Saturday, July 25, 2026
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ICICI बैंक को 2800 करोड़ की गलती भारी पड़ी, डूब गए 16 हजार करोड़

नई दिल्ली। प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक इन दिनों गलत वजहों से चर्चा में है। दरअसल, आईसीआईसीआई बैंक की एमडी चंदा कोचर पर गलत तरीके से वीडियोकॉन ग्रुप को 3,250 करोड़ रुपए का लोन देना का आरोप लगा है।

क्योंकि इसमें से 2,810 करोड़ रुपए वीडियोकॉन ने बैंक को नहीं लौटाए और बैंक ने साल 2017 में इसे एनपीए घोषित कर दिया। बैंक की एक गलती से 3 दिनों में 16 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए हैं।

चंदा कोचर पर उठे थे ये सवाल
-इससे पहले एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि वीडियोकॉन ग्रुप को आईसीआईसीआई बैंक ने 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया था। यह लोन पूरा नहीं चुकाया गया। बाद में वीडियोकॉन की मदद से बनी एक कंपनी आईसीआईसीआई बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की अगुअाई वाले ट्रस्ट के नाम कर दी गई।
-रिपोर्ट में दावा किया गया है, ‘‘वीडियोकॉन ग्रुप की पांच कंपनियों को अप्रैल 2012 ने 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया गया था। ग्रुप ने इस लोन में से 86% यानी 2810 करोड़ रुपए नहीं चुकाए। इसके बाद लोन को 2017 में एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग असेट्स) घोषित कर दिया गया।’’
-दिसंबर 2008 में वीडियोकॉन ग्रुप के मालिक वेणुगोपाल धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के साथ मिलकर एक कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड बनाई। इसमें कोचर के परिवार और धूत की हिस्सेदारी 50-50 फीसदी की थी। दीपक कोचर को इस कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया।
-जनवरी 2009 में धूत ने इस कंपनी में डायरेक्टर का पद छोड़ दिया। उन्होंने ढाई लाख रुपए में अपने 24,999 शेयर्स भी न्यूपावर में ट्रांसफर कर दिए।
-आरोप हैं कि 2010 से 2012 के बीच धूत की कंपनी ने कोचर की कंपनी को लोन दिया। आखिर में 94.99 फीसदी होल्डिंग वाले शेयर महज 9 लाख रुपए में चंदा कोचर के पति की अगुआई वाली कंपनी को मिल गए।

सेबी, सीबीआई ने जांच शुरू की
सीबीआई ने अपनी आरंभि‍क जांच के तहत कुछ आईसीआईसीआई बैंक अधि‍कारि‍यों से पूछताछ की है। सीबीआई इस बात का पता लगा रही है कि‍ साल 2012 में वीडि‍योकॉन ग्रुप को दि‍ए गए 3,250 करोड़ रुपए के लोन में बैंक कि‍सी तरह की गड़बड़ी में शामि‍ल है या नहीं।

आईसीआईसीआई बैंक पर मार्केट रेग्युलेटर सेबी की भी नजर है। सेबी ने किसी भी संभावित डिसक्लोजर और कॉरपोरेट गवर्नैंस से संबंधित खामियों के मामले में जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही आईसीआईसीआई बैंक और कुछ सरकारी बैंकों सहित लेंडर्स ग्रुप से लोन लेने में ‘लेनदेन’ के आरोपों के कारण वीडियोकॉन और इंडस्ट्रीज और उसके प्रमोटर भी सेबी के रडार पर आ गए हैं।

7% टूटा ICICI Bank का स्टॉक
इस खबर से सोमवार के कारोबार में आईसीआईसीआई बैंक के स्टॉक में 7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान बीएसई पर स्टॉक 7 फीसदी टूटकर 258.90 रुपए के लो पर आ गया।

3 दिन में 16 हजार करोड़ घटा मार्केट कैप
वीडियोकॉनलोन विवाद मामला आने के बाद आईसीआईसीआई बैंक के मार्केट कैप में बड़ी गिरावट आई। 3 दिन में आईसीआईसीआई बैंक के स्टॉक में 8.80 फीसदी की गिरावट हुई जिससे बैंक का मार्केट कैप 16,090.64 करोड़ रुपए घटकर 1,66,634.71 करोड़ रुपए हो गया। 27 मार्च को बंद भाव 283.90 रुपए के हिसाब से बैंक का मार्केट कैप 1,82,725.35 करोड़ रुपए था।

चार साल के ऊपरी स्तर पर पहुंचा पेट्रोल, डीजल अब तक का सबसे महंगा

नई दिल्ली। सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर से चढ़ गईं। पेट्रोल प्राइस जहां चार साल के ऊपरी स्तर को छू रही है, वहीं डीजल देश में अब तक सबसे महंगा बिक रहा है। विभिन्न महानगरों में सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 10-11 पैसे प्रति लीटर जबकि डीजल की कीमत में 11-12 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत सितंबर 2014 के बाद सबसे ऊंची हो गई जबकि मुंबई और चेन्नै में पेट्रोल के दाम जुलाई 2014 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर आ गए हैं। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल अगस्त 2014 के बाद सबसे महंगा बिक रहा है। इंडियन ऑइल पंपों पर दिल्ली में पेट्रोल 73.83 रुपये प्रति लीटर जबकि मुंबई में यह 81.69 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं सोमवार को कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 76.54 रुपये और चेन्नै में 76.59 रुपये प्रति लीटर है।

इन महानगरों में डीजल का हाल भी कुछ ऐसा ही है। इडियन ऑइल पंपों पर दिल्ली में यह 64.69 रुपये, मुंबई में 68.89 रुपये, कोलकाता में 67.38 रुपये जबकि चेन्नै में 68.24 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस तेजी की वजह वैश्विक स्तर पर इनकी मांग जोर पकड़ने को बताया जा रहा है।

दरअसल, केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी तो राज्य सरकारें वैट और पलूशन सेस के नाम पर पेट्रोल-डीजल के ग्राहकों से मोटी रकम वसूलती हैं। इस तरह पेट्रोल-डीजल के दाम लागत से दोगुने हो जाते हैं। आइए देखतें हैं क्रूड ऑइल के भाव से लेकर आप तक पहुंच पेट्रोल-डीजल की दरों के पाई-पाई का हिसाब…

प्रति लीटर क्रूड ऑइल की कीमत
दिसंबर महीने में इंडियन बास्केट के कच्चे तेल की कीमत 62.29 डॉलर प्रति बैरल थी। 12 दिसंबर को एक डॉलर की वैल्यु 64.55 रुपये थी। इस हिसाब से दिसंबर महीने में कच्चे तेल का भाव 64.55×62.29 = 4,021 रुपये प्रति बैरल रहा। चूंकि एक बैरल में 159 लीटर होता है। इसलिए प्रति लीटर कच्चे तेल की कीमत 4,021 ÷ 159 = 25.28 रुपये।

सरकारों के टैक्स से पहले की कीमतें
विदेशों से आए क्रूड ऑइल की खेप भारत की रिफाइनरीज में पहुंचती है। यहां तक पहुंचने और रिफाइन होने के बाद पेट्रोल पंपों तक पहुंचने में कुछ लागत आती है। इसका आंकड़ा इस प्रकार है। एंट्री टैक्स, रिफाइनरी प्रोसेसिंग, लैंडिंग कॉस्ट एवं मार्जिन समेत अन्य ऑपरेशन कॉस्ट – पेट्रोल पर 3.68 रुपये और डीजल पर 6.37 रुपये प्रति लीटर। यानी अब पेट्रोल की कीमत 25.28 रुपये + 3.68 रुपये = 28.86 रुपये जबकि डीजल की कीमत 25.28 रुपये + 6.37 रुपये\= 31.65 रुपये हो गई।

फिर प्रति लीटर पेट्रोल पर 3.31 रुपये और प्रति लीटर डीजल पर 2.55 रुपये ऑइल मार्केटिंग कंपनियों की मार्जिन, ढुलाई और फ्रेट कॉस्ट आती है। यानी अब प्रति लीटर पेट्रोल 28.86 रुपये + 3.31 रुपये = 32.17 रुपये जबकि प्रति लीटर डीजल 31.65 रुपये + 2.55 रुपये = 34.20 रुपये का हो गया।

केंद्र और राज्यों के टैक्स से दाम दोगुने
अब केंद्र सरकार का एक्साइज टैक्स प्रति लीटर पेट्रोल पर 19.48 रुपये और प्रति लीटर डीजल पर 15.33 रुपये। यानी अब पेट्रोल की कीमत 32.17 रुपये + 19.48 रुपये = 51.65 रुपये जबकि डीजल की कीमत 34.20 रुपये + 15.33 रुपये = 49.53 रुपये हो गई।

पेट्रोल पंप डीलरों के कमीशन
अब इसमें पेट्रोल पंप डीलरों का कमिशन जुड़ता है और पेट्रोल की दर 51.65 रुपये + 3.59 रुपये = 55.24 रुपये और डीजल का भाव 49.53 रुपये + 2.53 रुपये = 52.06 रुपये हो गया। इस पर राज्य सरकारें अलग-अलग दर से वैट और पलूशन सेस वसूलती हैं। अब नीचे देखें कि कौन से राज्य पेट्रोल और डीजल पर कितना सेल्स टैक्स/वैट वसूलते हैं-

अब यह भी देखिए कि अगर राज्य सरकारें सेल्स टैक्स/वैट नहीं लें तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें कितनी कम हो जाएंगी..

अब यह भी देख लीजिए कि सरकारों को पेट्रोलियम पदार्थों से कब किस मद से कितनी आमदनी हुई…

 

NET 2018: लास्ट डेट करीब, जल्द करें आवेदन

नई दिल्ली। यूजीसी नेट जुलाई 2018 के लिए रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस 6 मार्च से शुरू हुआ था और इसके आवेदन की आखिरी तारीख 5 अप्रैल है। अगर आपने अब तक आवेदन नहीं किया है तो जल्द कर लें क्योंकि लास्ट डेट को ज्यादा समय नहीं रह गया है। इससे जुड़ी अन्य अहम जानकारी इस तरह है…

शैक्षिक योग्यता: कैंडिडेट्स को 55 फीसदी अंकों के साथ मास्टर डिग्री या किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी/संस्थान से समकक्ष परीक्षा पास होना जरूरी है। ओबीसी, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एसटी)/दिव्यांग श्रेणी और ट्रांसजेंडर को 5 फीसदी की छूट है यानी अगर उनलोगों ने 50 फीसदी अंकों के साथ मास्टर्स किया है तो आवेदन कर सकते हैं।

जो अपना मास्टर्स कर रहे हैं और फाइनल इयर में है, वे भी आवेदन कर सकते हैं। इस तरह के कैंडिडेट्स को नेट की तारीख से दो सालों के अंदर मास्टर की डिग्री या समकक्ष परीक्षा पूरी करनी होगी।इस साल से अब तीन की बजाय 2 पेपर होंगे।

पेपर 1-इसमें 100 मार्क्स होंगे और 50 ऑब्जेक्टिव टाइप अनिवार्य सवाल होंगे। प्रत्येक सवाल के लिए 2 अंक होंगे और सामान्य प्रकृति के होंगे। इससे कैंडिडेट की टीचिंग/रिसर्च ऐप्टिट्यूड को परखा जाएगा। यह पेपर एक घंटे की अवधि का होगा यानी सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक।

पेपर 2- यह भी 100 अंकों का होगा। यह कैंडिडेट द्वारा चुने गए विषय पर आधारित होगा। इसकी अवधि दो घंटे होगी (11 से 1 बजे तक)

परीक्षा शुल्क: जनरल के लिए 1000 रुपये, ओबीसी के लिए 500 रुपये और एससी/एसटी/दिव्यांग के लिए 250 रुपये है।

बढ़त के साथ खुले बाजार, सेंसेक्स 100 अंक मजबूत, निफ्टी 10150 के पार

नई दिल्ली। फाइनेंशियल ईयर 2019 के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। एशियाई बाजारों के मिले संकेतों से सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी क्रमश: 0.19 फीसदी और 0.38 फीसदी चढ़कर खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 125 अंकों से ज्यादा का उछाल आया।

कारोबार में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के शेयरों में कमजोरी दिख रही है। हालांकि ऑटो, आईटी, फार्मा और रियल्टी शेयरों में तेजी का रुख है। इससे पहले, सेंसेक्स 62 अंक बढ़कर 33,031 औऱ निफ्टी 38 अंक की उछाल के साथ 10,152 के स्तर पर ओपन हुआ।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में खरीददारी
लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीददारी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.57 फीसदी मजबूत हुआ है। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.02 फीसदी बढ़ा है।
मिडकैप शेयरों में इंडियन होटल, आरकॉम, एमफैसिस, एनबीसीसी, रिलायंस कैपिटल, एक्साइड इंडस्ट्रीज, टाटा ग्लोबल, ग्लैस्को, सेल, आईजीएल, 1.78-4.04 फीसदी चढ़े है। हालांकि वक्रांगी, जीएसके कंज्यूमर, पीएनबी हाउसिंग, कैनरा बैंक, आईडीबीआई, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस, कैनरा बैंक, क्रॉम्पटन, सेंट्रल बैंक, पेज इंडस्ट्रीज और डालमिया भारत 5-0.58 फीसदी तक गिरे।

ऑटो इंडेक्स 1% से ज्यादा बढ़ा, बैंकिंग शेयर टूटे
सेक्टोरल इंडेक्स में एनएईस पर बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक में कमजोरी देखने को मिल रही है। बैंक निफ्टी 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 24,160.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। मेटल इंडेक्स 0.26%, पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.50% और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.68% गिरा है।
हालांकि ऑटो कंपनियों के बिक्री के अच्छे आंकड़ों से ऑटो शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। जिससे निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.09% मजबूत हुआ है। इसके अलावा एफएमसीजी इंडेक्स में 0.35%, आईटी इंडेक्स 0.33%, फार्मा इंडेक्स में 0.47% और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.36% की तेजी आई है।

FY18 में निवेशकों ने कमाए 21 लाख करोड़
फाइनेंशियल ईयर 2017-18 में स्टॉक मार्केट 10 फीसदी से ज्यादा तेजी के साथ बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स 3,348.18 अंक या 11.30 फीसदी चढ़ा, जबकि निफ्टी 939.95 अंक या 10.25 फीसदी बढ़ा। बाजार में तेजी से इस फाइनेंशियल ईयर में निवेशकों ने 20.70 लाख करोड़ रुपए की कमाई की। इस दौरान 10 स्टॉक में 400 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला।

Live Update
11:00 AM
संधार टेक्नोलॉजीज 4.25% प्रीमियम के साथ लिस्ट
स्टॉक मार्केट में संधार टेक्नोलॉजीज के स्टॉक की आज लिस्टिंग हुई। एनएसई पर संधार टेक्नोलॉजीज का स्टॉक 4.25 प्रीमियम के साथ 346.10 रुपए के भाव पर लिस्ट हुआ। वहीं बीएसई पर स्टॉक 3.92 फीसदी प्रीमियम के साथ 345 रुपए पर लिस्ट हुआ। लिस्टिंग के लिए संधार टेक्नोलॉजीज का इश्यू प्राइस 332 रुपए प्रति शेयर तय किया गया था। लिस्टिंग के बाद बीएसई पर स्टॉक 351.45 रुपए के हाई पर पहुंचा।

10:39 AM
बजाज ऑटो की सेल्‍स मार्च में 23% बढ़ी, स्टॉक 1.5 फीसदी बढ़ा
बजाज ऑटो लि‍. की टोटल सेल्‍स मार्च में 3,34,348 यूनि‍ट्स रही जोकि‍ सालाना आधार पर 23 फीसदी ज्‍यादा है। कंपनी का एक्‍सपोर्ट 27 फीसदी की ग्रोथ के साथ 1,30,748 यूनि‍ट्स रही जबकि‍ टोटल डोमेस्‍टि‍क सेल्‍स सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़कर 2,03,600 यूनि‍ट्स रही। अच्छे सेल्स आंकड़े से कारोबार के दौरान स्टॉक में 1.50 फीसदी की तेजी आई।

09:47 AM
ICICI Bank 4% से ज्यादा टूटा
वीडियोकॉन को गलत तरीके से 3250 करोड़ रुपए के लोन देने के मामले में आईसीआईसीआई बैंक की एमडी चंदा कोच्चर पर सवाल उठा है। इस खबर से सोमवार के कारोबार में आईसीआईसीआई बैंक के स्टॉक में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान बीएसई पर स्टॉक 4.66 फीसदी टूटकर 264.30 रुपए के लो पर आ गया।

09:22 AM
FY19 के पहले कारोबारी दिन करेंसी बाजार बंद
नए फाइनेंशियल ईयर के पहले कारोबारी दिन करेंसी बाजार बंद है। इसलिए आज रुपए में कोई कारोबार नहीं होगा। इससे पहले पिछले हफ्ते बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे घटकर 65.17 के स्तर पर बंद हुआ था।

09:22 AM
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, निक्केई 0.50% बढ़ा
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। हालांकि सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.20 फीसदी की गिरावट के साथ 10,222 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।जापान का बाजार निक्केई 107 अंक की तेजी के साथ 21,562 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज हैंग सेंग में ईस्टर मंडे के चलते कारोबार बंद है।

कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.21 फीसदी की बढ़त के साथ 2451 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स में 0.30 फीसदी की कमजोरी के साथ 10,886 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।शंघाई कम्पोजिट में 0.52 फीसदी की बढ़त दिख रही है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स में 0.04 फीसदी की हल्की बढ़त के साथ 3429 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

छोटी-मझोली से लेकर लग्जरी कारें तक महंगी

नई दिल्ली। छोटी-मझोली से लेकर लग्जरी कार निर्माता कंपनियों ने एक अप्रैल से अपने मॉडलों की कीमतों में दो से पांच फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। दरअसल, सरकार ने बजट में आयातित कारों और उनके उपकरणों पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया था, जिसके बाद ही कंपनियों ने लागत बढ़ने पर दाम बढ़ाने के संकेत दे दिए थे।

जनवरी में भी कई कार कंपनियों ने पांच फीसदी तक दाम बढ़ाए थे। स्कोडा इंडिया ने मार्च में ही कारों की कीमत 3-4 फीसदी बढ़ा दी थी। फोर्ड इंडिया भी मार्च में ही कार की कीमतों में 4 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुकी है। वहीं, मारुति ने जनवरी में कारों के दाम 17 हजार रुपये तक बढ़ा दिए थे। ये कीमत नई दिल्ली एक्स शोरूम प्राइस पर बढ़ाई गई हैं। महिंद्र एंड महिंद्रा ने भी जनवरी में दाम बढ़ाए थे।

होंडा के दस हजार तक बढ़ेंगे दाम
ब्रियो, जैज, अमेज, डब्ल्यूआर-वी, होंडा सिटी, होंडा बीआर-वी, होंडा सीआर-वी और होंडा अकॉर्ड हाइब्रिड के दाम 10 हजार रुपये तक बढ़ेंगे।

बीएमडब्ल्यू के दाम चढ़े:
बीएमडब्ल्यू की कारें भी (एक अप्रैल से 3-5.5) से महंगी हो गई। मर्सीडीज-बेंज के बाद बीएमडब्ल्यू कारें भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली लग्जरी कार है।

ऑडी भी महंगी
ऑडी ने अपनी गाड़ियों ए4, ए6, क्यू3, क्यू7 की कीमत में चार फीसदी तक का बढ़ाया है। इससे विभिन्न मॉडलों की कीमत एक लाख से 9 लाख रुपये तक बढ़ गई है।

टाटा के यात्री वाहन महंगे
टाटा मोटर्स ने अपने यात्री वाहनों की कीमत 60,000 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। कंपनी की यात्री वाहन श्रेणी में 2.28 लाख रुपये की जेनएक्स नैनो से लेकर 17.42 लाख रुपये की एसयूवी हेक्सा शामिल है।

निसान-डैटसन:
निसान-डैटसन ने अपने मॉडलों की कीमत में दो फीसदी बढ़ाई है। इससे डैटसन की कारें 4,980 रुपये से 10,000 रुपये तक महंगी हो जाएंगी। निसान की कारें भी 9,280 से लेकर 20 हजार रुपये तक महंगी होंगी।

CBSE पेपर लीक: दोस्ती और रुपयों के लिए लीक कराया था पेपर

नई दिल्ली। सीबीएसई पेपर लीक मामले में गिरफ्तार लोगों ने अपने अपराध को कबूल करते हुए कहा कि अपने दोस्त की मदद करने और कुछ रुपयों के लालच में उन्होंने यह काम किया। यह जानकारी पुलिस ने रविवार को दी। पुलिस के मुताबिक ऋषभ, रोहित और तौकिर पिछले पांच साल से एक-दूसरे को जानते थे।

तौकीर इस मामले में तीसरा आरोपी है। तौकरी ने रोहित और ऋषभ से अपने स्टूडेंट्स की मदद करने के लिए 12वीं का सीबीएसई का इकनॉमिक्स का पेपर हासिल करने के लिए कहा। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि यह अपराध कुछ हजार रुपये हासिल करने के लिए किया गया।

पुलिस ने बताया कि परीक्षा निरीक्षकों ने एग्जामिनेशन डे पर एग्जाम शुरू होने के 45 मिनट पहले करीब 9:45 पर उपलब्ध कराया और उन्हें देखने की इजाजत भी दे दी। एग्जाम 10:30 पर शुरू होता है। हालांकि आरोप है कि स्कूल अथॉरिटीज ने टीचर्स को 9:10 पर क्वेश्चन पेपर मुहैया करा दिया था, जिसे उन्होंने रोहित और ऋषभ को दिया था कि वे उसकी फोटो क्लिक करके तौकीर को भेज सकें और वह उसे अपने स्टूडेंट के बीच बांट दे।

पुलिस का कहना है कि हम इस मामले की भी जांच कर रहे हैं कि इन तीनों ने सिर्फ यह पेपर लीक कराया था, या इससे पहले भी पेपर लीक कराने का काम कर चुके हैं। ऋषभ इस स्कूल में फिजिक्स का टीचर है। ऋषभ ने पंजाब टैक्निकल यूनिवर्सिटी से बीटेक किया और उसके बाद बीऐड।

उसी स्कूल में रोहित गणित का टीचर है। उसने हरियाणा के बहादुरगढ़ से बीएससी की। जबकि तौकीर एक प्राइवेट इंस्टिट्यूट में इकनॉमिक्स पढाता है। पुलिस ने बताया कि ये तीनों पिछले दो हफ्तों से यह षड़यंत्र रच रहे थे। बता दें कि इस मामले में सीबीएसई ने 12वीं के इकनॉमिक्स का एग्जाम फिर से कराने की तारीख का ऐलान कर दिया है, जबकि 10वीं के गणित का पेपर फिर से कराने पर अभी फैसला लेना है।

ई-वे बिल: पहले दिन 1.71 लाख बिल हुए जेनरेट, 11 लाख टैक्सपेयर्स रजिस्टर्ड

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नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के तहत शुरू की गई ई-वे बिल सिस्टम के तहत पहले ही दिन 1.71 लाख बिल जेनरेट हुआ है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस बात की जानकारी दी है।

वहीं, अब तक सिस्टम में करीब 11 लाख टैक्सपेयर्स रजिस्टर्ड हो चुके हैं। ई-वे बिल सिस्टम रविवार से देशभर में सफलता पूर्वक लागू हो गई है। कर्नाटक को छोड़कर सभी राज्यों ने ई-वे बिल सिस्टम को इंटर स्टेट लागू किया है। ई-वे बिल पूरी तरह से ऑनलाइन सिस्टम होगा।

GSTN ऑफिशियल की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। बता दें कि फिलहाल ई-वे बिल प्रणाली को 50000 रुपए से अधिक के सामान को सड़क, रेल, वायु या जलमार्ग से एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने पर लागू किया गया है। सरकार का दावा है कि देश में गुड्स का मूवमेंट बेहद आसान हो जाएगा। साथ ही चुंगी नाकाओं पर ट्रकों और गुड्स कैरियर व्हीकल की लाइन भी खत्म होगी।

सिर्फ कर्नाटक ने लागू किया इंट्रा-स्‍टेट
ऑफिशियल ने बताया कि सभी राज्यों ने ई-वे बिल सिस्टम को इंटर स्टेट लागू किया है। सिर्फ कर्नाटक ऐसा राज्य है, जिसने मूविंग गुड्स पर ई-वे बिल सिस्टम को इंट्रा स्टेट लागू किया है। कर्नाटक ई-वे बिल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पिछले साल सितंबर से ही कर रहा है।

सवालों के जवाब देने के लिए हेल्प डेस्क
जीएसटीएन ऑफिशियल के अनुसार टैक्सपेयर्स और ट्रांसपोर्टर्स के किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए जीएसटी का सेंट्रल हेल्पडेस्क बनाया गया है। हेल्प डेस्क पर 100 एजेंट का स्पेशल अरेंजमेंट किया गया है जो ई-वे बिल से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब देंगे। उन्होंने बताया कि ई-वे बिल को कई तरह से जेनरेट किया जा सकता है। मसलन ऑनलाइन, एंड्रॉएड ऐप, SMS, बल्क अपलोड टूल का इस्तेमाल कर और एपीआई बेस्ड साइट टु साइट इंटीग्रेशन से।

24 घंटे में कैंसिलेशन का भी प्रावधान
ई-वे बिल सिस्टम के तहत यह भी प्रावधान है कि ई-वे बिल को 24 घंटे के अंदर कैंसल करा सकते हैं। कैंसल वहीं शख्‍स करा सकता है, जिसने इसे जेनरेट किया हो। उसी तरह से रेसिपेंट भी किसी गलती के पाए जाने पर 72 घंटे के अंदर या ई-वे बिल की वैलिडिटी पीरियड के अंदर इसे रिजेक्ट कर सकता है।

कारोबारियों को इन दो बातों का डर
1 अप्रैल से शुरू हुए इस नए सिस्टम को लेकर कारोबारियों में आशंका भी है। उसकी दो प्रमुख वजहें है, पहला यह कि ई-वे बिल इससे पहले 1फरवरी 2018 में भी लागू किया गया था। लेकिन ऑनलाइन नेटवर्क सिस्टम कुछ ही घंटों में फेल हो गया। जिसकी वजह से सरकार ने इसे अनिश्चित समय के लिए टाल दिया था।

दूसरी प्रमुख वजह यह है कि ई-वे बिल अभी भी पूरी तरह से लागू नहीं किया जा रहा है। ई-वे बिल का अहम हिस्सा इंट्रा-स्टेट बिल 15 अप्रैल से तीन राज्यों में ही केवल शुरू होगा। जिसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके लागू किया जाएगा।

सरकार के लिए एक चिंता की यह भी बात है कि ई-वे बिल के तहत जीएसटी में रजिस्टर्ड कुल कारोबारियों में से केवल 10 फीसदी ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। पुराने अनुभव को देखते हुए कारोबारियों ने 31 मार्च तक ही एडवांस में गुड्स का ट्रांसपोर्ट अगले 4-6 हफ्तों के लिए कर दिया है।

पहले दिन कोई समस्‍या नहीं आई
IFTRT के एसपी सिंह का कहना है कि ई-वे बिल लागू होने के पहले दिन अवकाश का दिन था। इसके चलते डिस्‍पैच काफी कम था। इसके अलावा कई शहरों में गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंट का कारोबार भी आज बंद था। इसके चलते पहले दिन इस सिस्‍टम का सही फीडबैक नहीं मिल सका है। लेकिन पहले दिन कोई परेशानी की बात सामने नहीं आई है।

कैसे बने प्रभावी वक़्ता, सेमिनार में दी ट्रेनिंग

कोटा। जेसीआई कोटा स्टार की ओर से होटल वाईकेएस में सदस्यों के लिये ट्रेनिंग सेशन इफेक्टिव पब्लिक स्पिनिंग रखा गया। कार्यक्रम निदेशक दीपक जैन ने बताया कि नेशनल ट्रेनर लोकेश माहेश्वरी ने ट्रेनिंग दी। 

उन्होंने कहा कि आज के समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है कि किस तरह लोगों के बीच में संवाद किया जाए एवं किस तरह मंच पर एवं लोगों के बीच अपनी बात कुशलता पूर्वक रखी जाए। इसमे 30 सदस्यों ने भाग लिया।

इस अवसर पर स्टार के अध्यक्ष आशुतोष जैन ,सचिव विशाल रस्तोगी चेयर पर्सन मोनिका जैन सचीव किरण गोयल, पूर्व अध्यक्ष दर्पण जैन, संदीप बाकलीवाल,संजय गोयल,महेश गुप्ता,अनुज जैन, आशीष जैन सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।

ये दी जानकारी
* मंच पर कैसे बोला जाए
* माईक को कैसे पकड़ा जाए
* किस तरह लोगों के बीच अपनी बात रखी जाये
* केसे मन की झिझक काम की जाए
* किस तरह से अपनी स्पीच को प्रभावी बनाया जाए
* मंच पर एवं माईक पर बोलने के डर को कैसे कम किया जाए  

भ्रष्ट नौकरशाहों पर आधार से नकेल कसेगा सतर्कता आयोग

नई दिल्ली । केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) अब भ्रष्टाचार में लिप्त नौकरशाहों पर नकेल कसने के लिए आधार का सहारा लेगा। विजिलेंस कमिश्नर केवी चौधरी ने रविवार को कहा कि अब ज्यादातर फाइनेंशियल और प्राॅपर्टी के लेनदेन में आधार का इस्तेमाल जरूरी हो चुका है। ऐसे में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और उसमें शामिल अफसरों को पकड़ने में आधार की भूमिका अहम होगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक सॉफ्टवेयर भी बनाने की योजना है।

1) आधार के जरिए आसान होगा भ्रष्टाचार पकड़ना
– केवी चौधरी के मुताबिक, “भ्रष्टाचार के खिलाफ संस्था ने योजना तैयार कर ली है। हमारी सोच एक ऐसी प्रकिया या मुमकिन हो तो ऐसा सॉफ्टवेयर लाने पर है। जिससे अगर किसी अफसर के खिलाफ जांच की तैयारी करें तो आधार के जरिए हमें दूसरे डिपार्टमेंट्स से भी आसानी से जानकारी मिल जाए।”
– उन्होंने बताया कि फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (प्रॉपर्टी और शेयर्स भी शामिल) से जुड़ी ज्यादातर जानकारी आयकर अफसरों, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट और अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के पास मौजूद है। ट्रांजैक्शन के आधार से जुड़ने पर सीवीसी को केंद्रीय एजेंसियों से भ्रष्टाचार की जानकारी लेने में परेशानी नहीं होगी।
2) डेटा मौजूद है तो उसका लाभ उठाना जरूरी
– सीवीसी ने बताया कि अब तक भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों का डेटा सीबीआई और बाकी जांच एजेंसियों को आसानी से नहीं मिल पाता था। हालांकि, अब डेटा आसानी से उपलब्ध है तो इस बहुमूल्य जानकारी का फायदा उठाना जरूरी है। आयोग को नौकरशाहों के खर्चे और निवेशों के बारे में ज्यादा और साफ जानकारी मिल सकेगी।
3) भ्रष्टाचार मुक्त भारत के सपने को साकार करना है
– चौधरी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत और कालेधन के खिलाफ लड़ाई के सपने को साकार करने के लिए भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने सख्त कदम उठाने की बात कही है।
– सीवीसी कमिश्नर ने पीएनबी घोटाले का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी गुनाह को छिपाने और जांच में टेक्नोलॉजी कैसे इस्तेमाल की जा सकती है, इसका सबक बैंक स्कैम से सीखा जा सकता है।

जल्द ही कार पर कंपनी से लगी आएगी नंबर प्लेट, नहीं देने होंगे एक्स्ट्रा पैसे

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नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि जल्द ही कार पर नंबर प्लेट कंपनी से ही लगी हुई आएगी। इस पर नंबर बाद में मशीन से उकेरा जाएगा। इसके लिए खरीदार का अलग से पैसे नहीं चुकाने होंगे।

बदलाव क्यों किया जा रहा?
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, गडकरी का कहना है कि इससे उपभोक्ता को तो फायदा होगा ही। साथ ही कार में एक जैसी नंबर प्लेट लगेंगी।
– उन्होंने कहा कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इससे जुड़ी शर्तें सभी के लिए समान होंगी, चाहे वह इकोनॉमी मॉडल्स हों या लग्जरी।

अभी क्या होता है?
– फिलहाल कार में नंबर प्लेट लगी नहीं आती। इस पर बाद में नंबर प्लेट लगवाने होती है। इन प्लेट को बनाने का काम अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग एजेंसियां करती हैं।
– नंबर प्लेट को डिस्ट्रिक्ट-लेवल रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) संबंधित राज्यों में जारी करता है।
अगले साल जुलाई से नए सेफ्टी फीचर्स भी आएंगे
– सरकार ने हाल ही में सभी कार निर्माता कंपनियों को कुछ सिक्युरिटी फीचर्स अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अगले साल जुलाई से नए सेफ्टी फीचर्स भी आएंगे
– सरकार ने हाल ही में सभी कार निर्माता कंपनियों को कुछ सिक्युरिटी फीचर्स अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जुलाई 2019 से हर कार मॉडल में कम से कम ड्राइवर साइड पर एयरबैग होगा। कार में 80 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार होने पर सिक्युरिटी अलर्ट देने का सिस्टम होगा। सीट बेल्ट न लगाने पर भी अलर्ट का इंतजाम होगा।