Saturday, July 25, 2026
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सुजुकी GSX-S750: भारत में जल्दी ही लॉन्च होगी, जानें खूबियां

सुजुकी अपनी ब्रैंड न्यू नेक्ड मिडलवेट स्पोर्ट्सबाइक को भारत में अगले महीने लॉन्च करने वाली है। इसका नाम Suzuki GSX-S750 है। आइए, लॉन्च से पहले जानते हैं इस बाइक के बारे में…

मिडिलवेट कैटेगरी में यह सुजुकी की पहली स्पोर्ट्सबाइक है। इस सेगमेंट में Triumph Street Triple, Kawasaki Z900, Yamaha MT-09 सरीखी बाइक्स मौजूद हैं। सुजुकी की इस बाइक को पहली बार हाल ही 2018 आॅटो एक्सपो में शोकेस किया गया। सुजुकी पविलियन में विजिटर्स को इस बाइक ने अपनी तरफ खींचा।

2018 GSX-S750 बाइक मॉडल के इंजन और चेसिस में अपडेट किया गया है। यह आइकॉनिक सुजुकी GSX-S750 बाइक से इंस्पायर्ड है। सुजुकी GSX-S750 बाइक में 749 cc का इन लाइन इंजन है जो कि 10,500 आरपीएम पर 113 बीएचपी का पावर और 9,500 आरपीएम पर 81 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है। इंजन को 6 स्पीड गियरबॉक्स से लैस किया गया है।

इसका स्टाइल और डिजाइन काफी हद तक सुजुकी GSX-S1000 बाइक से मिलता है। मस्क्युलर फ्यूल टैंक और शार्प ऐंगुलर हेडलैम्प वाली इस बाइक की सॉलिड स्ट्रीट प्रेजेंस है।  फीचर्स की बात करें तो इसमें एलसीडी इंस्ट्रूमेंटेशन कंसोल है जो कि बाइक से जुड़ी हर जानकारी शोकेस करता है। इसमें मॉडर्न टीएफटी पैनल है। इसमें 4 स्टेप कंट्रोल और एबीएस भी बतौर फीचर दिया गया है। इसमें कोई राइडिंग मोड नहीं दिया गया है।

राष्ट्रीय जल बिरादरी की नई कार्यकारिणी घोषित, सीकेएस परमार अध्यक्ष

कोटा। राष्ट्रीय जल बिरादरी की नई कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों की घोषणा की गई है। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रभारी बृजेश विजयवर्गीय ने बताया कि कोटा में संभागीय अध्यक्ष पद पर पूर्व अतिरिक्त मुख्य अभियंता चंद्र कांत सिंह परमार, महामंत्री तपेश्वर सिंह भाटी (मुकंदरा), संजय शर्मा, (लॉर्ड कृष्णा) वरिष्ठ उपाध्यक्ष छोटा सिंह हाड़ा, पीके गुप्ता, उपाध्यक्ष गीता दाधीच, एससी अग्रवाल, ऋषि पाल सिंह चुने  गए। ।

मंत्री डॉ. कृष्णेंद्र सिंह, बनवारी यदुवंशी, प्रीत कुमार, वित्त सचिव मुकेश सुमन, महिला संयोजक सीमा घोष, सह संयोजक  निधि प्रजापति, डॉ. प्रीती परमार,  तकनीकी सलाहकार- सी पी झाम्ब, हरिसिंह पालकिया,डॉ अमित सिंह राठौड़ ,सुपर्ण पाठक, डॉ. गोपाल सिंह, प्रो. पीके शर्मा, डॉ. डॉ. सुसेन राज, योगेंद्र शर्मा मदर टेरेसा, के अलावा विशेष आमंत्रित सदस्य जीडी पटेल को चम्बल संसद के सभापति के रूप में शामिल किया गया है।

बीएमडब्ल्यू ने लॉन्च की ग्रैन टूरिज़्मो कार, वीडियो

बीएमडब्ल्यू इंडिया ने अपनी नई 6 सीरीज़ ग्रैन टूरिज़्मो कार को भारत में लॉन्च कर दिया है। इस कार की कीमत, फीचर्स से जुड़े डीटेल्स जानने के लिए देखिये वीडियो 

नई दिल्ली में इस गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत 58.90 लाख रुपए रखी गई है। अभी इसको केवल पेट्रोल वेरिएंट में ही लॉन्च किया गया है। इसका डीजल इंजन मॉडल इसी साल के आखिरी तक लॉन्च किया जा सकता है।
BMW 6 सीरीज ग्रैन टूरिज्मो प्रीमियम लुक्स वाली स्टाइलस कार है।

इसकी इसमें कई तरह के नए फीचर्स दिए गए हैं।  फीचर्स के लिहाज से देखें तो बीएमडब्ल्यू ने इस नई कार में फुल साइज की सीटें दी हैं ताकि इसके भीतर बैठने वाले को पर्याप्त कम्फर्ट मिले। इस गाड़ी की बुकिंग्स 7 फरवरी से ही जारी हैं।

0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पकड़ने में यह कार महज 6.3 सेकंड्स लेती है। इसमें सुरक्षा से जुड़े आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। इनके बारे में जानने के लिए आगे की स्लाइड देखें। सुरक्षा के लिहाज से इस कार में 6 एयरबैग्स, ब्रेक असिस्ट सिस्टम से लैस एबीएस, सीबीसी यानी कॉर्नरिंग ब्रेक कंट्रोल, इलेक्ट्रिॉनिक वीइकल इमोबिलाइजन, इमर्जेंसी स्पेअर वील, क्रैश सेंसर आदि फीचर्स हैं।

इंजन की बात करें तो बीएमडब्ल्यू ने इस गाड़ी में 2.0 लीटर का ट्विन टर्बो पेट्रोल इंजन दिया है। यह इंजन 258 पीएस का पावर और 400 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है। इस इंजन को 8 स्पीड जेएफ आॅटो गियरबॉक्स से जोड़ा गया है।

इसमें 10.25 इंच का टचस्क्रीन है जो कि ऐपल कारप्ले को सपॉर्ट करता है। इसमें 610 लीटर का बूट स्पेस दिया गया है। इसके अलावा ऐंबियट लाइटिंग भी इस कार का एक फीचर है।  बीएस-6 मानकों पर बनने वाली यह बीएमडब्ल्यू की पहली कार है।

इससे पहले मर्सडीज भी इस मानक पर बनी गाड़ी को लॉन्च कर चुकी है। भारत में इस गाड़ी का मुकाबला मर्सडीज बेंज की ई-क्लास और आउडी की आठवीं जेनरेशन ए6 से होगा। इसे चेन्नै प्लांट में असेंबल किया जाएगा।

CBSE : पेपर से 15 मिनट पहले दो टीचर्स ने लीक किया था 12वीं का पेपर

नई दिल्ली। सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का कहना है कि उसने एक निजी स्कूल के दो टीचर्स और एक कोचिंग सेंटर के मालिक को अरेस्ट किया है, जो पेपर लीक के लिए जिम्मेदार हैं।

पुलिस के मुताबिक, ‘टीचर्स ने सुबह 9:15 बजे पेपर की तस्वीर ली और उसे कोचिंग सेंटर के मालिक को भेज दिया। इसके बाद कोचिंग सेंटर मालिक ने इस पेपर को छात्रों को पास कर दिया।’ क्राइम ब्रांच के मुताबिक आरोपियों की पहचान निजी स्कूल के शिक्षकों ऋषभ और रोहित के तौर पर की गई है, जबकि तौकीर नाम का तीसरा आरोपी बवाना में एक कोचिंग सेंटर में ट्यूटर है।

पुलिस के मुताबिक पेपर के फोटो के साथ ही उसकी हाथ से लिखी हुई कॉपी भी सर्कुलेट हो रही थी। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और कुछ अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने ट्यूटर और दो टीचर्स को शनिवार को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में अरेस्ट कर लिया गया।

आपको बता दें कि सीबीएसई द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा में दसवीं के गणित और 12वीं के अर्थशास्त्र विषयों के पेपर लीक हो गए थे। सीबीएसई ने दोनों पेपर्स को दोबारा करवाने का ऐलान किया है। 12 (अर्थशास्त्र) का पेपर 25 अप्रैल को होगा, वहीं दसवीं (गणित) के पेपर को दोबारा करवाने पर अभी विचार किया जा रहा है। 15 दिनों के अंदर जांच के बाद तय होगा कि गणित का पेपर फिर से करवाया जाए या नहीं। अगर गणित का पेपर दोबारा हुआ भी तो सिर्फ दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा क्षेत्र में होगा।

घटा कुछ ट्रेनों का किराया, अब कम पैसे में कर सकेंगे AC का सफर

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यदि आप भी अब तक ज्यादा किराये के चलते शताब्दी ट्रेनों में सफर नहीं करते तो आपके लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने प्रीमियम शताब्दी ट्रेनों का किराया कम कर दिया है। ट्रायल बेस पर दो शताब्दी ट्रेनों में किराया पिछले साल कम किया गया था। इसके रिजल्ट अच्छे आए हैं। इसके बाद रेलवे अब ऐसे दूसरे भी कई रूट्स पर किराया कम करने जा रहा है, जहां अभी यात्रियों को ज्यादा किराया देना होता है। ऐसे स्टेशंस पर किराया घटाया जा रहा है, जहां यात्रियों की संख्या कम होती है।

25 ट्रेनों में कम होगा किराया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 एसी शताब्दी ट्रेनों को चिन्हित कर लिया गया है, जिनमें इस योजना को लागू किया जाएगा। रेलवे ने पिछले साल दो शताब्दी ट्रेनों पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत किराया कम किया था। इनमें नईदिल्ली से अजमेर और चेन्नई से मैसूर शताब्दी शामिल थीं। इस स्कीम के तहत जयपुर से अजमेर और बेंगलुरू से मैसूर के बीच का किराया कम किया गया था, क्योंकि इन रूट्स पर यात्रियों की संख्या कम थी।

सभी ट्रेनों पर नहीं होगा लागू
> रेलवे की यह स्कीम सभी ट्रेनों पर लागू नहीं होगी। यह सिर्फ चुनिंदा ट्रेनों के लिए ट्रायल बेसिस पर रन की जा रही है। अभी यह एक्सपेरिमेंट कोलकाता शताब्दी में न्यू जलपाईगुड़ी-मालडा और मुंबई शताब्दी में अहमदाबाद-बड़ौदा रूट पर भी किया जा रहा है।
> मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे की एक कमेटी फ्लेक्सी फेयर स्कीम का भी रिव्यू कर रही है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट सबमिट कर दी जाएगी। रेलवे ने ऐसी 25 एसी ट्रेनों को चिन्हित किया है, जिनमें इस स्कीम को लागू किया जाएगा।यह सभी शताब्दी ट्रेनें हैं।

आज से बदल गए इनकम टैक्‍स से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक के नियम

नई दिल्‍ली। नया वित्‍त वर्ष 2018-19 शुरू हो गया है। इसके साथ ही देश में इनकम टैक्‍स, जीएसटी, मोटर बीमा, बैंकिंग समेत तमाम चीजों के लिए कई नियम बदल गए हैं। बदले हुए नियमों के चलते एक ओर नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में आसानी, कुछ चीजें सस्‍ती हो जाने से राहत, कार और बाइक के लिए मोटर बीमा प्रीमियम घटने आदि जैसे कई तरह के फायदे मिलेंगे तो दूसरी ओर कई चीजों के महंगे हो जाने की मार भी झेलनी होगी।

लागू हो जाएंगे SBI द्वारा किए गए बदलाव
देश के सबसे बड़े बैंक SBI द्वारा कुछ बदले हुए नियम 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे। इनमें सेविंग्‍स अकाउंट में मंथली एवरेज बैलेंस (MAB) मेंटेन नहीं करने पर कम 75 फीसदी कम पेनल्‍टी, विलय हो चुके 6 सहयोगी बैंकों के चेक न चलना और इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड की दूसरी सीरीज की बिक्री शामिल है। यह बिक्री 2 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच बैंक की 11 शाखाओं में की जाएगी। इन्‍हें जारी करने वाली बैंक की शाखाओं में ही कैश भी कराया जा सकेगा।

वहीं दूसरी ओर पोस्‍ट ऑफिस का पेमेंट्स बैंक भी अप्रैल से शुरू हो जाएगा। इससे आपको पोस्‍ट ऑफिस के जरिए बैं‍कों जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इनमें 1 लाख रु. तक का सेविंग्‍स अकाउंट, सेविंग्‍स अकाउंट पर 5.5 फीसदी ब्‍याज, डिजिटल पेमेंट, डॉमेस्टिक रेमिेटेंस ऑफरिंग के जरिए फंड ट्रान्‍सफर, करंट अकाउंट और फाइनेंशियल सर्विस, इंश्‍योरेंस, म्‍युच्‍युल फंड, पेंशन, क्रेडिट प्रॉडक्‍ट्स, फॉरेक्‍स, डोरस्‍टेप बैंकिंग, सब्सिडी के डायरेक्‍ट बेनिफिट ट्रान्‍सफर की सुविधा आदि शामिल हैं। साथ ही कुछ बैंकों जैसे RBL ने 1 अप्रैल से सेविंग्‍स अकाउंट के लिए अपनी नई ब्‍याज दरें भी लागू करने का फैसला किया है।

ऑटो सेगमेंट
बजट 2018-19 में कस्‍टम ड्यूटी में किए गए इजाफे के चलते कई कंपनियां 1 अप्रैल से अपनी कारों के दाम बढ़ाने वाली हैं। इनमें टाटा मोटर्स, निसान, ऑडी शामिल हैं। टाटा ने वाहनों के दाम में 60,000 रुपए तक, निसान ने 2 फीसदी तक और ऑडी ने 4 फीसदी तक का इजाफा किया है।

GST
GST के तहत देशभर में ई-वे बिल 1 अप्रैल से लागू होने वाला है। सरकार ने ई-वे बिल सिस्टम आसानी से चले इसके लिए दस नए क्लैरिफिकेशन कारोबारियों के लिए जारी किए हैं।

इनकम टैक्‍स
1 अप्रैल से इनकम टैक्‍स के कई नियम भी बदलने वाले हैं। इससे सबसे ज्‍यादा फायदा सैलरीड क्‍लास और सीनियर सिटीजंस को होगा। ये बदलाव इस तरह हैं-

– सैलरीड क्‍लास के लिए अब 40,000 रुपए का स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन का प्रावधान लागू होगा। यानी जितनी सैलरी पर टैक्स बनेगा, उसमें से 40 हजार घटाकर टैक्स देना होगा। इसका 2.5 करोड़ सैलरीड और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। इसके चलते अब मौजूदा 19,200 रुपए के ट्रान्‍सपोर्ट अलाउंस और 15,000 करोड़ रुपए के मेडिकल रिंबर्समेंट खत्‍म हो जाएंगे।
– इनकम टैक्‍स पर लगने वाला एजुकेशन एंड हेल्‍थ सेस 3 फीसदी से बढ़ कर 4 फीसदी हो जाएगा।
– इक्विटी में निवेश से 1 लाख रुपए से अधिक कमाई पर 10 फीसदी लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स लगेगा, साथ ही 4 फीसदी सेस भी देना होगा।
– अब नॉन सैलरी क्‍लास को भी NPS निकासी पर कुल फंड की 40 फीसदी राशि पर टैक्‍स नहीं देना होगा।
– सिंगल प्रीमियम बीमा पर ज्‍यादा टैक्‍स छूट मिलेगी।
– सीनियर सिटीजन्‍स को अब 1 साल में 50,000 रु. तक की इंट्रेस्ट इनकम पर टैक्‍स छूट मिलेगी।
– वय वंदना योजना में निवेश की सीमा 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही यह योजना अब 2020 तक जारी रहेगी। इसमें इंटरेस्‍ट रेट 8 फीसदी है।
– सीनियर सिटीजन अगर चुनिंदा बीमारियों के इलाज पर एक साल में 1 लाख रुपए तक खर्च करता है तो उसे इस खर्च पर इनकम टैक्‍स नहीं देना होगा।
– सीनियर सिटीजंस को अब एक साल में हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम के तौर पर 50,000 रुपए का पेमेंट करने पर उस पर इनकम टैक्‍स नहीं देना होगा। हालांकि 60 साल से कम उम्र वाले लोगों के लिएयह सीमा 25,000 रुपए ही रहेगी।
– 25 करोड़ रुपए तक सालाना टर्नओवर वाले नॉन-टेक स्‍टार्टअप्‍स भी सात साल में से लगातार तीन साल टैक्‍स छूट का फायदा उठा सकते हैं। यह छूट 2016 से 2021 के बीच शुरू होने वाले स्‍टार्टअप्‍स के लिए है। इसके अलावा, 250 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाली कंपनी के लिए टैक्‍स रेट घटकर 25 फीसदी हो गया है।

आज से ई-वे बिल फिर लागू , कारोबारियों में सिस्टम मैनेज नहीं होने का डर

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नई दिल्ली। जीएसटी के बाद आज से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में सरकार ने एक कदम और बढ़ा दिया है। पूरे देश में इंटर स्टेट ई-वे बिल फिर से लागू कर दिया गया है। इसके जारिए सरकार का दावा है कि देश में गुड्स का मूवमेंट बेहद आसान हो जाएगा। साथ ही चुंगी नाकाओं पर ट्रकों और गुड्स कैरियर व्हीकल की लाइन भी खत्म होगी।

ई-वे बिल पूरे तरह से ऑनलाइन सिस्टम होगा। जिसमें किसी ट्रांसपोर्टर को 50 हजार रुपए से ज्यादा का गुड्स ट्रांसपोर्ट करने पर ऑनलाइन ई-वे बिल जेनरेट करना होगा। आज से शुरू हुए इस नए सिस्टम को लेकर कारोबारियों में आशंका भी है। उसकी दो प्रमुख वजहें है, पहला यह कि ई-वे बिल इससे पहले 1फरवरी 2018 में भी लागू किया गया था। लेकिन ऑनलाइन नेटवर्क सिस्टम कुछ ही घंटों में फेल हो गया। जिसकी वजह से सरकार ने इसे अनिश्चचित समय के लिए टाल दिया।

दूसरी प्रमुख वजह यह है कि ई-वे बिल अभी भी पूरी तरह से लागू नहीं किया जा रहा है। ई-वे बिल का अहम हिस्सा इंट्रा-स्टेट बिल 15 अप्रैल से तीन राज्यों में ही केवल शुरू होगा। जिसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके लागू किया जाएगा। सरकार के लिए एक चिंता की यह भी बात है कि ई-वे बिल के तहत जीएसटी में रजिस्टर्ड कुल कारोबारियों में से केवल 10 फीसदी ही रजिस्ट्रेशन कराया है। पुराने अनुभव को देखते हुए कारोबारियों ने 31 मार्च तक ही एडवांस में गुड्स का ट्रांसपोर्ट अगले 4-6 हफ्तों के लिए कर दिया है।

ई-वे बिल किसे है बनाना
ई-वे बिल रजिस्टर्ड कारोबारी, डीलर्स और ट्रांसपोर्टर्स को 50 हजार रुपए से ज्यादा का गुड्स ट्रांसपोर्ट करने पर ऑनलाइन ई-वे बिल जेनरेट करना होगा। ट्रांसपोर्टर्स अगर एक ही व्हीकल में एक से ज्यादा डीलर्स का स्टॉक लेकर जाता है तो उसे कन्सॉलिडेटेट ई-वे बिल बनाना होगा। 20 लाख से कम टर्नओवर वाले अनरजिस्टर्ड डीलर जो जीएसटी के पोर्टल पर रजिस्टर नहीं है, उन्हें भी 50 हजार से अधिक का माल अनरजिस्टर्ड डीलर को ट्रांसपोर्टल करते समय ई-वे बिल बनाना होगा।

सिस्टम फेल हुआ तो महंगाई बढ़ने का डर
ट्रेडर्स एसोसिएशन और कारोबारियों को अभी भी यही लगता है कि ई-वे बिव सिस्टम फेल हो सकता है। सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ताराचंद गुप्ता ने बताया कि अगर इस बार भी ट्रेडर्स ई-वे बिल जेनरेट नहीं कर पाएंगे तो माल गोदाम से दुकान में नहीं पहुंचा पाएंगे। एक राज्य से दुसरे राज्य में ई-वे बिल जेनरेट नहीं होने की वजह से स्टॉक नहीं जा पाया तो प्रोडक्ट्स की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ेंगीं और इससे महंगाई बढ़ने का डर रहेगा।

कम रजिस्ट्रेशन गुड्स मूवमेंट को रोक सकता है
कारोबारियों का ई-वे बिल को लेकर काफी कैजुअल अप्रोच है। जीएसटी पोर्टल पर करीब 90 लाख से अधिक कारोबारियों ने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ लेकिन ई-वे बिल की वेबसाइट पर अभी तक 11 लाख कारोबारियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

रेवेन्यू सेक्रेटरी हंसमुख अढिया भी कह चुके हैं कि उन्हें नहीं पता कि ट्रेडर्स, डीलर्स और ट्रांसपोटर्स इसके लिए तैयार हैं और वह रजिस्ट्रेशन करा लें क्योंकि बाद में वह शिकायत नहीं कर सकते कि उन्हें बताया नहीं गया। 11 लाख रजिस्ट्रेशन का मतलब है कि इनते कारोबारी ही ई-वे बिल जेनरेट कर सकते हैं। इसका सीधा असर गुड्स की मूवमेंट पर पड़ेगा।

कारोबारियों ने एडवांस में पहुंचा दिया है सामान
ई-वे बिल लागू होने से कॉम्पलाएंस बढ़ने के डर और सिस्टम फेल होने के डर से कारोबारियों, ट्रेडर्स और डीलरों नें एडवांस में 3 से 6 हफ्तों का गुड्स मंगा और भेज दिया है। इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च और ट्रेनिंग (आईएफिटीआरटी) के सीनियर अधिकारी एस पी शर्मा ने बताया कि दो से तीन हफ्ते पहले से ही इंटर स्टेट ट्रेड रूट पर ट्रक और कार्गो की मूवमेंट बढ़ गई है। कारोबारियों ने एडवांस में एक महीने तक का स्टॉक अपने गोदामों में मंगा लिया है। ताकि, ई-वे लागू होने पर उन्हें गुड्स या प्रोडक्ट को लेकर परेशानी न हो।

आज से क्या होगा सस्ता और क्या महंगा, जानिए

नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2018 से नया वित्‍तीय वर्ष 2018-19 शुरू हो चुका है। जोकि शायद पिछले वाले साल की तुलना में थोड़ा महंगा साबित हो सकता है। इस साल के शुरू यानी एक अप्रैल से ही कई चीजें महंगी हो रही हैं तो कुछ चीजें सस्ती भी होंगी।

1 फरवरी 2018 नए वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश करते हुए अरुण जेटली ने जो संकेत दिए थे उससे अनुमान है कि नया साल आपकी जेब पर कुछ भारी पड़गा। उन्होंने कहा था, ‘मैं मोबाइल फोन्स पर कस्टम ड्यूटी 15-20 फीसदी बढ़ाने को प्रस्तावित करता हूं।

मोबाइल के कुछ पार्ट्स और एसेसरीज पर यह ड्यूटी 15 फीसदी और टीवी के कुछ विशेष पार्ट्स पर 15 फीसदी कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जा रही है। यह कदम सरकार इसलिए उठाने जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा किया जा सके।

लेकिन आपको बता दें महंगाई सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों पर ही नहीं देखने को मिलेगी बल्कि घरेलू सामान की एक लंबी लिस्ट है जो अब पहले से महंगे होंगे। आगे देखें लिस्ट क्या होगा महंगा और क्या सस्ता-

ये चीजें होंगी महंगी-ये चीजें होंगी महंगी-
-कार और मोटरसाइकिल
-मोबाइल फोन्स
-चांदी, सोना
-स्टोरेज वाली सब्जियां, फल
-परफ्यूम्स, टॉयलेट स्प्रे, सनस्क्रीन, मेनीक्योर, पेडीक्योर, सेंट और स्प्रे आदि
-ट्रक व बसों के रेडियल टायर
-रेशमी कपड़े, जूते -चप्पल
-स्मार्ट घड़ियां, एलईडी और एलसीडी टीवी आदि

ये चीजें होंगी सस्ती-
-कच्चा काजू
-सोलर टेम्पर्ड ग्लास
-हियरिंग एड और ईंटें

रिजर्व बैंक जारी करेगा 350 रुपये का सिक्का

एक तरफ छोटे सिक्के लगातार प्रचलन से बाहर हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार लगातार बड़ी रकम के सिक्के लॉन्च कर रही है। 10 रुपये के सिक्के जारी किए जाने के बाद अब भारतीय रिजर्व बैंक 350 रुपये का सिक्के जारी करने की तैयारी में है। गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती को मनाने के लिए ये सिक्के जारी किए जाएंगे।

इस सिक्के की परिधि 44 मिलीमीटर होगी। इस सिक्को को बनाने में 50 फीसदी क्वाटर्नरी एलॉय- सिल्वर, 40 पर्सेंट कॉपर, 5 पर्सेंट निकेल और 5 फीसदी जिंक का इस्तेमाल किया गया है। यह सिक्के सीमित संख्या में ही जारी किए जाएंगे।

अगले हिस्से में होगा अशोक स्तंभ
सिक्के के अगले हिस्से पर अशोक स्तंभ बना होगा। आरबीआई की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है, ‘सिक्के के अगले हिस्से में अशोक स्तंभ बना होगा और नीचे सत्यमेव जयते लिखा होगा। बाएं हिस्से पर देवनागरी लिपि में ‘भारत’ लिखा होगा, जबकि दाईं तरफ अंग्रेजी में ‘INDIA’ लिखा होगा।

अशोक स्तंभ के नीचे रुपये का सिंबल दर्ज होगा और 350 लिखा होगा।’ इसके अलावा सिक्के के पिछले हिस्से पर तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की आकृति उकेरी गई है। सिक्के के दाएं और बाएं बाहर की पट्टी पर एक तरफ साल 1666 और दूसरी तरफ 2016 लिखा होगा।

पिछले हिस्से में होगी पटना साहिब की आकृति
आरबीआई के मुताबिक, ‘पिछले हिस्से में तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की तस्वीर उकेरी जाएगी। उसके नीचे मध्य में देवनागरी लिपि में गुरुद्वारे का नाम लिखा होगा। सिक्के के ऊपरी हिस्से में देवनागरी में ‘गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती’ लिखा होगा। यही बात निचले हिस्से में अंग्रेजी में दर्ज होगी।’

350 रुपये के इन सिक्कों का वजन 34.65 ग्राम से लेकर 35.35 ग्राम तक होगा। आरबीआई ने यह नहीं बताया है कि कितनी संख्या में इन सिक्कों को जारी किया जाएगा, लेकिन कहा जा रहा है कि इनकी संख्या सीमित ही होगी।

कैसे मिलेगा यह सिक्का?
अगर आपको भी यह सिक्का चाहिए तो आपको इनकी एडवांस बुकिंग करानी होगी। भारतीय रिजर्व बैंक के कोलकाता और मुंबई मिंट ऑफिस स्पेशल एडीशन सिक्के और स्मारक सिक्के जारी करते हैं। ये भारतीय प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड के अंतर्गत आते हैं।

इन सिक्कों को पाने की लिए निगम की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है। केवल रजिस्टर्ड ग्राहक ही स्मारक सिक्कों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आरबीआई की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कोई भी करा सकता है।

कमजोर उठाव से चना 50 रुपये क्विंटल मंदा रहा 

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को माल की कुल आवक 75000 हजार बोरी की रही। मिलों की लिवाली से गेहूं मिल क्वालिटी और धान 2-25 रुपये एवं सरसों 50 रुपये क्विंटल तेज बोली गई। कमजोर उठाव से चना 50 रुपये क्विंटल मंदा रहा। 

गेहूं मिल 1480 से 1535 लोकवान नया 1600 से 1700 पीडी नया 1600 से 1750 गेहूं नया 1500 से 1950 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2600 से 2931 पूसा-1 2500 से 2750 पूसा-4 (1121) 2500 से 3505 धान (1509) 2000 से 3250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2400 से 3621सरसो 3400 से 3700 तिल्ली 6000 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी पुरानी 2000 से 2800 मैथी नई 2800 से 3500 धनिया बादामी नया 3400 से 4200 ईगल 3800 से 4600 रंगदार 5000 से 7500 धनिया पुराना 3000 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3500 चना 3200 से 3450 चना काबुली 5000 से 6000 चना पेपसी 3300 से 3650 चना मौसमी 3000 से 3560 मसूर 3000 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 3000से 3600 मक्का 1000 से 1250 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 500 से 2600 रहा। लहसुन की आवक 8000 कट्टे की रही ।