड़ी की टॉप स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटा है। कीमत के लिहाज से देखें तो यह बहुत ही प्रीमियम है। इसकी कीमत 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी तकरीबन 13 करोड़ रुपए है।

यह एसयूवी 8.2 फीट चौड़ी है और ऐसे में इसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ले जा पाना आसान नहीं होगा। इसका 6 दरवाजों वाला मॉडल भी बनवाया जा सकता है। यह वर्जन डिमांड पर कंपनी तैयार करेगी।

चारा घोटाले में लालू यादव को अब तक की सबसे बड़ी सजा

रांची। चारा घोटाले से जुड़े दुमका ट्रेजरी केस में सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव को 14 साल की सजा सुनाई। उन पर 60 लाख का जुर्माना भी लगाया। सीबीआई के वकील ने शनिवार को आए इस फैसले के बारे में बताया कि कोर्ट ने लालू को आईपीसी और करप्शन एक्ट के तहत 7-7 की सजा सुनाई है, जो अलग-अलग चलेंगी।

लालू की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई, क्योंकि वे अस्पताल में भर्ती हैं। इससे पहले जज शिवपाल सिंह ने इस ट्रेजरी केस में 19 मार्च को लालू को दोषी माना था। पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र इस केस में बरी हो गए थे। बता दें कि लालू पर चारा घोटाले से जुड़े 6 केस दर्ज हैं। आज चौथे मामले में सजा हुई। दो में फैसला आना बाकी है।

दुमका ट्रेजरी मामला क्या है?
दुमका ट्रेजरी से दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच गैर-कानूनी तरीके से 3.76 करोड़ रुपए निकाले गए। इस मामले में सीबीआई ने 11 अप्रैल 1996 को 48 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। 11 मई 2000 को पहली चार्जशीट दायर की गई।
लालू को अब 14 से 19 साल की सजा काटनी पड़ सकती है
1) अर्जी मंजूर हुई तो 14 साल
लालू के वकीलों के मुताबिक, राजद प्रमुख को सुनाई गई पिछली सजाएं साथ चल रही हैं। उनमें अधिकतम सजा 5 साल की है। हम आज की 7 साल की सजा को भी उसमें मर्ज करने की अर्जी देंगे। अर्जी मंजूर हुई तो लालू को 14 साल की सजा काटनी पड़ सकती है।
2) अर्जी नामंजूर हुई तो 19 साल
अगर पुरानी सजाओं में नई सजा काे मर्ज करने की लालू की अर्जी नामंजूर होती है तो उन्हें 5+7+7 यानी 19 साल की सजा काटनी पड़ सकती है।
लालू को 6 में से इन 4 केस में सजा
1) चाईबासा ट्रेजरी का पहला केस: 30 सितंबर 2013 को कोर्ट ने लालू यादव को दोषी माना। पांच साल जेल की सजा हुई। 25 लाख रुपए का जुर्माना भी उन पर लगाया गया था।
2) देवघर ट्रेजरी केस: 23 दिसम्बर 2017 को दोषी करार। 6 जनवरी 2018 को लालू समेत 16 आरोपियों को साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई गई। लालू पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
3) चाईबासा ट्रेजरी का दूसरा केस: 24 जनवरी 2018 को लालू दोषी करार। इसी दिन उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई। दस लाख रुपए जुर्माना।
4) दुमका ट्रेजरी केस: मार्च 2018 में लालू यादव को दोषी माना गया। पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र बरी हुए। 24 मार्च को लालू को 7-7 साल की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी। यानी कुल 14 साल। लालू पर 60 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
आगे क्या: हाईकोर्ट से मिल सकती है बेल, 2 मामलों में फैसला आना बाकी
– साढ़े तीन साल से ज्यादा सजा सुनाए जाने पर बेल के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर करनी होती है। लालू को वहीं से बेल मिल सकती है।
– लालू के खिलाफ डोरंडा ट्रेजरी केस और भागलपुर ट्रेजरी केस में सुनवाई चल रही है।
रिम्स में एडमिट हैं लालू
– लालू 23 दिसंबर से रांची की बिरसा मुंडा जेल में थे, लेकिन इन दिनों वे बीमार हैं। उन्हें राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उन्हें एम्स में इलाज की सलाह दी है। इसकी जानकारी जेल अधीक्षक को दी गई थी।
– शनिवार को बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा लालू से मिलने रिम्स पहुंचे। सिन्हा ने कहा- लालूजी पुराने मित्र हैं। वे मिट्टी से जुड़े शख्स हैं और उनकी तबीयत खराब होने की सूचना पर मैं यहां पहुंचा हूं।
1996 में सामने आया था चारा घोटाला
– जनवरी 1996 में करीब 950 करोड़ रुपए का चारा घोटाला पहली बार सामने आया था। इसके तहत 1990 के दशक में चारा सप्लाई के नाम पर सरकारी ट्रेजरी से ऐसी कंपनियों को फंड जारी हुआ, जो थी ही नहीं।
– जब घोटाला हुआ, तब लालू बिहार के मुख्यमंत्री थे। उनके पास वित्त मंत्रालय भी था। आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले की जांच के लिए आई फाइल को 5 जुलाई 1994 से 1 फरवरी 1996 तक अटकाए रखा। 2 फरवरी 1996 को जांच का आदेश दिया।

1997 में पहली बार जेल गए थे लालू
– 1997 में लालू को पहली बार ज्यूडिशियल कस्टडी में लिया गया। वे 137 दिन जेल में रहे और राबड़ी देवी बिहार की सीएम बनीं। 12 दिसंबर 1997 को लालू रिहा हुए।
– दूसरी बार लालू 28 अक्टूबर 1998 को पटना की बेऊर जेल गए। बाद में उन्हें जमानत मिली। इसी मामले में लालू को 28 नवंबर 2000 में एक दिन के लिए जेल जाना पड़ा।
– चारा के नाम पर चाईबासा ट्रेजरी से 37 करोड़ रुपए के गबन का दोषी पाए जाने के बाद लालू को 2013 में भी जेल जाना पड़ा था। तब वे दो महीने रांची जेल में रहे थे। 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा था। उसी साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।

ओपन सेल डिसप्ले पर बेसिक कस्टम ड्यूटी आधी, LED TV होंगे सस्ते

नई दिल्ली। देश में एलईडी टीवी जल्द सस्ते हो सकते हैं। सरकार ने एलईडी टीवी वैनल की मैन्युफैक्चरिंग में काम आने वाले ओपन सेल डिस्प्ले पर बेसिक कस्टम ड्यूटी घटाकर आधी कर दी है। सैमसंग, एलजी, पैनासोनिक जैसी टेलीविजन बनाने वाली अग्रणी कंपनियों को इसका फायदा मिलेगा, जो हाल में टीवी सेट्स की कीमतों में की गई बढ़ोत्तरी को वापस ले सकती हैं।

बजट में बढ़ाई थी कस्टम ड्यूटी
फाइनेंस मिनिस्ट्री ने शुक्रवार को जारी एक नोटिफिकेशन में कहा कि सरकार ने 15.6 इंच के ओपन सेल डिसप्ले पर ड्यूटी घटाकर 5 फीसदी कर दी है, जो पहले 10 फीसदी थी। टेलीविजन मार्केट में इसकी लगभग 95 फीसदी हिस्सेदारी है। सरकार ने पिछले बजट में ओपन सेल पैनल पर 10 फीसदी ड्यूटी लगाई थी, जबकि इससे पहले कोई ड्यूटी नहीं लगती थी।

ड्यूटी लगाए जाने के खिलाफ लॉबीइंग कर रही थी इंडस्ट्री
इंडस्ट्री इस ड्यटी को लगाए जाने के खिलाफ लॉबीइंग कर रही थी और सैमसंग, पैनासोनिक जैसी अग्रणी कंपनियां इस महीने की शुरुआत में एलईडी टीवी की कीमतों में 6 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी कर चुकी हैं। वहीं सोनी और एलजी जैसी अन्य कंपनियां भी अपने नए मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोत्तरी की योजना बना रही थीं, जो अभी बाजार में आने हैं।

मेक इन इंडिया को मिलेगा बूस्ट
इस इंडस्ट्री से जुड़े एक शख्स ने कहा कि बेसिक कस्टम ड्यूटी में कमी का सरकार का फैसला मेक इन इंडिया की दिशा में बढ़ाया गया कदम है, जिससे भारत में टीवी मैन्युफैक्चरिंग की नई कैपेसिटी डेवलप करने की दिशा में काम तेज होगा। इंडस्ट्री के एग्जीक्यूटिव ने कहा कि कंपनियां अब डिमांड बढ़ाने के लिए ओपन सेल पैनल पर 5 फीसदी टैक्स का बोझ खुद उठाने की कोशिश करेंगी, क्योंकि बीते साल अक्टूबर से सेल्स को रफ्तार नहीं मिल रही है।

एलईडी टीवी असेंबल करती हैं कंपनियां
ओपन सेल पैनल्स के मामले में कंपनियां देश में बनने वाले एलईडी टीवी में असेंबल करती हैं, जो एलईडी टीवी के लिए जरूरी पार्ट है। सैमसंग, एलजी और पैनासोनिक जैसी कंपनियां बीते दो महीने से इसी रूट का इस्तेमाल कर रही हैं और उन्होंने ओपन सेल असेंबलिंग यूनिट में खासा निवेश भी किया है। सरकार द्वारा फिनिस्ड टेलीविजन सेट्स और फिनिस्ड टेलीविजन पैनल पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर क्रमशः 20 और 15 फीसदी किए जाने के बाद ऐसा किया था।

ट्रेड वॉर का असर सोने पर, दाम एक महीने की ऊंचाई पर

नई दिल्ली। अमेरिकी और चीन के बीच छिड़ी ट्रेड वॉर से करंसी और कमोडिटी मार्केट में भारी उठापटक हो रही है, जिसने सोने की चमक अचानक बढ़ा दी। गोल्ड रातोंरात एक महीने की ऊंचाई पर चला गया है। वहीं, एक हफ्ते पहले तक दबाव में रहनेवाले कच्चे तेल की चाल भी बदल गई है। सऊदी अरब ने अगले साल भी ओपेक के उत्पादन में कटौती का संकेत दिया है।

इसलिए बढ़ेंगे दाम
मौजूदा हालात में मॉर्गन स्टैनली ने इस साल के अंत तक ब्रेंट की कीमत 75 डॉलर तक जाने की आशंका जताई है। पीपी जूलर्स के वाइस प्रेजिडेंट पवन गुप्ता का कहना है कि शेयर मार्केट पर इस ट्रेड वॉर का नकारात्मक असर पड़ना तय है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए गोल्ड की तरफ जाएंगे।

तब गोल्ड जल्द ही 32,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। गोल्ड की कीमतों में बढ़ोतरी कब तक जारी रहेगी, यह कहना जल्दबाजी होगी। अब यह देखना है कि ट्रेड वॉर कहां तक जाता है।

मॉर्गन स्टैनली की चिंता
ट्रेड वॉर पर दिग्गज ब्रोकरेज हाउस मॉर्गन स्टैनली ने चिंता जाहिर की है। मॉर्गन स्टैनली का मानना है कि ग्लोबल इन्वेंट्री 5 साल के निचले स्तर के पास कामकाज कर रही है। भू-राजनैतिक संकटों की वजह से ब्रेंट क्रूड 75 डॉलर तक जा सकता है क्योंकि दूसरी छमाही में मांग बढ़ने का अनुमान है।

ऐसे कच्चे तेल की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। बीते 2 हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत तक की उछाल देखने को मिली है। ट्रेड वॉर के कारण साल 2019 में भी ओपेक की सप्लाई में कमी की संभावना जताई जा रही है।

सऊदी अरब 2019 में सप्लाई घटाने के पक्ष में है। इधर, अमेरिका की ईरान पर आर्थिक पाबंदी की तैयारी की जा रही है। अगर ईरान पर आर्थिक पाबंदी लगी तो कच्चे तेल की आपूर्ति घटेगी।

भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला स्कूटर, देखिये वीडियो

2001 में पहली बार होंडा ऐक्टिवा स्कूटर को भारत में लॉन्च किया गया। उसके बाद से अब तक यह देश का सबसे ज्यादा पॉप्युलर स्कूटर बना हुआ है। इस स्कूटर की लोकप्रियता इस कदर है कि हर महीने तकरीबन 1.5 लाख यूनिट्स बिकती हैं। पिछले ही महीने हुए आॅटो एक्सपो 2018 में नया ऐक्टिवा 5जी स्कूटर भी पेश किया गया।

यह सेकेंड जेनरेशन ऐक्टिवा मॉडल का फेसलिफ्ट अवतार है। पिछले महीने होंडा ऐक्टिवा के कुल 2,47,377 यूनिट्स बिकीं। हर रोज के हिसाब से देखें तो हर रोज 8,727 से भी ज्यादा स्कूटर्स बिके। वहीं सेकंड्स के लिहाज से देखें तो 10 सेकंड्स में एक ऐक्टिवा स्कूटर बिका। आखिर क्या हैं वे कारण जिनकी वजह से ऐक्टिवा इतना पॉप्युलर स्कूटर है, आइए जानते हैं…

होंडा ऐक्टिवा दुपहिया वाहन खरीदने वालों के बड़े वर्ग को टार्गेट करता है। कम्युटर्स के लिए होंडा उनके रोज का साथी है। कुछ के लिए यह सुविधाजनक माध्यम है तो वहीं कुछ लोगों के लिए लोकल प्लेसेज तक जाने का बेहतरीन जरिया। देखा जाए तो यह लगभग हर उम्र वर्ग के लोगों को टार्गेट करता है।

ऐक्टिवा में मेटल बॉडी पैनल्स हैं जो कि बहुत ज्यादा वजनी नहीं हैं। स्कूटर को ड्राइव करना सुविधाजनक और इसे कैरी करना आसान है। इसमें कई स्टोरेज स्पेसेज हैं। सबसे बड़ा फैक्टर है कि इसमें सीवीटी है जो कि स्कूटर को बेहतरीन ड्राइव एक्सपीरियंस देता है।

होंडा ऐक्टिवा अपने सेगमेंट का सबसे सस्ता आॅटोमैटिक स्कूटर नहीं है लेकिन इसके बावजूद लोग पसंद कर रहे हैं। वजह यह है कि यह एक वैल्यू फॉर मनी वाला स्कूटर ळै। इसकी बेस प्राइस तकरीबन 52,000 रुपए है। ऐक्टिवा 5जी स्कूटर किसी एंट्री लेवल मोटरसाइकल की ही तरह अफोर्डबल है।

इसका मेंटेनेंट और सर्विसिंग भी बहुत ज्यादा चार्ज करती है, यह भी एक वजह है। ऐक्टिवा को शहर के ट्रैफिक में चलाना बहुत ही आसान है। इसका परफॉर्मेंस बेहतरीन है। सस्पेंशन सिस्टम भी जानदार है जिसके चलते भी कई लोग इस स्कूटर को पसंद करते हैं।

माइलेज एक बड़ा फैक्टर है और इसपर ऐक्टिवा का रेस्पॉन्स बेहतरीन है। यह स्कूटर 50 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज जेनरेट कर सकता है। होंडा बतौर ब्रैंड काफी विश्वसनीय रहा है। लाखोंं किलोमीटर तक इसके दुपहिया वाहन बिकना दिक्कत तक चलते आए हैं।

इसकी पॉप्युलैरिटी एक वजह है। ऐक्टिवा स्कूटर की रीसेल वैल्यू किसी अन्य स्कूटर के मुकाबले अच्छी है तो यह भी एक वजह है। कई लोग यह सोचकर स्कूटर खरीदते हैं कि जब कभी वह इसे बेचें तो उनको अच्छी कीमत मिले।